जीवन की सच्चाई

प्रेरक प्रसंग 

प्राचीन में एक राजा हुए थे, भर्तृहरि। वे कवि भी थे।

उनकी पत्नी अत्यंत रूपवती थीं। भर्तृहरि ने स्त्री के

सौंदर्य और उसके बिना जीवन के सूनेपन पर 100 श्लोक

लिखे, जो श्रृंगार शतक के नाम से प्रसिद्ध हैं।

उन्हीं के राज्य में एक ब्राह्मण भी रहता था, जिसने

अपनी नि:स्वार्थ पूजा से देवता को प्रसन्न कर लिया।

देवता ने उसे वरदान के रूप में अमर फल देते हुए

कहा कि इससे आप लंबे समय तक युवा रहोगे।

ब्राह्मण ने सोचा कि भिक्षा मांग कर जीवन बिताता हूं,

मुझे लंबे समय तक जी कर क्या करना है।

हमारा राजा बहुत अच्छा है, उसे यह फल दे देता हूं। वह लंबे

समय तक जीएगा तो प्रजा भी लंबे समय तक सुखी रहेगी।

वह राजा के पास गया और उनसे सारी बात बताते हुए वह

फल उन्हें दे आया।

राजा फल पाकर प्रसन्न हो गया। फिर मन ही मन

सोचा कि यह फल मैं अपनी पत्नी को दे देता हूं। वह

ज्यादा दिन युवा रहेगी तो ज्यादा दिनों तक उसके

साहचर्य का लाभ मिलेगा। अगर मैंने फल खाया तो वह

मुझ से पहले ही मर जाएगी और उसके वियोग में मैं

भी नहीं जी सकूंगा। उसने वह फल अपनी पत्नी को दे

दिया।

लेकिन, रानी तो नगर के कोतवाल से प्यार करती थी। वह

अत्यंत सुदर्शन, हृष्ट-पुष्ट और बातूनी था। अमर फल

उसको देते हुए रानी ने कहा कि इसे खा लेना, इससे तुम

लंबी आयु प्राप्त करोगे और मुझे सदा प्रसन्न करते रहोगे।

फल ले कर कोतवाल जब महल से बाहर निकला तो सोचने

लगा कि रानी के साथ तो मुझे धन-दौलत के लिए झूठ-मूठ

ही प्रेम का नाटक करना पड़ता है। और यह फल खाकर मैं

भी क्या करूंगा। इसे मैं अपनी परम मित्र राज

नर्तकी को दे देता हूं। वह कभी मेरी कोई बात

नहीं टालती। मैं उससे प्रेम भी करता हूं। और यदि वह

सदा युवा रहेगी, तो दूसरों को भी सुख दे पाएगी। उसने वह

फल अपनी उस नर्तकी मित्र को दे दिया।

राज नर्तकी ने कोई उत्तर नहीं दिया और चुपचाप वह अमर

फल अपने पास रख लिया। कोतवाल के जाने के बाद उसने

सोचा कि कौन मूर्ख यह पाप भरा जीवन

लंबा जीना चाहेगा। हमारे देश का राजा बहुत अच्छा है,

उसे ही लंबा जीवन जीना चाहिए। यह सोच कर उसने

किसी प्रकार से राजा से मिलने का समय लिया और एकांत

में उस फल की महिमा सुना कर उसे राजा को दे दिया। और

कहा कि महाराज, आप इसे खा लेना।

राजा फल को देखते ही पहचान गया और भौंचक रह गया।

पूछताछ करने से जब पूरी बात मालूम हुई, तो उसे वैराग्य

हो गया और वह राज-पाट छोड़ कर जंगल में चला गया।

वहीं उसने वैराग्य पर 100 श्लोक लिखे जो कि वैराग्य

शतक के नाम से प्रसिद्ध हैं। यही इस संसार

की वास्तविकता है। एक व्यक्ति किसी अन्य से प्रेम

करता है और चाहता है कि वह व्यक्ति भी उसे

उतना ही प्रेम करे। परंतु विडंबना यह कि वह

दूसरा व्यक्ति किसी अन्य से प्रेम करता है।

इसका कारण यह है कि संसार व इसके सभी प्राणी अपूर्ण

हैं। सब में कुछ न कुछ कमी है। सिर्फ एक ईश्वर पूर्ण है। एक

वही है जो हर जीव से उतना ही प्रेम करता है,

जितना जीव उससे करता है। बस हमीं उसे सच्चा प्रेम नहीं करते ।


साभार ....... लेखक अज्ञात

डॉक्टर सरस्वती पाठक एस एम जें एन पीजी कॉलेज से हुई सेवानिवृत्त

 गुरू माँ 32वर्षों की सेवा के पश्चात् आज हुई सेवानिवृत्त

डॉ सरस्वती पाठक को मिला अवार्ड आफ एक्सीलेंस

हरिद्वार 31 मई,( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) एस.एम.जे.एन.पी.जी. काॅलेज में आज संस्कृत विभागाध्यक्ष गुरु माँ के नाम से प्रसिद्ध डाॅ. सरस्वती पाठक 32 वर्षों की अनवरत सेवाओं के पश्चात्  आज सेवानिवृत्त हुई। इस अवसर पर काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा, पूर्व प्राचार्य 

डाॅ. ए.के. घिल्डियाल, मुख्य परीक्षा प्रभारी डाॅ. मन मोहन गुप्ता, डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी, डाॅ. जगदीश चन्द्र आर्य, डाॅ सुषमा नयाल, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय द्वारा फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। 

काॅलेज की पूर्व छात्रा तथा उत्तराखण्ड महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष डाॅ. संतोष चौहान ने अवसर पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के कार्मिकों के लिए गुरू



माँ का व्यक्तित्व प्रेरणास्पद तथा अनुकरणीय है। 

पूर्व प्राचार्य डाॅ. ए.के. घिडिल्याल ने सेवानिवृत्ति के अवसर पर डाॅ. सरस्वती पाठक को अपनी शुभकामनायें देते हुए कहा कि उन्होंने बड़ी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ काॅलेज में अपनी सेवायें प्रदान की। डाॅ. घिल्डियाल ने उनके दीर्घायु की कामना की।

काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि डाॅ. सरस्वती पाठक ने 32 वर्ष पूर्व इस महाविद्यालय में अपनी सेवायें प्रदान करनी प्रारम्भ की थी। 32 वर्षों के इस लम्बे सेवाकाल में उन्होंने अपना अपार स्नेह और शिक्षा छात्र-छात्राओं को प्रदान की।  वे छात्र छात्राओं में गुरु माँ के नाम से ख्याति प्राप्त थी.वहीं वे काॅलेज कर्मचारियों के लिए भी सदैव तत्पर रही। डाॅ. बत्रा ने बताया कि एस.एम.जे.एन. काॅलेज ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश अथवा देश में हमारा काॅलेज  ऐसा काॅलेज बना जहाँ एक महिला को मुख्य अनुशासन अधिकारी का कार्यभार दिया गया, जिसका डाॅ. सरस्वती पाठक ने पूर्ण निष्ठा व कर्तव्यपरायणता के साथ निवर्हन किया। डाॅ. सरस्वती पाठक का दिशा-निर्देशन जीवन में मिलता रहे, इसकी ईश्वर से प्रार्थना की।  डॉ बत्रा ने कहा कि कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री मंहत रविन्द्र पुरी ने उन्हें अवार्ड आफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया.

अंत में काॅलेज प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा, डाॅ. सन्तोष चौहान, डॉ अवनीत कुमार घिलडियाल द्वारा काॅलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष द्वारा प्रदान किया गया स्मृति-चिन्ह डाॅ. सरस्वती पाठक को भेंट किया गया। 

इस अवसर पर डाॅ. मन मोहन गुप्ता, डाॅ. तेजवीर सिंह तोमर, डाॅ. जगदीश चन्द्र आर्य, विनय थपलियाल, डाॅ. सुषमा नयाल, डाॅ. आशा शर्मा, डाॅ. रेणु सिंह, श्रीमती रिचा मिनोचा, श्रीमती रिंकल गोयल, डाॅ. प्रज्ञा जोशी, डाॅ. पदमावती तनेजा, डाॅ. विजय शर्मा, डाॅ. पुनीता शर्मा, डाॅ. शिवकुमार चैहान, डाॅ. मनोज कुमार सोही, वैभव बत्रा, मोहन चन्द्र पाण्डेय आदि सहित काॅलेज के समस्त शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा गुरू माँ डाॅ. सरस्वती पाठक को पुष्पमाला से स्वागत किया तथा उनके स्वस्थ स्वास्थ्य तथा लम्बी उम्र की कामना की।

व्यक्ति और समाज के लिए हानिकारक है तंबाकू सेवन

 व्यक्ति नहीं सभ्यता का विनाशक है तम्बाकू सेवन: श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी

 विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर किया गया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


कालेज में प्रतिवर्ष गठित होता है एंटी ड्रग्स क्लब

हरिद्वार 31 मई, (



आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा)  हरिद्वार

 एस.एम.जे.एन. काॅलेज के व्याख्यान कक्ष में विश्व तम्बाकू दिवस पर काॅलेज के आन्तरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा व मुख्य अनुशासन अधिकारी डाॅ. सरस्वती पाठक द्वारा सरस्वती वंदना व द्वीप प्रज्जवलित करके किया गया। 

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, मां मंशा देवी मन्दिर ट्रस्ट व काॅलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों से आह्वान करते हुए कहा कि तम्बाकू सेवन व्यक्ति नहीं सभ्यता का विनाशक है, सभ्यता के बचाव के लिए तम्बाकू निषेध महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तम्बाकू निषेध दिवस प्रतिवर्ष 31 मई को मनाया जाता है, जिससे कि पूरे विश्व का तम्बाकू द्वारा फैलाई गयी ग्रसित बीमारियों की ओर ध्यान आकर्षित कर सके। 

काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि तम्बाकू से बने प्रत्येक उत्पाद मनुष्य के शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान करने से शरीर पर अनेक प्रकार के दुष्प्रभाव पड़ते हैं, इसके सेवन से जहाँ फेफड़े, बडी आंत, लीवर और मुंह के कैंसर होने की सम्भावना है, वहीं यह डाइबिटीज, दिल रोग व रक्ताचाप को भी बढ़ाता है। तम्बाकू के धुएं में पायी जाने वाली कार्बनडाई आक्साईड गैस, रक्त में आक्सीजन की मात्रा की घटाती है। डाॅ. बत्रा ने उपस्थित सभी से अपील करते हुए कहा कि इस तम्बाकू निषेध दिवस पर आज सभी संकल्प लें कि वह कभी भी धूम्रपान व अन्य किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिजनों को भी धूम्रपान व अन्य तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने के लिए प्रेरित करेंगे। ऐसा करके ही हम अपने प्रयासों से एक जागरूकता उत्पन्न कर तम्बाकू निषेध दिवस को सार्थक बनायेंगे। डाॅ. बत्रा ने बताया कि हमारा महाविद्यालय परिसर तम्बाकू सेवन से पूर्णतया मुक्त है क्योंकि महाविद्यालय में प्रत्येक सत्र में एंटी ड्रग्स क्लब का गठन किया जाता है, जिसके सदस्यों का महाविद्यालय परिसर में तम्बाकू के सेवन के प्रति रोक लगाना व जागरूकता पैदा करना होता है।   गौरव वर्मा एवं कालेज के  छात्र छात्राओं एवं द्वारा निर्मित एक संक्षिप्त मूवी को प्रदर्शित किया गया   

सह अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. सरस्वती पाठक ने कहा कि विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य तम्बाकू के खतरों और स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। यही नहीं, निकोटिन और तम्बाकू व्यवसाय का पर्यावरण पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के प्रति कैंपेन चलाना और इससे होने वाली बीमारियों व मौतों को कम करना भी है। 

कार्यक्रम का सफल संचालन डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी द्वारा किया गया। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ सुनील कुमार बत्रा एवं पूर्व प्राचार्य डॉ अवनीत धिलिडयाल द्वारा उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों को विश्व तम्बाकू निषेध की शपथ भी दिलायी गयी। इस अवसर पर मुख्य रूप से डाॅ. मन मोहन गुप्ता, डाॅ. तेजवीर सिंह तोमर, डाॅ. जगदीश चन्द्र आर्य, डाॅ. नलिनी जैन, विनय थपलियाल, डाॅ. सुषमा नयाल, डाॅ. आशा शर्मा, डाॅ. विनीता चैहान, श्रीमती रिंकल गोयल, श्रीमती रिचा मिनोचा, डाॅ. रेणु सिंह, आस्था आनन्द, डाॅ. सुगन्धा वर्मा, डाॅ. शिवकुमार चैहान, डाॅ. मनोज कुमार सोही, विवेक मित्तल, विनीत सक्सेना, वैभव बत्रा, दिव्यांश शर्मा, डाॅ. प्रज्ञा जोशी, डाॅ. पदमावती तनेजा, डाॅ. विजय शर्मा आदि सहित काॅलेज के अनेक छात्र-छात्रा उपस्थित थे।

कालिदास ,धनवंतरी,क्षपणक,बेताल भट्ट जैसे हुआ करते थे महाराजा विक्रमादित्य के दरबार मैं नवरत्न


 अकबर के नौरत्नों से इतिहास भर दिया पर महाराजा विक्रमादित्य के नवरत्नों की कोई चर्चा पाठ्यपुस्तकों में नहीं है। जबकि सत्य यह है कि अकबर को महान सिद्ध करने के लिए महाराजा विक्रमादित्य की नकल करके कुछ धूर्तों ने इतिहास में लिख दिया कि अकबर के भी नौ रत्न थे ।


राजा विक्रमादित्य के नवरत्नों को जानने का प्रयास करते हैं।

            राजा विक्रमादित्य के दरबार में मौजूद नवरत्नों में उच्च कोटि के कवि, विद्वान, गायक और गणित के प्रकांड पंडित शामिल थे, जिनकी योग्यता का डंका देश-विदेश में बजता था। चलिए जानते हैं कौन थे।


ये हैं नवरत्न –


1–#धन्वन्तरि-

नवरत्नों में इनका स्थान गिनाया गया है। इनके रचित नौ ग्रंथ पाये जाते हैं। वे सभी आयुर्वेद चिकित्सा शास्त्र से सम्बन्धित हैं। चिकित्सा में ये बड़े सिद्धहस्त थे। आज भी किसी वैद्य की प्रशंसा करनी हो तो उसकी ‘धन्वन्तरि’ से उपमा दी जाती है।


2–#क्षपणक-

जैसा कि इनके नाम से प्रतीत होता है, ये बौद्ध संन्यासी थे।

इससे एक बात यह भी सिद्ध होती है कि प्राचीन काल में मन्त्रित्व आजीविका का साधन नहीं था अपितु जनकल्याण की भावना से मन्त्रिपरिषद का गठन किया जाता था। यही कारण है कि संन्यासी भी मन्त्रिमण्डल के सदस्य होते थे।

इन्होंने कुछ ग्रंथ लिखे जिनमें ‘भिक्षाटन’ और ‘नानार्थकोश’ ही उपलब्ध बताये जाते हैं।


3–#अमरसिंह-

ये प्रकाण्ड विद्वान थे। बोध-गया के वर्तमान बुद्ध-मन्दिर से प्राप्य एक शिलालेख के आधार पर इनको उस मन्दिर का निर्माता कहा जाता है। उनके अनेक ग्रन्थों में एक मात्र ‘अमरकोश’ ग्रन्थ ऐसा है कि उसके आधार पर उनका यश अखण्ड है। संस्कृतज्ञों में एक उक्ति चरितार्थ है जिसका अर्थ है ‘अष्टाध्यायी’ पण्डितों की माता है और ‘अमरकोश’ पण्डितों का पिता। अर्थात् यदि कोई इन दोनों ग्रंथों को पढ़ ले तो वह महान् पण्डित बन जाता है।


4–#शंकु –

इनका पूरा नाम ‘शङ्कुक’ है। इनका एक ही काव्य-ग्रन्थ ‘भुवनाभ्युदयम्’ बहुत प्रसिद्ध रहा है। किन्तु आज वह भी पुरातत्व का विषय बना हुआ है। इनको संस्कृत का प्रकाण्ड विद्वान् माना गया है।


5–#वेतालभट्ट –

विक्रम और वेताल की कहानी जगतप्रसिद्ध है। ‘वेताल पंचविंशति’ के रचयिता यही थे, किन्तु कहीं भी इनका नाम देखने सुनने को अब नहीं मिलता। ‘वेताल-पच्चीसी’ से ही यह सिद्ध होता है कि सम्राट विक्रम के वर्चस्व से वेतालभट्ट कितने प्रभावित थे। यही इनकी एक मात्र रचना उपलब्ध है।


6–#घटखर्पर –

जो संस्कृत जानते हैं वे समझ सकते हैं कि ‘घटखर्पर’ किसी व्यक्ति का नाम नहीं हो सकता। इनका भी वास्तविक नाम यह नहीं है। मान्यता है कि इनकी प्रतिज्ञा थी कि जो कवि अनुप्रास और यमक में इनको पराजित कर देगा उनके यहां वे फूटे घड़े से पानी भरेंगे। बस तब से ही इनका नाम ‘घटखर्पर’ प्रसिद्ध हो गया और वास्तविक नाम लुप्त हो गया।


इनकी रचना का नाम भी ‘घटखर्पर काव्यम्’ ही है। यमक और अनुप्रास का वह अनुपमेय ग्रन्थ है।

इनका एक अन्य ग्रन्थ ‘नीतिसार’ के नाम से भी प्राप्त होता है।


7–#कालिदास –

ऐसा माना जाता है कि कालिदास सम्राट विक्रमादित्य के प्राणप्रिय कवि थे। उन्होंने भी अपने ग्रन्थों में विक्रम के व्यक्तित्व का उज्जवल स्वरूप निरूपित किया है। कालिदास की कथा विचित्र है। कहा जाता है कि उनको देवी ‘काली’ की कृपा से विद्या प्राप्त हुई थी। इसीलिए इनका नाम ‘कालिदास’ पड़ गया। संस्कृत व्याकरण की दृष्टि से यह कालीदास होना चाहिए था किन्तु अपवाद रूप में कालिदास की प्रतिभा को देखकर इसमें उसी प्रकार परिवर्तन नहीं किया गया जिस प्रकार कि ‘विश्वामित्र’ को उसी रूप में रखा गया।


जो हो, कालिदास की विद्वता और काव्य प्रतिभा के विषय में अब दो मत नहीं है। वे न केवल अपने समय के अप्रितम साहित्यकार थे अपितु आज तक भी कोई उन जैसा अप्रितम साहित्यकार उत्पन्न नहीं हुआ है। उनके चार काव्य और तीन नाटक प्रसिद्ध हैं। शकुन्तला उनकी अन्यतम कृति मानी जाती है।


8–#वराहमिहिर –

भारतीय ज्योतिष-शास्त्र इनसे गौरवास्पद हो गया है। इन्होंने अनेक ग्रन्थों का प्रणयन किया है। इनमें-‘बृहज्जातक‘, सुर्यसिद्धांत, ‘बृहस्पति संहिता’, ‘पंचसिद्धान्ती’ मुख्य हैं। गणक तरंगिणी’, ‘लघु-जातक’, ‘समास संहिता’, ‘विवाह पटल’, ‘योग यात्रा’, आदि-आदि का भी इनके नाम से उल्लेख पाया जाता है।


9–#वररुचि-

कालिदास की भांति ही वररुचि भी अन्यतम काव्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। ‘सदुक्तिकर्णामृत’, ‘सुभाषितावलि’ तथा ‘शार्ङ्धर संहिता’, इनकी रचनाओं में गिनी जाती हैं।

इनके नाम पर मतभेद है। क्योंकि इस नाम के तीन व्यक्ति हुए हैं उनमें से-

1.पाणिनीय व्याकरण के वार्तिककार-वररुचि कात्यायन,

2.‘प्राकृत प्रकाश के प्रणेता-वररुचि

3.सूक्ति ग्रन्थों में प्राप्त कवि-वररुचि



भाजपाईयो ने किया प्रधानमंत्री से वर्चुअल संवाद

हरिद्वार /बहादराबाद 31 मई (आर एस मान संवाददाता गोविंद कृपा बहादराबाद/ रानीपुर  )        भाजपा रानीपुर विधानसभा के बहादराबाद मंडल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से गरीब कल्याण



सम्मेलन को संबोधित किया गया भारतीय जनता पार्टी देश में मोदी सरकार के 8 वर्ष सफलतम पूर्ण होने पर पूरे देश में सेवा सुशासन एवं गरीब कल्याण पखवाड़े आयोजित कर रही है जिसमें विभिन्न विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम होने हैं इसी पखवाड़े की शुरूआत करते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के शिमला से सरकार द्वारा लाभान्वित हुए देश के विभिन्न क्षेत्रों के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद किया इसी क्रम में आज बहादराबाद मंडल वार्ड नंबर वार्ड नंबर 60 राजलोक कॉलोनी में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम का प्रारंभ मंडल अध्यक्ष नागेंद्र राणा व कार्यक्रम संयोजक लव शर्मा ने  रिपोर्ट टू नेशन बुकलेट का विमोचन किया तत्पश्चात केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि हम एक भारत और श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है प्रधानमंत्री बनने के बाद हमेशा गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है सरकार की हर योजना और हर नीति के केंद्र में गरीब है सेवा सुशासन और गरीब कल्याण ही मोदी सरकार का लक्ष्य है मोदी सरकार जन कल्याण के लिए जन भागीदारी के साथ जन सरोकारों को समर्पित जन जन की सरकार है चाहे किसान का सम्मान हो गरीब का कल्याण हो युवाओं को अवसर हो महिलाओं का उत्थान हो तकनीक में नवाचार हो विश्व पटल पर भारत की मजबूत पहचान हो इतिहास की समस्याओं का स्थाई समाधान हो इसी पर मजबूती के साथ काम किया गया है देश में कोई बेघर ना रहे इस संकल्प के साथ सरकार पूरी प्रतिबद्धता से जुटी हुई है दो करोड़ 39 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कर की चाबी दे दी गई है आर्थिक सामरिक राजनीतिक सहित आज हमें हर क्षेत्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है देश हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम तय कर रहा है हमने शासन की पद्धति बदली है कार्य संस्कृति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है तो राजनीति से परिवारवाद तुष्टिकरण और भेदभाव समाप्त हुआ है यह दौर सबका साथ सबका विकास का मंत्र है हमने सर्जिकल स्ट्राइक भी की है हमने एयर स्ट्राइक भी की है हमारी सरकार ने भारत के आन बान और शान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से कभी परहेज नहीं किया आज खेलो इंडिया के मंत्र ने खेल के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है हमारे युवा खिलाड़ी दशकों के बाद मेडल जीतकर आ रहे हैं हमारे लिए यह गौरव का विषय है सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना से गरीब महिलाओं को धुए से मुक्ति दिलाई जा रही है आज देश के लगभग 10 करोड़ गरीब किसानों को किसान सम्मान निधि दी गई है हमारे देश के डॉक्टरों वैज्ञानिकों के कठिन परिश्रम से हम को ऐड करती का बनाने में सफल रहे और उससे भी बड़ी बात यह है कि हमने विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक चलाया है जन धन योजना के माध्यम से 45 करोड़ 21 लाख खाते बैंकों में खुलवाए गए जिनमें डीबीटी के माध्यम से सीधे पूरा पैसा पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों के खाते में जा रहा है इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष विजय चौहान, जिला आईटी सह संयोजक सचिन निशित ,पार्षद विपिन शर्मा, विकास कुमार, मनोज परआलिया, अनुसूचित मोर्चा जिला महामंत्री संजय कुमार, जिला किसान मोर्चा उपाध्यक्ष कमल प्रधान, मंडल उपाध्यक्ष अजय बबली, मंडल ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष रामकुमार मास्टर, बूथ अध्यक्ष बृजमोहन राणा, निशी कांत शुक्ला, पवन चौहान ,देवेश वर्मा ,मोनिका यादव, सरिता देवी ,ममता अग्रवाल ,विपिन गुप्ता, ओपी धनघड़, राजेश शुक्ला, अजय कौशिक आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भाजपा मनाएगी 8 साल सेवा ,सुशासन एवं गरीब कल्याण पखवाड़ा

हरिद्वार 30 मई( संजय वर्मा )प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के 8 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में 8 साल सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण पखवाड़ा मनाया जाने का निर्णय लिया गया है इसके अंतर्गत किए जाने वाले कार्यक्रमों की तैयारी हेतु आज दिनांक 30 मई को


भाजपा जिला कार्यालय हरिद्वार पर जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह की अध्यक्षता में टोली पदाधिकारियों और मण्डल अध्यक्षों की बैठक हुई जिसमें जिलाध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह ने बताया कि महान जननेता नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल के निर्विवाद और बेदाग कार्यकाल के इन 8 वर्षो में भारत के विकास और सुशासन की एक ऐतिहासिक गाथा लिखी गई है जिसने संपूर्ण विश्व में भारत की छवि को नई ऊंचाई प्रदान की हैं। आज विश्व के तमाम बड़े देश अपने विवादों और समस्याओं में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग करते हैं तथा भारत देश के नेता को आज विश्व में सर्वमान्य नेता की मान्यता प्राप्त है। 

सुशासन और सेवा के इन आठ वर्षो में विश्व के सबसे बडे राजनीतिक दल भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के विजन को सामने रखकर मानव इतिहास की सबसे बड़ी माहामारी कोरोना का मुकाबला करने में अपनी जी जान लगा दी। जहां एक ओर कश्मीर से धारा 370 को बगैर किसी विवाद के हटाया गया, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक समानता, सुरक्षा प्रदान करने हेतु तीन तलाक हटाने का साहसिक निर्णय लिया।  इसी प्रकार जहां काले धन को हटाने के लिए नोटबंदी का निर्णय लागू किया वहीं दूसरी ओर देश की सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने से भी परहेज नहीं किया। लोकतंत्र के महानायक के रूप में स्थापित नरेंद्र मोदी दूरदर्शी सोच वाले वो नेता हैं जिन्होंने समाज के अंतिम छोर पर खड़े हुए व्यक्ति के उत्थान के लिए जनधन खाता, हर घर जल, प्रधानमन्त्री शहरी आवास योजना, भारत आयुष्मान योजना, उज्ज्वला योजना, उजाला योजना, भारतमाला योजना, किसान सम्मान निधि ,प्रधानमंत्री शौचालय योजना ,निशुल्क वैक्सीनेशन, मुफ्त राशन वितरण योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया। इस पखवाड़े में भाजपा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिनमे प्रमुख रूप से बूथ स्तर पर लाभार्थी सम्पर्क, विकास तीर्थ बाइक रैली, शहीदों के परिवार से सम्पर्क एवं सम्मान, किसान सम्मेलन, विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण, प्रभात फेरी, कोरोना वीर तथा स्वास्थ्य सेवकों का सम्मान, जिला स्तरीय रैली आदि प्रमुख रूप से रहेगें। इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए जिले के प्रमुख कार्यकर्ताओ व पदाधिकारियों को कार्यक्रम प्रमुख के दायित्व भी आज घोषित करे गए जिनमें पखवाड़े का संयोजक अनिल अरोड़ा, सह संयोजक अमन त्यागी, विकास तिवारी व आदेश सैनी को मनोनीत किया गया है। इसके अलावा सेवा सुशासन और गरीब कल्याण पखवाड़े में किसान कार्यक्रमों के लिए निपेंद्र चौधरी, प्रेसवार्ता के लिए लव शर्मा ,महिला कार्यक्रमों के लिए रीता चमोली, ओबीसी हेतु प्रदीप पाल, एस सी वर्ग हेतु तेलू राम प्रधान, एस टी वर्ग हेतु संत राम, शहरी गरीब सम्पर्क हेतु सुनील अग्रवाल व राकेश गर्ग, विख्यात व्यक्ति सम्पर्क हेतु विमल कुमार, कमजोर वर्ग हेतु चतर सैन, बूथ स्तर लाभार्थी सम्पर्क हेतु देशपाल रोड़, टीकाकरण और सेवा कार्य हेतु प्रवेश प्रिया, जिला स्तरीय रैली हेतु आशु चौधरी, सोशल मीडिया हेतु मोहित वर्मा, केंद्रीय मंत्री प्रवास हेतु संदीप गोयल, लाभार्थी वीडियो हेतु सुशील रावत, बाइक रैली हेतु सचिन गुर्जर, तथा मीडिया सम्पर्क हेतु आशुतोष शर्मा, आईटी के लिए सुशील रावत, सचिन निहित को प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर जिला महामंत्री आदेश सैनी ,विकास तिवारी,अनिल अरोड़ा, देशपाल रोड, आशु चौधरी, लव शर्मा, नीपेंद्र चौधरी ,तेलू राम प्रधान, चतर सेन ,नागेंद्र राणा राणा, मयंक गुप्ता, सिद्धार्थ कौशिक ,धीरेंद्र गुप्ता, राजबाला सैनी ,प्रवीण संधू ,अभिषेक चंद्रा, अमरीश सैनी, विकासपाल, राकेश सैनी, आलोक चौहान, लोकेश पाल, सोनू धीमान, अरविंद गोयल आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हिमालय जैसे उच्च व्यक्तित्व के धनी हैं डा0 निशंक

 दो बार बहने के बाद भी बचा वह बच्चा... कई बार MLA, CM और MP जो बनना था उन्हें

पहली बार लखनऊ विधानसभा में पहुंचे डॉ निशंक जी को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई थी क्योंकि उन्होंने यूपी में दो बार कैबिनेट मंत्री रहे शिवानन्द नौटियाल को हराया था.


विधायक तो बहुत बने लेकिन, उनका नाम लोगों के ज़ेहन में हमेशा के लिए बस जाता है जो विधायक बनने के साथ ही फेमस भी हो जाते हैं. डॉ रमेश पोखरियाल निशंक जी जब 28 साल की उम्र में पहली बार विधायक बनकर लखनऊ की विधानसभा में पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए भीड़ जमा हो गई थी. कारण यह था कि #डॉ निशंक ने एक ऐसा नेता को हराया था जिसका उत्तराखंड से यूपी तक दबदबा था. शिवानन्द नौटियाल को हराना मामूली बात नहीं थी. वह तब के धाकड़ नेता थे और यूपी सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके थे. निशंक ने अपने पहले ही चुनाव में नौटियाल को कर्णप्रयाग से हराया था.


1991 के उस विधानसभा चुनाव से शुरु हुआ उनका राजनीतिक सफर मंत्री, मुख्यमंत्री रहने के साथ सांसद तक पहुंच गया है. इस दौरान वे छह बार विधायक चुने गये, उत्तराखण्ड के सीएम रहे और अब हरिद्वार से सांसद हैं।

#डॉ रमेश पोखरियाल निशंक का जीवन सफर पहाड़ सा रहा है. उनका परिवार पौड़ी जिले के पाबो ब्लॉक के पिनानी गांव में रहता था. पिता भरसार के सेब बागान में सरकारी माली थे. वे अकसर निशंक को कंधे पर बैठाकर अपने गांव से भरसार लाया करते थे. निशंक के पुराने सहयोगी डॉक्टर बेचैन कण्डियाल बताते हैं कि बचपन की सारी बातें निशंक को याद थीं. जब वह यूपी में पर्वतीय विकास मंत्री बने तो उन्होंने कहा था कि अपने पिता की कर्मस्थली भरसार को आगे बढ़ाना है. उसी दौरान भरसार के सेब बागान को उद्यानिकी महाविद्यालय का दर्जा मिला. वहां सेब की खेती के साथ पढ़ाई का भी काम शुरु हो गई.


डॉ निशंक जी के पिता जी उद्यान विभाग के मामूली मुलाज़िम थे. परिवार में पैसे का बहुत अभाव था. गांव के स्कूल से पांचवीं पास करने के बाद उन्हें हाईस्कूल तक की पढ़ाई के लिए बहुत कसरत और रिस्क उठाना पड़ा था. पढ़ाई पूरी करने के लिए उन्हें रोज 16 किलोमीटर का पैदल रास्ता पार करना पड़ता था जो घने जंगल, नदी नाले और जंगली जानवरों के खतरों से भरा पड़ा था.

निशंक बताते हैं कि दमदेवल के जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाते समय वह दो बार बरसाती नाले में बह गए थे. काफी दूर बहने के बाद लोगों ने उन्हें निकाला. एक तरह से उन्हें दोनों बार जीवनदान मिला. हालांकि दसवीं पास करने के बाद उनके परिवार के पास इतने भी पैसे नहीं थे कि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए श्रीनगर या फिर देहरादून भेज सके. इस हालत में निशंक पढ़ाई के लिए हरिद्वार के आननंद आश्रम आ गए. चेतन ज्योति स्कूल में उन्होंने संस्कृत की शिक्षा लेनी शुरू की. इसके बाद ऋषिकेश से बीकॉम की पढ़ाई शुरु की लेकिन इसे बीच में ही छोड़ना पड़ा.

उत्तरकाशी में शिशु मंदिर ज्वाइन करने के साथ ही वे संघ का दामन थाम चुके थे. कई सालों तक पढ़ाने के बाद आखिरकार उन्होंने शिशु मंदिर से इस्तीफा दे दिया और पौड़ी चले आए. यहां उन्होंने अपनी प्रेस खोल ली. बैंक से लोन और अपने एक परिचित के घर से उन्होंने पहली शोध पत्रिका निकाली ‘नई चेतना’. इसके बाद 1984-85 में ‘सीमान्त वार्ता’ अखबार भी निकालना शुरु किया. यह अख़बार आज भी जिन्दा है.


उसी दौरान डॉ निशंक जी की पहचान एक उग्र और आंदोलनकारी पत्रकार के रूप में राज्य में सामने आई. तब पौड़ी के एक पत्रकार उमेश डोभाल की शराब माफियाओं ने हत्या कर दी. उनकी लाश तक नहीं मिली थी. डोभाल के लिए न्याय की मांग को लेकर निशंक ने ज़मीन पर और अपने अखबार के माध्यम से जबरदस्त संघर्ष किया. उन्हें राज्य स्तर पर पहली बार पहचान मिली.

निशंक का सफर आगे बढ़ता रहा. इसी दौरान #श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी पौड़ी के प्रवास पर आए और डॉ  निशंक से उनकी मुलाकात हुई. श्री वाजपेयीजी कवि थे और निशंक भी कविताएं लिखा करते थे. लिहाज़ा दोनों के मन मिलते देर नहीं लगी. निशंक भाजपा से जुड़ गए. इसी बीच अलग उत्तराखण्ड राज्य की मांग को लेकर बनाई गई उत्तरांचल प्रदेश संघर्ष समिति से वह जुड़े और उन्हें केन्द्रीय प्रवक्ता बनाया गया. यह भाजपा का ही एक विंग था.


डॉ निशंक जी के जीवन में अचानक बदलाव आया 1991 में, जब श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बुलाकर यूपी विधानसभा का चुनाव कर्णप्रयाग से लड़ने को कहा. निशंक ने झिझकते हुए मना कर दिया. निशंक ने कहा कि वह तो प्रधानी का चुनाव भी लड़ने के लिए तैयार नहीं है लेकिन, वाजपेयी माने नहीं. आखिरकार निशंक ने अनमने ढ़ंग से चुनाव लड़ा और इसी चुनाव ने उन्हें एकाएक जमीन से उठाकर आसमान पर बैठा दिया.।

(विकास पोखरियाल जी कलम से  आभार सहित)


डॉ नरेश चौधरी के नेतृत्व में मित्र पुलिस ने गुम हुई बच्ची को मिलवाया परिवार से

 मनसा देवी मंदिर से गायब हुई 9 वर्षीय बच्ची पुलिस की तत्परता एवं जोनल मजिस्ट्रेट डॉ०नरेश चौधरी के प्रयासों से लगभग 1 घंटे में ही परिवार को सौंपी गई|


हरिद्वार 30 मई (वीरेंद्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) सोमवती अमावस्या की अपार भीड़ गंगा स्नान के बाद मां मनसा देवी के दर्शन करने पहुंच रही है|श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ का दबाव हर की पौड़ी के बाद मां मनसा देवी पर है । जिस के क्रम में मनसा देवी जॉन की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए अनुभव को देखते हुए डॉ०नरेश चौधरी सचिव रेडक्रॉस को मां मनसा देवी जोन का जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ में 9 वर्ष की बच्ची कनिका , पुत्री विरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ ग्राम सीलनी जनपद झज्जर हरियाणा से गंगा स्नान के बाद मां मनसा देवी के दर्शन करने पहुंची ,अपार भीड़ के कारण कनिका गुम हो गई जिसके 1 घंटे के अंदर ही जोनल मजिस्ट्रेट डॉ नरेश चौधरी, पुलिस उप निरीक्षक कुमकुम धनिक ,नीलू नेगी, हिमानी नेगी ,मुकेश पंत ,दीपक रावत, सुषमा रानी एवं एल ०आई० यू के सुरेश राणा के अथक प्रयासो से कनिका को उसके परिवार के 



सुपुर्द कर दी| जिसकी सभी यात्रियों श्रद्धालुओं ने विशेष सराहना करते हुए हार्दिक धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा ,सेवा, मित्रता को चरितार्थ कर दिखाया|  इसकी मनसा देवी पर उपस्थित सभी यात्रियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा कंठ युक्त से प्रशंसा की जा रही है|

डॉ कल्पना सैनी के राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर भाजपा सैनी समाज ने किया हर्ष व्यक्त

 डॉ कल्पना सैनी के राज्यसभा प्रत्याशी बनने पर सैनी समाज में हर्ष की लहर




  रुड़की 30 मई (अनिल लोहानी वरिष्ठ संवाददाता गोविंद कृपा रुड़की) डा0 कल्पना सैनी के राज्यसभा सांसद प्रत्याशी बनने पर जनपद हरिद्वार के सैनी समाज में हर्ष व्याप्त है भाजपा  से जुड़े  सैनी समाज के लोगों ने  हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ कल्पना सैनी  ने हमेशा निस्वार्थ भाव से भारतीय जनता पार्टी के लिए कार्य किया है कभी किसी दायित्व की मांग नहीं की है यह उनके कार्यशैली और पार्टी के प्रति समर्पित भाव का फल है उत्तराखंड में बहन कल्पना सैनी समाज की शान है यह हमारे सैनी समाज के लिए गौरव की बात है कि आज सैनी समाज से एक शिक्षित योग्य महिला को  राज्यसभा प्रत्याशी बनाया गया है हमें पूर्ण विश्वास है बड़ी बहन डॉक्टर कल्पना सैनी समाज का नाम हमेशा ऐसे ही रोशन करती रहेगी उत्तराखंड राज्य सभा सांसद प्रत्याशी बनाए जाने पर आदरणीय बड़ी बहन कल्पना सैनी जी से मिलकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी इस मौके पर  मंडल अध्यक्ष विकास पाल, मंडल महामंत्री अशोक कुमार पांडे, मंडल उपाध्यक्ष संजय सिंह सैनी, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम गिरी आदि उपस्थित रहे।

भारतीय राष्ट्रवादी सैनी समाज संगठन की बैठक हुई संपन्न

अरुण सैनी को बनाया गया प्रदेश संगठन का अध्यक्ष

हरिद्वार 30 मई (संजय सैनी संवादाता गोविंद कृपा रुड़की ) सामाजिक संगठन भारतीय राष्ट्रवादी सैनी समाज संगठन हरिद्वार उत्तराखंड की ज्वालापुर विधानसभा के ग्राम तेलीवाला में जिला सचिव  निर्भय सैनी  के निवास पर भारतीय राष्ट्रवादी सैनी समाज संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक मे संगठन की जिला कार्यकारिणी की ओर  से  अरुण सैनी  को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया ।इस प्रस्ताव को संगठन की तरफ से सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है । जिला कार्यकारिणी के संबंध पदाधिकारियों की ओर से श्री अरुण सैनी  को प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर हार्दिक शुभकामनाओं के साथ बहुत-बहुत बधाई दी। संगठन की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारी जिला महासचिव  रजनीश सैनी, श्री राजीव सैनी (जिला महासचिव),  देवी चंद सैनी (जिला महासचिव) , आदेश सैनी,  प्रवीण सैनी , अनूप सैनी,  संदीप सैनी , राजीव सैनी , विपिन सैनी जिला उपाध्यक्ष,  संदीप सैनी( जिला सचिव) , मनीष सैनी( जिला कोषाध्यक्ष),  संजय सैनी( जिला मीडिया प्रभारी) 


सुविज्ञ सैनी (जिला सोशल मीडिया प्रभारी) , विनीत सैनी( जिला सोशल सह मीडिया प्रभारी),  दीपचंद सैनी,  मोहन सैनी( जिला संगठन मंत्री),  गुलशन सैनी (जिला अध्यक्ष विद्यार्थी शक्ति),  गजे सिंह सैनी( जिला अध्यक्ष युवा शक्ति)आदि उपस्थित रहे।

धन्य है भारत माता के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाली सती राम रखी देवी


प्रेरक-प्रसंग

सती रामरखी देवी


दिल्ली में मुगल शासक औरंगजेब के बन्दीगृह में जब गुरु तेगबहादुर जी ने देश और हिन्दू धर्म की रक्षार्थ अपना शीश कटाया, तो उससे पूर्व उनके तीन अनुयायियों ने भी प्रसन्नतापूर्वक यह हौतात्मय व्रत स्वीकार किया था। वे थे भाई मतिदास, भाई सतीदास और भाई दयाला। इस कारण इतिहास में उन्हें और उनके वंशजों को नाम से पूर्व ‘भाई’ लगाकर सम्मानित किया जाता है। 


भाई मतिदास के वंशज थे भाई बालमुकुंद, जिन्होंने 23 दिसम्बर, 1912 को दिल्ली में वायसराय लार्ड हार्डिंग की शोभायात्रा पर बम फेंका था। इस कांड में चार युवा क्रांतिवीरों (भाई बालमुकुंद, अवधबिहारी, वसंत कुमार विश्वास तथा मास्टर अमीरचंद) को फांसी दी गयी थी। इनमें से एक भाई बालमुकुंद की पत्नी रामरखी के आत्मबलिदान का प्रसंग भी अत्यन्त प्रेरक है।


भाई बालमुकुंद का विवाह किशोरावस्था में ही लाहौर की रामरखी से हो गया था; पर अभी गौना होना बाकी था। अर्थात रामरखी अभी ससुराल नहीं आई थी। इधर बालमुकुंद जी क्रांतिकार्य करते हुए दिल्ली की जेल में पहुंच गये। जब रामरखी को यह पता लगा, तो वह उनसे मिलने अपने परिजनों के साथ दिल्ली आयी। रामरखी ने उनसे पूछा कि वे क्या खाते हैं और कहां सोते हैं ? 


बालमुकुंद जी ने बताया कि उन्हें एक समय भोजन मिलता है। रामरखी के आग्रह पर उन्होंने अपनी रोटी लाकर दिखाई। मोटे अन्न से बनी उस रोटी में कुछ घासफूस भी मिली थी। रामरखी ने उसका एक टुकड़ा अपने पल्लू में बांध लिया। फिर बालमुकुंद जी ने बताया कि उन्हें दो कंबल मिले हैं। सर्दी होने पर भी उसमें से एक को वे ओढ़ते और दूसरे को बिछाकर सोते हैं।


लाहौर वापस आकर रामरखी वैसी ही मोटी और कंकड़ मिली रोटी बनाकर एक समय खाने लगी। रात में सब लोग छत पर सोते थे; पर वह घर की नीचे वाली कोठरी में कंबल बिछाकर और ओढ़कर सोने लगी। कुछ ही समय में उसकी हड्डियां निकल आयीं। मच्छरों के काटने से शरीर सूज गया; पर उसने उफ तक नहीं की। वह दिन भर पूजा-पाठ में लगी रहती थी। इस कठोर तपस्या से मानो वह अपने पति के कष्ट बांट रही थी। 


इस तरह कई महीने बीत गयी। अंततः फांसी की सजा घोषित हो गयी। रामरखी धैर्यपूर्वक पति से अंतिम बार मिलने फिर दिल्ली आई। आठ मई, 1915 को भाई बालमुकुंद और साथियों को फांसी दे दी गयी। फांसी वाले दिन से ही रामरखी ने अन्न-जल त्याग दिया। वह दिन भर पूजा में ही बैठी रहती। इस प्रकार 17 दिन बीत गये। 26 मई को 18 वां दिन था। उस दिन उसने स्वयं पानी लाकर स्नान किया, साफ वस्त्र पहने और अपने स्थान पर आकर लेट गयी। इसके बाद उसने अपनी सांस ऊपर खींच ली। कुछ समय बाद घर वालों ने देखा कि वहां उसका निर्जीव शरीर ही शेष है। 


इस प्रकार रामरखी ने महान सती नारियों की परम्परा में अपना नाम लिखा लिया। यद्यपि गौना न होने के कारण वह अभी कुमारी अवस्था में ही थी; पर उसने जो किया, उससे भारत की समस्त नारी जगत गौरवान्वित है।

संजय चोपड़ा ने छोड़ा हरक सिंह का साथ , भाजपा मे की वापसी

 *हरिद्वार 27 मई,( वीरेंद्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश प्रवक्ता पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक द्वारा संजय चोपड़ा व उनके सैकड़ों साथियों को भाजपा का पटका ओढ़ाकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक मदन कौशिक के कार्यालय खन्ना नगर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा संजय चोपड़ा एक जमीनी कार्यकर्ता हैं और पूरे प्रदेश में रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों को भारी तादाद में संगठित किए हुए हैं, चोपड़ा के एक लंबे संघर्ष के बदौलत उत्तराखंड राज्य में नगरीय फेरी नीति  नियमावली उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाई गई और संजय चोपड़ा के भाजपा में आने से उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी को और मजबूती मिलेगी। श्री कौशिक ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतवर्ष के 50 लाख रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना के तहत स्वरोजगारी मानते हुए उनके कारोबारी स्थानों पर ही वेंडिंग जोन, हॉकिंग जोन विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा संजय चोपड़ा को भारतीय जनता पार्टी की मुख्यधारा में लाकर भाजपा के प्रचार- प्रसार केंद्र व राज्य सरकार की स्ट्रीट वेंडर्स योजनाओं को प्रत्येक स्ट्रीट वेंडर्स तक पहुंचाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। 

इस अवसर पर पूर्व मंडी अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने भारतीय जनता पार्टी के हाईकमान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतवर्ष के सभी रेडी पटरी के स्ट्रीट वेंडर्स को केंद्र सरकार के संरक्षण में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लक्ष्य वर्ष 2022 से बढ़ाकर 2024 तक किया गया है वही अभी हाल ही में भारत सरकार द्वारा पार्लियामेंट कमेटी जिसके अध्यक्ष भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की सिफारिश पर राष्ट्रीय पथ विक्रेता संरक्षण अधिनियम 2014 को सभी राज्यों की स्थानीय निकायों के माध्यम से मुस्तैदी से लागू करने को राज्य सरकारों को निर्देशित किया जा चुका है, रेड़ी पटरी वालों की इस प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर मैंने और मेरे साथियों ने भारतीय जनता पार्टी की



सदस्य ग्रहण की है, आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी की नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मिशन राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।


संजय चोपड़ा व उनके साथियों को भाजपा की सदस्यता के कार्यक्रम में उपस्थित रहे भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड के पूर्व सदस्य वरिष्ठ भाजपा नेता आलोक मिश्रा, जिला महामंत्री विकास तिवारी, भाजपा नेता ओमकार जैन, भाजपा नेत्री पूनम माखन, भाजपा नेता राहुल चौहान, भाजप नेता मयंक  गुप्ता, भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते मुख्य कार्यकर्ताओ में राजेंद्र पाल, मनोज कुमार मंडल, जय सिंह बिष्ट, जय भगवान, लालचंद, भोला यादव, कामिनी मिश्रा, बबलू गुप्ता, शुभम सैनी, सुमित कश्यप, ऋषि पाल सिंह, विजय गुप्ता, तस्लीम अहमद आदि भाजपा में शामिल रहे। 

देहरादून में बनाए जा रहे हैं दिव्यांग प्रमाण पत्र और विशिष्ट पहचान पत्र



*दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने हेतु जागरूक दिव्यांग जनों की उमड़ी भीड़।*


देहरादून 26 मई (अनंत मेहरा ) जिला प्रशासन के निर्देशों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे  *विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र पंजीकरण सघन अभियान* में बाल विकास देहरादून से आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा दिव्यांग जनों को प्रत्येक विकास खंड एवं नगर क्षेत्रों में जागरूक करने के पश्चात निरंतर दिव्यांग जनों में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने तथा दिव्यांग पहचान पत्र पंजीकरण कराने के लिए उत्सुकता जागी। जिससे आज बुधवार को कोरोनेशन देहरादून में दिव्यांग जनों की एक बड़ी भीड़ दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने हेतु उमड़ी। जिसमें 130 से अधिक दिव्यांग जनों के दिव्यांग प्रमाण पत्र हेतु पंजीकरण हुआ तथा दिव्यांगजन विशिष्ट पहचान पत्र के पंजीकरण हेतु भी जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं जिला चिकित्सा अधिकारी टीम द्वारा कार्य किया गया।

जिला नोडल अधिकारी अनंत प्रकाश मेहरा ने बताया जिला देहरादून में सभी दिव्यांग जनों के विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र बनाए जाने हैं जिस संबंध में जिला देहरादून के प्रत्येक विकास खंड एवं नगर क्षेत्र में घर घर जाकर आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई है तथा विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र बनवाने हेतु एक फॉर्मेट भी भरवाया गया है एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार कार्ड की फोटो कॉपी तथा जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा निर्गत दिव्यांग प्रमाण पत्र की छाया प्रति भी मंगाई गई है। यह भौतिक सत्यापन दिव्यांग जनों के विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र बनवाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है एवं ऐसे दिव्यांगजन जो किसी वजह से अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बनवाए हुए हैं उनको भी इस माध्यम से सूचना पहुंच रही है इस संबंध में निरंतर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून समस्त बाल विकास केंद्र देहरादून से समन्वय स्थापित कर रहा है तथा शीघ्र अति शीघ्र विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र पंजीकरण की प्रक्रिया देहरादून जिले की संपन्न करा ली जाएगी।

इस मौके पर उन्होंने बताया जिला चिकित्सा अधिकारी महोदय से बात कर सभी दिव्यांग जनों को प्रत्येक बुधवार को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने में कोई असुविधा नहीं होगी तथा प्रथम तल पर ही डॉक्टरों द्वारा परीक्षण कराने की व्यवस्था कराई जाएगी उन्होंने बताया दिव्यांगजन ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंच रहे हैं जिससे उन्हें परेशानी होती है अतः इस संबंध में आने से पूर्व जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के नंबर 8954 508 145 पर अवश्य संपर्क करें।

इस दौरान जिला चिकित्सा टीम से दीपक कुमार अजय प्रताप जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र से अदिति भट्ट उमेश ग्रोवर उत्तम टॉक कृष्णा तथा नोडल अधिकारी अनंत प्रकाश मेहरा मौजूद रहे।

एसएम जै एन कॉलेज में व्यक्तिक परिष्कार हेतु आयोजित किया गया कार्यक्रम

 हरिद्वार 25 मई (आकांक्षा वर्मा संवादाता गोविंद कृपा हरिद्वार)  एस एम जे एन पी जी कॉलेज हरिद्वार में करियर काउंसलिंग सेल के तत्वाधान में एक वैयक्तिक परिष्कार हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें विशेषज्ञों ने छात्रों को अपने कैरियर को दशा और दिशा निर्धारित करने के लिए   महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए महाविद्यालय के



प्राचार्य डॉ एसके बत्रा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम वास्तव में उद्योग तथा अकादमिक क्षेत्र के बीच के रिक्त स्थान को भरने के लिए आवश्यक है क्योंकि उद्योग बाजार की मांग को देखते हुए निर्धारित होता है जबकि कई बार अकादमी गतिविधियां उस मांग को पूरा करने में असमर्थ होती है इसी इस रिक्त स्थान को भरने के लिए ऐसे कार्यक्रम बहुत आवश्यक होते हैं उन्होंने इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आए हुए छात्र-छात्राओं के उत्साह की भूरी भूरी प्रशंसा की

कार्यक्रम में फाईनेसियल एक्सपर्ट मुख्य अतिथि  बृजेश सिन्हा ने छात्रों को मौके की तथा इंटरव्यू के लिए आवश्यक तैयारी के महत्वपूर्ण टिप्स दिए उन्होंने कहा कि इंटरव्यू एबीसी की संकल्पना पर आधारित है ऐ का मतलब है अपीयरेंस अर्थात बाहरी दृष्टि बी का मतलब है बॉडी लैंग्वेज और सी का मतलब है कॉन्फिडेंस या आत्मविश्वास उन्होंने इस एबीसी की संकल्पना पर छात्र छात्राओं को काम करने के लिए कहा और कहा कि किसी भी इंटरव्यू के लिए आवश्यक है कि छात्र छात्राएं इस एबीसी की संकल्पना का पालन करें

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि उद्योगों में भारी मांग को देखते हुए छात्र छात्राओं को अपने अंदर आवश्यक गुणों का विकास करना चाहिए ताकि वे रोजगार सृजन कर सके और समुचित रोजगार भी प्राप्त कर सकें

कार्यक्रम का संचालन करियर काउंसलिंग सेल के अधिष्ठाता श्री विनय थपलियाल के द्वारा किया गया उन्होंने छात्र छात्राओं से न केवल प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया बल्कि उसके लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए और इसी के साथ-साथ उन्होंने निवेश और बचत की आदत का विकास करने के लिए भी छात्र से आह्वान किया

इस कार्यक्रम को अंत में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ संजय महेश्वरी ने संबोधित किया था उन्होंने छात्र-छात्राओं से लगन से अपने करियर को दिशा देने का आह्वान किया उन्होंने इस अवसर पर कहा कि महाविद्यालय का करियर काउंसलिंग सेल निरंतर ऐसी कार्यक्रम आयोजित करता है और उसका छात्रों को भरपूर लाभ उठाना चाहिए

इस अवसर पर समाज शास्त्र विभाग अध्यक्ष डॉक्टर जे सी आर्य वाणिज्य विभाग के डॉक्टर तेजवीर सिंह तोमर वैभव बत्रा, राजनीति विज्ञान विभाग के दिव्यांश शर्मा पर्यावरण विभाग के विजय शर्मा विज्ञान संकाय से प्रिंस श्रोत्रिय विवेक मित्तल तथा अंकित अग्रवाल उपस्थित थे

धर्मेश्वर महादेव मंदिर आश्रम के महंत बने लव चंद्र दास महाराज

हरिद्वार 24 मई ( संजय वर्मा)  श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन बादशाहपुर के कारोबारी रहे महंत लव चंद्र दास महाराज देवास मध्य प्रदेश स्थित श्री धर्मेश्वर महादेव मंदिर के महंत बने।  इससे पूर्व मध्यप्रदेश में ही उज्जैन के पास सोनकच्छ स्थान पर स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर आश्रम के भी महंत हैं उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन महतोली के मुकामी महंत प्रेमदास महाराज ,बाबा हरिहर पुरुषोत्तम धाम के महंत बाबा कमल दास, महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास महाराज सहित संत जनों ने बधाई दी है। यहां यह बताते चलें कि  द्वापर युग मे जब पांडव अज्ञात वास काट रहते थे उस समय घूमते घूमते   नर्मदा तट जो आज के समय मध्य प्रदेश में है वहा पर धर्म राज युधिष्ठर ने शिव लिंग स्थापित किया था । जो कि आज धर्मेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध है।

 पुनासा डेम बनने के बाद वो डूब क्षेत्र में आने से वहां से शिव लिंग निकलवाकर सतवास से लगभग 15 km दूर खंडवा रोड पर पोखर बुजुर्ग गांव मे



ब्रम्हलीन महंत श्री काशी मुनि जी ने दुबारा स्थापना करवाया था।

 उसी मन्दिर के महंत श्री काशीमुनि जी महाराज उदासीन के ब्रम्हलीन होने बाद उनके 17वी के श्रद्धांजलि सन्त भंडारे मे समस्त  षड् दर्शन सन्त समाज की पावन उपस्थिति में श्री पिपलेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री लवचन्द्र दास  महराज उदासीन को धर्मेश्वर महादेव मंदिर का  वर्तमान  महंत  बनाया गया। 

एस एम जे एन पीजी कॉलेज में हुआ योग पर विशेष व्याख्यान

 *योग है भारत की प्राचीन परम्परा का अमूल्य उपहार: प्रो. भारद्वाज*

 *मस्तिष्क और शरीर की एकता का प्रतीक है योग: डाॅ. बत्रा*




हरिद्वार 23 मई, ( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार   )एस.एम.जे.एन. काॅलेज के व्याख्यान कक्ष में आज काॅलेज के आन्तरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ द्वारा ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ एवं अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-2022 हेतु योग विशेषज्ञ द्वारा ‘योग पर विशेष चर्चा’ व्याख्यान का आयोजन किया गया। 

विशेषज्ञ प्रो. ईश्वर भारद्वाज, एकेडेमिक डीन देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं को अपने सम्बोधन में कहा कि आज योग को पूरे विश्व में असाध्य रोगों से निपटने के लिये अपनाया जा रहा है, हम जैसे-जैसे अपनी संस्कृति से दुनिया को अवगत करायेंगे, महाशक्ति के रूप में उभरते जायेंगे। प्रो. भारद्वाज ने सूर्यास्त से पूर्व भोजन पर बल देते हुए बताया कि हार्टअटैक, मधुमेह, श्वास जैसी गम्भीर बीमारियों में दवा के साथ-साथ योग का भी अभ्यास करा जाये तो बेहद सकारात्मक नतीजे सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि योग के आठ अंग यम, नियम, प्राणायाम, आसन, ध्यान, धारणा, प्रत्याहार एवं समाधि के अन्तर्गत सम्पूर्ण जीवन का सार एवं जीवनशैली को प्रतिबिम्बित करता है। प्रो. ईश्वर भारद्वाज ने सही भोजन व आहार लेने की छात्र-छात्राओं से अपील की। डॉ भारद्वाज ने छात्र छात्राओं से जंक फूड के सेवन नहीं करने का आग्रह किया.

काॅलेज प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि योग कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी सहित विभिन्न बीमारियों से लड़ने में कारगर है और इसकी वैज्ञानिक पुष्टि भी होती है। योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है, यह मस्तिष्क और शरीर की एकता का प्रतीक है। योग को साधना का माध्यम बताते हुए डाॅ. बत्रा ने कहा कि योग भारत में हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता व संस्कृति है जिसके द्वारा अनेक प्रकार की असाध्य रोगों का निदान सम्भव है। योग साधना में पारंगत छात्र-छात्रायें इसे रोजगार आजीविका साधन के रूप में अपना सकते हैं। 

अधिष्ठाता छात्र कल्याण अधिष्ठाता डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि वर्तमान में योग की महत्व को देखते हुए महाविद्यालय में पन्द्रह दिवसीय एक योग-शिविर दिनांक 06 जून, 2022 से 20 जून, 2022 तक चलाया जायेगा। इच्छुक छात्र-छात्रा दिनांक 31 मई, 2022 तक अपना योग-शिविर के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लें। महाविद्यालय द्वारा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को योग शिविर का प्रतिभाग प्रमाण-पत्र, योगा किट, योगा मेट एवं योगा कैप भी प्रदान की जायेगी। 

मुख्य अनुशासन अधिकारी डाॅ. सरस्वती पाठक कहा कि योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है। तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। इससे पूर्व मुख्य अतिथि का फूल मालाओं से स्वागत किया गया।

इस अवसर डाॅ. मन मोहन गुप्ता, डाॅ. तेजवीर सिंह तोमर, डाॅ. जे.सी. आर्य, डाॅ. नलिनी जैन, डाॅ. सुषमा नयाल, विनय थपलियाल, पूर्व छात्र  संघ अध्यक्ष एवं शहर व्यापार मण्डल महामंत्री अमन शर्मा, डाॅ. रजनी सिंघल, डाॅ. लता शर्मा, श्रीमती रिचा मिनोचा, डाॅ. रीना मिश्रा, डाॅ. मनोज सोही, डाॅ. शिवकुमार चैहान, विनीत सक्सेना, डाॅ. रेनू सिंह, अमिता मल्होत्रा, डाॅ. विजय शर्मा,   डाॅ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, डाॅ. प्रज्ञा जोशी, डाॅ. पुनीता शर्मा, डाॅ. पदमावती तनेजा, अंकित अग्रवाल, एम.सी. पाण्डेय, महिमा नागयान, नेहा गुप्ता, डाॅ. विनीता चैहान, रूचिता सक्सेना, डाॅ. मोना शर्मा, डाॅ. आशा शर्मा, प्रिंस श्रोत्रिय, संतोष, कु. पूजा, योगेश्वरी सहित काॅलेज की पूर्व छात्र हिमांशी, वर्तमान छात्र साक्षी, कृतिका शर्मा, प्रियंका पासवान, अनु, पूजा जैसवाल, रनबीर, मनोज कुमार, गोविन्द सिंह, आशीष कुमार, तनीषा बुराकोटी, अनन्या शाह, रेशु, विनय शर्मा, रचना पाल, भव्या जोशी, रवि ठाकुर, हर्षित, आयुष, सिमरन, आयुषी यादव, देवेश, आश्मी, गौरी जगता, अर्शिका, अंजली भट्ट, शबा रहमान, फैजा राव, महिमा, रणजीत सिंह, हर्ष कश्यप, शिवा, बिट्टू, आर्यन शर्मा, मयंक यादव, मुकुल सिंह, विशाल बंसल, गौरव बंसल, मुस्कान मलिक, प्रीति तिवारी सहित अनेक छात्र छात्र-छात्रा उपस्थित थे।

आर एस एस का शिक्षा वर्ग हुआ प्रारंभ

 *नियमित व सयंमित दिनचर्या ही व्यक्ति निर्माण में महत्त्वपूर्ण : महेन्द्रजी* 

 *-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष प्रारम्भ* 

 *हरिद्वार 23 मई( संजय वर्मा) 



राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष हरिद्वार भेल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2 में प्रारम्भ हो गया है।

21 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग में पशिचम उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड क्षेत्र (संघ दृष्टि से तीन प्रान्त बृज, मेरठ व उत्तराखन्ड) के 500 शिक्षार्थी भाग ले रहे है। 

उदघाटन सत्र में स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र प्रचारक महेंद्र जी ने कहा कि राष्ट्र,धर्म,समाज के लिए अपने को तैयार करना है। इसके लिए आप सभी अपने व्यस्तम समय मे से 21 दिन स्वयं के निर्माण में दे रहे है। स्वयं को मेहनत की भट्टी में तपा कर राष्ट्र को समर्पित करने की भावना प्रत्येक स्वयंसेवक में होती है। समयबद्ध व नियमबद्ध तरीके से अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित कर अपनी सांसरिक जिम्मेदारियों के साथ राष्ट्र व समाज के निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।भाग दौड़ की जिंदगी में अपनी व्यस्ताओं में से भौतिक जिम्मेदारियों में रहते हुए समाज के लिए किस प्रकार समय निकल कर कार्य किया जा सकता है, यह सब सीखने का समझने को मिलेगा।

वर्ग पालक व क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम जी ने वर्ग में उपस्थित अधिकारियों व व्यवस्था में लगे कार्यकर्ताओ का परिचय कराते हुए बताया कि 2 वर्ष कोरोनाकाल के बाद इस वर्ष संघ शिक्षा वर्ग आयोजित हुए है। कार्यकर्ता 2 वर्षो से वर्ग का इंतजार कर रहे थे। कार्यकर्ताओं में बेहद उत्साह है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में यह वर्ग चार वर्ष के अंतराल पर हो रहा है। इससे पूर्व 2018 में द्वितीय वर्ष हरिद्वार में आयोजित हुआ था। पदमजी ने बताया कि शिक्षा वर्ग द्वितीय में आने से पूर्व प्रतिभागी कार्यकर्ताओ का शरीरिक व बौद्धिक स्तर पर साक्षात्कार होता है। इसमें उत्तीर्ण होने पर ही वह प्रशिक्षिण के लिए यहां आए है। उन्होंने बताया कि द्वितीय वर्ष करने वाले सभी शिक्षार्थी प्राथमिक व प्रथम वर्ष प्रशिक्षित होते है। 22 दिन तक सभी कार्यकर्ता अपना पूरा समय वर्ग में ही देंगे। 12 जून को दीक्षित के साथ संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इससे पूर्व क्षेत्र सञ्चालक सूर्यप्रकाश टाँक व क्षेत्र प्रचारक महेंद्र जी ने वर्ग में बने विशेष धर्मिक ग्रन्थालय का लोकार्पण किया।

इस मौके पर क्षेत्र सञ्चालक सूर्यप्रकाश टाँक, वर्गाधिकारी व उत्त्तराखण्ड प्रान्त कार्यवाह दिनेश सेमवाल,वर्ग कार्यवाह व मेरठ प्रान्त सम्पर्क प्रमुख विजय कुमार, वर्ग सर्वव्यवस्था प्रमुख अनिल गुप्ता, सह व्यवस्था प्रमुख अंकित कुमार आदि मुख्य थे।

रोहन सूद ने दो गोल्ड मेडल जीत कर किया हरिद्वार का नाम रोशन

 देवभूमि शूटिंग ट्रेनिंग अकेडमी के बच्चों ने 7 गोल्ड व 5 रजत पदक किये अपने नाम  

हरिद्वार 23 मई (वीरेंद्र शर्मा संवादाता गोविंद कृपा हरिद्वार ) 


उत्तराखंड में चल रही स्टेट चैंपियनशिप में देवभूमि शूटिंग ट्रेनिंग अकेडमी के बच्चों ने 7 गोल्ड व 5 रजत पदक हासिल कर तीर्थ नगरी हरिद्वार का अपनी शूटिंग रेंज एवं कोच योगेन्द्र यादव का नाम रोशन करने का काम किया है |

देवभूमि शूटिंग रेंज के बच्चे कड़ी मेहनत कर रहे है व समय समय पर स्टेट लेवल नेशनल लेवल पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते रहते हैं |

हाल ही में देहरादून में आयोजित स्टेट चैंपियनशिप में 10 मी०एयर रायफल में अविका धीमान (गोल्ड) अभिदेव चौहान (गोल्ड) रोहन सूद (२ गोल्ड), तनिष राठी (गोल्ड), वैभव शर्मा (गोल्ड), सोनम (सिल्वर), विशाल कुमार (सिल्वर), काव्यांश अग्रवाल (सिल्वर), वैदिक चौहान (सिल्वर), अभिदेव (गोल्ड एवं सिल्वर) पदक जीते एवं आकर्षित वत्स, प्रणव प्रताप सिंह, जतिन सिंह, तन्मय, देवंशी जैन प्रेरणा उपाध्याय, आशीष सैनी, विशाल डोगरा, अखिलेश चौहान आदि बच्चों ने प्री नेशनल में जाने का स्थान बनाया व सीनियर प्लेयर हर्षदीप सिंह ने बच्चो प्रोत्साहित किया | 

इसी उपलक्ष्य में आज देवभूमि शूटिंग अकेडमी में बच्चो के अभिभावकों के साथ हरिद्वार के प्रसिद्ध समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा, विशाल गर्ग, विनोद मित्तल व कोच योगेन्द्र यादव ने बच्चो को सम्मानित किया एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी प्रकार से अच्छा प्रदर्शन करने का आशीर्वाद दिया।

अजर धाम पहुंचे केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री

 केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री ने किया स्वामी  अजरानंद अंध विद्यालय  आश्रम का निरीक्षण

 हरिद्वार 22 मई ( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार )  दृष्टिहीन दिव्यांगों  को समर्पित स्वामी अजरानंद  अंध विद्यालय एवं स्वमी अजरानंद  महिला आश्रम ट्रस्ट के द्वारा संचालित स्वामी अजरानंद  अंध विद्यालय आश्रम में रहने वाले दृष्टिहीन दिव्यांगों से मिलने रविवार को,  अचानक केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह पहुंचे उनके साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी टी आर मलेथा ने भी स्वामी अजरानंद  महिला आश्रम ट्रस्ट के द्वारा संचालित स्वामी अजरानंद  अंध विद्यालय और वहां पर रहकर पढ़ने वाले दृष्टिहीन दिव्यांगों से मिलकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संस्था की प्रशंसा की स्वामी अजरानंद नंद महिला आश्रम ट्रस्ट एवं  विद्यालय के संचालक स्वामी स्वयंमा नंद महाराज ने बताया कि रविवार को अचानक केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह अजर धाम पहुंचे जहां पर उनका संस्था के पदाधिकारियों एवं नेत्रहीन दिव्यांग बच्चों ने स्वागत किया । आश्रम में चल रही विभिन्न गतिविधियों का उन्होंने जायजा लिया और नेत्रहीन बच्चों को दी,  जा रही सुविधाओं,  शिक्षा  के प्रति संतोष प्रकट किया ।उन्होंने कहा कि स्वामी अजरानंद महाराज के द्वारा स्थापित यह विद्यालय वास्तव में दृष्टिहीन दिव्यांग बच्चों की सेवा में संलग्न है ।  जो स्वयं विद्यालय की समस्त गतिविधियों को बिना सरकार की किसी मदद के संचालित कर रहा है। उन्होंने  स्ववित्त पोषित संस्था के संचालकों के प्रति मंगलकामनाएं प्रकट करते हुए इस मानवीय कार्य के लिए संस्था की भूरी भूरी प्रशंसा की, जिला समाज कल्याण अधिकारी पीएस मलेथा ने भी स्वामी अजरानंद  विद्यालय में किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह को प्रदान की केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह ने संस्था के उन्नयन के लिए हर प्रकार की मदद  के लिए आश्वासन दिया । इस अवसर पर रमेश कुमार ,मुंशी राम , पूर्व बाल कल्याण समिति के चेयर पर्सन





विनोद शर्मा सहित अजर  धाम में रहकर पढ़ने वाले नेत्रहीन   दिव्याग उपस्थित रहे ।

प्रेस क्लब बहादराबाद के अध्यक्ष बने प्रवीण के पेगवाल

 प्रवीण पेगवाल बने अध्यक्ष, मनीष कुमार पाल महामंत्री 


*** प्रेस क्लब बहादराबाद के चुनाव संपन्न


*** विकास सैनी को मिला कोषाध्यक्ष का भार 


हरिद्वार/ बहादराबाद 22 मई (आर एस मान,  संवाददाता गोविंद कृपा बहादराबाद )



प्रेस क्लब सिडकुल,  बहादराबाद के वार्षिक चुनाव बहादराबाद के बाल सदन स्कूल में संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारी बिजेंद्र शीर्षवाल ने चुनाव परिणाम की घोषणा करते हुए बताया कि सिडकुल बहादराबाद के वार्षिक चुनाव में अध्यक्ष पद पर प्रवीण पेंग्वाल को चुना गया। वहीं महासचिव पद पर मनीष कुमार पाल और कोषाध्यक्ष विकास सैनी निर्वाचित हुए।‌ उन्होंने बताया कि  अध्यक्ष पद के लिए प्रवीण पेगवाल और विनय चौहान के बीच मुकाबला था। जिसमें 18 सदस्यों ने मतदान में भाग लिया। जिसमें प्रवीण पेंग्वाल को 11 और विनय चौहान को 7 मत पड़े। प्रवीण पेंग्वाल ने 4 से मतो जीत हासिल कर अध्यक्ष पद हासिल किया।  जबकि महामंत्री पद पर मनीष कुमार पाल और कोषाध्यक्ष पद पर विकास सैनी सर्वसम्मति से चुने गये। इसके पूर्व  चुनाव अधिकारी पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष अनिल सिरस्वाल ने नामांकन पत्र दाखिल कराए। उसके बाद नामांकन पत्रों की जांच की गई। नामांकन पत्रों की जांच के बाद मतदान शुरू हुआ।  चुनाव अधिकारी अनिल शीर्षवाल ने प्रवीण पेगवाल को चार मतों से विजय घोषित कर दिया। इस दौरान डॉ.अर्जुन नागयान, मनीष कुमार पाल, विनय चौहान, राजीव शास्त्री, करण सिंह चौहान, महिपाल शर्मा, भारत भूषण चंदेला, संजय कुमार, सुखदेव, विशाल कुमार, धर्मराज सिंह, रणविजय, मनोज यादव, अमन, राव सब्बुर, आदि मौजूद थे। 

पाक्षिक पत्रिका हिमालय हुंकार में छपा कमल किशोर डुकलान का लेख

 !!"स्वाधीनता के 75 वर्ष और मैं"विशेषांक का विमोचन!!


देहरादून 22 मई( कमल किशोर डुकलान  )


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखंड के प्रचार विभाग के अन्तर्गत विश्व संवाद केंद्र देहरादून द्वारा नारद जयंती (पत्रिकारिता दिवस) का आयोजन किया गया।

विश्व संवाद केंद्र देहरादून द्वारा पाक्षिक रुप से प्रकाशित पत्रिका हिमालय हूंकार के विशेषांक "स्वाधीनता के 75 वर्ष और मैं" नामक शीर्षक के विमोचन के अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री सुंधाशु त्रिवेदी जी के विचारों को कार्यक्रम में वक्ता के रुप में सुनने का अवसर प्राप्त हुआ।

 कार्यक्रम में श्री सुंधाशु त्रिवेदी जी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस सृष्टि के आद्य पत्रकार नारद जयंती ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया से मनाने की प्रथा है। नारद जी एक लोक हितेशी ऐसे पत्रकार थे जो तीनों लोकों में घटित घटना को पूर्व में ही आभास करा देते थे। दुर्भाग्य से आज समाज में नारद जी की छवि को एक तमाशबीन छवि बना दी गई है।

 विश्व संवाद केंद्र देहरादून द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुझे भी लेखक के रूप में आमंत्रित किया गया। हिमालय हूंकार पत्रिका के विशेषांक " स्वाधीनता के 75 वर्ष और मैं" नामक शीर्षक में"स्वतंत्रता के 75 वर्षों में भारत की गौरवशाली यात्रा" नामक लेख को विशेषांक में स्थान मिला इसके लिए आयोजन समिति एवं सम्पादक मंडल का ह्रदय की गहराइयों से हार्दिक आभार एवं साधुवाद।

ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट ने सरकार का किया आभार प्रकट

 सस्ते डीजल पेट्रोल से जनता को मिलेगी राहत:- सरदार  डी एस  मान 

हरिद्वार 22 मई  ( संजय वर्मा 


)    ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के स्टेट प्रेजिडेंट  सरदार डी एस मान ने  केंद्र सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीजल और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम कर पेट्रोल डीजल के रेट कम करवाए हैं उससे आम आदमी और ट्रांसपोर्ट उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी । उन्होंने कहा कि  गरीब आदमी को राहत पहुंचाने के लिए उज्वला गैस सिलेंडर पर जो ₹200 की छूट केंद्र सरकार ने दी है, उससे गरीब आदमी के घर भी चूल्हा जल पाएगा । सरदार डी एस मान ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बहुत समय से ट्रांसपोर्ट उद्योग महंगे तेल और डीजल से त्रस्त था  इस छूट से जहां ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलेगी वहीं माल भाड़े में भी कमी आने से महंगाई की दर घटेगी । सरदार डीएस मान ने उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट कॉन्ग्रेस की ओर से केंद्र सरकार का आभार प्रकट किया।

महंत बद्री नारायण गिरी ने स्वामी विवेकानंद एकेडमी को उपहार स्वरूप दिए पंखे


श्यामपुर कांगड़ी 22 मई (वीरेंद्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) प्रगत भारत संस्था द्वारा सेवार्थ संचालित विद्यालय स्वामी विवेकानंद अकैडमी जूनियर हाई स्कूल ग्राम कांगड़ी ब्लॉक बहादराबाद में विद्यालय के संरक्षक व मार्गदर्शक महंत श्री बद्री नारायण गिरी जी की कृपा से विद्यालय में 20 पंखो का सहयोग कार्य संपन्न हुआ।  महाराज जी द्वारा समय-समय पर विद्यालय में इस प्रकार के सहयोग कार्य निरंतर कराए जाते हैं महाराज जी की प्रेरणा से श्री सुनील कुमार चेयरमैन जी ने सपरिवार विद्यालय में आए व इस पुनीत कार्य में सहयोग दिया।

महंत श्री बद्री नारायण गिरी जी ने सभी को आशीर्व


चन दिया। व विद्यालय में ऊपर लेंटर डलवाने में सहयोग के लिए भी आश्वासन दिया।

 संस्था अध्यक्ष सुदीप बनर्जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 विद्यालय परिसर में विद्यालय के समस्त अध्यापक गण मीनाक्षी भट्ट, आरती सैनी, मीनू सैनी, कविता बनर्जी, पंडित नवीन चंद्र जोशी जी, अंकिता, प्रताप थापा, प्रकाश, सभी उपस्थित रहे

एस एम जे एन (पी जी ) कॉलेज में मनाया गया जैव विविधता दिवस

 जैव विविधता का संरक्षण सतत विकास के लिए आवश्यक   डॉ बत्रा

हरिद्वार 22 मई ( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) हिमालय को देश की इकोलॉजिकल राजधानी माना जाता हैं यह विचार  जैव विविधता दिवस पर व्यक्त करते हुए हिमालय क्लब के अध्यक्ष  एवं एस एम जे एन पी जी कालेज के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि स्वस्थ वातावरण ही हमारे जीवन का आधार है. 

जैव विविधता का संरक्षण सतत विकास के क्रम में


अत्यधिक आवश्यक है. हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का अनुकूलतम प्रयोग करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी भी इन प्राकृतिक संसाधनों का लाभ उठा सके. मानव जाति पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता है  . विकास की उच्चतम उपलब्ध्यिां मनुष्य उसी समय प्राप्त कर पायेगा, जब वह प्राकृतिक सम्पदा का विवेकपूर्ण उपयोग करेगा.  जैव विविधता का मानव जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है तथा इसके बिना जीवन   की कल्पना भी संभव नहीं है  . विश्व की  11 प्रतिशत आर्थिकी जैव विविधता पर निर्भर करती हैं

डॉ बत्रा ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में आक्रमणकारी प्रजातियों जैसे लेटाना क्रमारा, कैलेप्टोकार्पस वायलिस, हिपिट्स, पार्थेनियम आदि प्रजातियों का फैलाव बहुत तेजी से होने के कारण स्थानिक प्रजातियों के अस्तित्व पर भी गहरा संकट बना है. यह आक्रमणकारी प्रजाति न केवल खाद्य सुरक्षा के लिए चुनौती है अपितु पशुधन उपज की गुणवत्ता एवं उसकी मात्रा को भी प्रभावित कर रही है . इसकी रोकथाम के लिए जनभागीदारी ही महत्वपूर्ण उपाय है

  इस अवसर पर डॉ सरस्वती पाठक ने कहा कि जैव-विविधता एक श्रृंखला है जिसमें अगर एक भी कड़ी टूटती है तो मानव जीवन संकट में पड़ सकता है.  उन्होंने कहा कि हमारा शरीर पंच मूलतत्व यानि जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी व आकाश से बना है  . अतः इनके असन्तुलन से मानव जीवन पर भारी खतरा पैदा हो सकता है  . 

इस अवसर पर डॉ जे सी आर्य, सी ए दीपक अग्रवाल, वैभव बत्रा, एम सी पांडे डॉ सुगन्धा वर्मा, रिकंल गोयल,अमिता मेहरोत्रा, दिव्यांश शर्मा,  डा लता शर्मा, आलोक कुमार, प्रिंस श्रोत्रिय, आदि उपस्थित रहें.

जीएसटी को लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारियों की अधिकारियों के साथ हुई बैठक

 रुड़की 21 मई (अनिल लोहानी वरिष्ठ संवाददाता गोविंद कृपा रुड़की )


उत्तराखंड राज्य कर विभाग रुड़की के सभागार कक्ष में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारियों एवं संयुक्त आयुक्त कार्यपालक राज्य कर विभाग हरिद्वार अजय कुमार के मध्य जीएसटी से संबंधित समस्याओं को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें राज्य कर विभाग के सभी प्रमुख अधिकारीगण  अभय कुमार पांडे  ,पी पी शुक्ला, तारकेश्वर मिश्रा, पूनम राजपूत, अनंत ,रजनीश आदि अनेक अधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. 

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता, प्रदेश महामंत्री नवीन गुलाटी, संयोजक रामगोपाल कंसल, महानगर अध्यक्ष चौधरी धीर सिंह रोड, महानगर महामंत्री दीपक अरोड़ा एवं कवीश मित्तल, जिला अध्यक्ष अनुज अग्रवाल, नगर प्रभारी भरत कपूर, जिला महामंत्री रतन अग्रवाल, विजय गोयल, विशाल वर्मा अध्यक्ष सिविल लाइन व्यापार मंडल आदि अनेक व्यापारी बंधु उपस्थित रहे तथा जीएसटी से संबंधित अपनी समस्याओं को संयुक्त आयुक्त कार्यपालक को अवगत कराया उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए कहा कि जल्द ही आपकी समस्याओं का निराकरण करने और करवाने  का प्रयास किया जाएगा. निरंतर जीएसटी से संबंधित समन्वय बैठकों का आयोजन राज्य कर विभाग के इस कार्यालय में होता रहेगा सभी व्यापारियों से अनुरोध भी है की सभी पंजीकृत व्यापारी अपने प्रतिष्ठान के बाहर बोर्ड पर अपना जीएसटी नंबर अवश्य उल्लेखित करें जिससे भविष्य में होने वाली जांच प्रभावित ना हो बाहर से पढ़ कर ही राज्य कर विभाग के अधिकारी उस संबंधित प्रतिष्ठान से संबंधित जानकारी जुटा सकते हैं, जिससे व्यापारी को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा अन्यथा विभागीय जांच निरंतर चलती रहती हैं प्रतिष्ठान के बाहर नंबर उल्लेखित ना होने के कारण व्यापारी से पूछताछ करनी पड़ती है जिससे व्यापारी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है समय-समय पर इस प्रकार की बैठकों का आयोजन कर के व्यापारियों की समस्याओं का निदान किया जाएगा प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने संयुक्त आयुक्त को आश्वस्त किया कि व्यापारियों का पूरा सहयोग विभाग को निरंतर मिलेगा परंतु फूड ग्रेन में ब्रांड और नॉन ब्रांड से संबंधित टैक्स की एक विषमता उत्पन्न हो गई है जिसको जीएसटी काउंसिल के द्वारा समाप्त कर देना चाहिए जिससे फूड ग्रेन के व्यापारी एक ही टैक्स दर में कार्य कर सकें इस पर भी चर्चा हुई तथा राज्य कर विभाग के सचल दस्ते के द्वारा व्यापारियों का निरंतर उत्पीड़न किया जाता है इस बारे में भी संबंधित समस्याओं से अवगत कराया गया इस पर उन्होंने भविष्य में सहयोग करने का आश्वासन दिया. 

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अजय गुप्ता नवीन गुलाटी रामगोपाल कंसल चौधरी धीर सिंह रोड दीपक अरोड़ा कविश मित्तल अनुज अग्रवाल विजय गोयल रतन अग्रवाल  भरत कपूर के द्वारा इस संदर्भ में एक ज्ञापन भी संयुक्त आयुक्त कार्यपालक अजय कुमार को दिया गया जिस पर उन्होंने कार्यवाही करने का और जीएसटी काउंसिल में अपनी अनुशंसा सहित भिजवाने का आश्वासन दिया. 



महारुद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट के सफल संचालन के 8 वर्ष हुए पूरे

मातृ शक्ति को आत्मनिर्भर करने हेतु कृतसंकल्पित है, महारूद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट: मीनू चौधरी 



*** महारुद्रा एजुकेशन इंस्टिट्यूट का 8वां  स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया


हरिद्वार 21 म ई  ( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) फैशन डिजाइनिंग एवं कौशल शिक्षा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले महारुद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट का स्थापना दिवस  नन्दपुरी, आर्यनगर, हरिद्वार में स्थित इंस्टीट्यूट में मनाया गया। संस्था की निदेशक मीनू चौधरी ने बताया कि  21मई, 2014 को महारूद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई थी। तब से निरंन्तर संस्थान में नारी सशक्तिकरण हेतु कौशल शिक्षा के क्षेत्र में प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि *महारुद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट* को 8 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इंस्टिट्यूट की मैनेजिंग डायरेक्टर  मीनू चौधरी ने कहा कि 21 मई 2014 से एक स्वप्न को साकार करने का प्रयास किया। जिसमें तमाम बाधाओं को पार करते हुए मुकाम हासिल किया है। मीनू चौधरी ने कहा कि महारूद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट लगातार कीर्तिमान गढ़ते हुए आज भी मजबूती दृढ़ निश्चय से मंजिल की ओर अग्रसर  है। उन्होंने कहा कि यह कहते हुए अत्यंत हर्ष एवं गर्व है कि महारुद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षित बालिकाएं युवतियां आत्मनिर्भरता प्राप्त कर परिवार और समाज की आर्थिक रीढ़ बन सहयोग कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि यदि स्वयं पर विश्वास हो और कुछ करने की चाह हो तो कठिन से कठिन चुनोतियाँ आपका रास्ता नही रोक सकती।‌ मीनू चौधरी ने कहा कि प्रतिष्ठा, स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता, पुरस्कार में नही मिलते, इन्हें प्राप्त करने के लिए सबसे पहले स्वयं से द्वंद कर फिर समाज, परिवार की जिम्मेदारियों, बहुत सी दुर्बलताओ, जटिल तंत्र, बेरहम व्यवसायिक प्रतियोगितायों, से जूझना पड़ता है। परन्तु एक नारी ठान ले तो यह सब आसान हो जाता है और मुझे गर्व है कि महारुद्रा एजुकेशन इंस्टीट्यूट ऐसी जुझारू नारी शक्तियों को आत्मनिर्भर करने हेतु कृतसंकल्पित है। मीनू चौधरी ने प्रबन्धन और छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए  पंक्तियां पढ़ी 

_अभी तो चंद कदम चले हैं रास्ता बाकी है, मंजिल दूर ही सही हौंसला काफी है।_

_ख्वाब एक बादल का टुकड़ा नही, अभी सारा आसमां हासिल करना बाकी है।_



इस अवसर पर अंजलि पंवार, लक्ष्मी त्यागी, अन्नू, मनदीप, ऋतु, नैना, शालू, ऋतुजा, शिवा, प्रियंका,पूजा,पायल, दिव्या,आदि मौजूद रहे।

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