सरदार पटेल की जयंती पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय और गायत्री विद्यापीठ में आयोजित हुई रन फॉर यूनिटी

 देसंविवि व गायत्री विद्यापीठ में रन फॉर यूनिटि का आयोजन


हरिद्वार 31 अक्टूबर। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ शांंतिकुंज में भारतरत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में उत्साह पूर्वक मनाया गया।

अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार के अभिभावकद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री व भारतरत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी सही मायनों में राष्ट्र के एकीकरण के सूत्रधार थे। श्री पटेल जी को दृढ़ इच्छा शक्ति वाले व्यक्तित्व के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने अपने नेतृत्व कौशल से भारत की छोटी-बड़ी अनेक रियासतों को भारत का एक अभिन्न हिस्सा बनाया।  विपति परिस्थितियों में भी अपने निर्णयों पर अटल रहने वालों के लिए श्री पटेल जी एक उदाहरण है। इसके साथ ही देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में कुलपति आदरणीय श्री शरद पारधी एवं प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ चिन्मय पण्ड्या जी के नेतृत्व में विविध आयोजन हुए।

वहीं विद्यापीठ परिसर में गायत्री विद्यापीठ के व्यवस्था मण्डल की प्रमुख श्रीमती शेफाली पण्ड्या सहित समस्त शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने भारतरत्न श्री पटेल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। पश्चात देश को एकसूत्र में बाँधने वाले राष्ट्रीय एकता, अखण्डता के सूत्रों को याद किया गया। गायत्री विद्यापीठ के प्रधानाचार्य श्री सीताराम सिन्हा ने


विद्यार्थियों को देश की अखण्डता एवं संप्रभुता के लिए शपथ दिलाई तथा रन फॉर यूनिटि का आयोजन हुआ।

एसएम जैएन कॉलेज के विद्यार्थियों ने ली राष्ट्र की एकता अखंडता को कायम रखने की प्रतिज्ञा

 सशक्त भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है भ्रष्टाचार मुक्त भारत: श्री महन्त रविन्द्र पुरी 

श्रीमहन्त ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को दिलायी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा 

हरिद्वार 31 अक्टूबर, ( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार )


एस.एम.जे.एन.पी.जी. काॅलेज में आज बी.एच.ई.एल रानीपुर तथा महाविद्यालय के आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व काॅलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री महन्त श्री महन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज अध्यक्षता में भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2023 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज व प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा द्वारा समस्त शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को सत्यनिष्ठा  की प्रतिज्ञा दिलायी गयी। 

इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व काॅलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री महन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे देश की आर्थिक, राजनीतिक तथा सामाजिक प्रगति में भ्रष्टाचार एक बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि सशक्त भारत के निर्माण के लिए भ्रष्टाचार मुक्त भारत आवश्यक है। भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने के लिए सभी सम्बन्धित पक्षों सरकार, नागरिकों तथा निजी क्षेत्रों को एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म दिवस और भ्रष्टाचार मुक्त भारत की शपथ दोनों का एक ही दिन समारोह आयोजित होना केवल मात्र एक संयोग नहीं है अपितु इस बात का स्पष्ट द्योतक है कि सशक्त और एकीकृत भारत का निर्माण का पथ भ्रष्टाचार विहीन भारत से ही होकर गुजरेगा। 

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में काॅलेज के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि वास्तव में जन जागरूकता ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत की नींव का पत्थर है। यह प्रत्येक युवा का दायित्व है कि वह न तो रिश्वत दे और न ही रिश्वत ले। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक युवा अपने अधिकारों एवं नागरिक सुविधाओं को प्राप्त करने के अपने दायित्व के साथ न्याय करे और किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार का सहारा न ले। डाॅ. बत्रा ने छात्र-छात्राओं को भ्रष्टाचार निरोधी शपथ दिलवाते हुए रेखांकित किया कि विकसित भारत की नींव भ्रष्टाचार मुक्त भारत ही रखेगा।

इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. संजय माहेश्वरी ने कहा कि भारत की जनता के मन मस्तिष्क में दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से भ्रष्टाचार की सामाजिक सहमति बनती जा रही है और इसे बदलने की आवश्यकता है और युवा भ्रष्टाचार निरोधी मुहिम को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं। 

भेल के वरिष्ठ प्रबन्धक विवेक कुमार ने छात्र-छात्राओं को सतर्कता क्विज की आधारभूत जानकारी देते हुए बताया कि सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी के गुणों से युक्त युवा ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत के स्वप्न को साकार कर सकता है। भेल के प्रबन्धक मनोज कुमार ने क्विज का संचालन किया तथा भेल के प्रबन्धक केशव कुमार शर्मा ने उसमें सहयोग किया। क्विज संचालन के सहयोग के लिए महाविद्यालय से श्रीमती रूचिता सक्सेना, डाॅ. शिवकुमार चौहान, डाॅ. विनीता चौहान, डाॅ. सरोज शर्मा, डाॅ. विजय शर्मा व दिव्यांश शर्मा आदि उपस्थित थे।  

इस अवसर पर एक स्पीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें श्री महन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज ने प्रथम पुरस्कार विजेता को रुपये पांच हजार, द्वितीय पुरस्कार विजेता को तीन हजार तथा तृतीय पुरस्कार विजेता को रुपये दो हजार तथा सांत्वना पुरस्कार प्राप्त विजेता को रुपये एक हजार नगद देकर सम्मानित किया। 

प्रतियोगिता में निशी, आंकाक्षा भारद्वाज, अक्षत शर्मा, गरिमा राजपूत, स्मिता रायल, सौरभ सैनी, अमूल्य सक्सेना, नेहा, गौरव बंसल, अदिति सौदाई, भावेश पंवार, तृप्ति, तनीषा बुराकोटी, देव सूर्यवंशी, आदित्य नौटियाल, मनीषा, रिया कश्यप, जानवी कपूर, तनुज बहुगुणा, मोहन श्याम वशिष्ठ तथा आंकाक्षा चौहान ने प्रतिभाग किया। 

प्रतियोगिता में बी.ए. तृतीय के मोहन श्याम ने प्रथम, बी.काॅम. तृतीय के अक्षत शर्मा ने द्वितीय, बी.ए. द्वितीय की तनीषा बुराकोटी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं बी.काॅम. तृतीय के छात्र देव सूर्यवंशी को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया। गौरव बंसल को सार्वभौमिक कालेज की शिक्षणेतर गतिविधियों में प्रतिभाग करने के लिए सम्मानित किया गया। 

निर्णायक मण्डल की भूमिका का निवर्हन भेल के विवेक कुमार, मनोज कुमार महाविद्यालय की डाॅ. मोना शर्मा और डाॅ. सरोज द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजनीति विज्ञान के अध्यक्ष विनय थपलियाल, श्रीमती रिचा मिनोचा, श्रीमती रिंकल गोयल, डाॅ. आशा शर्मा, डाॅ. लता शर्मा, डाॅ. अनुरीषा काॅलेज आदि उपस्थित थे। मंच का सफल संचालन डाॅ. सुगन्धा वर्मा द्वारा किया गया।

हरिद्वार भाजपा कार्यालय पर मनाई गई सरदार पटेल की जयंती


हरिद्वार 31 अक्टूबर ( संजय वर्मा ) भाजपा जिला कार्यालय हरिद्वार पर भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक आधुनिक भारत के शिल्पकार महान स्वतंत्रता सेनानी एवं भारत रत्न लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई गई।

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला ने बताया कि भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और लोह पुरुष कहे जाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत की आजादी और भारतीय रियासतों को भारत में मिलाने में अपना अहम योगदान दिया था सरदार पटेल भारत के पहले गृहमंत्री थे देश की आजादी में उन्होंने जितना योगदान दिया उससे कहीं ज्यादा योगदान उन्होंने आजाद भारत को एक सूत्र में बांधने में भी किया उन्होंने आजादी के समय अनेकों रियासतों को एकजुट किया।

जिसे हम आज भारत के नाम से जानते हैं।

आज भारत उनकी जयंती को भारतीय राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहा है स्टैचू ऑफ यूनिटी की आधारशिला वर्ष 2014 में भारत के लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिवस की 138वीं वर्षगांठ पर रखी गई थी वही स्टैचू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन वर्ष 2018 में सरदार पटेल की 142वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया गया था इसके बाद से ही यह स्थल दुनिया में पर्यटन का विशेष केंद्र बना हुआ है।

कार्यक्रम के उपरांत भाजपा जिला कार्यालय हरिद्वार में प्रथम आगमन पर उत्तराखंड सरकार के 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वन समिति के उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला का पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने शॉल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया।

 इस दौरान उन्होंने आए हुए सभी कार्यकर्ताओं का परिचय लेते हुए सरकार के द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आवाहन किया।

इस अवसर पर जिला महामंत्री आशु चौधरी, आशुतोष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, लव शर्मा, निर्मल सिंह, ओमप्रकाश जमदग्नि, संजय सहगल, अनु कक्कड़, रजनी वर्मा, बिशनपाल कश्यप, मोहित वर्मा, नेत्रपाल चौहान ,सचिन शर्मा, नकली राम सैनी, अरुण चौहान, मनोज शर्मा, गौरव पुंडीर ,अनामिका शर्मा ,डॉ प्रदीप कुमार, सतीश कुमार, अरुण चौहान ,नागेंद्र राणा, प्रणव यादव, मोहित शर्मा, तरुण नैय्यर ,हीरा सिंह बिष्ट, शीतल पुंडीर, प्रीति गुप्ता ,गीता कुशवाहा, संगीता गिरी, मोहित चौहान, तरुण चौहान ,आशीष चौधरी, विपिन शर्मा ,कमल प्रधान आदि पदाधिकारी में कार्यकर्ता मौजूद रहे

श्री शंकर करौली महादेव धाम का दीक्षा महोत्सव हुआ संपन्न

 संयम-साधना से ही होती है आत्मबल की प्राप्ति : करौली शंकर महादेव

श्री करौली शंकर महादेव धाम में त्रिदिवसीय महा सम्मेलन, ध्यान साधना शिविर एवं दीक्षा समारोह का हुआ समापन

देश-विदेश से आये 3150 साधकों को हवन, साधना के उपरान्त दी गयी मंत्र दीक्षा

हरिद्वार, 31 अक्टूबर ( अमर शदाणी  संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ) उ



त्तर भारत की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री करौली शंकर महादेव धाम, भारत माता पुरम, भूपतवाला, हरिद्वार में आयोजित त्रिदिवसीय महा सम्मेलन, ध्यान साधना शिविर एवं दीक्षा समारोह में देश-विदेश से आये 3150 साधकों को हवन, साधना के उपरान्त मंत्र दीक्षा दी गयी। समूचे विश्व भर से लगभग सवा लाख लोग इस आयोजन से ऑनलाईन जुड़े। 

महासम्मेलन के समापन के अवसर पर संस्था के परमाध्यक्ष करौली शंकर महादेव जी महाराज ने कहा कि संयम-साधना से ही आत्मबल की प्राप्ति होती है। मनुष्य अपनी शक्तियों को जाग्रत कर रोग, शोक व व्याधियों से मुक्ति पाता है। इस आयोजन के माध्यम से हजारों साधकों ने ध्यान, साधना व मंत्र दीक्षा के माध्यम से स्वयं को परिष्कृत करते हुए आत्मबल को जाग्रत करने का कार्य किया है।  

करौली शंकर महादेव जी महाराज ने कहा कि इस महासम्मेलन में हजारों साधकों को मंत्र दीक्षा दी गयी है वहीं चुनिंदा गृहस्थजन तंत्र दीक्षा के पात्र होंगे, उन्हें ही तंत्र दीक्षा का मंत्र जप के लिए प्रदान किया जायेगा। कलियगु में पहली बार गृहस्थों के लिए इतनी सरल तंत्र साधना का मार्ग खोला गया है जिसका श्रेय परम पूज्य गुरूदेव पंडित श्री राधा रमन जी मिश्र को जाता है, जिन्हांेने गुरू के रूप में मुझे मानव कल्याण के लिए इस पथ पर अग्रसर किया। उन्होंने कहा कि तंत्र दीक्षा के लिए अद्भुत व गोपनीय रूप से चयन होता है। तंत्र दीक्षा के लिए पहले मंत्र दीक्षा प्राप्त कर चुके भक्तों में से तंत्र दीक्षा के लिए कुछ लोगों को चुना जाता है। करौली शंकर महादेव जी महाराज कि वह भक्त ही तंत्र दीक्षा का पात्र होता है जो परीक्षा को उत्तीर्ण करता है।

महासम्मेलन में देश विदेश से आये हजारों साधकों ने तीन दिन तक ध्यान, साधना, हवन के उपरान्त मंत्र दीक्षा प्राप्त की। महासम्मेलन को सफल बनाने में मुख्य रूप से डॉ. उमेश सचान, अनिरूद्ध शर्मा, आशु, राहुल भामरा, दिग्गज राजपूत ने अपना योगदान प्रदान किया।

ऋषिकुल आयुर्वेदिक परिसर में मनाई गई पटेल जयंती


*राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती) के उपलक्ष्य में एकता दौड एवं राष्ट्रीय एकता की शपथ आयोजन का कार्यक्रम।*

हरिद्वार 31 अक्टूबर ( वीरेंद्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ) ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के परिसर निदेशक डा0 डी0सी0 सिंह ने सभी विभागाध्यक्ष,संकाय सदस्य, अधिकारी,कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। परिसर निदेशक डा0 डी0सी0 सिंह ने शपथ दिलाते हुए कहा कि हम सब राष्ट्र की एकता अखंडता और सुरक्षा को बनाये रखने के लिये स्वयं को समर्पित करते हुए अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का प्रयत्न करेंगे तथा अपने देश की एकता भावना से सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनायंगें। हम सभी अपने देश की आन्तरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करते हैं। कार्यक्रम के संयोजक शरीर रचना विभागाध्यक्ष डा0 नरेश चौधरी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान को राष्ट्रीय आंदोलन से लेकर आजादी के बाद भी भुलाया नहीं जा सकता, जब भारत आजाद हुआ तब देश में सैकड़ों छोटी  बड़ी रियासतें थीं , कुछ रियासतें भारत में शामिल होने के खिलाफ थीं लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी शानदार नेतृत्व क्षमता से इन रियासतों का भारतीय संघ में मिलाया और देश की अन्य विभाजन को रोका। डा0 नरेश चौधरी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल को ही भारत के भौगोलिक एवं राजनीतिक एकीकरण करने का श्रेय दिया जाता है, इसीलिए सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल एक मजबूत, अडिग और दृढ संकल्पित व्यक्तित्व के धनी थे इसलिए उन्हें लौह पुरुष भी कहा जाता है। डा0 नरेश चौधरी ने कहा कि हम सभी जो भी अपने दायित्व निर्वहन कर रहे हैं उन सभी में वल्लभ भाई पटेल को प्रेरणास्रोत मानते हुए उनके दिये आदर्शों पर चलने का भरसक प्रयास करना चाहिए तभी ऐसे महान पुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। शपथ के बाद ऋषिकुल परिसर से मालवीय चौक,पुराना रानीपुर मोड,चन्द्राचार्य चैक होते हुए वापस ऋषिकुल परिसर तक राष्ट्रीय एकता दौड भी आयोजित की गयी। जिसमें विशेषकर डा0 ओ0पी0 सिंह, डा0 खेम चन्द शर्मा, डा0 के0के0शर्मा, डा0 विशाल वर्मा,डा0 सीमा जोशी, डा0 संजय सिंह, डा0 यादवेन्द्र यादव, डा0 पारूल शर्मा, डा0 हेमप्रकाश, डा0 प्रवेश कुमार, डा0 विमल कुमार, डा0 संजय गुप्ता, डा0 शुचि मित्रा, डा0 शोभित कुमार, अरविन्द शर्मा,मंजु पाण्डेय, सुदामा जोशी, अशोक चन्द्र,अनिल सिंह नेगी,अमित सिंह, रवि शंकर आदि कर्मचारी एवं सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।


ऋषिकेश तारापीठ पहुंची पवित्र छड़ी यात्रा


 हरिद्वार . 30 अक्टूबर ( गोपाल रावत वरिष्ठ पत्रकार ) उत्तराखंड के समस्त पौराणिक तीर्थों की यात्रा पर प्रस्थान करने वाली श्री पंचदश नाम जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी आज सोमवार को शुभ मुहूर्त में सिद्ध पौराणिक पीठ माया देवी मंदिर में पूजा अर्चना के पश्चात श्यामपुर कांगड़ी स्थित श्री महंत मछंदरपुरी के आश्रम में मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर पहुंची जहां गोकर्ण पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री महंत कपिल पुरी जी महाराज महामंडलेश्वर श्री महंत कमल पुरी जी महाराज, महंत महेश पुरी ,श्री महंत शैलेंद्र गिरि ,महंत पवनपुरी की उपस्थिति में छड़ी का स्वागत किया गया वह पूजा अर्चना कर  पवित्र छड़ी का आशीर्वाद प्राप्त किया ।आचार्य महामंडलेश्वर श्री महंत कैलाश आनंद महाराज ,अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज, परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री व जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमंत हरि गिरि जी महाराज ने पवित्र छड़ी की पूजा अर्चना कर मनोकामना श्री हनुमान जी की स्तुति व स्वस्तिवाचन  के साथ पुष्प वर्षा कर पवित्र छड़ी को उत्तराखंड की यात्रा के लिए रवाना किया।

श्री महंत मछंदरपुरी आश्रम श्यामपुर से पवित्र छड़ी भूपत वाला गोकर्ण धाम पहुंची जहां विधिवत पूजा अर्चना के बाद रात्रि विश्राम के लिए ऋषिकेश स्थित तारापीठ मंदिर पहुंची ।पवित्र छड़ी के पहुंचने पर तारापीठ के पीठाधीश्वर श्री महंत संध्या गिरी जी ने पवित्र छड़ी को रात्रि विश्राम के लिए विधि विधान से मंदिर में स्थापित किय

जूनाअखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमान हरि गिरि महाराज ने बताया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कल मंगलवार को पवित्र छड़ी ऋषिकेश के पौराणिक तीर्थ माया कुंड, त्रिवेणी संगम, भरत मंदिर, तारापीठ मंदिर आदि में पूजा अर्चना कर 1 नवंबर से अपने प्रथम चरण की यात्रा विधिवत प्रारंभ करेगी। ऋषिकेश से पवित्र छड़ी लाखामंडल स्थित पांडव कालीन शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर बड़कोट में रात्रि विश्राम करेगी । 2 नवंबर को यमुनोत्री धाम के दर्शनों व पूजा अर्चना के बाद पवित्र छड़ी गढ़वाल मंडल के केदार खंड स्थित चारों धामों सहित और अन्य पौराणिक मंदिरों की यात्रा प्रारंभ करेगी।

पवित्र छड़ी यात्रा के प्रमुख अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत प्रेम गिरि महाराज ने बताया इस पवित्र यात्रा की अगवाई अखाड़े की चारों मढ़ी के श्रीमंत कर रहे हैं। जिनमे महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी महाराज महामंडलेश्वर कपिल पुरी महाराज, श्री महंत मोहन भारती, श्री महंत शिवदत्त गिरी श्रीमहंत पुष्कर राजगिरी प्रमुख है। उन्होंने बताया यह यात्रा  गढ़वाल मंडल स्थित केदार खंड तथा कुमाऊं स्थित मानस खंड के समस्त पौराणिक तीर्थों की यात्रा करेगी ।इसका समापन 24 नवंबर मायादेवी मंदिर हरिद्वार में। होगा

एसएम जैएन कॉलेज में कल होगा अर्न विद लर्न कार्यक्रम का आयोजन


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अर्न विद लर्न और संस्कृति संरक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम की तैयारी सम्पूर्ण


महाविद्यालय में किया गया आवश्यक बैठक का आयोजन 


हरिद्वार 30 अक्टूबर, महाविद्यालय में 31 अक्टूबर, 2023 को अर्न विद लर्न और संस्कृति संरक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम की समस्त तैयारी पूर्ण कर ली गयी हैं। उक्त जानकारी देते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि अर्न विद लर्न कार्यक्रम में मेहन्दी प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता के साथ-साथ साईबर सिक्योरिटी की जानकारी भी छात्र-छात्राओं को दी जायेगी, जिसके लिए समस्त तैयारी पूर्ण कर ली गयी है। 

बैठक में मुख्य रूप से अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी, विनय थपलियाल, डाॅ. अमिता मल्होत्रा, डाॅ. विनीता चौहान, डाॅ. विजय शर्मा, डाॅ. मिनाक्षी शर्मा, डाॅ. पल्लवी राणा, डाॅ. रजनी सिंघल, डाॅ. मोना शर्मा, डाॅ. आशा शर्मा, डाॅ. लता शर्मा, डाॅ. अनुरीषा सहित अनेक शिक्षक व छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।

. पतंजलि विश्वविद्यालय में मनाया जा रहा है खादी महोत्सव



देश की स्वतंत्रता, स्वाभिमान एवं आत्मगौरव का प्रतीक है खादी: प्रो0 महावीर अग्रवाल


हरिद्वार, 30 अक्टूबर। भारत सरकार द्वारा 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच खादी महोत्सव के अर्न्तगत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन पूरे देश में किया जा रहा है। इसी कड़ी में पतंजलि विश्वविद्यालय की एनसीसी ईकाई द्वारा खादी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के यशस्वी प्रति-कुलपति डॉ. महावीर अग्रवाल ने खादी महोत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के इतिहास में खादी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। देश की स्वतंत्रता, स्वाभिमान, आत्मगौरव का जीवन प्रमाण है। भयानक विभीषिका से जूझ रहा विश्व भारत की ओर आशा की दृष्टि से देख रहा है। 

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूज्य स्वामी परमार्थदेव ने खादी महोत्सव के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए बताया कि पूज्य स्वामी रामदेव जी ने स्वदेशी को पूरे भारत में स्थापित किया। अतः हम आत्मनिर्भर बनें, खादी को अधिक-से-अधिक बढ़ावा दें तथा विदेशी वस्तुओं की चकाचौंध में न खोएं।

कार्यक्रम के अर्न्तगत निबन्ध लेखन, प्रश्नोत्तरी, स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया,जिसमें एनसीसी के कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागी कैडेटस को मेडल एवं प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये। इस कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. प्रवीण पुनिया, संकायाध्यक्ष- छात्र कल्याण, डॉ. बिपिन दूबे, परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरविन्द सिंह, योग विज्ञान संकायाध्यक्ष- डॉ. ओमनारायण तिवारी, डॉ. वैशाली गौड़ा, डॉ. शिल्पा, डॉ. कपिल शास्त्री, श्री सन्दीप माणिपुरी, डॉ. अंकुर, आचार्य गौतम, डॉ. भागीरथी, डॉ. अन्जू त्यागी आदि संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. शिव कुमार तथा संचालन डॉ. निवेदिता शर्मा ने किया।


राजकमल कॉलेज में हुआ अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

 राजकमल कॉलेज में आयोजित हुई एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

बहादराबाद 30 अक्टूबर ( निर्भय ) राजकमल साइंस एंड मैनेजमेंट कॉलेज बहादराबाद हरिद्वार में इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट्स एसोसिएशन उत्तराखंड के सहयोग से  एक दिवसीय अतीत से वर्तमान तक वैज्ञानिक अनुसंधान में प्रगति पर अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि आदेश चौहान विधायक रानीपुर, प्रोफेसर डॉ0 ईश्वर भारद्वाज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार, डॉ0 विनय सेठी, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, डॉ0 विपिन शर्मा  विभागाध्यक्ष फार्मेसी विभाग, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय एवं प्राचार्य राजकमल कॉलेज डॉ0 राघवेंद्र चौहान अतिथि उपस्थित रहे कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा पौधारोपण व दीप प्रज्वलित कर प्रारंभ किया गया कॉलेज के प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों को शाल व स्मृति चिह्न देकर कर सम्मानित किया गया 

सेमिनार में उत्तराखंड,हरियाणा पंजाब दिल्ली राजस्थान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के विभिन्न संस्थाओं से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन संगोष्ठी में प्रतिभाग किया तथा सेमिनार में शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया गया

मुख्य अतिथि आदेश चौहान ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का एकमात्र विकल्प विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी है। विज्ञान हमारे समाज एवं संस्कृति का हिस्सा है। विज्ञान के माध्यम से कठिन से कठिन कार्य को सरल बनाया जा सकता है। आज देश की तरक्की के पैमाने का निर्धारण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर निर्भर करता है। जो देश विज्ञान के क्षेत्र में जितनी उन्नति करेगा उसकी अर्थव्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी। 

ऑनलाइन माध्यम से जुड़े मुख्य वक्ता  डॉ0 हिमांशु कथूरिया सिंगापुर ने कहा कि ऐसी कार्यशाला छात्र-छात्राओं की प्रतिभा में चमक लाती है और उन्हें भावी चुनौतियों के लिए तैयार करती है विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान की अपार संभावनाएं हैं छात्र-छात्राओं के लिए कार्यशालाओं के लाभों को ध्यान में रखते हुए सेमिनार और कार्यशालाएं आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक अभिनव और स्वागत योग्य कदम है इसलिए ऐसे सेमिनार और वर्कशॉप समय-समय पर कराई जाने चाहिए

डॉ0 विपिन शर्मा विभागाध्यक्ष फार्मेसी विभाग, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ने आयोजित कार्यशाला के संपूर्ण आयोजन को ऐतिहासिक और अद्भुत बताया। और कार्यशाला की सफलता पर आयोजन समिति को ढेरों शुभकामनाएं दी तथा उन्होंने ने कहा है कि प्राचार्य डॉ राघवेंद्र चौहान के दिशा-निर्देशन में राजकमल कॉलेज निरंतर प्रगति के पथ पर है राजकमल कॉलेज कुछ ही समय में जनपद में अपनी एक अलग पहचान बन चुका है तथा कॉलेज द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नित नए कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहता हैं।  

अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला को सफल बनाने में इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट्स एसोसिएशन के  अध्यक्ष डॉ.पंकज शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ.संतोष कुमार वर्मा, सचिव हिमांशु कुमार,संयुक्त सचिव डॉ. अश्वनी कुमार,कोषाध्यक्ष ज्योति सक्सेना आदि द्वारा भरपूर सहयोग दिया

इस अवसर पर श्रीमती राजेश देवी सचिव राजकमल कॉलेज, तथा महाविद्यालय के प्रबंध समिति सदस्य दुष्यंत प्रताप, नितिन चौहान, व डॉ पवन जालवाल डीन एवं विभागाध्यक्ष बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, डॉ छवि सिंगला निदेशक जेपी कॉलेज ऑफ फार्मेसी लखनऊ, डॉ सोनिया धीमान चितकारा यूनिवर्सिटी, डॉ. सोनिया यादव एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम, डॉ. विकास जोगपाल जी डी गोयनका यूनिवर्सिटी गुरुग्राम, डॉ.दविंदर कुमार बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी रोहतक, डॉ. सलोनी कक्कड़ महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी हरियाणा, डॉ. प्रभात कुमार धनौरी कॉलेज,डॉ. ब्रिजेश शर्मा, पलवल, डॉ. जितेंद्र सिंह आईईटी भद्दल टेक्निकल कैंपस रोपड़,अनुराग चौरसिया डॉ अमित शर्मा, डॉ सुनील कुमार, शैली त्यागी, अंजलि दीक्षित, डॉ दीपा, प्रतिभा गिरी, अजय कुमार, प्रतिभा गिरी, प्रेरणा राजपूत, अजय कुमार, विनीत कुमार, आस्था यादव, नैंसी चौहान, सुजाता, अंजलि, ध्रुविका सिंह, प्रभा सिंह, स्टाफ सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं सहित कई लोग उपस्थित रहे।


प्रख्यात कवि और साहित्यकार के,एल दीवान के जन्मदिन पर कवियों को किया सम्मानित

 *अरुण पाठक व प्रो. ईश्वर भारद्वाज सहित चार को मिला दीपशिखा सम्मान*


      हरिद्वार 30 अक्टूबर ( संजय वर्मा )


दीपशिखा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच के संस्थापक एवं साहित्यकार स्व. के. एल. दिवान की 89वें जन्म जयंती तथा संस्था के स्थापना दिवस के उपलक्ष में आज दीपशिखा सम्मान समारोह एवं सरस कवि गोष्ठी का आयोजन माडल कालोनी स्थित एक होटल में सम्पन्न हुआ।

      कार्यक्रम के प्रथम चरण में माँ शारदे के सम्मुख दीप प्रज्जवलन, प्रेम शंकर शर्मा 'प्रेमी' की वाणी वंदना तथा पुष्पार्पण के उपरान्त हिंदी, संस्कृत एवं योग के विशिष्ट विद्वान, लेखक एवं योगाचार्य प्रो. ईश्वर भारद्वाज को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए 'के.एल. दिवान साहित्य साधक सम्मान-2023', कवि अरुण कुमार पाठक को‌ आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रकाशित उनके काव्य संकलन‌ 'आज़ादी के परवाने' के लिये 'दीपशिखा सारस्वत सम्मान-2023,  कवि तुषार कांत पाण्डेय को उनकी हास्य-व्यंग्य विधा' के लिये 'माँ शारदे वरदहस्त सम्मान-2023' तथा उभरती कवियत्री एवं चित्रकार सुश्री वृंदा शर्मा को उनकी दस श्रेष्ठ कविताओं के लिये 'उदीयमान प्रतिभा सम्मान-2023' से सम्मानित किया गया। यह सभी सम्मान दीपशिखा की अध्यक्षा डा. मीरा भारद्वाज, उपाध्यक्ष उमेश शर्मा, सचिव डा. सुशील कुमार त्यागी 'अमित' तथा सह-सचिव प्रफुल्ल ध्यानी द्वारा प्रदान किए गये, जिसके अन्तर्गत सम्मानित साहित्यकारों को माला, दुशाला, प्रतीक चिन्ह तथा साहित्य भेंट किया। साथ ही सम्मानित साहित्य साधकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर भी प्रकाश डाला गया। पिछले दिनों पीटर्सबर्ग व अलमाटी में हुईं दो अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पांच स्वर्ण पदक जीतने वाली पावरलिफ्टर संगीता राणा को भी दीपशिखा मंच से सम्मानित किया गया।

      इस अवसर पर दीपशिखा की अध्यक्षा डा. मीरा भारद्वाज ने चारों साहित्य साधकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि साहित्यकार के.एल. दिवान का साहित्यिक जीवन भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी मधुर स्मृतियाँ आज भी हम सब के साथ हैं। संस्था सचिव डा. सुशील कुमार त्यागी 'अमित' ने कहा कि दिवान जी के जन्मोत्सव एवं अपने स्थापना दिवस पर दीपशिखा प्रति वर्ष एक साहित्य कार्यक्रम करती है। सह-सचिव प्रफुल्ल ध्यानी ने सभी का धन्यवाद करते हुए बताया कि दीपशिखा साहित्य साधकों को सम्मानित करने के साथ-साथ, नए कवियों, लेखकों तथा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का प्रयास भी करती है। 

      कार्यक्रम के द्वितीय चरण में कवि गोष्ठी का आयोजन भी किया गया जिसमें डा. मीरा भारद्वाज ने- 'प्रेम भक्ति में डूबी शबरी जूठे बेर खिलाती है' के साथ प्रेम रस घोला।  सुशील कुमार त्यागी'अमित' ने कामना की 'पाप ताप संताप से जीवन बचा रहे मानव का', तो अरुण कुमार पाठक ने गीत- 'बहुत कहना है मुझे तुमसे, तुम सुनो तो कहूँ', प्रस्तुत किया। प्रफुल्ल ध्यानी ने बताया- 'यकीं करता हूँ सुकरात के प्याले पर', तो डा. अशोक गिरी ने 'हिन्दी आज परिहास का विषय बन गयी है, उत्तर में नायिका दक्षिण में खलनायिका बन गयी है' के साथ हिन्दी की बात की। कंचन प्रभा गौतम ने सीख दी- 'दुनिया तो पत्थर मारेगी, तुम चुन कर महल बना लेना', साधु राम पल्लव ने समझाया- 'जीवन योग कहा ऋषियों ने, तुम इसको भोग न समझो तो वृंदा शर्मा ने गीत- 'खिलूँ झरूँ महकूँ महकाऊँ, तुमको हार सिंगार से' सुनाकर वाह-वाही लूटी। 

      गोष्ठी में अरविंद दुबे, सुभाष मालिक, डा. विजय त्यागी, शशि रंजन समदर्शी, महेश भट्ट, डा. निशा शर्मा ने, देवेंद्र मिश्रा, मदन सिंह यादव, तुषार कांत पाण्डेय, प्रेम शंकर शर्मा 'प्रेमी, सुन्दर सिंह, डा. विजय त्यागी, डा. रजनी रंजना, डा. सुरेन्द्र शर्मा आदि ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन डा. सुशील कुमार त्यागी अमित ने किया। प्रो. ईश्वर भारद्वाज, डा. राधिका नागरथ, अनिल दीवान, मोनिका दीवान, चेतना पाण्डेय, मिथलेश भारद्वाज आदि ने भी स्व. के. एल, दिवान को भावांजलि प्रस्तुत की।

भाजपा ओबीसी मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष का जनपद देहरादून टिहरी गढ़वाल मंडल प्रवास कार्यक्रम कार्यकर्ताओं में भर रहा है जोश


उत्तराखंड।।ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश गिरी का मसूरी,कैम्प्टी और परोगी में हुआ भव्य स्वागत।

मसूरी / टिहरी गढ़वाल 29 अक्टूबर जनपद हरिद्वार में अपने सफल मंडल प्रवास कार्यक्रम के पश्चात भाजपा ओबीसी मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष का जनपद देहरादून , टिहरी गढ़वाल में मंडल प्रवास कार्यक्रम सफलता के नए आयामो




को छू रहा है और इस सर्दी के मौसम में भाजपा ओबीसी मोर्चे के कार्य कर्ताओं में ऊर्जा एवं उत्साह का संचार कर रहा है जनपद देहरादून में मसूरी विधानसभा में मंडल प्रवास के पश्चात  विकासखंड जौनपुर के कैम्पटी क्षेत्र में प्रदेश के भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं व जौनपुर ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारियों ने  फुल मालाओं से भव्य स्वागत किया ।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा ओबीसी समाज के हितों के चलाई जा रही अनेकों जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से चर्चा की है।

प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश नौटियाल ने बताया की क्षेत्र की ओबीसी को लेकर विभिन्न समस्याओं से प्रदेश अध्यक्ष जी को अवगत कराया गया है, जिसमें सबसे बड़ी समस्या केन्द्र की ओबीसी में 30%बढाया जाये जिससे क्षेत्रीय लोगों को लाभ मिल सके।

सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक,सनी दयाल, नरेश बादशाह लोक गायिका श्रुति शर्मा ने समां बांधा।

राकेश गिरी जी का मसूरी पहुंचने पर मसूरी भाजपा और ओबीसी मोर्चा ने भव्य स्वागत किया,उसके पश्चात कैम्पटी में ओबीसी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष होशियार सिंह के नेतृत्व में स्वागत कार्यक्रम और कार्यकर्ता बैठक का आयोजन किया गया।

उसके पश्चात परोगी में अठजूला सांस्कृतिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया।

जौनपुरी ओबीसी समाज द्वारा राकेश गिरी का स्वागत करते हुए उनसे प्रदेश सरकार द्वारा ओबीसी को 14 फीसदी आरक्षण को बढ़ाकर केंद्र की भांति 27 फीसदी करने की मांग रखी,जिस पर प्रदेश अध्यक्ष द्वारा शीघ्र इस विषय पर माननीय मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर ओबीसी आरक्षण को बढ़ाने का भरोसा दिया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री नारायण सिंह राणा,ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री श्री नेत्रपाल मौर्य,ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश नौटियाल, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष कमलेश भट्ट,प्रदेश मंत्री चंडी प्रसाद बेलवाल,भाजपा नेता आशुतोष कोठरी,खेमराज भट्ट,रमेश सेमवाल,चंद्र प्रकाश चमोली,मंडल अध्यक्ष होशियार सिंह पंवार,महामंत्री अनूप थपलियाल,जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कविता रौछेला, सविता सेमवाल,सबल सिंह राणा सहित 

समारोह समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह सजवाण,सचिव विनोद राणा, रणवीर सजवाण,सुरेश सजवाण, सिया सिंह चौहान,युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेश सजवाण, महिपाल सजवाण,राजीव रावत, कन्यैहा राणा,जयपाल राणा उपस्थित थे।

प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन



पतंजलि ने योग क्रांति, ऋषि क्रांति और कृषि क्रांति को प्रतिस्थापित कर अब ग्रामीण भारत की क्रांति की ओर आगाज किया है: स्वामी रामदेव


स्वदेशी से स्वावलंबन को बल देकर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना है पतंजलि का उद्देश्यः आचार्य बालकृष्ण


पतंजलि ने उत्तराखंड राज्य में एक विश्व विख्यात औद्योगिक परिकल्पना को साकार किया हैः प्रदीप कुमार पांडे


हरिद्वार, 29 अक्टूबर। समृद्ध ग्राम, पतंजलि दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कृषि और उद्यम सखी ट्रेनिंग प्रोग्राम का आज समापन समारोह हुआ। कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के संस्थापक अध्यक्ष पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज और महामंत्री पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया। 

इस अवसर पर तीन दिवसीय ट्रेनिंग में प्राकृतिक कृषि जैविक कृषि और मृदा परीक्षण के महत्व को समझाते हुए धरती का डॉक्टर किट का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके इसके अतिरिक्त उद्यम सखियों को पांच दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत स्टॉक और इन्वेंटरी मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल और क्वालिटी एनालिसिस के साथ-साथ अपने व्यापार को समृद्धशाली बनाने के लिए ई-मार्केटिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग के विषय में विस्तार से समझाया गया। 

कार्यक्रम के समापन पर स्वामी रामदेव जी ने कहा कि भारत ग्राम में बसता है। पतंजलि का उद्देश्य ग्रामीण आर्थिक समृद्धि के साथ आजीविका अभिवृद्धि करके पूर्ण रूप से ग्राम विकास करने का है। स्वदेशी से परिपूर्ण आंदोलन के साथ आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ ग्राम विकास में पतंजलि की महती भूमिका है जिसे आज देश भर में बहुत अच्छी पहचान मिली है। पतंजलि ने योग क्रांति, ऋषि क्रांति, कृषि क्रांति को पूर्ण कर और अब ग्रामीण भारत की एक आर्थिक समृद्धि की क्रांति का पावन शुभारंभ किया है। 

इस पावन अवसर पर आचार्य बालकृष्ण जी ने संबोधित करते हुए कहा कि हम हाथ से हाथ मिलाकर कृषि सखियों की मदद करना चाहते हैं। हम उद्यम सखियों को तकनीकी आधारित शिक्षा से समृद्ध करके आर्थिक समृद्धि करते हैं। 

इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य आजीविका मिशन के एडिशनल सीईओ श्री प्रदीप कुमार पांडे जी ने भी पतंजलि परिवार को इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को अच्छे ढंग से संचालित करवाने के लिए शुभकामनाएं प्रदान की और धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि पतंजलि ने उत्तराखंड प्रांत में इंडस्ट्री के रूप में भी एक अलग और विश्व विख्यात पहचान बनाई है जिसका लाभ न केवल ग्रामीणों को बल्कि उत्तराखंड राज्य के सभी उद्यमियों को मिल रहा है। उन्होंने कृषि सखियों और उद्यम सखियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा परम सौभाग्य है कि हम पतंजलि योगपीठ के प्रांगण में ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे हैं और इससे आर्थिक समृद्धि को हम प्राप्त कर सकते हैं। 

कार्यक्रम में अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कृषि सखियों और उद्यम सखियों ने पतंजलि का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग तो हमने बहुत सी की, लेकिन इस प्रकार की ट्रेनिंग हमने पहली बार की है। उन्होंने यह भी जाहिर किया कि वह पतंजलि ट्रेनिंग संस्थान में बार-बार आकर ट्रेनिंग करना चाहेंगी। 

अंत में सभी बहनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुत दी जिसमें उत्तराखंड राज्य के विभिन्न लोकगीत, लोक नृत्य और उत्तराखंड राज्य के समृद्धि और खुशहाली के लिए गीतों की बहुत सुंदर प्रस्तुति रही। 

कृषि एवं उद्यम सखियों को धरती का डॉक्टर किट और सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इसी प्रकार से नॉन फार्म की सभी बहनों को सर्टिफिकेट के साथ B-POS मशीन प्रदान की गई। पूज्य स्वामी जी महाराज के पावन आशीर्वाद और आचार्य श्री जी के धन्यवाद के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य आजीविका मिशन के एडिशनल सीईओ श्री प्रदीप पाण्डे, स्टेट मैनेजर श्री रोहित, मिशन मैनेजर सुश्री शीतल चौहान, पतंजलि संस्था के वरिष्ठ श्री एन.सी. शर्मा, पतंजलि योगपीठ की क्रय समिति अध्यक्षा बहन अंशुल व पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन की पूरी टीम उपस्थित रही।


हर की पौड़ी पर जूना अखाड़ा के संतों ने किया पवित्र छड़ी के साथ गंगा पूजन

 हरिद्वार श्री पंचदश नाम जूना अखाड़े की  पवित्र छड़ी ने


रविवार को हर की पौड़ी पर श्रीगंगा सभा के तत्वाधान में आयोजित गंगा पूजन के कार्यक्रम में मां गंगा की पूजा अर्चना की तथा यात्रा की सफलता व देश की प्रगति विकास एवं उत्तराखंड की उन्नति के लिए प्रार्थना की ।

नगर परिक्रमा के कार्यक्रम अनुसार पवित्र छड़ी जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरी गिरी महाराज अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत प्रेम गिरि महाराज दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्री महंत नारायण गिरी महाराज के नेतृत्व में साधु संतों नागा संन्यासियों तथा श्रद्धालुओं के साथ नगर के प्रमुख बाजारों से होती हुई हर की पौड़ी पहुंची जहां श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम महामंत्री तन्मय वशिष्ठ स्वागत अध्यक्ष सिद्धार्थ चक्रपाणि गंगा घाट व्यवस्थापक वीरेंद्र कौशिक सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार ,समाज कल्याण मंत्री विकास प्रधान ,गंगा सेवा दल के अध्यक्ष उज्ज्वल पंडित, अविनाश श्रोत्रिय आदि ने पवित्र छड़ी तथा संतों का पुष्प माला से स्वागत कर पूजन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। गंगा सभा के सानिध्य में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा पवित्र छड़ी व मां गंगा का पूर्ण विधि ध्यान से पूजा अर्चना की तथा  मां गंगा का दुग्ध अभिषेक कर यात्रा की सफलता की कामना की।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत हरि गिरि महाराज तथा अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री रवींद्र पुरी महाराज ने कहा यह पवित्र छड़ी यात्रा विगत 4 वर्षों से उत्तराखंड की उन्नति प्रगति विकास तथा उत्तराखंड के पौराणिक तीर्थ की गरिमा बनाए रखने के लिए यात्रा कर रही है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के उपेक्षित व गुमनाम पौराणिक तीर्थ स्थलों का विकास कर तीर्थाटन को बढ़ावा देना है ताकि इन क्षेत्रों से पलायन रुक सके और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके और यह तभी संभव है जब आम जनता ,तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को इनके पौराणिक महत्व तथा इतिहास की जानकारी होगी। यात्रा के माध्यम से इन पौराणिक तीर्थों के संदर्भ में जनता को जागरूक किया जा रहा है।

गंगा सभा की ओर से साधु संतों को भोजन प्रसाद कराया गया तथा पुष्पों की वर्षा कर उन्हें सम्मानित किया गया।

 इस अवसर पर अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव श्री महंत महेशपुरी श्रीमहंत शैलेंद्र गिरी श्री महंत पुजारी सुरेशानंद सरस्वती श्री महंत पूर्णागिरि श्री महंत पुष्कर गिरी श्री महंत शिव दत्त गिरी श्री महंत पशुपति गिरी महंत महेंद्र भारती महेंद्र महाकाल गिरी महंत आदित्य गिरी महेंद्र रतन गिरी महंत राजगीरी महंत भीष्म गिरी महंत आकाश गिरी महंत धीरेंद्र पुरी आदि उपस्थित थे

दक्षिण भारत से शांतिकुंज पहुंचे कार्यकर्ता

 देसंविवि में दक्षिण भारतीय कार्यकर्त्ता सम्मेलन का आयोजन

हवन केवल वैदिक कर्मकाण्ड ही नहीं, प्राणरक्षक भी हैः त्रिदण्डी स्वामी

भटके हुए मनुष्य को सही राह दिखाना है ः डॉ. चिन्मय पण्ड्या

हरिद्वार 29 अक्टूबर  


देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में दक्षिण भारतीय कार्यकर्ताओं का एक विशेष सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में आन्ध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्य के प्रबुद्धजन वर्ग एवं गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्तागण मौजूद रहे। सम्मेलन का शुभारंभ रामानुज संप्रदाय के आध्यात्मिक प्रमुख त्रिदण्डी श्रीमन्ननारायण रामानुज चिन्ना जीयर स्वामी, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या एवं उत्तराखण्ड सरकार के सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि त्रिदण्डी श्रीमन्ननारायण रामानुज चिन्ना जीयर स्वामी ने कहा कि हवन केवल वैदिक कर्मकाण्ड ही नहीं है, वरन् यह प्राणरक्षक भी है। १९८३ में भोपाल में हुआ गैस काण्ड इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। स्वामी जी ने कोरोना काल में बचाव के लिए हुए विभिन्न कार्यों में जड़ी बूटियों द्वारा किये गये हवन को प्रमुख बताया। स्वामी जी ने कहा कि हमारी प्राचीन विधा में बहुत ताकत है। इसका सभी को पालन करना चाहिए। गायत्री परिवार इस दिशा में सार्थक पहल कर रहा है। स्वामी जी ने कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है। नर सेवा-नारायण सेवा और जन सेवा ही जनार्दन सेवा है। परंतु मानव का अर्थ मात्र मानव तक न रखकर संपूर्ण सृष्टि रखना चाहिए। इसके साथ ही स्वामी जी महाराज ने बौद्धिक, आत्मिक व आध्यात्मिक विकास के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।  

कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि शांतिकुंंज का उद्देश्य मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण है। इसी उद्देश्य को लेकर शांतिकुंज आगे बढ़ रहा है। यहाँ मानव में भावनात्मक परिवर्तन के साथ में उनमें वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः के भाव को समाहित करने का पुरुषार्थ किया जाता है। उन्होंने कहा कि सन् २०२६ गायत्री परिवार की जननी माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्मशताब्दी वर्ष है। जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत व्यक्ति के व्यक्तित्व का नवनिर्माण तथा चिंतन में सकारात्मक परिवर्तन हो, इस हेतु विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। प्रतिकुलपति ने भटके मनुष्य को सही राह दिखाने के लिए संकल्पित हो रचनात्मक कार्य करने के लिए प्र्रेरित किया।

वरिष्ठ आईएएस डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि गायत्री परिवार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में बहुत ही अनुकरणीय कार्य किया है। साथ ही उन्होंने राज्य के विकास में किये गये अपने कार्यानुभवों को साझा किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी जी, विशिष्ट अतिथि डॉ. पुरुषोत्तम एवं प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं मंचासीन अतिथियों ने अखण्ड ज्योति पत्रिका (दक्षिण भारतीय भाषाओं में), प्रज्ञागीतों आदि का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति ने आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी जी, डॉ. पुरुषोत्तम जी को युग साहित्य, गंगाजली एवं देसंविवि के प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। वहीं स्वामी जी ने डॉ. चिन्मय पण्ड्या, डॉ. पुरुषोत्तम जी एवं डॉ. ओपी शर्मा का शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मेलन का मंच संचालन डॉ गोपाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम समापन के पश्चात त्रिदंडी स्वामी जी ने विवि के विभिन्न प्रकल्पों का निरीक्षण किया।

इससे पूर्व संगीत टीम द्वारा गायत्री महामंत्र का विभिन्न रागों में संकीर्तन की गयी। संकीर्तन में उपस्थित लोगों ने आनंदित हो झूमने लगे। इस अवसर पर दक्षिण भारत से आए प्रतिनिधि, रामानुज संप्रदाय अनेक संत, डॉ. ओपी शर्मा, कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन सहित देसंविवि व शांतिकुुंज परिवार के अनेकानेक लोग उपस्थित रहे।

वात्सल्य वाटिका के रजत जयंती समारोह में शामिल हुई विशिष्ट हस्तिया



हरिद्वार 29 अक्टूबर  ( संजय वर्मा ) विश्व हिन्दू परिषद के सेवा प्रकल्प वात्सल्य वाटिका की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर  रजत जयंती समारोह के दूसरे दिन भव्य समारोह आयोजन किया गया. वात्सल्य वाटिका के रजत जयंती समारोह का शुभारंभ विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, साध्वी ऋतंबरा, पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने संयुक्त रूप से किया. 


वात्सल्य वाटिका रजत जयंती समारोह के अवसर पर सेवा प्रकल्प के कोषाध्यक्ष लीलाराम गुप्ता ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.    वात्सल्य वाटिका ने आगामी समय में 25 नए सेवा प्रकल्प, सचल चिकित्सा वाहन, कौशल विकास केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के विकास का संकल्प, संस्कारशाला, संस्कृत विद्यालय प्रारंभ करने का लक्ष्य लिया. वात्सल्य प्रसून स्मारिका का विमोचन मिलिंद परांडे, साध्वी ऋतंबरा, आचार्य बालकृष्ण, महामंडलेश्वर सुरेंद्रानंद ने संयुक्त रूप से किया.


समारोह में मिलिंद परांडे ने कहा कि समाज के उत्थान का कार्य करना सर्वोत्तम कार्य हैं क्योंकि समाज के उत्थान से देश का उत्थान होगा और भारत विश्व गुरु बनेगा. विश्व हिन्दू परिषद ने भी सम्पूर्ण समाज के उत्थान का संकल्प लिया हैं, जिसकी पूर्ति हेतु आज देशभर में 5000 हजार से अधिक सेवा कार्य चल रहें हैं. वर्तमान समय में सेवा लेने से अधिक सेवा देने का मन होना चाहिए और प्रयास कर बनना भी चाहिए. भारत को 1000 वर्ष की राजनैतिक गुलामी भुगतनी पड़ी जिस कारण जिस कारण आम जनमानस में राष्ट्रीय चरित्र की अभाव सा प्रतीत होता हैं. व्यक्ति का चरित्र राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत होना चाहिए. देश, धर्म और समाज के प्रति कुछ कर गुजरने का भाव प्रत्येक व्यक्ति के अंदर समाहित होना चाहिए. पूज्य संतो के मार्गदर्शन में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है, इस जिम्मेदारी का निमित्त विश्व हिन्दू परिषद बना हैं. 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन देश के समस्त जनमानस अपने नजदीकी मंदिरों सामूहिक रुप से उपस्थित होकर विजय महामंत्र का जाप करेंगे तथा अपने घरों में कम से कम 5 दीपक अवश्य जलाएंगे यह आव्हान भी विश्व हिन्दू परिषद ने किया हैं. सम्पूर्ण देश के 5 लाख मंदिरों में हिन्दू समाज एकत्र आकर श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का दर्शन करें. श्री राम की सामाजिक समरसता, तत्व ज्ञान को प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धारण करनी चाहिए, केवट और शबरी प्रसंग को जीवन का आधार बनाना चाहिए. श्रीराम के चरित्र से प्रेरणा लेकर शक्ति साधना को दुष्ट दमन में उपयोग करना चाहिए, देश में अब कोई मंदिर तोड़ने का साहस नहीं कर सकता. विश्व हिन्दू परिषद समस्त हिन्दू समाज को अयोध्या आकर श्रीराम मंदिर के दर्शन का निमंत्रण देती हैं.


दीदी मां साध्वी ऋतम्बरा ने वात्सल्य वाटिका को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवा संकल्प की साधना का वात्सल्य वृक्ष आज फलित हो गया है, यहां से रोजगार उन्मुख पालन पोषण सिंचित चरित्रवान नवयुवक आज समाज की सेवा के माध्यम से नेतृत्व करने को निकल रहें हैं. दीदी मां ने मंच से "मंदिर वहीं बनाएंगे" का काव्य पाठ किया. उन्होंने हिंदुत्व के पुरोधा और हिन्दू संगठन के पैरोकार अशोक सिंघल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश के समस्त संतों के साथ हिन्दू समाज को एक मंच पर एकत्र कर श्रीराम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था. अशोक सिंघल की प्रेरणा से ही विश्व हिन्दू परिषद का सेवा प्रकल्प वात्सल्य वाटिका की स्थापना हुई थी. आज 500 वर्षों की संघर्ष और बलिदान की हिन्दू समाज की साधना श्रीराम मंदिर के रुप में फलीभूत होने जा रही हैं. वात्सल्य वाटिका की तुलना दीदी मां ने यशोदा मां से करते हुए कहा कि मां रचना नही रचनाधर्मी होती हैं. साध्वी ऋतम्बरा ने समस्त हिन्दू समाज को चरित्रवान संतान का आशीर्वाद दिया जो देश, धर्म के कार्य में योगदान दे. श्रीराम मंदिर निर्माण समर्पण निधि अभियान में हिन्दू समाज आशा से प्रफुल्लित था की भगवान के दर्शन करने का सौभाग्य अब प्राप्त होगा.


इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वात्सल्य वाटिका जैसे सेवा प्रकल्प समाज की सहयोगी चरित्र का वास्तविक दर्शन हैं. उन्होंने अशोक सिंघल के विराट व्यक्तित्व, समाज के लिए सेवा भाव, समर्पण, धर्म परायणता का दर्शन वात्सल्य वाटिका में दर्शित होता हैं. व्यक्ति को अपनी संतान को संपत्ति नहीं संस्कार देने चाहिए. आज धर्म के नाम पर भारतीय संस्कृति को दबाने और कुचलने के षडयंत्र नहीं चलने वाले हैं. 


वात्सल्य वाटिका के रजत जयंती समारोह के अवसर पर महामंडलेश्वर सुरेंद्रानंद महाराज, स्वामी ललितानंद गिरी महाराज, साध्वी सत्यप्रिया, विश्व हिन्दू परिषद सेवा विभाग संयुक्त क्षेत्र संगठन मंत्री राधेश्याम तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सिंह सोलंकी, प्रान्त संगठन मंत्री अजय आर्य, प्रान्त अध्यक्ष विहिप रविदेव आनंद, साध्वी मैत्रेई गिरी महाराज, सुदर्शन अग्रवाल, राजेश कुमार, यू.सी.जैन, विधायक आदेश


चौहान, सुशील चौहान, संजीव गुप्ता, नवीन मोहन, भारत गगन अग्रवाल आदि के साथ भारी जनमानस उपस्थित रहा.

प्रोफेसर सुनील बत्रा को मिला प्रिंसिपल ऑफ द ईयर अवार्ड

हरिद्वार 29 अक्टूबर ( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ) डी आई टी युनिवर्सिटी देहरादून में आयोजित  देहरादून अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के तकनीकी सत्र में प्रोफेसर सुनील कुमार बत्रा जी को प्रिंसिपल ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रो सुनील कुमार बत्रा जी को इस सम्मान हेतु प्रदेश भर के  उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नॉन प्रोफेशनल संस्थानों में से चुना गया। प्रोफेसर बत्रा जी को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों तथा प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता हेतु प्रदान किया गया I प्रोफेसर बत्रा जिनको पूर्व में भी अनेकों प्रकार के सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है,  हरिद्वार के प्रतिष्ठित संस्थान एस एम जे एन पी जी कॉलेज में पिछले 6 वर्षों से प्राचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। प्रो. बत्रा  को पूर्व में भी उत्तराखंड गौरव सम्मान, हरिद्वार गौरव सम्मान, गणेश विद्यार्थी सम्मान द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका हैं। पिछले वर्ष एस एम जे एन पी जी कॉलेज हरिद्वार को प्रदेश का वाणिज्य विषय का सर्वश्रेष्ठ संस्थान भी चुना गया था। कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री मंहत रविन्द्र पुरी ने डॉ बत्रा की इस उपलब्धि पर सम्पूर्ण कालेज परिवार को अपनी बधाई दी है।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद तथा एस एम जे एन पी जी कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी ने आज डी आई टी युनिवर्सिटी देहरादून में आयोजित  देहरादून अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के तकनीकी सत्र में श्री देव सुमन  विश्व विधालय के कुलपति प्रो एन के जोशी को वाइस चांसलर ऑफ द ईयर अवार्ड  एवं प्रोफेसर सुनील कुमार बत्रा को प्रिंसिपल आफ दा ईयर अवार्ड मिलने पर बहुत बहुत बधाई दी। प्रो सुनील कुमार बत्रा जी को इस सम्मान हेतु प्रदेश भर के  उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नॉन प्रोफेशनल संस्थानों में से चुना गया। प्रोफेसर बत्रा जी को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों तथा प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता हेतु प्रदान किया गया I प्रोफेसर बत्रा जिनको पूर्व में भी अनेकों प्रकार के सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है,  हरिद्वार के प्रतिष्ठित संस्थान एस एम जे एन पी जी कॉलेज में पिछले 6 वर्षों से प्राचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। प्रो. बत्रा  को पूर्व में भी उत्तराखंड गौरव सम्मान, हरिद्वार गौरव सम्मान, गणेश विद्यार्थी सम्मान द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका हैं। पिछले वर्ष एस एम जे एन पी जी कॉलेज हरिद्वार को प्रदेश का वाणिज्य विषय का सर्वश्रेष्ठ संस्थान भी चुना गया था। वहीं दूसरी ओर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एन के जोशी को वाइस चांसलर ऑफ द ईयर अवार्ड विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति तथा एक प्रदेश एक प्रवेश को सुचारू रूप से लागू करने एवं सत्र नियमित करने के प्रयासों हेतु दिया गया।


देहरादून से दिल्ली रवाना हुई एसएम जैन की छात्राएं मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम में कर रही है प्रतिभाग


देहरादून 28 अक्टूबर एस एम जे एन पी जी कालेज की छात्राऐं शुभी कुर्ल, अर्शिका वर्मा, एवं अपराजिता ने अमृत कलश के साथ उत्तराखण्ड राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के साथ देहरादून में आयोजित कार्यक्रम मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम में प्रतिभा किया आज वे  दिल्ली के लिए रवाना हो रहीं हैं। 

अपराजिता ने अपनी कविता का फ्रेम मुख्यमंत्री को समर्पित किया 

कविता मेरी माटी मेरा देश की मुख्य थीम पर है

 कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री मंहत रविन्द्र पुरी ने छात्राओं को बधाई देतें हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की

कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर सुनील बत्रा ने कहा कि छात्राओं के दिल्ली कार्यक्रम के उपरांत अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

पतंजलि विश्वविद्यालय में हुआ सम्मेलन



भारतीय संस्कृति के समावेश से होगा सतत विकास: प्रो0 महावीर अग्रवाल 


हरिद्वार, 28 अक्टूबर। पतंजलि विश्वविद्यालय एवं‘सी. फॉर यू.इनोवेशन’के संयुक्त तत्वावधान में पतंजलि विश्वविद्यालय के सभागार में एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन टेड-एक्स के सौजन्य से हुआ जिसमें ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान, तकनीक, चिकित्सा, साहित्य एवं पर्यावरण से जुड़ी हस्तियों ने अपने विचार रखे। ‘इस धरा को बेहतर जगह कैसे बनाएं’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में पर्यावरण संतुलन,वन संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी कैसे करें आदि विषयों पर विद्वानों ने अपने महत्वपूर्ण एवं वैज्ञानिक विचार साझा किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मन्त्रों के साथ दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से पतंजलि विश्वविद्यालय के यशस्वी प्रति-कुलपति प्रो.महावीर अग्रवाल जी,वि.वि. के विभिन्न संकायों के अध्यक्ष एवं कुलसचिव द्वारा किया गया। आगंतुक अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत अभिनंदन भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के मुख्य केन्द्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थदेव ने किया। उन्होंने इस वसुधा को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने में सबको अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया। भारतीय संस्कृति के संवाहक प्रो.महावीर अग्रवाल जी ने अध्यक्षीय उद्बोधन के क्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को वाल्मीकि जयंती एवं शरद पूर्णिमा की बधाई देते हुए कहा कि भारतवर्ष ने हमेशा चिर स्थायी चिन्तन पर बल दिया। हमारा आदर्श,मूल्य, चिन्तन इतना श्रेष्ठ है कि इससे नवजीवन भी प्राप्त किया जा सकता है। संकायाध्यक्ष-शोध डॉ. मनोज कुमार पटैरिया ने युवाओं को जीवन में उत्कर्ष की प्राप्ति के लिए नियमित अभ्यास,सही ज्ञान, वैज्ञानिक एवं तकनीकी स्वभाव तथा लगातार नवीन सोच को विकसित करने पर बल दिया। संकायाध्यक्ष-शिक्षण प्रो. वी.के. कटियार ने समग्र स्वास्थ्य को प्राप्त करने के विभिन्न उपागमों के साथ श्वसन के जैव यांत्रिकी को समझाया। इस अवसर पर कैंसर सर्जन डॉ.अर्पित बंसल ने सतत् विकास हेतु विभिन्न उपायों की चर्चा की एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरुक किया। पतंजलि वि.वि.के पक्षी वैज्ञानिक डॉ. रोमेश कुमार शर्मा ने जीवो के आवास-विकास पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।इस सम्मेलन में अतिथि वक्ता के रूप में स्वामी राज विभू,डॉ. उप्पिलिअपन गोपालन,ईष्णा अग्रवाल, सुश्री दीपशिखा यदुगिरि ने भी अपने उद्बोधन से प्रतिभागियों का ज्ञानवर्द्धन किया। कार्यक्रम का समन्वयन‘सी. फॉर यू.इनोवेशन’के श्री प्रणव एवं वि.वि. के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ.बिपिन दूबे द्वारा किया गया। योग विज्ञान विभाग के शोधार्थी हिमांशी एवं प्रभु नारायण द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। सम्मेलन में शोधार्थियों व स्नातक-परास्नातक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।


वात्सल्य वाटिका का रजत जयंती समारोह हुआ प्रारंभ



हरिद्वार 28 अक्टूबर ( संजय वर्मा  )  विश्व हिन्दू परिषद के सेवा प्रकल्प वात्सल्य वाटिका की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह आयोजित किया जा रहा हैं। रजत जयंती समारोह के प्रथम दिन वात्सल्य वाटिका मे विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख तथा केंद्रीय मंत्री अजय पारीक, संयुक्त क्षेत्र सेवा प्रमुख राधेश्याम द्विवेदी, सोहन सिंह सोलंकी क्षेत्र संगठन मंत्री मेरठ क्षेत्र के साथ डा.सुरेंद्रानंद गिरी जी महाराज महामंडलेश्वर महानिर्वाणी पंचायती अखाड़ा, कनखल, हरिद्वार का आगमन हुआ।


वात्सल्य वाटिका तथा कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए वात्सल्य वाटिका के प्रबंधक प्रदीप मिश्र ने बताया कि वात्सल्य वाटिका स्थानीय स्तर व सुदूर पूर्वोत्तर राज्यों से संसाधन विहिन व अल्प संसाधन वाले परिवारों के बच्चों को भारतीय संस्कृति के अनुरूप शिक्षित व संस्कारवान बनाकर श्रेष्ठ नागरिक बनाने के लिए वचनबद्ध एक सेवा प्रकल्प है। वात्सल्य वाटिका से शिक्षा एवं अन्य सहगामी क्रियाकलापों में निपुण अनेक विद्यार्थी देश के विभिन्न संस्थानों में अपनी निष्ठावान समर्पित सेवाएं दे रहे हैं। वात्सल्य वाटिका परिवार अपनी स्थापना के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत जयन्ती समारोह आयोजित कर रहा है।


विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख अजय पारीक ने वात्सल्य वाटिका द्वारा पालित तथा शिक्षित समाज के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित पूर्व छात्रों से मुलाकात के पश्चात कहा कि श्री ओमप्रकाशानंद तीर्थ गंगाश्री जनसेवा न्यास द्वारा संचालित वात्सल्य वाटिका का शुभारंभ अगस्त 1998 में हुआ था। केवल 15 बच्चों को साथ लेकर इस सेवा प्रकल्प की शुरूआत की गई थी। वर्तमान में सेवा प्रकल्प में 100 बच्चों से अधिक का लालन-पालन हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ–साथ वात्सल्य वाटिका के शिक्षार्थियों ने फुटबॉल, टी.टी., कैरम, बाक्सिंग आदि खेलों में जिला, प्रदेश स्तर पर प्रतिभाग कर शीर्ष स्थान प्राप्त किए है। वात्सल्य वाटिका के शिक्षार्थियों की उपलब्धियों से अभिभूत एक सम्बन्धित लेख अमेरिका की पत्रिका में भी प्रकाशित हुआ था। खेलों में पूर्वोत्तर के बच्चों द्वारा सम्पूर्ण उत्तर भारत में सेवा प्रकल्प का नाम रोशन किया है। सेवा संस्थान में प्राचीन गुरूकुल परम्परा के अनुरूप बच्चे प्रातः जागरण करके शाखा लगाते हैं, घोषित दिनचर्या के अनुसार जलपान, विद्यालय, भोजन, खेल, संगीत एवं सांयकालीन संगीतमय आरती के साथ संगीतमय हनुमान चालीसा, वेदमंत्र, संघगीत, सामूहिक गीतों का गायन नित्य होता है। 


विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त क्षेत्र सेवा प्रमुख राधेश्याम द्विवेदी ने कहा विश्व हिन्दू परिषद के सेवा प्रकल्प में स्व.ओंकार भावे की स्मृति में बच्चों एवं स्थानीय मरीजों के उपचार हेतु एक निशुल्क धर्मार्थ चिकित्सालय संचालित किया जाता हैं। इस सेवा प्रकल्प में पर्यावरण संरक्षण हेतू वृक्षारोपण के साथ क्षेत्र में जनोपयोगी अनेक जनजागरूकता अभियान, गौशाला संचालन, अन्न एवं वस्त्र वितरण, हरिद्वार की मलिन बस्ती के बच्चों का पालन पोषण, विभिन्न सामाजिक सामूहिक कार्यक्रम जन्मदिन, विवाहदिन, विवाहयोग, संगीत के साथ कम्प्यूटर आदि के कार्य भी संपन्न कराएं जाते हैं। स्थापना के समय से ही यहां समाज में समरसता हेतु मकर संक्रांति पर बडा कार्यक्रम होता है। यहां सभी राष्ट्रीय एवं सामाजिक पर्व बडी धूमधाम से मनाए जाते हैं। वात्सल्य वाटिका में युवाओं के रोजगार हेतू कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र, छात्रों हेतु 200 संख्या का छात्रावास, 10 बेड का अस्पताल स्थापित कराने का आगामी लक्ष्य हैं।


इस अवसर पर प्रमुख रुप से आनन्द प्रकाश हरबोला केन्द्रीय सहमंत्री एवं अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख, सोहन सिंह सोलंकी क्षेत्र संगठन मन्त्री, मेरठ क्षेत्र, अजय आर्य प्रांत संगठन मंत्री उत्तराखण्ड, जे.सी.जैन चांसलर कोर विश्वविद्यालय रुड़की, संदीप जैन एकम्स ग्रुप हरिद्वार, संजीव गुप्ता, अशोक बिडलाश, राकेश ओबराय, राजेश मित्तल प्रबन्धक गंगा तीर्थधाम डिवाई बुलन्दशहर, रमेश ठक्कर, लीलाराम गुप्ता, राजेश कुमार, अमित कुमार विभाग संगठन मंत्री, संगठन मंत्री कुलदीप कुमार, राजेंद्र सैनी, चतर सेन, अनिल भारतीय, बसंत चौहान, नीता नैय्यर, नरेश मोहन, आदित्य राणा, रविभूषण आदि के साथ अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


श्री करौली शंकर महादेव धाम में हुआ साधना दीक्षा शिविर प्रारंभ

 सनातन से ही मानव जीवन का कल्याण संभव : करौली शंकर महादेव

श्री करौली शंकर महादेव धाम में त्रिदिवसीय महा सम्मेलन, ध्यान साधना शिविर एवं दीक्षा समारोह प्रारम्भ 

देश-विदेश से आये 3 हजार साधकों को हवन, साधना के उपरान्त दी जायेगी मंत्र दीक्षा

हरिद्वार, 28 अक्टूबर ( अमर शदाणी 



संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार )सनातन से ही मानव जीवन का कल्याण संभव है। सनातन संस्कृति, मंत्र शक्ति व ध्यान से जटिल रोगों का निदान संभव है। यह विचार  उत्तर भारत की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री करौली शंकर महादेव धाम, भारत माता पुरम, भूपतवाला, हरिद्वार के परमाध्यक्ष करौली शंकर महादेव जी महाराज ने त्रिदिवसीय महा सम्मेलन, ध्यान साधना शिविर एवं दीक्षा समारोह के शुभारम्भ के अवसर पर व्यक्त किये।

करौली शंकर महादेव जी महाराज ने कहा कि देश-विदेश से आये लगभग 3 हजार साधकों को हवन, साधना की शुद्धि के उपरान्त मंत्र दीक्षा दी जायेगी। इस महासम्मेलन में हजारों साधक दीक्षा लेकर श्री राधारमन शिष्य सम्प्रदाय के हिस्सा बन रहे हैं। विश्व में इस प्रकार की ऐसी दीक्षा किसी और संत द्वारा नहीं दी जाती है जैसी करौली शंकर महादेव धाम द्वारा पंच महाभूत शुद्धि करके अपने शिष्यों को मन से पवित्र कर उनके अन्दर के नकारात्मक विचारों को समाप्त कर आत्मिक ऊर्जा का संचार कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम देशभर में वर्ष में 4 बार पूर्णिमा दिवस पर आयोजित होते हैं। उत्तराखण्ड की पावन भूमि पर गंगा जी के पावन तट पर आयोजित महासम्मेलन में देश-विदेश के अनुयायियों ने दीक्षा ग्रहण की हैं। 

उन्होंने श्रद्धालु भक्तों से कहा कि हमें जीवन में सबसे पहले शारीरिक, मानसिक, आत्मिक शुद्धि करनी चाहिए तभी हम जीवन का कल्याण कर सकते हैं। यदि हमारा जीवन विकृतियों से भरा होगा तो हम देश व समाज का कल्याण नहीं कर सकते हैं। उन्हांेने बताया कि सत्संग के दौरान स्मृति चिकित्सा, वैदिक चिकित्सा द्वारा जीवन की चिंताओं को मुक्त किया जाता है। उन्होंने कहा कि वैदिक सनातन द्वारा तंत्र और मंत्र से लोगों का कल्याण किया जाता है। सनातन ही सत्य है, बाकी सब छलावा है। कुछ लोग तंत्र का स्वरूप बिगाड़ कर अपना तो भला कर रहे हैं लेकिन सनातन के स्वरूप को बिगाड़ने का का कार्य कर रहे हैं जबकि वैदिक सनातन में तंत्र और मंत्र से बिना किसी को स्पर्श किये पीड़ित व्यक्तियों की पीड़ा को दूर किया जा सकता है। उन्हांेने कहा कि उनका परम उद्देश्य देश, समाज और लोक कल्याण है। स्मृति चिकित्सा द्वारा जीवन में पितृ दोष, कालसर्प दोष समाप्त किया जाता है। 

इस अवसर पर डॉ. उमेश सचान, अनिरूद्ध शर्मा, आशु, राहुल भामरा, दिग्गज राजपूत ने महासम्मेलन के आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया।

भल्ला कॉलेज में मनाया गया खादी महोत्सव


 पन्नालाल भल्ला म्यु इण्टर कॉलेज हरिद्वार में एन सी सी कैडेटों द्वारा मनाया गया खादी महोत्सव

 हरिद्वार 27   अक्टूबर  भल्ला   इंटर कॉलेज में एनसीसी कैडिटो के द्वारा 31 वीं वाहिनी एन सी सी हरिद्वार की ओर से कमान अधिकारी कर्नल विनय मल्होत्रा के निर्देशानुसार भल्ला कॉलेज की एन सी सी प्रभारी सुषमा जगवाण के द्वारा सभी पुरूष व महिला विंग के कैडेटों के द्वारा खादी केउपयोग पर निबंध, स्लोगन/पेंटिंग एवं क्वीज की प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया गया। यह एनसीसी निदेशालय देहरादून के आदेश के  क्रम में बटालियन के द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें विद्यालय के लगभग 90 कैडेटों के द्वारा इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य कैप्टन ओ पी गौनियाल ने कैडेटों को खादी के महत्व पर विस्तार से समझाया कि खादी हमारे देश की पहचान तथा शान है। प्रधानाचार्य ने सर्वप्रथम सभी कैडेटों को खादी के प्रयोग हेतु जनजागरण करने एवं प्रयोग करने की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 02 अक्टूबर गांधी जयंती से प्रारंभ होकर 30 अक्टूबर तक यह प्रतियोगिताए प्रत्येक विद्यालय में होनी हैं। जिसमें आज कॉलेज के एनसीसी क्रेडिटो के द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रधानाचार्य द्वारा बताया गया की महात्मा गांधी के द्वारा किस प्रकार से खादी का प्रयोग करने के लिए जन जागरण अभियान किया और आज भी अधिकतर लोग खादी का प्रयोग करते हैं इस कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठतम प्रवक्ता अनिल कुमार शर्मा, बटालियन के सूबेदार मेजर सुनील कुमार एवं  अन्य पी आई स्टाफ व शिक्षक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर ऑफिसर लव दीक्षित एवं अन्य सीनियर कैडेटों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

समर्थ पोर्टल पर शुरू हुए परीक्षा फॉर्म भरने

 हरिद्वार 27 अक्टूबर  ( आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) बी ए, बी काम, बी एससी प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं के परीक्षा फार्म भरने के लिए  विश्वविद्यालय द्वारा समर्थ पोर्टल को खोल दिया गया है 

यह जानकारी देते हुए एस एम जे एन कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि  प्रथम सैमेस्टर के छात्र-छात्राऐ अपना परीक्षा फार्म भरने के पश्चात महाविद्यालय से परीक्षा फार्म को वैरिफाई करवाने के बाद ही अपना परीक्षा शुल्क समर्थ पोर्टल पर जमा कर सकेंगे।  

डॉ बत्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय की परीक्षाएं दिनांक 20 नवम्बर से प्रारम्भ होगी। तथा छात्र-छात्राओं को अपना परीक्षा फार्म 7 नवम्बर तक हार्ड कापी में महाविद्यालय में जमा करना होगा। छात्र छात्राओं को असुविधा से बचाव हेतु  एक हेल्प डेस्क भी बनाई गई है।

. सिंचाई विभाग गैर कानूनी रूप से संचालित करवा रहा है पंतदीप पार्किंग

 उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर रहा है सिंचाई विभाग

सीबीआई जांच का आदेश आने के बाद भी चहेते ठेकेदार से पंतद्वीप पार्किंग का संचालन करवा कर रहा है विभाग

हरिद्वार, 27 अक्टूबर। उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड द्वारा पंतद्वीप पार्किंग की नीलामी व अवधि विस्तार में अनियमितता व मानकों की अनदेखी के खिलाफ दायर वाद में सीबीआई जांच के आदेश देने के बावजूद भी सिंचाई विभाग उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी करते हुए अपने चहेते ठेकेदार से पार्किंग का संचालन करवा रहा है।  

ज्ञात हो कि सिंचाई विभाग द्वारा पंतद्वीप पार्किंग का ठेका वर्ष 2019 में 3 वर्षों की अवधि के लिए दिया गया था जिसमें ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से दो भाईयों के फर्मों के बीच ही बोली करवाकर पार्किंग का ठेका रिद्धिम एसोसियएट को दे दिया गया था जिसके खिलाफ रूड़की निवासी अशोक कुमार सिंह ने रिट दायर की थी। रिट में अशोक कुमार सिंह ने निविदा में विभागीय अधिकारियों व ठेकेदारांे की मिलीभगत व कोविड के नाम पर बार-बार समय अवधि बढ़ाये जाने को चुनौती दी थी। पंतद्वीप पार्किंग नीलामी का यह प्रकरण 2019 से ही विवादों के घेरे में रहा है। अशोक कुमार सिंह की रिट की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने समय वृद्धि को निरस्त करते हुए मामले को बहुत गम्भीर बताया और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिये इसके साथ ही कहा कि 2 माह में पार्किंग की नीलामी करायी जाये। इसके बाद भी सिंचाई विभाग अपने चहेते ठेकेदार का मोह नहीं छोड़ रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद सिंचाई विभाग न तो टेण्डर प्रक्रिया प्रारम्भ की है न ही अपने चहेते ठेकेदार से चार्ज वापस लिया है। न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर अपने चहेते ठेकेदार से ही पार्किंग का संचालन कराया जा रहा है जिससे विभाग को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। इस संदर्भ में समूचे प्रकरण की विभाग में उच्च स्तर पर शिकायत कर चुके शर्मा टेªडर्स के मधुकर शर्मा ने कहा कि विभाग को न्यायालय के आदेश के उपरान्त त्वरित कार्रवाई करते हुए ठेकेदार से कब्जा वापस लेना चाहिए तथा निविदा की प्रक्रिया प्रारम्भ करनी चाहिए। नीलामी होने तक अस्थायी रूप से प्रतिदिन की दर पर पार्किंग का संचालन कोटेशन के आधार पर करवाना चाहिए।

पतंजलि विश्वविद्यालय में आयोजित की गई कौशल प्रतियोगिता




पतंजलि विश्वविद्यालय में आयोजित कौशल प्रतियोगिता में विद्यार्थियोें ने दिखाया अपना कौशल


कुशलतापूर्वक कर्म करना ही योग है : प्रो0 महावीर अग्रवाल जी


हरिद्वार, 26 अक्टूबर। विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास पतंजलि विश्वविद्यालय का प्रमुख ध्येय रहा है। इसे ध्यान में रखकर संबद्ध एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विभाग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान संकाय के संयुक्त तत्वावधान में कौशल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें स्नातक, परास्नातक के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं (मेंहदी, मिट्टी के बर्तन की सजावट, रंगोली, कार्ड बनाना एवं घर के अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी वस्तुओं का निर्माण) में प्रतिभाग किया गया। कुल 106 विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं हेतु अपना पंजीकरण करवाया एवं अपनी रचनात्मक कला का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में मेंहदी, मिट्टी के बर्तन की सजावट, रंगोली निर्माण, कार्ड बनाना एवं घर के अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी वस्तुओं के निर्माण सम्बन्धी प्रतियोगिता में क्रमशः नंदिनी, सोहिनी एवं ईशिका, रोशनी एवं ईशिका, शिवांगी, ऋषिका एवं मानसी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किये गये।

कौशल प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि वैदिक विद्वान प्रो. महावीर अग्रवाल जी ने प्रतिभागियों सहित उपस्थित विद्यार्थी को जीवन में कौशल का महत्व विभिन्न संदर्भों के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि जब कर्म में कुशलता का समावेश हो जाता है तो वही कर्मयोग बन जाता है। भारत स्वाभिमान (ट्रस्ट) के मुख्य केन्द्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थदेव ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे एवं विद्यार्थियों को नियमित स्तर पर इस प्रकार की प्रतियोगिताओं एवं सभी शिक्षकेतर गतिविधियों में भाग लेने के लिए अभिप्रेरित किया।

डॉ. अभिषेक, डॉ. अन्जू, डॉ. मोनिका, डॉ. भागीरथी एवं डॉ. आरती ने विभिन्न प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विवि के कुलसचिव, विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के मुख्य केन्द्रीय प्रभारी भाई राकेश सहित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल समन्वयन एवं सफल संचालन डॉ. निवेदिता एवं डॉ. ललित चौधरी द्वारा किया गया।

गुरुकुल आयुर्वेदिक परिसर में बनाई मानव श्रृंखला

हरिद्वार 26 अक्टूबर नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड आयुर्वेद विश्व विद्यालय गुरुकुल परिसर हरिद्वार में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति एवं परिसर निदेशक गुरुकुल - प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी जी के मार्गदर्शन में नशा मुक्त अभियान  के अंतर्गत युवा छात्र छात्राओं को  जोडने के लिए परिसर में सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र छात्रों के द्वारा विशाल मानव श्रृखंला बनाई गई । इस मानव श्रृंखला में प्रो० अवधेश मिश्रा, प्रो०मीनारानी आहूजा के नेतृत्व में सभी लोगों ने नशे से दूर  रहने की शपथ ली एवं समाज को नशे प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया। तदोपरांत  गुरुकुल परिसर के सभागार में डॉ. राजीव कुमार द्वारा नशे के विरूद्ध सारगर्भित व्याख्यान भी दिया गया। व्याख्यान कार्यक्रम का संचालन डा०राजीव कुरेले (सदस्य-एंटी ड्रग सेल गुरुकुल परिसर) द्वारा किया गया। इस अवसर पर नशा मुक्त  उत्तराखंड अभियान/एंटी ड्रग सेल उत्तराखंड आयुर्वेद विश्व विद्यालय गुरुकुल परिसर हरिद्वार के अध्यक्ष प्रो० -अवधेश मिश्रा, राहुल तिवारी जी (वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी), हरीश चन्द्र गुप्ता (वरिष्ठ प्रशासनिक 

अधिकारी), डाॅ अजय प्रताप चौहान, प्रोफेसर बिपिनकुमार पांडेय, डॉक्टर विपिन अरोड़ा, डॉ शीतल वर्मा,डॉक्टर अदिति, डॉ शिखा, डॉ देवेश शुक्ला, डा०मयंक भट्टकोटी , डाॅ. संगीता शिक्षक एवं चिकित्सकों आदि एवं बीएएमएस एवं  पीजी शोधार्थी छात्र-छात्राएं, कार्यालय स्टाफ की सक्रिय प्रतिबद्धता रही । कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन डा० गरिमा (गुरुकुल परिसर नोडल अधिकारी-नशा मुक्त अभियान) द्वारा किया गया।


आयुर्वेद फॉर वन हेल्थ के अंतर्गत आयोजित किया गया कार्यक्रम

 देहरादून 25 अक्टूबर


उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष में आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्देशित कार्यक्रम "आयुर्वेद फॉर वन हेल्थ' कार्यक्रम हर दिन हर किसी के लिए आयुर्वेद थीम के अंतर्गत आयुर्वेद फॉर स्टूडेंट आयुर्वेद फॉर फार्मर्स आयुर्वेद फॉर पब्लिक हेल्थ आदि विषय पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम की श्रृंखला आयोजित की गई है। कार्यक्रम 29 सितंबर से चल रहे हैं जोकि 10 नवंबर तक आयोजित किए जाएंगे। पूर्व में स्पीच कंपटीशन प्रशासनिक भवन सभागार में आयोजित किया जा चुका है। आज मुख्य परिषद के चिकित्सालय भवन में प्रोफेसर राधा वल्लभ सती कैंपस डायरेक्टर के मार्गदर्शन में आयुर्वेद विषय पर रंगोली कंपटीशन एवं नशा मुक्ति विषय पर पोस्टर कंपटीशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ राजीव कुरेले , डॉ अमित तमाड्डी एवं सह नोडल अधिकारी डॉ ऋषि आर्य ने बताया। आज के रंगोली कंपटीशन  कार्यक्रम का कोऑर्डिनेटर , डॉ जया काला,  डॉ० शाहजबी, डॉ वर्षा सक्सैना ने किया। आज के कंपटीशन में जुड़ी सदस्य के रूप में डॉ०आलोक श्रीवास्तव, डॉ नंदकिशोर दाधीचि, डॉक्टर इलातन्ना उपस्थित रहे। आज का कार्यक्रम मुख्य परिसर के शिक्षकगण, चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सालय स्टाफ आदि की उपस्थिति में बहुत सुंदर तरीके से आयोजित किया गया। जिसमें बीएएमएस बैच 2019,2020, 2021 एवं 2022 के छात्र-छात्राओं की टीमों ने प्रतिभाग किया। शरद ऋतुचर्या एवं आयुर्वेद, मेंटल हेल्थ एवं आयुर्वेदिक आहार,  षडचक्र, नशा मुक्ति, डेंगू बचाव अवेयरनेस, आयुर्वेद आहार अवेयरनेस विषय थीम पर विभिन्न प्रकार की रंगोली एवं पोस्टर प्रस्तुत की गई। जूरी सदस्यों ने प्रतिभागी टीम का आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से  प्रश्न भी पूछे गए । कार्यक्रम के अंत में परिसद निदेशक महोदय ने सभी प्रतिभागी टीमों को उनके सक्रिय प्रतिभागी के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई संदेश दिया। प्रो०सती ने कहा की सभी सफल- प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के  कार्यक्रम 10 नवंबर को सम्मानित भी किया जाएगा।

.. अखिल भारतीय सनातन परिषद ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

 मौर्य की संतों पर अभद्र टिप्पणी पर भड़की सनातन परिषद


अखिल भारतीय सनातन परिषद ने सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन


संत समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी नहीं होगी बर्दाश्त: पुरुषोत्तम शर्मा


हरिद्वार 25 अक्टूबर


उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का फिर से संत महंतों को लेकर अभद्र टिप्पणी करने से धर्मनगरी हरिद्वार में आक्रोश पनप रहा है। मौर्य की टिप्पणी पर अखिल भारतीय सनातन परिषद भी भड़क उठी। सनातन परिषद के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही कार्रवाई की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। स्वामी प्रसाद मौर्य के संत समाज से माफी मांगे जाने की मांग की। ऐसा न करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। 

अखिल भारतीय सनातन परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।  जिस संतों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से समस्त सनातनियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अखिल भारतीय सनातन परिषद इसका पुरजोर तरीके से विरोध करती है।

संत समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों को कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो सनातन परिषद उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित अविक्षित रमन ने कहा कि संत समाज, सनातन और मंदिरों पर टिप्पणी करने वाले स्वामी प्रसाद का समाज से बहिष्कार किया जाना चाहिए। मौर्य लगातार सनातन धर्म और संतों के विरुद्ध प्रचार कर तमाम सनातनियों की भावनाओं को आहट कर रहे हैं, जो बिल्कुल भी सहन करने योग्य नहीं है। डॉक्टर विशाल गर्ग, और राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य राजवीर सिंह कटारिया ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं कि संतो को लेकर बयान बाजी करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे लोगों को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी रहने का अधिकार नहीं है। ऐसे लोगों के लिए सिर्फ एक ही जगह है जेल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका संज्ञान लेते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें। कहा कि गलत बयान बाजी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संत समाज सनातन धर्म की रक्षा करता चला आ रहा है। उनके खिलाफ एक शब्द भी गलत सुना नहीं जाएगा। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाकर कठोर से कठोर कार्रवाई कराई जाएगी। प्रदर्शन के दौरान राजवीर सिंह कटारिया, शेखर कटारिया, अशोक कटारिया, अजय कुमार, पंडित अधीर कौशिक, कृष्ण शास्त्री, रघुवीर गिरी, महंत दिनेश दास, संजय पुरी आदि मौजूद रहे।

महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद ने किया डॉक्टर नरेश चौधरी को सम्मानित


*प्रोफेसर (डा0) नरेश चौधरी को उत्कृष्ठ कार्यो के लिये श्री अवधूत मण्डल आश्रम की ओर से विशेष रूप से किया गया सम्मानित।*


हरिद्वार 25 अक्टूबर ( वीरेंद्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ) ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के शरीर रचना विभागाध्यक्ष/सचिव इण्डियन रेडक्रास प्रोफेसर (डा0) नरेश चौधरी को अपने मूल दायित्वों के साथ साथ समाज में किये गये उत्कृष्ठ कार्यों  के लिये श्री अवधूत मण्डल आश्रम हनुमान मन्दिर की ओर से पीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी सन्तोषानन्ददेव महाराज ने बद्रीनाथ धाम आश्रम के लोकार्पण समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया। सम्मानित करते हुए महामण्डलेश्वर स्वामी सन्तोषानन्द ने कहा कि डा0 नरेश चौधरी अपने मूल दायित्वों के साथ जन समाज में की जा रही अपनी समर्पित सेवा से एक सच्चे, कर्मठ, मेहनती समाजसेवी स्वयंसेवक के रूप में जन जन में लोकप्रिय हैं, डा0 नरेश चौधरी द्वारा किये जा रहे समर्पण  भावना से किये जा रहे उत्कृष्ठ कार्यो के लिये अवधूत मण्डल आश्रम के परिवारजन/भक्तजन भी अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। महामंडलेश्वर स्वामी सन्तोषानन्ददेव महाराज ने कहा कि अवधूत मण्डल आश्रम द्वारा जो भी जनसमाज के कार्य किये जाते हैं उन सभी में भी डा0 नरेश चौधरी तत्परता से अग्रणी सहयोग करते हैं। डा0 नरेश चौधरी ने श्री अवधूत मण्डल द्वारा सम्मान प्राप्त होने पर पीठाधीश्वर स्वामी सन्तोषानन्द महाराज, अवधूत मण्डल के सभी परिवारजन  एवं अपने सभी शुभचिंतकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि समय समय पर जो मुझे समाज से सम्मान मिलता है उससे मेरी दिन दोगुनी रात चौगुनी ऊर्जा बढती है तथा और अधिक सेवा के लिये प्रोत्साहित करती है जिससे मैं ओर अधिक चुनौतीपूर्ण टास्क का नेतृत्व करने के लिये हर समय स्वयं ही तत्पर रहता हुं और जब चुनौतीपूर्ण कार्य पूर्ण हो जाते हैं तो उससे मुझे जो आत्मसंतुष्ठि मिलती है वह ही मेरे लिये सबसे बडा पुण्य और मेरे जीवन की अनमोल, अतुल्यनीय पुंजी है जिसको समय समय पर जनसमाज एवं मेरे शुभचिंतक शुभकामनाओं से बढाते रहते हैं। समारोह में उपस्थित महामण्डलेश्वर बच्चन दास, स्वामी गोपालदास, स्वामी आशुतोषदेव, स्वामी ओमकारदेव, स्वामी बलदेव,  मुख्यमंत्री के सचिव डा0 एस0एन0पाण्डेय, जनपद चमोली के अपर जिलाधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक नताशा सिंह, एस0डी0एम0 कुमकुम जोशी, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने भी डा0 नरेश चौधरी को बधाई दी।


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