संत वाणी

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* मंदिर में दर्शन के बाद बाहर सीढ़ी*
        *पर थोड़ी देर क्यों बैठा जाता है❓*


     *उत्तर ~* परम्परा हैं कि किसी भी मंदिर में दर्शन के बाद बाहर आकर मंदिर की पैड़ी या ऑटले पर थोड़ी देर बैठना। क्या आप जानते हैं इस परंपरा का क्या कारण है ?
     आजकल तो लोग मंदिर की पैड़ी पर बैठकर अपने घर/व्यापार/राजनीति इत्यादि की चर्चा करते हैं, परंतु यह प्राचीन परंपरा एक विशेष उद्देश्य के लिए बनाई गई है। वास्तव में मंदिर की पैड़ी पर बैठ कर एक श्लोक बोलना चाहिए। यह श्लोक आजकल के लोग भूल गए हैं। इस लोक को मनन करें और आने वाली पीढ़ी को भी बताएं। श्लोक इस प्रकार है ~
            *अनायासेन मरणम् ,*
            *बिना देन्येन जीवनम्।*
            *देहान्त तव सानिध्यम् ,*
            *देहि मे परमेश्वरम्॥*


      इस श्लोक का अर्थ है ~
  *अनायासेन मरणम्* अर्थात् बिना तकलीफ के हमारी मृत्यु हो और कभी भी बीमार होकर बिस्तर पर न पड़ें, कष्ट उठाकर मृत्यु को प्राप्त ना हों चलते फिरते ही हमारे प्राण निकल जाएं।
  *बिना देन्येन जीवनम्* अर्थात् परवशता का जीवन ना हो। कभी किसी के सहारे ना रहाना पड़े। जैसे कि लकवा हो जाने पर व्यक्ति दूसरे पर आश्रित हो जाता है वैसे परवश या बेबस ना हों। ठाकुर जी की कृपा से बिना भीख के ही जीवन बसर हो सकें।
  *देहांते तव सानिध्यम* अर्थात् जब भी मृत्यु हो तब भगवान के सम्मुख हो। जैसे भीष्म पितामह की मृत्यु के समय स्वयं ठाकुर (कृष्ण जी) उनके सम्मुख जाकर खड़े हो गए। उनके दर्शन करते हुए प्राण निकले।
  *देहि में परमेशवरम्* हे परमेश्वर ऐसा वरदान हमें देना।


    *भगवान से प्रार्थना करते हुऐ उपरोक्त श्र्लोक का पाठ करें।* गाड़ी, लाडी, लड़का, लड़की, पति, पत्नी, घर, धन इत्यादि (अर्थात् संसार) नहीं मांगना है, यह तो भगवान आप की पात्रता के हिसाब से खुद आपको देते हैं। इसीलिए दर्शन करने के बाद बैठकर यह प्रार्थना अवश्य करनी चाहिए। यह प्रार्थना है, याचना नहीं है। याचना सांसारिक पदार्थों के लिए होती है। जैसे कि घर, व्यापार,नौकरी, पुत्र, पुत्री, सांसारिक सुख, धन या अन्य बातों के लिए जो मांग की जाती है वह याचना है वह भीख है।


     *'प्रार्थना' शब्द के 'प्र' का अर्थ होता है 'विशेष' अर्थात् विशिष्ट, श्रेष्ठ और 'अर्थना' अर्थात् निवेदन। प्रार्थना का अर्थ हुआ विशेष निवेदन।*


     मंदिर में भगवान का दर्शन सदैव खुली आंखों से करना चाहिए, निहारना चाहिए। कुछ लोग वहां आंखें बंद करके खड़े रहते हैं। आंखें बंद क्यों करना, हम तो दर्शन करने आए हैं। भगवान के स्वरूप का, श्री चरणों का, मुखारविंद का, श्रृंगार का, *संपूर्ण आनंद लें, आंखों में भर ले निज-स्वरूप को।*
      *दर्शन के बाद जब बाहर आकर बैठें, तब नेत्र बंद करके जो दर्शन किया हैं उस स्वरूप का ध्यान करें। मंदिर से बाहर आने के बाद, पैड़ी पर बैठ कर स्वयं की आत्मा का ध्यान करें तब नेत्र बंद करें और अगर निज आत्मस्वरूप ध्यान में भगवान नहीं आए तो दोबारा मंदिर में जाएं और पुन: दर्शन करें।*
             *॥ हरि ॐ तत् सत् ॥*
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संत वाणी

अपना मूल्य जानिए 


महंत प्रेम दास जी महाराज कोठारी श्री पंचायती अखाड़ा बडा उदासीन कनखल हरिद्वार 


*रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क के किनारे कटोरा लिए एक भिखारी लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने कटोरे में पड़े सिक्कों को हिलाता रहता और साथ-साथ यह गाना भी गाता जाता -*
*गरीबों की सुनो वो तुम्हारी सुनेगा -२*
*तुम एक पैसा दोगे वो दस लाख देगा*
*गरीबों की सुनो ..."*


*कटोरे से पैदा हुई ध्वनि व उसके गीत को सुन आते-जाते मुसाफ़िर उसके कटोरे में सिक्के डाल देते।*


*सुना था, इस भिखारी के पुरखे शहर के नामचीन लोग थे! इसकी ऐसी हालत कैसे हुई यह अपने आप में शायद एक अलग कहानी हो!*


*आज भी हमेशा की तरह वह अपने कटोरे में पड़ी चिल्हर को हिलाते हुए, 'ग़रीबों की सुनो वो तुम्हारी सुनेगा....' वाला गीत गा रहा था।*


*तभी एक व्यक्ति भिखारी के पास आकर एक पल के लिए ठिठकर रुक गया। उसकी नजर भिखारी के कटोरे पर थी फिर उसने अपनी जेब में हाथ डाल कुछ सौ-सौ के नोट गिने। भिखारी उस व्यक्ति को इतने सारे नोट गिनता देख उसकी तरफ टकटकी बाँधे देख रहा था कि शायद कोई एक छोटा नोट उसे भी मिल जाए।* 


*तभी उस व्यक्ति ने भिखारी को संबोधित करते हुए कहा, "अगर मैं तुम्हें हजार रुपये दूं तो क्या तुम अपना कटोरा मुझे दे सकते हो?"*


*भिखारी अभी सोच ही रहा था कि वह व्यक्ति बोला, "अच्छा चलो मैं तुम्हें दो हजार देता हूँ!"*


*भिखारी ने अचंभित होते हुए अपना कटोरा उस व्यक्ति की ओर बढ़ा दिया और वह व्यक्ति कुछ सौ-सौ के नोट उस भिखारी को थमा उससे कटोरा ले अपने बैग में डाल तेज कदमों से स्टेशन की ओर बढ़ गया।*


*इधर भिखारी भी अपना गीत बंद कर वहां से ये सोच कर अपने रास्ते हो लिया कि कहीं वह व्यक्ति अपना मन न बदल ले और हाथ आया इतना पैसा हाथ से निकल जाए।*
*और भिखारी ने इसी डर से फैसला लिया अब वह इस स्टेशन पर कभी नहीं आएगा - कहीं और जाएगा!*


*रास्ते भर भिखारी खुश होकर  यही सोच रहा था कि 'लोग हर रोज आकर सिक्के डालते थे,*
*पर आज दौ हजार में कटोरा! वह कटोरे का क्या करेगा?' भिखारी सोच रहा था?*


*उधर दो हजार में कटोरा खरीदने वाला व्यक्ति अब रेलगाड़ी में सवार हो चुका था। उसने धीरे से बैग की ज़िप्प खोल कर कटोरा टटोला - सब सुरक्षित था। वह पीछे छुटते नगर और स्टेशन को देख रहा था। उसने एक बार फिर बैग में हाथ डाल कटोरे का वजन भांपने की कोशिश की। कम से कम आधा किलो का तो होगा!*


*उसने जीवन भर धातुओं का काम किया था। भिखारी के हाथ में वह कटोरा देख वह हैरान हो गया था। सोने का कटोरा! .....और लोग डाल रहे थे उसमें एक-दो के सिक्के!*


*उसकी सुनार वाली आँख ने धूल में सने उस कटोरे को पहचान लिया था। ना भिखारी को उसकी कीमत पता थी और न सिक्का डालने वालों को पर वह तो जौहरी था, सुनार था।*


*भिखारी दो हजार में खुश था और जौहरी कटोरा पाकर! उसने लाखों की कीमत का कटोरा दो हजार में जो खरीद लिया था।*


 *इसी तरह हम भी अपने अनमोल इंसानी जामे की उपयोगिता भूले बैठे है और उसे एक सामान्य कटोरे की भाँति समझ कर खटका कर कौड़ियां इक्कट्ठे करने में लगे हुए हैं।*


*ये इंसानी जन्म ८४ लाख योनियों के बाद मिला है*
*इसे ऐसे ही ना गवाएं*


*हर समय परमात्मा का नाम सुमीरण करके अपना जीवन सफल बनाए !*


संघ है तो राष्ट्र सुरक्षित है

संघे शक्ति कलयुगे (अश्विनी कौशिक) 


ये देश संघ का ऋणी रहेगा,कल्पना करो कि अगर संघ के सरसंघचालक गोलवलकर जी ने हिन्दुओ के लिए एक राजनीतिक दल(जनसंघ बीजेपी)नही बनाया होता तो आज भारत का क्या हस्र हुआ होता,सड़क से संसद तक हिन्दुओ की आवाज कोंन उठा था ,राम मन्दिर,370,नागरीकता कानून,,दुनिया के सताए हिन्दू की चिंता कोंन करता ,ओर जेहादी घुसपैठियों को निकालने की भला कौन सोच सकता,,जब आज देखता हूं कि बीजेपी को छोड़ सारे राजनीतिक दल जेहादियो नक्सलियों घुसपैठियों  मुस्लिमो की जेब मे बैठे है अगर आज बीजेपी जैसा राजनीतिक दल संघ संघ खड़ा नही करता तो इस देश की क्या दुर्गति होती सोचने मात्र से रोंगटे खड़े होजाते है ,,में इसी लिए कहता हूं कि अगर संघ पु सरसंघचालक गोलवलकर जी वर्षो पहले ये जान चुके थे कि सारी राजनीतिक जमात हिन्दुओ के विरोध में खड़ी है ऐसे में गुरु जी ने हिन्दुओ के लिए सामाजिक संगठनों के साथ एक राजनीतिक दल भी बनाया जिसका प्रारंभिक नाम जनसंघ ओर बाद में उसका नाम भारतीय जनता पार्टी बना।
सोचो संघ कितनी आगे की सोचता है हिन्दुओ ओर भारत भूमि के लिए । आज जब चारो तरफ जेहादी समर्थक राजनीतिक दलों के बीच मे बीजेपी को भगवा थामें हर चुनोती से  संघर्ष करते देखता हूं तो अपने आप संघ को नमन करने के लिए  सर झुक जाता है।


संघ ने अपनी हड्डिया गलाकर भारत भूमि और हिन्दू रक्षा के #सस्त्र बनाए है।


त्रेतायाम मन्त्र शक्ति,ज्ञान शक्ति सतयुगे, द्वापरे युद्ध शक्तिशच ,,संघ शक्ति कलयुगे।


दिसंबर और जनवरी का रिश्ता

दिसंबर और जनवरी का रिश्ता


कविता (अनीता वर्मा) 


 


कितना अजीब है ना, 
*दिसंबर और जनवरी का रिश्ता?*
जैसे पुरानी यादों और नए वादों का किस्सा...


दोनों काफ़ी नाज़ुक है 
दोनो मे गहराई है,
दोनों वक़्त के राही है, 
दोनों ने ठोकर खायी है...


यूँ तो दोनों का है
वही चेहरा-वही रंग,
उतनी ही तारीखें और 
उतनी ही ठंड...
पर पहचान अलग है दोनों की
अलग है अंदाज़ और 
अलग हैं ढंग...
 
एक अन्त है, 
एक शुरुआत
जैसे रात से सुबह,
और सुबह से रात...


एक मे याद है
दूसरे मे आस,
एक को है तजुर्बा, 
दूसरे को विश्वास...


दोनों जुड़े हुए है ऐसे
धागे के दो छोर के जैसे,
पर देखो दूर रहकर भी 
साथ निभाते है कैसे...


जो दिसंबर छोड़ के जाता है
उसे जनवरी अपनाता है,
और जो जनवरी के वादे है
उन्हें दिसम्बर निभाता है...


कैसे जनवरी से 
दिसम्बर के सफर मे
११ महीने लग जाते है...
लेकिन दिसम्बर से जनवरी बस
१ पल मे पहुंच जाते है!!


जब ये दूर जाते है 
तो हाल बदल देते है,
और जब पास आते है 
तो साल बदल देते है...


देखने मे ये साल के महज़ 
दो महीने ही तो लगते है,
लेकिन... 
सब कुछ बिखेरने और समेटने
का वो कायदा भी रखते है...


दोनों ने मिलकर ही तो 
बाकी महीनों को बांध रखा है,
.
अपनी जुदाई को 
दुनिया के लिए 
एक त्यौहार बना रखा है..!
😊 copied


युवाओ के नाम संदेश

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✍🏻 वर्तमान समय में युवा पीढ़ी मूर्खतापूर्ण भेड चाल चलते हैं और जाने-अनजाने में वीर शहिदों का या भारतीय संप्रभुता का अपमान करते हैं इसलिए मैं पवन आर्य एक कविता लिख रहा हूँ और मुझे पुरी आशा है कि आपकी सोच में सकरात्मक परिवर्तन होगा...



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                 ---वीर रस---
                    विडंबना


देखों ऋषियों के बच्चों के घर कैसे आज सभ्यता शर्मसार हैं,
जो हुआ करते थे चाणक्य वो आज केवल मुर्खता का प्रचार हैं,
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यह बडे  भोले हैं मेरे हिन्दू, यह बिता वक्त भुल जातें हैं,
जिन्होंने दिए केवल घाव,यह उनका नया साल मनाते हैं,


जिन्होंने इनके पुर्वजों को गिन-गिन कर के काटा था,
जिनकी नीति ने इनके वतन को दो हिस्सों में बाटा था,
जिन चोरों ने भारत  को दोनों हाथों से लुटा था,
जिनके कारण शेर उद्धम सिंह का गुस्सा फुटा था,


यह  मुर्ख  मदमस्त  होकर  अपनी मुर्खता को दर्शाते हैं,
यह भुल गए वीर शहिदों को, अंग्रेजों की औलाद कहलाते हैं,


जिन्होंने  सोने  की चिडिया  के पंखों पर आग  लगाईं थीं,
जिन्होंने जलियांवाला मे देशभक्तों पर गोलियां बरसाईं थीं,
जिन्होंने भारतीय सभ्यता को मिटने की कगार पर छोडा था,
जिन्होंने मेरे आर्यावर्त की रिड की  हड्डी को बेशर्मी से तोडा था,


यह अपनी अज्ञानता के आगे लाचार हो जाते हैं,
भुल स्वाभिमान को यह अंग्रेजी भुत बन जाते हैं,


जिन्होंने वीर सावरकर को वर्षों तक घानी का बैल बनाया था,
जिन्होंने लाला लाजपतराय को लाठियां मारकर मरवाया था,
जिन्होंने चन्द्रशेखर आजाद के बालपन में कोडा मरवाया था,
 जिन्होंने आर्यवीर रामप्रसाद बिस्मिल को  धोखे से मरवाया,


जो करें शहीदों का सम्मान वो नया साल हरगिज नहीं मनाते हैं,
जो होते हैं कुछ अंग्रेजी भांड वो जरूर हेप्पी न्यू ईयर चिल्लाते हैं


जिनका तुम नया साल मनाते हो उन्होंने भारत में दो सो वर्ष हाहाकार मचाया था,
मैं कैसे मनालूं नया साल उनका जिन्होंने मेरे भगत सिंह को फासी पे लटकाया था।



मैं  पवन  आर्य  कहता  तुमसे अब  तो  थोड़ा मनन कर लेना जी,
मेरा नववर्ष चेत्र में आता हैं मुझे नये साल की शुभकामनाएं मत देना जी,



🖋आर्य पवन


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स्वदेशी संदेश

#स्वदेशीसंदेश
#स्वदेशीचिट्ठी


वाह!स्वयं प्रधानमंत्री ने की,स्वदेशी खरीदने की अपील
मैं सामान्यतया 'मन की बात' कार्यक्रम सुनता नहीं हूं।किंतु कल सवेरे जैसे ही मैंने समाचार में पढ़ा कि प्रधानमंत्री जी ने स्वदेशी उपयोग करने, खरीदने की बात की है, तो मैंने यूट्यूब पर जाकर पूरी 'मन की बात' सुनी।
वास्तव में, जिस तरह उन्होंने उ:प्र: के फूलपुर की महिलाओं द्वारा चप्पल बनाने के उद्योग विकसित करने या बिहार में पुराने विद्यार्थियों द्वारा अपने गांव में चिकित्सा शिविर का आयोजन करने,जैसे सहज, सहभागिता के उदाहरण दिए हैं, वह निश्चित रूप से स्वदेशी के मूल विचार और भावना के 100% अनुरूप हैं।
वास्तव में ही इस समय देश भर में स्वदेशी के अनुकूल वातावरण बना है। इसीलिए तो सामान्य व्यक्ति से लेकर प्रधानमंत्री तक उसकी बात कर रहे हैं। कभी स्वदेशी को पिछड़ा, पुराना, गंवार विचार समझा जाता था किंतु अब वह भारत के अर्थशास्त्र का केंद्र बिंदु बनता जा रहा है। इसी से देश की रोजगार की समस्या भी हल होगी और इसी से ग्रोथ भी होगी।और यही सच्चे विकास का मार्ग भी है।
आपसे अनुरोध है कि यूट्यूब पर जाकर, परसों की 'मन की बात' अवश्य सुनें।
 
#सतीश कुमार


ये नव वर्ष हमे स्वीकार नही

अंग्रेजी नववर्ष पर राष्ट्रकवि श्रद्धेय *रामधारी सिंह " दिनकर " जी* की कविता:-


 *ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं,*
है अपना ये त्यौहार नहीं,
है अपनी ये तो रीत नहीं,
है अपना ये व्यवहार नहीं।


धरा ठिठुरती है शीत से,
आकाश में कोहरा गहरा है,
बाग़ बाज़ारों की सरहद पर
सर्द हवा का पहरा है।


सूना है प्रकृति का आँगन
कुछ रंग नहीं, उमंग नहीं,
हर कोई है घर में दुबका हुआ
नव वर्ष का ये कोई ढंग नहीं।


*चंद मास अभी इंतज़ार करो,*
निज मन में तनिक विचार करो,
नये साल नया कुछ हो तो सही,
क्यों नक़ल में सारी अक्ल बही।


*ये धुंध कुहासा छंटने दो,*
रातों का राज्य सिमटने दो,
प्रकृति का रूप निखरने दो,
फागुन का रंग बिखरने दो।


प्रकृति दुल्हन का रूप धर,
जब स्नेह – सुधा बरसायेगी,
शस्य – श्यामला धरती माता,
घर -घर खुशहाली लायेगी।


*तब चैत्र-शुक्ल की प्रथम तिथि,*
*नव वर्ष मनाया जायेगा।*
आर्यावर्त की पुण्य भूमि पर,
जय-गान सुनाया जायेगा।।
   
🙏हमारा(आर्यो का) *नवसवंत्सर(विक्रमी संवत्) 2077 चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा*(यानी 25 मार्च 2020) से शुरू हो रहा है।🇮🇳


🙏अतः विनम्र प्रार्थना है कि इस अनुरोध को स्वीकार करे तथा हमे और अपने अन्य परिचितों को भारतीय नव वर्ष(विक्रमी संवत) की ही बधाई दिजिएगा।आशा है आप उस दिन सभी को बधाई जरूर देगे।


*सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय हो*


रामधारी सिंह दिनकर

अंग्रेजी नववर्ष पर राष्ट्रकवि श्रद्धेय *रामधारी सिंह " दिनकर " जी* की कविता:- 


साभार भाई पवन कुमार आर्य मिर्ज़ा पुर 


सुपर स्टार अमिताभ बच्चन


  • *यथार्थ जीवन के भी सुपर स्टार है अमिताभ बच्चन


धन्य है अमिताभ बच्चन जैसी महान विभूति **
दादा फाल्के फ़िल्म पुरुस्कार राष्ट्रपति जी से लेते हुए 
सजल नेत्रों से कहा ***
ये सब मेरे माता पिता जी का ओर उस ईश्वर का आशीर्वाद है !!
फिल्मों के शौकीन लोग अमिताभ बच्चन जी को चाहे किसी भी रोल या अभिनीत चरित्र की वजह से सुपर स्टार कहते हो या मानते हो ! पर में इस एंग्री यंगमैन को  यथार्थ ओर सांसारिक जगत का भी सुपर स्टार मानता हूं और दिल से नमन ओर वंदन करता हूँ 
अपने पिताजी ( बाबूजी )  विख्यात कवि स्वर्गीय श्री हरिवंश राय बच्चन जी के निधन पर अमिताभ बच्चन जी उनके पुष्प लेकर हरिद्वार हर की पौड़ी आये थे !
नंगे पांव सफेद कुर्ता पाजामा पहने चेहरे पर शून्यता ओर गम की शिकन ' शरीर निढाल ओर सुस्त  चाल " चलते हुए विधि विधान हिन्दू रीति रिवाज ओर धार्मिक परम्पराओ से पंडितों द्वारा पुष्प (फूल) गंगाजी में प्रवाहित कर काफी देर तक बहते फूलों को निहारते रहे !
घाट से बाहर आये भारी भीड़ ओर दर्शकों बचाकर पुलिस  प्रशासन ने उन्हें उनकी गाड़ी तक पहुंचाया !
तो बेसब्री से इंतजार कर रहे अखबार वालो ने घेर ही लिया !
सबका एक ही सवाल ** अमित जी " सुना है आपने इन 3 दिनों से जल भी ग्रहण नही किया " और नंगे पांव आये हो और ये चहेरे पे झलकती पीड़ा !
क्या अपने बाबूजी का जाना इतना दर्द दे गया आपको ???
,************
अमर उजाला अखबार ने इस सवाल का जबाब कुछ यूं लिखा था ******
*  होठ बन्द रहे बस सब कुछ कह गई आंखे !
अर्थात बिना कुछ कहे  बिलख पड़े थे अमिताभ बच्चन !
********
जीवन के उच्च शिखर पर पहुंच कर भूल जाते है लोग मां बाप को !
पर अमिताभ बच्चन  जैसे लोग फ़िल्म के ही नही वास्तविक जीवन के भी सुपर स्टार है !@
आज इस महान  सख्शियत को दिल से सैलूट !!************* चौधरी भूपसिंह ऐडवोकेट लक्सर (हरिद्वार)***


जागो कही देर न हो जाए

जागो नही तो कही के भी नहीं रहोगे
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कोलकाता से मुंबई की ओर दुरंतो ट्रेन अपनी स्प्पीड से चल रही ही थी
रिजर्वेशन कोच में टिकट चैकर आया और सबसे आईडी  प्रूफ मागा 
दो लोगो ने कहा कि हमारे पास कोई भी आईडी प्रूफ नहीं है .हम उन 30 परसेंट गरीब लोगो से है जिनके पास कोई डॉक्यूमेंट नहीं है.
टिकट चैकर ने पूछा तो आपने टिकट कैसे बनाया 
आदमी बोला साहब ये इंडिया है यह सब कुछ बन सकता है .
टिकट चैकर ने कहा कि आपको आईडी प्रूफ दिखाना पड़ेगा नहीं तो आप आगे की यात्रा नहीं कर पाएंगे .
ट्रेन में अर्बन नक्सल और छद्म जिहादी कुछ  लोग इकट्ठा हो गए  , बवाल किया की ये टिकट चेकर सांप्रदायिक है.., ये टिकट चैकर NRc का समर्थक है
टिकट चैकर सोचा बाकी के यात्री मेरा समर्थन करेगे लेकिन बाकी के लोग खाने में, पीने में, बातों में , मोबाइल में और लैपटॉप में व्यस्त थे .
टिकट चैकर उस डिब्बे से चला गया 
सुबह 6 बजे लोग ढूंढते हुए आए की हमारा मोबाइल , पर्स, और बैग गायब है
टिकट चैकर ने करवट बदली और बोला अभी तो मोबाइल , पर्स, और बैग गायब है ...अगर तुम नहीं सुधरे तो जैसे पाकिस्तान से तुम गायब हुए हो एक दिन हिंदुस्तान से गायब हो जावागे .


सरलता और व्यवहार


  • आप का व्यवहार और सरलता ही आपकी पूंजी है


*एक सभा में गुरु जी ने प्रवचन के दौरान*
*एक 30 वर्षीय युवक को खडा कर पूछा कि*
*- आप मुम्बई मेँ जुहू चौपाटी पर चल रहे हैं और सामने से एक सुन्दर लडकी आ रही है तो आप क्या करोगे ?*
*युवक ने कहा - उस पर नजर जायेगी, उसे देखने लगेंगे।*
*गुरु जी ने पूछा - वह लडकी आगे बढ गयी तो क्या पीछे मुडकर भी देखोगे ?*
*लडके ने कहा - हाँ, अगर धर्मपत्नी साथ नहीं है तो। (सभा में सभी हँस पडे)*
*गुरु जी ने फिर पूछा - जरा यह बताओ वह सुन्दर चेहरा आपको कब तक याद रहेगा ?*
*युवक ने कहा 5 - 10 मिनट तक, जब तक कोई दूसरा सुन्दर चेहरा सामने न आ जाए।*


*गुरु जी ने उस युवक से कहा - अब जरा सोचिए,*
*आप जयपुर से मुम्बई जा रहे हैं और मैंने आपको एक पुस्तकों का पैकेट देते हुए कहा कि मुम्बई में अमुक महानुभाव के यहाँ यह पैकेट पहुँचा देना।*
*आप पैकेट देने मुम्बई में उनके घर गए।*
*उनका घर देखा तो आपको पता चला कि ये तो बडे अरबपति हैं।*
*घर के बाहर 10 गाडियाँ और 5 चौकीदार खडे हैं। आपने पैकेट की सूचना अन्दर भिजवाई तो वे महानुभाव खुद बाहर आए। आप से पैकेट लिया। आप जाने लगे तो आपको आग्रह करके घर में ले गए। पास में बैठकर गरम खाना खिलाया। जाते समय आप से पूछा - किसमें आए हो ? आपने कहा- लोकल ट्रेन में। उन्होंने ड्राइवर को बोलकर आपको गंतव्य तक पहुँचाने के लिए कहा और आप जैसे ही अपने स्थान पर पहुँचने वाले थे कि उस अरबपति महानुभाव का फोन आया - भैया, आप आराम से पहुँच गए।*
*अब आप बताइए कि आपको वे महानुभाव कब तक याद रहेंगे ?*
*युवक ने कहा - गुरु जी ! जिंदगी में मरते दम तक उस व्यक्ति को हम भूल नहीं सकते।*


*गुरु जी ने युवक के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा*
*_"यह है जीवन की हकीकत।"_*


 *"सुन्दर चेहरा थोड़े समय ही याद रहता है,__पर हमारा सुन्दर व्यवहार जीवन भर याद रहता है।*
*अतः जीवन पर्यन्त अपने व्यवहार को सुन्दर बनाते रहिए फिर देखिए आपके जीवन का रंग *🎨 
🌺🌸🌼🥀🌺🌸🌼🥀🌺🌸🌼   जय जिनेंद्र


विक्रम सारा भाई

विक्रम सारा भाई को शत नमन( माननीय स्वामी यतीश्वरा नंद) 


महान भारतीय वैज्ञानिक विक्रम अंबालाल साराभाई (१२ अगस्त, १९१९- ३० दिसंबर, १९७१)  की स्मृति को नमन!
इन्होंने ८६ वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे एवं ४० संस्थान खोले। इनको विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन १९६६ में भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था।
डॉ॰ साराभाई में एक प्रवर्तक वैज्ञानिक, भविष्य द्रष्टा, औद्योगिक प्रबंधक और देश के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए संस्थाओं के परिकाल्पनिक निर्माता का अद्भुत संयोजन था। 
डॉ॰ साराभाई द्वारा स्थापित कुछ सर्वाधिक जानी-मानी संस्थाओं के नाम इस प्रकार हैं- भौतिकी अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल), अहमदाबाद; भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद; सामुदायिक विज्ञान केन्द्र; अहमदाबाद, दर्पण अकादमी फॉर परफार्मिंग आट्र्स, अहमदाबाद; विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र, तिरुवनन्तपुरम; अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, अहमदाबाद; फास्टर ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (एफबीटीआर) कलपक्कम; वैरीएबल एनर्जी साईक्लोट्रोन प्रोजक्ट, कोलकाता; भारतीय इलेक्ट्रानिक निगम लिमिटेड (ईसीआईएल) हैदराबाद और भारतीय यूरेनियम निगम लिमिटेड (यूसीआईएल) जादुगुडा, बिहार।


पाँच गोल्ड मैडल पर प्रहार

रुड़की में प्रहार बॉक्सिंग क्लब द्वारा खेल महाकुंभ हरिद्वार में 5 गोल्ड मेडल जीतने के पश्चात कल हरिद्वार बॉक्सिंग एसोसिएशन ने जिला स्तरीय सलेक्शन में इस क्लब के 4 बच्चों का सलेक्शन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता जोकि 6 से 9 जनवरी के बीच अल्मोड़ा में आयोजित की जाएंगी, के लिए हो गया है l रुड़की के लिए हर्ष का विषय है कि यहां के खिलाड़ी का सलेक्शन राज्य स्तरीय लेबल पर हो रहा है और आशा करते हैं वे अपने अच्छे प्रदर्शन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी खेलने जाएंगे  और रुड़की शहर का नाम रोशन  करेंगे l प्रहार बॉक्सिंग क्लब जिस का संचालन किशन सिंह मेहर द्वारा किया जाता है , ने सरकार की तरफ से बिना किसी सहायता के रुड़की शहर का नाम रोशन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है हम सरकार से आशा करते हैं कि उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलें  , इसके लिए उनको सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंl जिन बच्चों का सिलेक्शन हुआ है उनके नाम इस प्रकार है हनु प्रभाकर शिवम शर्मा अमित लाल एवं दिव्यांश चौधरी


प्रहार बाक्सिंग क्लब


  • प्रहार बाक्सिंग क्लब ने जीते पांच गोल्ड मैडल


(अनिल लोहानी)


हम से मिल कर इतराओगे

गजल


दुन्या से गर घबराओगे।
तुम जीते जी मर जाओगे।।


कब तक खुद को दुख दोगे तुम।
कब तक दुख से कतराओगे।।


पास हमारे बैठो भी कुछ।
हमसे मिलकर इतराओगे।।


बात हमारी मानोगे तो।
हर महफिल में छा जाओगे।।


हमसे अनबन करके इक दिन।
तुम भी देखो पछताओगे।।


दर्द गढ़वाली,देहरादून 


अश्क यूँ न बहा

गजल


अश्क यूं ही मत बहा।
फर्ज अपने कुछ निभा।।


सोचता हूं ये जहां।
ठोकरों से है भरा।।


बात बनती प्यार से।
प्यार गमले में उगा।।


मोतबर माना नहीं।
पर मिले हैं सर झुका।


दर्द बढता जा रहा।
अब दुआ ही है दवा।।


'दर्द' गम मत दे उसे।
आंख के आंसू चुरा।।


dard garhwali, dehradun


जनसेवा को समर्पित अनिरूद्ध भाटी


  • नाला निर्माण से होगा जल भराव की समस्या का समाधान: अनिरूद्ध भाटी
    👉 अमृत योजना के अन्तर्गत मुखिया गली से लोकनाथ घाट तक नाला निर्माण के कार्य का क्षेत्रीय पार्षद ने नारियल फोड़कर किया शुभारम्भ
    हरिद्वार, 30 दिसम्बर। अमृत योजना के अन्तर्गत मुखिया गली से लोकनाथ घाट तक पक्के नाले के निर्माण कार्य का क्षेत्रीय पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने नारियल फोड़कर शुभारम्भ किया। 
    इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि  लम्बे समय से मुखिया गली, पावन धाम मार्ग, आरटीओ तिराहा व कमलदास कुटिया के नागरिक वर्षाकाल में जल भराव की समस्या से परेशान रहते थे। वर्षाकाल में मुखिया गली चौक पर तीन-तीन फीट पानी भरा रहता था। इस समस्या के निदान के लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अमृत योजना के तहत समूचे उत्तरी हरिद्वार में नालों का निर्माण प्रारम्भ कराया है। उसी श्रृंखला में आज मुखिया गली से लोकनाथ घाट तक पक्के नाले का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो रहा है। जिससे क्षेत्रवासियों को जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि उत्तरी हरिद्वार में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के प्रयास से अनेक निर्माण कार्य प्रारम्भ किये जा रहे हैं जिनसे क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विकास होगा। 
    पार्षद विनित जौली व विदित शर्मा ने कहा कि सप्त सरोवर, भागीरथी नगर, भूपतवाला में जल भराव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर नालों का निर्माण कार्य अमृत योजना के तहत प्रारम्भ किया गया है। जिसके लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व क्षेत्रीय पार्षद अनिरूद्ध भाटी साधुवाद के पात्र हैं। 
    भाजपा वार्ड अध्यक्ष नीरज शर्मा व वरिष्ठ समाजसेवी जनेश्वर त्यागी ने कहा कि लम्बे समय से मुखिया गली के निवासी जल भराव की समस्या के निदान की मांग कर रहे थे। उनकी मांग को पूरा करने के लिए क्षेत्रीय पार्षद अनिरूद्ध भाटी के प्रयास फलीभूत हो रहे हैं। जिसके लिए क्षेत्र की जनता शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की आभारी है। 
    वरिष्ठ व्यापारी नेता डॉ. श्यामलाल पुरी व सूर्यकान्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार तीर्थनगरी का समग्र विकास कर रही है। भूमिगत विद्युत पाईप लाइन, गैस लाइन व नालों के निर्माण से उत्तरी हरिद्वारवासियों को विकास की नयी रोशनी मिली है। श्री रामलीला समिति भूपतवाला के महामंत्री अमित गुप्ता व सुखेन्द्र तोमर ने कहा कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के आशीर्वाद से पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने क्षेत्र में विकास कार्यों का कीर्तिमान स्थापित किया गया है। क्षेत्र में सीवर लाइन, सड़क निर्माण, नाला निर्माण के कार्य से साबित होता है कि भाजपा ही विकास कार्यों को धरातल पर उतारती है। 
    इस अवसर पर अमृत योजना की जेई इंदु, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष विपिन शर्मा, भाजपा मण्डल अध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी, पूर्व महामंत्री तरूण नैयर, पार्षद विनित जौली, विदित शर्मा, दीपांशु विद्यार्थी, सूर्यकान्त शर्मा, संदीप गोस्वामी, आदर्श पाण्डेय, भारत नन्दा, रूपेश शर्मा, विनोद पाठक, राकेश यादव, सचिन शर्मा, विशाल गुप्ता, ललित पुरी, अनुपम त्यागी, पूर्व सभासद डॉ. प्रेमप्रकाश सतलेवाल, डॉ. श्यामपुरी, जनेश्वर त्यागी, रामदयाल यादव, नीरज शर्मा, सचिन अरोड़ा, गुलशन भसीन, महंत मुकेश, दीप तिवारी, सुखेन्द्र तोमर, नरेन्द्र उपाध्याय, महंत देवेन्द्र गिरि, मान्धाता गिरि, उमेश शर्मा, दिनेश शर्मा, उमेश भारद्वाज, प्रमोद पाल, आशु काण्डवाल, मनोज पाल, आशु आहूजा, प्रदीप शर्मा, हंसराज आहूजा, दिनेश सैनी, आदित्य यादव, कमल त्यागी, सुरेन्द्र ठाकुर, रितेश वशिष्ठ, उमेश भारद्वाज समेत सैकड़ों क्षेत्रवासी व भाजपा कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।


नयी उमंग सामाजिक संस्था ने बच्चों को उपहार वितरित किये

 घर से मंदिर है बहुत दूर चलो यूँ कर ले छोटे बच्चों को हँसाया जाए


 नयी उमंग सामाजिक संस्था ने बच्चों को बाँटे उपहार 


हरिद्वार 29 दिसंबर  कडकडाती ठंड में क्रिसमस पर सेंटा तो ज्वालापुर पुल जटवाडा गरीबों की बस्ती में उपहार बाँटने नहीं आया लेकिन नयी उमंग सामाजिक संस्था रूडकी के कार्यकर्ता समाजसेवी मनू के आग्रह पर बच्चों के बीच पहुँचें और बाल कल्याण समिति हरिद्वार के अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा, आशीष सैनी, गोविंद कृपा सेव समिति धर्मार्थ ट्रस्ट की अध्यक्ष अनीता वर्मा के साथ सड़क किनारे जीवन बीता रहे मासूम बच्चों को उपहार में गर्म कपड़े वितरित किये। इस मानवीय कार्य को ईश्वरीय कार्य बताते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा ने नयी उमंग सामाजिक संस्था की सराहना करते हुए कहा कि छोटा सा उपहार इन बच्चो के लिए बड़ी सी खुशी लेकर आया है। गोविंद कृपा सेवा समिति धर्मार्थ ट्रस्ट की अध्यक्ष अनीता वर्मा ने सड़क किनारे जीवन यापन करने वाले बच्चों को पढाने की पहल करने वाली मनू और सहयोगी माला को शुभ कामनाऐ प्रदान करते हुए कहा कि मन में संकल्प हो तो सिद्धी पाने के रास्ते स्वयं मिल जाते है। समाज सेवी संस्था नयी उमंग ने जो सेवा के हाथ बढाये है उससे मनू के संकल्प को बल मिलेगा, बच्चे भिक्षावृति छोड़ कर  शिक्षा पाएगे। नयी उमंग सामाजिक संस्था की अध्यक्ष मीनाक्षी गोयल ने  संस्था के उद्देश्यो और उपलब्धियो को बताया। इस अवसर पर नयी उमंग सामाजिक संस्था रूडकी की अध्यक्ष मीनाक्षी गोयल, सचिव सौरभ गोयल, कोषाध्यक्ष सुमित सैनी, अनुज सैनी, विनित चौहान, स्वाति धीमान, आदि ने बच्चों को उपहार में गर्म कपड़े वितरित किये।आयोजन का संयोजन आशीष सैनी तथा संचालन समाजसेवी संजय वर्मा ने किया। सड़क किनारे रह रहे बच्चों को पढाने में सहयोग करने वाली माला ने उपहार देने वाली संस्था का आभार प्रकट किया।


प्यार जताना हुआ मुश्किल

गजल प्यार जताना हुआ मुश्किल 


उससे प्यार हमको तो जताना भी हुआ मुश्किल।
उसपे जान ये अपनी बचाना भी हुआ मुश्किल।।


नफरत की हवा कैसी चली है शहर में मेरे।
अब इस शहर में मिलना मिलाना भी हुआ मुश्किल।।


मिलने की कभी उससे बड़ी हसरत हमें थी, प।
अब ऐसे मिले दामन छुड़ाना भी हुआ मुश्किल।।


दुनिया की नजर हमपे गड़ी है हम कहीं जाएं।
उसको तो गली में अब बुलाना भी हुआ मुश्किल।।


ऐसा जख्म मुझको यार मेरा दे गया यारब।
ऐसा जख्म के मरहम लगाना भी हुआ मुश्किल।।
दर्द गढ़वाली, देहरादून 


जिला पंचायत अध्यक्ष का स्वागत

 


 


जिला पंचायत अध्यक्ष का अभिनन्दन


रूडकी (अनिल लोहानी)  नगला इमरती में रंजन त्यागी जी के निवास स्थान पर नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा जी का स्वागत का कार्यक्रम किया गया कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के लोगों ने शेर से संबंधित कई समस्याओं से उन्हें सूचित किया अपने स्वागत भाषण में वर्मा जी ने क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने हेतु अपने संसाधनों के अलावा  अन्य संसाधनों जैसे विधायक निधि मुख्यमंत्री कोष आदि से पूरा करवाने पर बल दिया उन्होंने पूर्व मंडल के सदस्यों को 2022 की तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया इस कार्यक्रम के दौरान टोडा कल्याणपुर से संजय सैनी ने पूर्व मंडल की टीम के साथ 500 मीटर के एक नाले एवं रोड के निर्माण का प्रस्ताव माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष जी को दीया अध्यक्ष जी ने संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य से प्रस्ताव लेकर अति शीघ्र करवाने का आश्वासन दिया इस कार्यक्रम में पूर्व लंढोरा मंडल के समस्त पदाधिकारी जितेंद्र पुंडीर जी बृजेश त्यागी अनिल कुमार लोहानी सुबोध शर्मा शौकीन अहमद हरीश कुमार  मातबर सिंह अशोक पांडे ठाकुर चंदन सिंह इशरत अली नौशाद अली वरुण त्यागी अमित त्यागी  रवि राणा प्रेम गिरी प्रधान अकबर  अब्बास आदेश त्यागी देव त्यागी नरेश सैनी जोगिंदर सैनी पूरण सैनी अश्वनी शर्मा अनिल त्यागी राजेंद्र सिंह मुकेश राणा चौधरी मयंक अभिषेक अग्रवाल सुंदरम शर्मा सुनील सैनी सतीश दीवान प्रदीप पाल उपस्थित रहे


देश द्रोहीयो के मनसूबो पे फिरने लगा है पानी

#स्वदेशीसंदेश
#स्वदेशीचिट्ठी ...वाह! पलट गई बाजी!
जागा भारत,नागरिकता कानून CAA के समर्थन में!


गत 11 दिसंबर को जब भारत की पार्लियामेंट में यह कानून पारित हुआ तो उसके अगले 7- 8 दिन तक तो वामपंथीयों,जिहादियों वह सेकुलर कांग्रेस ने ऐसे शोर मचाया व हिंसा का तांडव किया कि देशभर के सामान्य लोग भी यह मानने लग गए कि कोई गलत कानून बन गया है।
किंतु अगले हफ्ते में कुछ शांत हुआ और इस हफ्ते में तो इस कानून के समर्थन में जिला जिला में हो रही रैलियों, गोष्ठियों, प्रदर्शन ने बिल्कुल बाजी पलट दी है। गुजरात से लेकर आसाम तक, व जम्मू से लेकर केरल तक सब तरफ समर्थन ही समर्थन। जो सेकुलरी कांग्रेसी काफी उछल रहे थे,अब बैकफुट पर आ गए हैं। देश समझ गया है, अगले हफ्ते में यह लहर सुनामी में बदलेगी।
यह कैसे हुआ? क्योंकि हिंदुत्व विचार परिवार की संगठन की ताकत का यहीं उपयोग हुआ। डॉक्टर हेडगेवार कहा करते थे संगठन ही इस हिंदू समाज व भारत का इलाज है। जो अब सत्य सिद्ध होता दिख रहा है।
नीचे:असम के डिब्रूगढ़ में हुई व्यापक रैली का विहंगम दृश्य। उस रैली में आसाम के मुख्यमंत्री सोनोवाल व वित्त मंत्री हेमंत सरमा।ऐसी रैलियां देशभर में हो रही हैं।(विजित कुमार)


गजल दर्द गढ़वाली

गजल


जिंदगी इक खेल है तो फिर खुशी से खेलिए।
बेदिली से खेलिए कुछ बेहिसी से खेलिए।।


तीरगी-ए-दस्त है यां रोशनी मत ढूंढिए।
घर जला कर आइए फिर रोशनी से खेलिए।।


आज भी हैं आपके हम आप भी तो बोलिए।
लबकुशा हैं आप मेरी बेबसी से खेलिए।।


है हमें भी प्यार तुमसे क्या बताएं हम तुम्हें।
जान मेरी लीजिए इस जिंदगी से खेलिए।।


शौक है ये आपका तो हो मुबारक आपको।
तिश्नगी बढ़ाइए फिर तिश्नगी से खेलिए।।


बचपने से साथ है ये साथ ही खेले पढ़े।
जिंदगी है इक सखी तुम इस सखी से खेलिए।।


दर्द जी आती नहीं हमको अदाकारी अभी।
शौक है तो आइए सादादिली से खेलिए।।
दर्द गढ़वाली, देहरादून 


योगी का फंडा


  • योगी काजुर्माना का फंडा.....(अनिल गुप्ता) 

  •  

  • अब्दुल अपने उपर लगे 7 लाख के भारी भरकम जुर्माने से बेजार रो रहा था....
     तभी योगी जी ने उसके सर पर हांथ फेरा और कहा, पगले सब तोड़ फोड़ तू अकेला तो नहीं न  कर रहा था... मगर फोटो  बस तेरी साफ अाई है...जो साथ में तोड़ रहे थे, उनका नाम बता..  तेरे जुर्माना की रकम बट जाएगी और जुर्माना कम हो जाएगा।
    अब्दुल की आंखो में चमक आ गई वो चीख के बोला मौलाना सादिक and 500 hundred other namazi☝️
    योगी जी मुस्कराए:- शाबास अब तेरा जुर्माना 1395 हो गया...कुछ और नाम याद आए तो वह भी बताना, जुर्माना राशि और घट जाएगा ।


अब्दुल की आंखो में फिर से चमक आ गई और चीख के बोला:- अब्बू एंड 10 brother विथ होल मोहल्ला☝️


योगी जी शाबास अब तुम्हारा जुर्माना बस 500 रुपया है भर और भाग ।
अब्दुल योगी सरकार की जय करता घर गया तो देखा, पूरा मोहल्ला मौलाना सादिक के साथ पूरे कागजात साथ में लेकर जुरमाना भरने थाने जा रहा था।


योगी जी," अरे यही तो कागजात हैं जो NRC/NPR में चाहिए डरते क्यों हो"
😆😊


कुमाँऊ महोत्सव


  • कुमाँऊ महोत्सव में अनिल लोहानी रहे मुख्य अतिथि 


कुमाऊँ समिति (रजि०) गाँधी नगर रुड़की की ओर से आयोजित 24 वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में अनिल लोहानी  मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उहोने कहा कि कुमाँऊ  के लोगों का उत्तराखंड के निर्माण में ही नहीं बल्कि विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गोविंद बल्लभ पंत और नारायण दत्त तिवारी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता  है।  रुड़की नगर में स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक एवं लोक नृत्य कार्यक्रमों के माध्यम से कुमाऊँनी प्रस्तुति क्षेत्र की संस्कृति को दर्शाती है। समिति की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में नवज्योति पब्लिक स्कूल के बाल कलाकारों एवं बच्चों द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।


राम कृष्ण का है मेरा देश

मेरा देश लूट का सामान नहीं है 


*“ख़फ़ा होते हैं हो जाने दो, घर के मेहमान थोड़ी हैं*
*जहाँ भर से लताड़े जा चुके हैं , इनका मान थोड़ी है*


*ये कान्हा राम की धरती, सजदा करना ही होगा*
*मेरा वतन ये मेरी माँ है, लूट का सामान थोड़ी है*


*मैं जानता हूँ, घर में बन चुके हैं सैकड़ों भेदी*
*जो सिक्कों में बिक जाए वो मेरा ईमान थोड़ी है*


*मेरे पुरखों ने सींचा है लहू के कतरे कतरे से*
*बहुत बांटा मगर अब बस, ख़ैरात थोड़ी है*


*जो रहजन थे उन्हें हाकिम बना कर उम्र भर पूजा*
*मगर अब हम भी सच्चाई से अनजान थोड़े हैं ?*


*बहुत लूटा फिरंगी ने कभी बाबर के पूतों ने*
*ये मेरा घर है मेरी ज़ान, मुफ्त की सराय थोड़ी है...*


*बिरले मिलते है सच्चे मुसलमान दुनिया में*
*हर कोई अब्दुल हमीद और कलाम थोड़ी है ।।*


*कुछ तो अपने भी शामिल है वतन तोड़ने में*
*अब ये कन्हैया और रविश मुसलमान थोड़ी है ।*


*नही शामिल है तुम्हारा खून इस मिट्टी में,*
*ये तुम्हारे बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है ।।*
*🚩जय श्री राम🚩*


अलाव की व्यवस्था करे नगर निगम


  • स्ट्रीट लाईट लगवाने व अलाव जलाने की शीघ्र व्यवस्था करे नगर निगम : अनिरूद्ध भाटी

  • 👉 नगर आयुक्त कार्यालय को ज्ञापन देकर की शीघ्र कार्रवाई की मांग


हरिद्वार, 28 दिसम्बर। उत्तरी हरिद्वार में पथ प्रकाश की व्यवस्था हेतु स्ट्रीट लाईट लगवाने एवं भीषण शीत लहर के दृष्टिगत अलाव जलाने की व्यवस्था करवाने हेतु क्षेत्रीय पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने मुख्य नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। मुख्य नगर आयुक्त की अनुपस्थिति में एसएनए उत्तम सिंह नेगी को सौंपे ज्ञापन में पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि उत्तरी हरिद्वार में लगभग 50 हजार की जनसंख्या निवास करती है। साथ ही प्रतिदिन हजारों तीर्थयात्री गंगा स्नान व मंदिरों के दर्शन व आश्रमों, धर्मशालाओं में निवास हेतु उत्तरी हरिद्वार में आते हैं। वर्तमान में शीत लहर के चलते तापमान रात्रि के समय काफी गिर जाता है। ऐसे में निराश्रित जनों, तीर्थयात्रियों, समाज के कमजोर वर्ग व वृद्धजनों तथा स्थानीय निवासियों की सुविधार्थ अलाव की व्यवस्था होना अत्यन्त आवश्यक है। प्रतिवर्ष नगर निगम अलाव की व्यवस्था करता रहा है। पूर्व की भांति इस वर्ष भी प्रमुख स्थलों, चौराहों व घाटों के निकट जनहित में अलाव जलाने की व्यवस्था होनी चाहिए। 
पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि विगत 13 दिसम्बर को उन्होंने नगर आयुक्त कार्यालय को ज्ञापन देकर अलाव जलवाने की मांग की थी। अफसोसजनक स्थिति है कि मेयर व अधिकारियों की उदासीनता के चलते अभी तक अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं की गयी है। 
साथ ही लम्बे समय से मांग करने के पश्चात इस माह नगर निगम ने स्ट्रीट लाईट मंगवाई हैं जिन्हें अभी तक वार्डों में लगाने के लिए नहीं दिया जा रहा है। वार्ड नं. 3 दुर्गा नगर में अनेक स्थानों की स्ट्रीट लाईट खराब पड़ी है। जिसके चलते दुर्घटना व चोरी का भय सदैव बना रहता है। जिस कारण जनहित में शीघ्र ही पथ प्रकाश व्यवस्था हेतु स्ट्रीट लाइट लगवायी जाये। अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि मेयर जनहित के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सदैव अनर्गल बयानबाजी करती रहती हैं। उन्हें शहरी विकास मंत्री व भाजपा पार्षदों के खिलाफ ओछी बयानबाजी करने के स्थान पर शहर में पथ प्रकाश व्यवस्था व सफाई व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही नगर में सभी वार्डों में अलाव जलाने की व्यवस्था समान रूप से होनी चाहिए। मेयर व मेयरपति को नगर निगम को राजनीतिक अखाड़ा बनाने के स्थान पर नगर निगम के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान करवाना होना होगा। मेयर पति के हस्तक्षेप का भाजपा पार्षद दल डटकर विरोध करेगा। 
साथ ही पार्षद अनिल मिश्रा, सुनीता शर्मा, अनिल वशिष्ठ, विनित जौली, ललित सिंह रावत, राजेश शर्मा, पिंकी चौधरी, सपना शर्मा, मोनिका सैनी, रेणु अरोड़ा, प्रशांत सैनी, राधेकृष्ण शर्मा, शुभम मंडोला, सुनील अग्रवाल गुड्डू, नितिन शर्मा, सचिन अग्रवाल, नागेन्द्र राणा, लोकेश पाल, मनोज परलिया, ललिता चौहान, अन्नू मेहता, जौली प्रजापति, शशिकान्त वशिष्ठ, हितेश कुमार, विकास कुमार 'विक्की', सुनील पाण्डे ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व अलाव जलाने की मांग की है।


मोदी राज


  • मोदी राज में दिवालिया कम्पनी भी चुका रही हैं बैंक कर्ज


ये कहानी शुरू होती है भूषण पावर एंड स्टील के दिवालिया होने के बाद। दिवालिया घोषित होने के बाद आप ऐसी कम्पनीज से पैसा वसूल नहीं कर सकते। हिन्दुस्तान में कोई ऐसा कानून ही नहीं था कि कोई दिवालिया हो गया तो उससे पैसे कैसे वसूल किये जाएँ  ? ? ? अब तक ऐसा ही चलता था। 2014 में आयी मोदी सरकार और बनाया गया NCLT (National Company Law Tribunal) 
अब जो भी कंपनी दिवालिया होगी उसे NCLT में जाना पड़ेगा। वहां बोली लगेगी। कंपनी नीलाम की जाएगी और पैसे वसूल करके प्रोमोटर्स, जैसे कि बैंकों को दिए जायेंगे। जिससे बैंक्स का NPA बढ़ता न रहे। 
अब बात भूषण पावर एंड स्टील और उसके मालिक संजय सिंघल की।  इनकी कंपनी १८ महीने पहले दिवालिया घोषित हो गई। इनके ऊपर PNB बैंक का 47, 000 करोड़ रुपया बकाया था। नीलामी की बोली शुरू हो गई तो टाटा स्टील, जिंदल और UK लिबर्टी हाउस ने बोली लगाई। अब  NCLT कोर्ट से फैसला आना है कि किस कंपनी की बोली स्वीकार की गई है। फिर उसी कंपनी को  bhushan पावर दे दिया जायेगा और बैंक का कर्ज भी चुकता किया जायेगा.. 


👉🏻 अब क्लाइमेक्स आया है, जब भूषण स्टील एंड पावर के मालिक ने NCLT के सामने एक ऑफर रखा है कि हम बैंकों का 47, 000 करोड़ का कर्ज चुका देंगे। आप हमारी कंपनी नीलाम मत करिये।


👉🏻 अब जनता को ये सोचना है कि ऐसे कितने उद्योगपतियों ने बैंकों  का पैसा खाकर और दिवालिए होकर ऐश काटी है। पिछली एक खास परिवार की सरकारों के समय में।


👉🏻 अब उन्हें लोन चुकाना ही होगा। और ये सब मोदी सरकार के बनाये क़ानून और NCLT जैसे संस्था बनाने से संभव हुआ। इसीलिए मोदीजी कहते हैं कि मैंने कांग्रेस के समय के loop holes (गड्ढे) भरे हैं। तो बिल्कुल अतिश्योक्ति नहीं लगती है।


👉🏻 लगभग यही कहानी रुइया ब्रदर्स, एस्सार स्टील वालों की भी है। उनका भी बैंक कर्ज चुकाने का मन नहीं था। दिवालिए हो गए। NCLT में लक्ष्मी मित्तल, मित्तल स्टील्स ने बोली लगा रखी है पर अब रुइया ब्रदर्स के पास 54, 000 करोड़ आ गया है और विनती कर रहे हैं कि हमारी कंपनी को हम ही खरीद लेते हैं। उसे नीलम मत करो और 54, 000 करोड़ भी  हमसे ले लो। 
अब आये हैं ये ऊँट पहाड़ के नीचे। अब तक इन्होंने खुद भी खूब देश के पैसे पर ऐश की और अपने आकाओं (खानदानी सरकार यानी काँग्रेस) को भी ऐश कराई। कोई समस्या आई तो फिर उन्हें डर काहे का जब उनके सैंया भये कोतवाल। लेकिन अब ये 'चौकीदार' की सरकार है। और इसके एक आह्वान पर पूरे देश भर में चौकीदारों की लम्बी लाइन खड़ी हो चुकी है। ऐसे देशविरोधी तत्वों को अब डरना ही होगा।


*ये है प्रधान चौकीदार मोदी को सत्ता देने का फायदा। निर्णय आपको करना है, कि देश को लुटेरों को या चौकीदार को सौंपना है।*


  🙏🏻
साभार ।


जय हिंद। जय भारत।। वन्देमातरम।।।
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स्वामी विवेकानन्द और कन्याकुमारी

 


 


 


 


स्वामी विवेकानन्द जी की स्मृतियो को समेट कन्याकुमारी(डा0 राजीव) 


कन्याकुमारी की वह चट्टान जिस पर सन् 1892 की 25, 26 और 27 दिसम्बर को माँ के श्रीचरणों में संन्यासी ने ध्यान किया। भारतभूमि का अतीत, वर्तमान और भविष्य संन्यासी के चित्त पर चित्रपट की तरह चल पड़ा, और उनको उद्घाटित हुआ भारत की दीनता का मूल कारण और उसका समाधान। ईश्वर द्वारा निर्दिष्ट ध्येय का उन्हें साक्षात्कार हुआ। चारों और समुद्र की उत्ताल प्रचण्ड तरंगों के बीच भारत की पीड़ा से क्लांत संन्यासी का व्यग्र मन शांत हो गया। वह थे स्वामी विवेकानंद और स्थान था विवेकानंद शिला, कन्याकुमारी। दक्षिणी छोर पर उन्मुक्त घोषणा करती वह शिला, “भारत हिन्दूओं का है।”, चार धामों के बाद हिन्दू जनमानस का पांचवा धाम बन गयी है। अपने में समेटे हुए हिन्दूओं की विजय का इतिहास, विधर्मियों की धूर्तता का चित्र और सनातन धर्म के संघर्ष की कहानी।


दम्पति

*दम्पति


सुबह सुबह मिया बीवी के झगड़ा हो गया,*


बीवी गुस्से मे बोली - बस, बहुत कर लिया बरदाश्त, अब एक मिनट भी तुम्हारे साथ नही रह सकती।


*पति भी गुस्से मे था, बोला "मैं भी तुम्हे झेलते झेलते तंग आ चुका हुं।*


पति गुस्से मे ही दफ्तर चले गया पत्नी ने अपनी मां को फ़ोन किया और बताया के वो सब छोड़ छाड़ कर बच्चो समेत मायके आ रही है, अब और ज़्यादा नही रह सकती इस जहन्नुम मे।


*मां ने कहा -  बेटी बहु बन के आराम से वही बैठ, तेरी बड़ी बहन भी अपने पति से लड़कर आई थी, और इसी ज़िद्द मे तलाक लेकर बैठी हुई है, अब तुने वही ड्रामा शुरू कर दिया है, ख़बरदार जो तुने इधर कदम भी रखा तो... सुलह कर ले पति से, वो इतना बुरा भी नही है।*


मां ने लाल झंडी दिखाई तो बेटी के होश ठिकाने आ गए और वो फूट फूट कर रो दी, जब रोकर थकी तो दिल हल्का हो चुका था, 
पति के साथ लड़ाई का सीन सोचा तो अपनी खुद की भी काफ़ी गलतियां नज़र आई।


*मुहं हाथ धोकर फ्रेश हुई और पति के पसंद की डीश बनाना शुरू कर दी, और साथ स्पेशल खीर भी बना ली, सोचा कि शाम को पति से माफ़ी मांग लुंगी, अपना घर फिर भी अपना ही होता है पति शाम को जब घर आया तो पत्नी ने उसका अच्छे से स्वागत किया, जैसे सुबह कुछ हुआ ही ना हो पति को भी हैरत हुई। खाना खाने के बाद पति जब खीर खा रहा था तो बोला डिअर, कभी कभार मैं भी ज़्यादती कर जाता हुं, तुम दिल पर मत लिया करो, इंसान हुं, गुस्सा आ ही जाता है"।*


पति पत्नी का शुक्रिया अदा कर रहा था, और पत्नी दिल ही दिल मे अपनी मां को दुआएं दे रही थी, जिसकी सख़्ती ने उसको अपना फैसला बदलने पर मजबूर किया था, वरना तो जज़्बाती फैसला घर तबाह कर देता।


*अगर माँ-बाप अपनी शादीशुदा बेटी की हर जायज़ नाजायज़ बात को सपोर्ट करना बंद कर दे तो रिश्ते बच जाते है।*


राधामणि


  • "केरल की राधामणि नायार को हृदय से प्रणाम 


जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी " ऐसा राम ने कहा था, अर्थात माता एवं मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है l 


लेकिन पति और कर्मभूमि भी तो स्वर्ग से ज्यादा प्रिय होती है l 


ऐसा साबित किया श्रीमति राधामणि नायर कोठियाल ने l 


आज से 35 वर्ष पूर्व केरल की एक युवती आई थी पौड़ी गढ़वाल के भेंटी ग्रामीण क्षेत्र में,  नर्स के रूप में सेवा करने l माता-पिता, भाई -बहनों,  सखी -मित्रों से दूर एक ऐसे स्थान पर, जहाँ की भाषा -बोली, हवा -पानी, सब तो अनजान था l तब यहाँ न बिजली थी, न फोन, न सड़क -मोटर  और न ही अन्य l  आधुनिक सुविधाएं l लेकिन मनुष्यता का इतिहास तो आधुनिक सुविधाओं के मुकाबले अत्यंत ही पुराना है, और इतना ही पुराना है प्रेम का इतिहास भी l 


राधामणि को यह क्षेत्र भा गया,  यहाँ के लोग,  हवा -पानी उनके  दोस्त बन गए l और उन्हें प्यार हो गया यहीं के एक स्थानीय युवक से भी l प्रेम हुआ और विवाह भी, आगे फिर फलता फूलता परिवार भी l प्रेम का अंकुर सार्थक भी तो तभी होता है ज़ब वह परिवार के रूप में पल्लवित -पुष्पित हो वन -उपवन बन जाए l जो जीना सिखाये.. जीवन महकाये वही तो  प्रेम है जी l 


31 दिसंबर को राधामणि जी राजकीय सेवा से निवृत हो रहीं हैं l पिछले 35 वर्षों से वे यहाँ की महिलाओं की सहेली -दीदी -भाभी -ननद -मौसी -दादी हैं l आगे भी रहेंगी l 


मलयालम राधामणि जी की मातृभाषा है ही,  अंग्रेजी, हिंदी और गढ़वाली भी बहुत सुंदर बोलती हैं l 


आज उनकी विदाई के अवसर एक समारोह आयोजित हुआ l 


श्रीमति राधामणि जी को विद्यालय परिवार की तरफ से हार्दिक मंगलकामनाएं l 


न  जन्मभूमि केवलं स्वर्गादपि गरीयसी... कर्मभूमिरपि स्वर्गादपि गरीयसी...


वालीबॉल टूर्नामेंट

वालीबॉल टूर्नामेंट


जेपी लायंस क्लब जियापोता के द्वारा वॉलीबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ किया गया टूर्नामेंट का शुभारंभ सांसद प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह चौहान ने फीता काटकर किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के लिए बहुत आवश्यक है ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाएं भरी पड़ी हैं जिन्हें इन टूर्नामेंटों के द्वारा ही निखारा जा सकता है टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच लिंबारेडी रुड़की और ब्रह्मपुरी बहादराबाद के बीच खेला गया रोमांचक मुकाबले में लिब्बा रेडी की टीम ने ब्रह्मपुरी बहादराबाद को 5 पॉइंट से हरा दियाआज जेपी लायंस क्लब जियापोता के द्वारा वॉलीबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ किया गया टूर्नामेंट का शुभारंभ सांसद प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह चौहान ने फीता काटकर किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के लिए बहुत आवश्यक है ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाएं भरी पड़ी हैं जिन्हें इन टूर्नामेंटों के द्वारा ही निखारा जा सकता है टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच लिंबारेडी रुड़की और ब्रह्मपुरी बहादराबाद के बीच खेला गया रोमांचक मुकाबले में लिब्बा रेडी की टीम ने ब्रह्मपुरी बहादराबाद को 5 पॉइंट से हरा दिया बहादराबाद ब्रहमपुरी की टीम 32 पॉइंट और लीब्बा रेडी की टीम ने 37 पॉइंट बनाए  इस अवसर पर जेपी लायंस क्लब के अध्यक्ष राजीव कश्यप महामंत्री पंकज कुमार सदस्य शक्ति चौधरी मोहित कुमार उत्तम कश्यप आदि ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया इस अवसर पर बिजेंदर चौहान उपाध्यक्ष 20 सूत्रीय युवा नेता विनीत प्रताप सिंह रवि शंकर अरुण कश्यप दिलीप कुमार आदि रहे बहादराबाद ब्रहमपुरी की टीम 32 पॉइंट और लीब्बा रेडी की टीम ने 37 पॉइंट बनाए  इस अवसर पर जेपी लायंस क्लब के अध्यक्ष राजीव कश्यप महामंत्री पंकज कुमार सदस्य शक्ति चौधरी मोहित कुमार उत्तम कश्यप आदि ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया इस अवसर पर बिजेंदर चौहान उपाध्यक्ष 20 सूत्रीय युवा नेता विनीत प्रताप सिंह रवि शंकर अरुण कश्यप दिलीप कुमार आदि रहे


ऐसे भी है पुलिस अधिकारी


  • वाह एस एस पी अमित पाठक आप के जज्बै को सलाम 

  •  


 


एसएसपी अमित पाठक ने सूझबूझ दिखाते हुए आगरा को एक बड़े दंगे से बचा लिया। बवाल के बीच एसएसपी का एक भावुक पहलू देखने को मिला। एसएसपी ने बवाल में फंसे मासूम बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं बच्चों को टॉफियां और पीने का पानी मुहैया कराया। एसएसपी आगरा की ये तस्वीरें देखकर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। ये पहला मौका नहीं है जब एसएसपी बच्चों को ऐसे हालातों में देखकर भावुक हुए हों। पिछले दिनों एक्सीडेंट में घायल हुए बच्चों की हालत देखकर कप्तान साहब की आँखे छलक गयीं थीं , ईमानदार , सरल हृदय मानवीय दृष्टिकोण वाले पुलिस कप्तान एसएसपी अमित पाठक की कार्यशैली की चारों ओर सराहना की जा रही है।
 (संजय वर्मा) 


नयी टैकनोलजी और आँटो चालक

#स्वदेशी संदेश ( विजित कुमार) 


टैक्नोलोजी अपनाओ विदेशी कंपनियों से बचो


टैक्नोलॉजी से डरो नहीं, उपयोग करो और कमाओ।
5 दिन पहले मैं हरदा (मध्यप्रदेश) जाने के लिए कार्यालय से निकला।मुझे थोड़ा जल्दी थी इसलिए मैंने औला कैब बुक की,किंतु 12 मिनट का समय उसने आने में लेना था। नीचे उतरते ही आगे ऑटो मिल गया तो मैंने उससे पूछा "नई दिल्ली स्टेशन चलोगे,क्या लोगे?" ऑटो वाला बोला "₹180!"
 मैंने कहा "अरे भाई! 140 में तो टैक्सी ही जा रही है, तुम मीटर से चलो ना?"
 तो वह बोला "मेरा मीटर खराब है।"
मैंने कहा "चलो ऐसा करें,तुम्हारे पास प्रति किलोमीटर का चार्ट तो है, तुम अपने फोन में जीपीएस लगाओ और किलोमीटर नाप लो।नहीं तो मैं अपने फोन में लगा लेता हूं।"
वह सोच में पड़ गया। मैंने कहा "चल जितना भी खर्चा आएगा, उससे ₹10 फालतू दूंगा।"
कुल मिलाकर वह चल पड़ा। रास्ते में बातें करते,मैंने उसका घर-बार व छोटी मोटी बातें भी पूछी।
अंत में ₹110 का उसका बिल बना। मैंने 120 ही दिए। वह अपनेपन से कहने लगा "साहब क्या करें, यह ओला,उबर वाले हमारा काम खींच जाते हैं।"
मैंने कहा "घबराने की जरूरत नहीं! इस टेक्नोलॉजी का उपयोग करो। स्मार्टफोन फोन तो तुम्हारे पास है ही। किसी भी सवारी को कहो कि अपना जीपीएस लगा ले। क्योंकि उन्हें शक यह होता है कि यह ऑटो वाले घुमाकर बिल अधिक बना देते हैं, यदि तुम उन्हें ऐसा कहोगे तो वह विश्वास करने लगेंगे और तुम्हें अगर दिन में 10 सवारी मिलती हैं तो उसके बाद 12-13 मिलने लगेंगी।टैक्सी वालों को तो ओला उबर को 20% देना पड़ता है तुम्हें कुछ नहीं देना। इससे तुम्हें फायदा होगा।"
उसकी बात समझ में आ गई जाते हुए कहने लगा  "साहब! आपने नयी बात बताई है, करके देखूंगा।"
जो भी हो मुझे संतोष हुआ कि मैंने उसको ठीक राह दिखाई।
नीचे: कल से तमिलनाडु में कश्मीरी लाल जी का प्रवास शुरू हुआ,मदुरै में बैठक। और दिल्ली मे एक आटो वाला कुलदीप भंडारी, जिसने सवारी का भूल गया बैग ढूंढ कर लौटाया ~#सतीशकुमार


गजल

गजल इस दुनियां में क्या रखा है 


 


इस दुन्या में रक्खा क्या है।
इससे अपना रिश्ता क्या है।।


इक रोज जमीं पर आना है।
दूर उफुक पर उड़ता क्या है।।


हरदम जेहन में रहता है।
आखिर तुझमें ऐसा क्या है।।


ये भी तेरा वो भी तेरा।
तेरा है सब मेरा क्या है।।


कल सब मिट्टी हो जाएगा।
फिर इतना इतराता क्या है।।


चार दिनों की रौनक है सब।
चार दिनों का कहना क्या है।।
दर्द गढ़वाली, देहरादून 


श्री गंगा जी


  • गंगास्नान करने पर भी क्यों नहीं मिटते पाप?????

  • पुण्यदायी है श्री गंगा जी 


दुनियाभर में नदियों के साथ मनुष्य का एक भावनात्मक रिश्ता रहा है, लेकिन भारत में आदमी का जो रिश्ता नदियों- खासकर गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी आदि प्रमुख नदियों के साथ रहा है, उसकी शायद ही किसी दूसरी सभ्यता में मिसाल देखने को मिले। इनमें भी गंगा के साथ भारत के लोगों का रिश्ता जितना भावनात्मक है, उससे कहीं ज्यादा आध्यात्मिक है।


भारतीय मनुष्य ने गंगा को देवी के पद पर प्रतिष्ठित किया है। हिन्दू धर्मशास्त्रों और मिथकों में इस जीवनदायिनी नदी का आदरपूर्वक उल्लेख मिलता है। संत कवियों ने गंगा की स्तुति गाई है तो आधुनिक कवियों, चित्रकारों, फिल्मकारों और संगीतकारों ने भी गंगा के घाटों पर जीवन की छटा और छवियों की रचनात्मक पड़ताल की है। इस महान नदी में जरूर कुछ ऐसा है, जो आकर्षित करता है।


पुराणों में गंगाजी की अपार महिमा बतलायी गयी है । जैसे—गंगा वह है जो सीढ़ी बनकर मनुष्य को स्वर्ग पहुंचा देती है, जो भगवद्-पद को प्राप्त करा देती है, मोक्ष देती है, बड़े-बड़े पाप हर लेती है, और कठिनाइयां दूर कर देती है । मनुष्य के दु:ख सदैव के लिए मिट जाने से उसे परम शान्ति मिल जाती है और वह जीते-जी जीवन्मुक्ति का अनुभव करने लगता है ।


गंग सकल मुद मंगल मूला । 
सब सुख करनि हरनि सब सूला ।। (तुलसीदासजी)


गंगास्नान करने पर भी क्यों नहीं मिटते पाप ?


कभी-कभी हमारे मन में यह शंका होती है कि हमने अनेक बार गंगाजी में स्नान कर लिया और वर्षों से गंगाजल का सेवन भी कर रहे हैं फिर भी हमारे दु:ख, चिन्ता, तनाव, भय, क्लेश और मन के संताप क्यों नहीं मिटे ? हमारे जीवन में शान्ति क्यों नहीं है ?


इसका बहुत सीधा सा उत्तर है—मनुष्य का भगवान और उनके वचनों पर विश्वास न करना । शास्त्रों और पुराणों में जो कुछ लिखा है वह भगवान के ही वचन हैं । यदि हम तर्क न करके पुराणों की वाणी पर अक्षरश: विश्वास करेगें तो उसका फल भी हमें अवश्य मिलेगा ।


ध्यान रहे—'देवता, वेद, गुरु, मन्त्र, तीर्थ, औषधि और संत—ये सब श्रद्धा-विश्वास से ही फल देते हैं, तर्क से नहीं ।'


इस बात को एक सुन्दर कथा के द्वारा अच्छे से समझा जा सकता है ।


एक बार भगवान शंकर व पार्वतीजी घूमते हुए हरिद्वार पहुंचे । पार्वतीजी ने शंकरजी से पूछा—'हजारों लोग गंगा में स्नान कर रहे हैं फिर भी इनके पापों का नाश क्यों नहीं हो रहा है ?'


शंकरजी ने उत्तर दिया—'इन लोगों ने गंगास्नान किया ही नहीं है । ये तो केवल जल में स्नान कर रहे हैं । अब मैं तुम्हें दिखाऊंगा कि वास्तव में गंगा में स्नान किसने किया ।'


भगवान शंकर ने गंगाजी के रास्ते में एक गड्ढा बनाकर उसे जल से भर दिया और साधारण मानव के वेष में उस गड्ढे में खड़े हो गए । शंकरजी कंधों तक जल में डूबे हुए थे । उन्होंने पार्वतीजी से कहा कि तुम गंगास्नान करके आने वालों से निवेदन करना कि—'मेरे पति को इस गड्ढे से बाहर निकाल दो लेकिन शर्त यह है कि यदि तुमने अपने जीवन में कोई पाप नहीं किया हो तभी इन्हें बाहर निकालने की कोशिश करना अन्यथा इन्हें छूते ही तुम भस्म हो जाओगे ।'


कई दिन बीत गये । हजारों लोग गंगास्नान कर उस रास्ते से निकले लेकिन शर्त सुनते ही शंकरजी को छूने की हिम्मत नहीं करते और यह कहते हुए चले जाते कि हमने इस जन्म में तो कोई पाप नहीं किया है पर पूर्वजन्मों का क्या पता, पता नहीं हमसे कोई पाप हो गया हो ?


एक दिन एक व्यक्ति ने आकर पार्वतीजी से कहा—'मैं आपके पति को इस गड्ढे से बाहर निकालूंगा ।'


पार्वतीजी ने पूछा—'क्या आपने कभी कोई पाप नहीं किया है ?'


उस व्यक्ति ने उत्तर दिया—'मैंने बहुत पाप किये हैं किन्तु अभी-अभी मैंने गंगाजी में स्नान किया है इसलिए मेरे सारे पाप नष्ट हो गए और मैं निष्पाप हो गया हूँ ।'


उस व्यक्ति ने जैसे ही भगवान शंकर को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए अपना हाथ बढ़ाया, शंकरजी स्वत: ही गड्ढे से बाहर आ गये।


भगवान शंकर ने पार्वतीजी से कहा—'इसने वास्तव में गंगास्नान किया है क्योंकि इसको विश्वास है कि गंगाजी में स्नान करने से सारे पापों का नाश हो जाता है ।'


ऐसे प्राप्त करें गंगास्नान का पूरा पुण्यफल!!!!!!!!


▪️गंगाजी की कृपा प्राप्ति के लिए उनमें अखण्ड विश्वास होना चाहिए इसलिए उनसे सांसारिक वस्तुएं न मांगकर सदैव यही मांगना चाहिए कि 'आप अपनी कृपा से मुझे अपना अखण्ड विश्वास दीजिये ।'


▪️गंगा में डुबकी लगाते समय यही भावना रखनी चाहिए कि 'हम साक्षात् नारायण के चरण-कमलों से निकले अमृतरूप ब्रह्मद्रव में डुबकी लगा रहे हैं । मैंने जन्म-जन्मान्तर में जो थोड़े या बहुत पाप किये हैं, वे गंगाजी के स्नान से निश्चित रूप से नष्ट हो जायेंगे । त्रिपथगामनी गंगा मेरे पापों का हरण करने की कृपा करें ।'


▪️शास्त्रों में कहा गया है कि 'देवता बनकर ही देवता की पूजा करनी चाहिए ।' शास्त्रों में तो यहां तक लिखा है कि गंगास्नान के लिए जाते समय झूठ बोलना, लड़ाई-झगड़ा, निन्दा-चुगली, क्रोध, लोभ, लालच आदि आसुरी वृत्तियों का त्याग कर देना चाहिए और दान, दया, करुणा, सत्य, परोपकार आदि दैवीय गुणों का जीवन में पालन करना चाहिए, तभी गंगास्नान सफल होता है।


▪️बहुत से लोग गंगास्नान करने तो जाते हैं किन्तु शास्त्रों में बतायी गयी विधि के अनुसार गंगास्नान नहीं करते हैं । तीर्थस्थान में ताश खेलना, सिगरेट पीना आदि कार्य करते हैं, इससे भी उन्हें गंगास्नान का पुण्यफल नहीं मिलता है।


लोगों के पापों को धोती रहने वाली गंगाजी को अब ऐसी पुण्यात्माओं की प्रतीक्षा है जो गंगा में अपने पाप धोने नहीं वरन् पुण्य समर्पित करने आएं।( वेद प्रकाश गुप्ता) 


.दर्द गढ़वाली

गजल


दरिया कतरा कतरा दरिया।
दरिया सहरा सहरा दरिया।।


खूं का था वो प्यासा दरिया।
मैं डूबा तो उतरा दरिया।।


उस मंजर को कैसे भूलें।
दरिया में जब डूबा दरिया।।


सबकी प्यास बुझाया करता।
वो था कितना अच्छा दरिया।।


मेरी प्यास से वाकिफ कब था।
वो इक कतरा कतरा दरिया।।


सावन तो सूखा ही निकला।
पर भादों में बरसा दरिया।।


मुझको सावन से क्या लेना।
मेरे अंदर ठहरा दरिया।।


'दर्द' गढ़वाली, देहरादून


पार्थ खडा है

*


2019 की सबसे शानदार कविता*


एक अकेला पार्थ खडा है 
*भारत वर्ष बचाने को।*
सभी विपक्षी साथ खड़े हैं 
*केवल उसे हराने को।।*
भ्रष्ट दुशासन सूर्पनखा ने 
*माया जाल बिछाया है।*
भ्रष्टाचारी जितने कुनबे 
*सबने हाथ मिलाया है।।*
समर भयंकर होने वाला 
*आज दिखाईं देता है।*
राष्ट्र धर्म का क्रंदन चारों 
*ओर सुनाई देता है।।*
फेंक रहें हैं सारे पांसे 
*जनता को भरमाने को।*
सभी विपक्षी साथ खड़े हैं 
*केवल उसे हराने को।।*
चीन और नापाक चाहते 
*भारत में अंधकार बढ़े।*
हो कमजोर वहां की सत्ता 
*अपना फिर अधिकार बढे।।*
आतंकवादी संगठनों का 
*दुर्योधन को साथ मिंला।*
भारत के जितने बैरी हैं 
*सबका उसको हाथ मिला।।*
सारे जयचंद ताक में बैठे 
*केवल उसे मिटाने को।*
सभी विपक्षी साथ खड़े हैं 
*केवल उसे हराने को।*
भोर का सूरज निकल चुका है
 *अंधकार घबराया है।।*
कान्हा ने अपनी लीला में 
*सबको आज फंसाया है।*
कौरव की सेना हारेगी 
*जनता साथ निभायेगी।*
अर्जुन की सेना बनकर के 
*नइया पार लगायेगी।*
ये महाभारत फिर होगा 
*हाहाकार मचाने को।*
सभी विपक्षी साथ खड़े हैं 
*केवल उसे हराने को।।*


भारत माता की जय (डा0 एस के कुलश्रेष्ठ के सौजन्य से)


दर्द गढ़वाली की गजल

गजल


चाक जिगर को सीकर देखो
दर्दों को अपनाकर देखो।।
जीवन क्या है समझाती है।
उस पगली से मिलकर देखो।।
घाव तुम्हारे भर जाएंगे।
दर्द पराये गाकर देखो।।
जाहिद-वाहिद सब झूठे हैं।
मैखाने में आकर देखो।।
दुख-सुख सिक्के के दो पहलू।
दिल को ये समझाकर देखो।।
खूब रकीबों से मिलते हो।
मेरे घर भी आकर देखो।।
दुनिया तुमको अपनाएगी।
दुनिया को ठुकराकर देखो।।
उड़ते-उड़ते उड़ जाओगे।
पर अपने फैलाकर देखो।।
दर्द हवा सब हो जाएंगे।
हमको पास बिठाकर देखो।।
लक्ष्मी प्रसाद बडोनी 
दर्द गढ़वाली 
बडोनी भवन, देवपुरम कालोनी


कुमाँऊ महोत्सव

कुँमाऊ महोत्सव 


रूडकी (अनील लोहानी) कुमाऊं समिति भवन गांधीनगर में स्थापना दिवस मनाया गया इस अवसर पर शहर के मेयर माननीय गौरव गोयल जी एवं शहर विधायक माननीय प्रदीप बत्रा जी ने शिरकत की कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने कुमाऊनी गीतो एवं नाच से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया इस दौरान विभिन्न श्रेणियों में कुमाऊं समाज के लोगों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिए गए कुमाऊं समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया।


पाकिस्तानी हिंदूओ की अपील

 


 


 


 


पाकिस्तानी हिन्दूओ की अपील 


#नागरिकता_संशोधन_कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तानी हिंदुओं ने सभी से अपील की है कि वह उनके दर्द को समझें और इस कानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को खत्म कर दें। राजधानी के विभिन्न हिस्सों में रह रहे पाकिस्तानी हिन्दुओं ने मंगलवार को #कॉन्स्टिट्यूशन_क्लब नई दिल्ली में लोगों से अपील की कि वे ''उनकी पीड़ा को समझें'' और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन ना करें।
संसद में #CAA पारित होने के बाद अपनी एक महीने की पोती का नाम '#नागरिकता' रखने वाली 40 वर्षीय #मीरा_दास ने अपना दुख-दर्द बयां करते हुए कहा, ''हम अपना घर, जमीन सब पीछे छोड़ आए हैं… सब कुछ पाकिस्तान में है। अब यही हमारा घर है। अगर आप हमें स्वीकार नहीं करेंगे तो हम कहाँ जाएँगे? कृपया हमारी पीड़ा को समझें और जो कुछ हमारे घाव को भरने की कोशिश चल रही है, उसका विरोध न करें।''
वहीं #पाकिस्तान के हैदराबाद से 2011 में दिल्ली आईं 42 वर्षीय #सोना_दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''पाकिस्तान में हमने जो तकलीफें झेली हैं, अगर आप उससे गुजरे होते तो आप कभी प्रदर्शन नहीं करते। यह कानून हमारे लिए आशा की नई किरण है।''
#पाकिस्तान में असहनीय प्रताड़ना के चलते भारत में शरण लेने वाले लोग जब आपबीती सुनाते हैं तो उनका दर्द आँसू बनकर छलक जाता है। वे कहते हैं- वहाँ हमें पाकिस्तानी नहीं समझा गया और यहाँ हिंदू नहीं माना जा रहा है। #हिंदुस्तान हमें अपने घर जैसा लगता है। यहाँ शांति है, सुकून है। केंद्र की मोदी सरकार ने हमारे लिए #भगवान जैसा काम किया है।
उल्लेखनीय है कि #नागरिकता_संशोधन_कानून #पाकिस्तान, #अफगानिस्तान और #बांग्लादेश में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार बन रहे अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता का विकल्प देता है। कानून में इन तीन देशों से पलायन करके 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आने वाले हिंदू, सिख, जैन, पारसी, सिख, ईसाई, बौद्ध समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है।


गजल(दर्द गढ़वाली)

गजल
रोज तुम वादा करो हो।
फिर मुकर जाया करो हो।।


यार तुमसे क्या शिकायत।
जो करो अच्छा करो हो।।


तीर सा गड़ जाए दिल में ।
इस तरह देखा करो हो।।


दो घड़ी तो प्यार कर लो।
वक्त क्यों जाया करो हो।।


फूल लब से हैं बरसते।
आप जब बोला करो हो।।


रात जैसा लग रहा दिन।
जुल्फ यूं खोला करो हो।।


मन में है जो बोल देते।
लफ्ज क्यों तोला करो हो।।


दर्द गढ़वाली, देहरादून 


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