दृष्टिहीन संघ के तत्वावधान में ई बैठक


जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र- देहरादून दिव्यांग जनों के लिए दे रहा है निरंतर पुनर्वास सेवाएं - पीतांबर सिंह चौहान (महासचिव राष्ट्रीय दृष्टि हीन संघ- उत्तराखंड शाखा) 

देहरादून 30 जून (अनंत प्रकाश मेहरा) बुद्धवार को   एक विशेष ई-बैठक का आयोजन जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं राष्ट्रीय दृष्टि


हीन संघ (उत्तराखंड शाखा) के संयुक्त तत्वाधान में की गई।कार्यक्रम का बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र द्वारा दी जा रही दिव्यांग जनों को सेवाओं पर चर्चा करना एवं आगामी 3 जुलाई को दिव्यांगजन वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन राष्ट्रीय दृष्टि हीन संघ के उत्तराखंड शाखा कार्यालय कैनल रोड देहरादून पर किया जाना संबंधित चर्चा करना रहा। 

संगोष्ठी में अध्यक्षता कर रहे प्रीतम सिंह चौहान महासचिव राष्ट्रीय दृष्टि हीन संघ उत्तराखंड शाखा ने संबोधित करते हुए कहा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून दिव्यांग जनों के लिए निरंतर विभिन्न कैंप आयोजित करके सेवाओं से लाभान्वित कर रहा है जिसके लिए उन्होंने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के वर्तमान संचालक अनंत प्रकाश मेहरा सचिव मुनीशाभा सेवा सदन पुनर्वास संस्थान को साधुवाद दिया। बैठक में दिव्यांग अभिभावक संघ के अध्यक्ष तथा सम दृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल विकास नगर के सक्रिय कार्यकर्ता विनय कुमार सैनी ने बताया ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग जनों के अभिभावक जन दिव्यांगों को लेकर इस शिविर में पहुंचेंगे जिसे शीघ्र अति शीघ्र दिव्यांग जनों को वैक्सीनेशन किया जा सके ।

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के नोडल पदाधिकारी अनंत प्रकाश मेहरा ने आगामी 3 जुलाई को किए जाने वाले दिव्यांगजन वैक्सीनेशन शिविर की पूर्ण जानकारी देते हुए कहां 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी दिव्यांग जनों को टीकाकरण किया जाएगा उन्होंने बताया प्रथम एवं द्वितीय खुराक पाने वाले दिव्यांगजन 1 जुलाई तक 8630761086 हेल्पलाइन नंबर पर अवश्य अवगत करा दें जिससे हम समुचित व्यवस्था कर प्रथम एवं द्वितीय खुराक देने के लिए सक्षम हो सकें। उन्होंने बताया यह सभी शिविर जिला प्रशासन-देहरादून के निर्देशानुसार जिला दिव्यांग पुनर्वास केंन्द्र-देहरादून एवं जिला समाज कल्याण विभाग तथा जिला चिकित्सालय के समन्वय से किए जा रहे है। बैठक का संचालन कर रही जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की समन्वयक निरुपमा सूद ने दिव्यांगजन विशिष्ट पहचान पत्र के संबंध में जानकारी देते हुए बताया आगामी 3 जुलाई को इस शिविर में दिव्यांगजन विशिष्ट पहचान पत्र का भी पंजीकरण किया जाएगा इसके अतिरिक्त दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं अस्थि विकृति उपकरण आकलन एवं मरम्मत की भी वैक्सीनेशन के लिए पहुंचने वाले दिव्यांग जनों के लिए सुविधा होगी। संगोष्ठी में श्री खेम सिंह रावत सचिव राष्ट्रीय दृष्टि हीन संघ (उत्तराखंड शाखा) बलबीर सिंह रावत कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ (उत्तराखंड शाखा), धर्मेंद्र राठौर कार्यरत राष्ट्रीय दृष्टि बाधित संस्थान देहरादून,पंकज अस्थि बाधित, दिव्यांगजन अधिकार जिला समिति के सदस्य सचिन बढेरा,वीरेंद्र मुंडेपी अध्यक्ष सक्षम महानगर देहरादून आदि लोग उपस्थित रहे।

ऋषि कुल मे 474 युवाओ को लगा वैकसीन टीका



कोविड -19 वैक्सीनेशन सेन्टरस पर 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों मे कोविड-19 वैक्सीन लगवाने की विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।

हरिद्वार 30 जून (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) 



जिलाधिकारी सी रविशंकर के निर्देशन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0के0झा0 के मुख्य संयोजन एवं वैक्सीनेशन सेन्टर के नोडल अधिकारी/ रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चौधरी के संयोजन में जनपद हरिद्वार में कोविड-19 वैक्सीन 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने का विशेष अभियान जोर शोर से चल रहा है । ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में कोविड-19 वैक्सीन सेंटर पर 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों को वैक्सीन की प्रथम एवं द्वितीय डोस लगवा कर कोविड-19 महामारी से सुरक्षित किया जा रहा है और सभी लाभार्थी वैक्सीनेशन सेंटर पर उत्कृष्ट व्यवस्था के लिये रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चौधरी की विशेष सराहना करते हुए जन समाज को जागरूक कर रहे हैं कि कोविड-19 की तृतीय लहर को मद्देनजर रखते हुए शीघ्र अति शीघ्र कोविड-19 वैक्सीन जरूर लगवाएं। ऋषिकुल सेंटर पर 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों को सेंटर पर ही बिना लाइन पर लगे हुए, पंजीकरण एवं प्रमाणित करने के उपरान्त  कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोस लगाई जा रही है, जिससे उक्त आयु वर्ग के लाभार्थियों में ऋषिकुल वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीन लगवाने के लिये विशेष उत्सुकता दिख रही है। विगत दिवस ऋषिकुल वैक्सीन सेन्टर पर लाभार्थियों की संख्या हजारों में थी, वैक्सीन डोज सीमित होने के कारण 474 लाभार्थियों को ही वैक्सीन डोज लगवाई जा सकी, वैक्सीन डोज से वंचित लाभार्थियों को रेड क्रॉस स्वयंसेवकों द्वारा समझाया बुझाया गया कि वैक्सीन सीमित ही है जिससे सभी लाभार्थियों को वैक्सीन नहीं लग पायी वैक्सीन आने के उपरान्त सभी लाभाार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता से वैक्सीन डोज लगवाई जायेगी। उसके बाद मायूस होकर वैक्सीन से वंचित लाभार्थी कुछ समयोपरान्त वैक्सीन आने की उम्मीद को संजोये हुए वापस अपने घरों को लौट गये। ऋषिकुल वैक्सीन सेंटर पर डा0 नरेश चौधरी एवं रेड क्रॉस स्वयंसेवकों द्वारा लाभार्थियों को वैक्सीन की डोस लगवाकर समाज में एक ऐसा संदेश दिया जा रहा है कि कोविड-19 वैक्सीन लगाने की व्यवस्था जो भारत सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन द्वारा की गयी है उसी का पालन करते हुए अपनी बारी आने पर कोविड-19 वैक्सीन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लगवानी चाहिए। रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चौधरी कोविड-19 वैक्सीन सेंटर पर सभी लाभार्थियों को वैक्सीन डोस देने से पहले कोविड-19 गाइडलाइन पालन के लिये प्रेरित करते हैं तथा साथ ही साथ सभी लाभार्थियों को विशेष रूप से संकल्प दिलाते हैं कि कोविड-19 गाइडलाइन पालन करना आवश्यक है। सभी लाभार्थियों को विशेष रूप से आह्वान भी करते हैं कि आप सभी, जब वैक्सीन लगवाने के उपरान्त जन समाज में जाये तो समाज को अवश्य रूप से जागरूक करें कि कोविड-19 महामारी का नया वेरिएंट डेल्टा प्लस हम सब को ग्रसित न कर दे इसलिये सभी को लापरवाही नहीं करनी है, मास्क का प्रयोग अवश्य करना है , सामाजिक दूरी का पालन करना है, हाथों को बार बार धोना है अथवा सैनिटाइजर करना है एवं अपने घर एवं कार्यस्थल की सफाई रखनी हैं तथा भीड भाड वाले स्थानों पर अनावश्यक जाने से बचना है, विशेष संदेश ’’सफाई भी दवाई भी कडाई भी’’ का पालन स्वयं भी करना है एवं सम्पूर्ण जन समाज को भी पालन करने के लिए प्रेरित करना है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डा0 नलिंद असवाल एवं डा0 सुबोध जोशी ने भी वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण किया और वैक्सीन सेन्टर पर सहयोग कर रहे रेड क्रॉस स्वयं सेवकों के सहयोग एवं उत्कृष्ट व्यवस्था के लिये रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चौधरी की विशेष सराहना करते हुए प्रशंसा की। रेडक्रॉस स्वयं सेवकों में विकास देसवाल, डा0 भावना जोशी, डा0 वैशाली, डा0 स्वपनिल ,डा0 उर्मिला पाण्डेय, डा0 आराधना रावत, पूनम, अनिरूद्ध , सम्पदा कपूर, प्रतीक्षा, प्रदीप कुमार, राहुल पाण्डेय, अभिषेक गुप्ता, वैशाली, डा0 शैलजा, सलोनी ,शशांक प्रताप सिंह, पृथा बसु, आराधना सिंह, मेघा, दीपक, सतेन्द्र सिंह नेगी, संतोष कुमार, अंकित कुमार, के द्वारा सक्रिय सहभागिता की गयी।

श्री त्रिपुरा योग आश्रम कनखल के परमाध्यक्ष स्वामी शारदा नंद गिरि महाराज हुए ब्रह्मलीन

 संयास परम्परा के शिखर पुरूष स्वामी शारदा नंद गिरि जी महाराज हुए ब्रह्मलीन 


गुड़गांव के मैदांता हास्पिटल में विगत एक माह से चल रहा था ईलाज 

हरिद्वार 30 जून तीर्थ नगरी हरिद्वार, काशी, प्रयागराज सहित देश विदेश में विभिन्न धार्मिक संस्थाओ के परमाध्यक्ष स्वामी शारदा नंद गिरि महाराज गंभीर बिमारी और हृदय घात के चलते ब्रह्मलीन हो गए हैं जिस से हरिद्वार कनखल  स्थित स्वामी शारदा नंद गिरि महाराज के आश्रम श्री त्रिपुरा योग आश्रम सहित संत समाज में शोक की लहर व्यापत हो गई है। महानिर्वाणी अखाडे से जुड़े ब्रह्मलीन स्वामी शारदा नंद गिरि महाराज को श्रद्धांजलि देते उनके गुरु भाई शिवडेल स्कूल के संस्थापक स्वामी शरद पुरी, स्वामी केशवानंद, स्वामी नरसिंघा नंद, चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषिश्वरानंद, पुरूषार्थ आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी निरंजन स्वामी सहित संतजनो ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी शारदा नंद गिरि जी महाराज सरलता और विद्वता की प्रतिमूर्ति थे। संस्कृत सहित कई भाषाओं के ज्ञाता स्वामी शारदा नंद गिरि जी महाराज उच्च कोटि के साहित्यकार थे जिन्होंने ने कयी ग्रंथो पर भाष्य लिखे। श्री त्रिपुरा योग आश्रम कनखल के प्रबंध आचार्य चिंतामणि, स्वामी शारदा नंद गिरि महाराज की पुणे निवासी शिष्या लक्ष्मी राजन सिंह, आस्ट्रेलिया निवासी शशी ,सौमा नायर, गोविंद कृपा सेवा समिति धर्मार्थ ट्रस्ट की अध्यक्ष अनीता वर्मा, सहित स्वामी शारदा नंद गिरि महाराज से जुड़े लोगों और प्रशंसकों ने उनके निधन पर शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। गोविंद कृपा परिवार की ओर से धर्म, संस्कृति और आध्यात्म के शिखर पुरूष स्वामी शारदा नंद गिरि जी महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि। 



ईश्वर सबकी सुनते हैं प्रार्थना करते रहो (डा0 एस के कुलश्रेष्ठ)

 मीरा जी जब भगवान कृष्ण के लिए गाती थी तो भगवान बड़े ध्यान से सुनते थे।


सूरदास जी जब पद गाते थे तब भी भगवान सुनते थे।


और कहाँ तक कहूँ कबीर जी ने तो यहाँ तक कह दिया : चींटी के पग नूपुर बाजे वह भी साहब सुनता है।


एक चींटी कितनी छोटी होती है अगर उसके पैरों में भी घुंघरू बाँध दे तो उसकी आवाज को भी भगवान सुनते है।


यदि आपको लगता है की आपकी पुकार भगवान नहीं सुन रहे तो ये आपका वहम है या फिर आपने भगवान के स्वभाव को नहीं जाना।


कभी प्रेम से उनको पुकारो तो सही, कभी उनकी याद में आंसू गिराओ तो सही।


मैं तो यहाँ तक कह सकता हूँ की केवल भगवान ही है जो आपकी बात को सुनता है।


एक छोटी सी कथा संत बताते है :


एक भगवान जी के भक्त हुए थे, उन्होंने 20 साल तक लगातार भगवत गीता जी का पाठ किया।


अंत में भगवान ने उनकी परिक्षा लेते हुऐ कहा : अरे भक्त! तू सोचता है की मैं तेरे गीता के पाठ से खुश हूँ, तो ये तेरा वहम है।


मैं तेरे पाठ से बिलकुल भी प्रसन्न नही हुआ।


जैसे ही भक्त ने सुना तो वो नाचने लगा, और झूमने लगा।


भगवान ने बोला : अरे! मैंने कहा की मैं तेरे पाठ करने से खुश नही हूँ और तू नाच रहा है।


वो भक्त बोला : भगवान जी आप खुश हो या नहीं हो ये बात मैं नही जानता, लेकिन मैं तो इसलिए खुश हूँ की आपने मेरा पाठ कम से कम सुना तो सही, इसलिए मैं नाच रहा हूँ।


ये होता है भाव....


थोड़ा सोचिये जब द्रौपती जी ने भगवान कृष्ण को पुकारा तो क्या भगवान ने नहीं सुना?


भगवान ने सुना भी और लाज भी बचाई।


जब गजेन्द्र हाथी ने ग्राह से बचने के लिए भगवान को पुकारा तो क्या भगवान ने नहीं सुना?

बिल्कुल सुना और भगवान अपना भोजन छोड़कर आये।


कबीरदास जी तुलसीास जी सूरदास जी, मीरा बाई जी जाने कितने संत हुए जो भगवान से बात करते थे और भगवान भी उनकी सुनते थे।


इसलिए जब भी भगवान को याद करो उनका नाम जप करो तो ये मत सोचना की भगवान आपकी पुकार सुनते होंगे या नहीं?


कोई संदेह मत करना, बस ह्रदय से उनको पुकारना, तुम्हे खुद लगेगा की हाँ, भगवान आपकी पुकार को सुन रहे है !


जय जय श्री राधे श्याम


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झारखंड के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है 30 जून

 30 जून का इतिहास : जिस दिन झारखंड के आदिवासियों ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ हथियार उठाया था यानी विद्रोह किया था, उस दिन को हूल क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन की कहानी आदिवासी वीर सिद्धू, कान्हू और चाँद, भैरव से जुड़ी हुई है। सिद्धू, कान्हू और चाँद, भैरव झारखंड के संथाल आदिवासी थे। देश को आज़ादी दिलाने में इनकी अहम भूमिका थी लेकिन इन्हें पूरा भारतवर्ष नहीं जान पाया।


1857 की क्रांति से भी पहले किया था विद्रोह


भारत की आज़ादी के बारे में जब भी कोई बात होती है तो 1857 के विद्रोह को अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ पहला विद्रोह बताया जाता है लेकिन इससे पहले 30 जून 1855 को सिद्धू, कान्हू के नेतृत्व में मौजूदा साहेबगंज ज़िले के भगनाडीह गाँव से विद्रोह शुरू हुआ था। इस मौक़े पर सिद्धू ने नारा दिया था ‘करो या मरो, अंग्रेज़ों हमारी माटी छोड़ो’ इसी दिन को बहुजन आंदोलन में हूल दिवस कहा जाता है। 


50,000 आदिवासियों ने लड़ी जंग


इस दिन सिद्धू-कान्हू और चाँद एवं भैरव ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ क्रांतिकारी बिगुल फूंका था। इन्होंने संथाल परगना के भगनाडीह में लगभग 50 हज़ार आदिवासियों को इकट्ठा करके अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर दी थी। अंग्रेज़ों को यह रास नहीं आया और भीषण युद्ध हुआ, जिसमें 20 हज़ार आदिवासी शहीद हो गए। शुरुआत में संथालों को सफलता तो मिली लेकिन बाद में अंग्रेज़ों ने इन पर क़ाबू पा लिया। इसके बाद अंग्रेज़ों ने संथालों के हर गाँव पर हमला किया। अंग्रेज़ यह सुनिश्चित कर लेना चाहते थे कि एक भी विद्रोही संथाल आदिवासी नहीं बचना चाहिए।


फांसी के तख्ते पर झूल गए सिद्धू-कान्हू 


ये आंदोलन निर्दयी तरीक़े से दबा दिया गया। इसके बाद सिद्धू, कान्हू को 26 जुलाई 1855 को ब्रिटिश सरकार ने फाँसी दे दी लेकिन इस आंदोलन ने औपनिवेशिक शासन को नीति में बड़ा बदलाव करने को मजबूर कर दिया। इस दिन को आदिवासी समाज पूरे उल्लास से मनाता है और अपने वीर सिद्धू, कान्हू और चाँद-भैरव को याद करता है। सिद्धू-कान्हू के नाम से झारखंड में एक विश्वविद्यालय भी 1996 में शुरू किया गया। इस वीरता से सम्मान में 2002 में भारतीय डाक विभाग ने डाक टिकट भी जारी किया था। 


भारत के मूलनिवासियों के इस साहस को आज पूरा देश सलाम कर रहा है लेकिन दुख इस बात का है कि इस देश के मनुवादी इतिहासकारों ने इन्हें कभी वो सम्मान नहीं दिया जिसके ये महानायक हकदार थे।


उम्मीद पे दुनियाँ कायम

 एक बार की बात है। एक प्रदेश में एक नामी चोर रहता था।


एक दिन वो चोर चोरी करते हुए पकड़ा गया। 


फ़िर उसे राजा के सामने पेश किया गया। राजा ने कहा कि तुम्हें जीने का कोई हक नहीं औऱ भरे दरबार में उसे सजा ए मौत सुनाई गई। 


चोर खामोश खड़ा रहा। 


आखिर में राजा ने चोर से पूछा कि तुम्हारी कोई अंतिम इच्छा हो तो बताओ। 


चोर ने सिर झुका कर राजा से कहा कि हुजूर, माई-बाप गुस्ताखी माफ हो तो एक बात अर्ज करूं। 


राजा ने कहा, "बोलो।"


चोर ने कहा, " राजन, मैं चोर हूं, मैं पकड़ा भी गया हूं, और अब मुझे फांसी की सजा भी हो चुकी है।"


राजा ने कहा, " साफ-साफ कहो, कहना क्या चाहते हो?"


चोर ने कहना शुरू किया, "राजन, मुझे इस बात का अफसोस रहेगा कि मैं घोड़े को उड़ाने की विद्या जानता हूं, मैं चाहता था कि कोई दूसरा उस विद्या को काश सीख पाता! लेकिन अफसोस कि मेरी मौत की सजा के साथ ही ये विद्या इस धरती से लुप्त हो जाएगी। मेरे बाद फिर कोई घोड़े को उड़ाने की विद्या के सच से रूबरू नहीं हो पाएगा।"


 राजा ने कहा, "क्या कह रहे हो ? क्या तुम सचमुच घोड़े को हवा में उड़ाने की विद्या जानते हो? मैं तुम्हारी बात पर यकीन नहीं कर सकता। तुम झूठ बोल रहे हो। तुम्हें मरना ही होगा।"


चोर ने कहा, "हुजूर, आप ठीक ही फरमा रहे हैं, मुझे मरना ही चाहिए। छोड़िए इस घोड़े के उड़ने की विद्या का किसी को क्या करना?"


राजा, जरा दुविधा में फंसा।


 राजा को दुविधा में फंसे देख महामंत्री, मंत्री, सेनापति सबने कहा, राजन इस चोर की बातों मत आइए। इसे फांसी दे दीजिए। 


राजा कुछ सोचता हुआ चोर से कहने लगा कि सुनो चोर, अगर तुमने सचमुच साबित कर दिया कि तुम घोड़े को हवा में उड़ा सकते हो, तो तुम्हें हम सजा से माफी दे देंगे। लेकिन ध्यान रहे, अगर तुम झूठे साबित हुए तो फिर मैं तुम्हारे साथ क्या-क्या करूंगा, तुम अंदाजा भी नहीं लगा सकोगे।


चोर ने दोनों हाथ जोड़ कर कहा, "राजन आप मुझे साल भर का वक्त दें। साथ में एक घोड़ा और घोड़े की अच्छी खुराक के लिए कुछ धन दें। साल भर में मैं घो़ड़े को उड़ना सीखा दूंगा। और फिर आप जो चाहे फैसला करें।" 


सारे दरबारी राजा को मना करते रहे, समझाते रहे। पर राजा ने कहा कि देखो इसे फांसी की सजा तो हो ही चुकी है। आज मरे या साल भर बाद मरे। लेकिन अगर इसने घोड़े को उड़ने की विद्या सिखा दी तो बहुत बड़ी बात होगी।


 राजा ने इतना कह कर, उस चोर को एक शानदार घोड़ा और ढेर सारा धन देकर साल भऱ के लिए छोड़ दिया।


चोर अपने घर पहुंचा। उसकी पत्नी अपने पति को देख कर आंखें मलने लगी।


 उसने पति से पूछा कि तुम तो पकड़े गए थे, फिर ये घोड़े के साथ वापस कैसे लौट आए? 


चोर ने पूरी कहानी सुनाई और कहा कि अब साल भर तुम मौज करो। इतना धन साथ लाया हूं। 


चोर की पत्नी हैरान थी। उसने कहा कि तुम वहां भी झूठ बोल आए? अरे घोड़े कहीं उड़ते हैं? और साल भर बाद क्या करोगे? कैसे बचोगे?


चोर ने कहा, " मरने को तो आज ही मर जाता लेकिन साल भर के लिए मौज की मुहलत मिल गई है। ये मेरी किस्मत है। अब साल भर बाद तो कुछ भी हो सकता है। तू क्यों सोच रही है कि फांसी ही होगी? मैं चोर हूं। मेरा काम है उम्मीद और किस्मत के भरोसे रहना। हो सकता है, साल भर बाद राजा भूल जाए कि उसने मुझे सजा दी थी। हो सकता है साल भर बाद राजा ही न रहे और मैं बच जाऊं। हो सकता है साल भर बाद राजा का दिल पसीज जाए और मुझे फांसी की सजा पर फिर से विचार कर ले। कुछ भी हो सकता है भागवान। ये तो राजा को सोचना था कि घोड़े नहीं उड़ते। पर राजा विवेक, न्याय, तर्क और पुरुषार्थ से दूर है। मैं उम्मीद और किस्मत से दूर नहीं हो सकता। भागवान! ध्यान से सुन। कौन जानता है, क्या पता, साल भर बाद घोड़ा सचमुच उड़ने ही लगे?”


उम्मीद बहुत बड़ी चीज़ है औऱ उम्मीद पर ही दुनिया कायम है.......



देश के गद्दारो से सावधान

 *इतिहास गवाह है हमेशा किले के* 

*दरवाज़े अंदर से ही खोले गए है।*


 *शिवाजी की शमशीरें,*

*जयसिंह ने ही रोकी थीं,*


*पृथ्वीराज की पीठ में बरछी,*

*जयचंदों नें भोंकी थी।*


*हल्दीघाटी में बहा लहू,*

*शर्मिंदा करता पानी को,*


*राणाप्रताप सिर काट काट,*

*करता था भेंट भवानी को।*


*राणा रण में उन्मत्त हुआ,*

*अकबर की ओर चला चढ़ के,*


*अकबर के प्राण बचाने को,*

*तब मानसिंह आया बढ़ के।*


*इक राजपूत के कारण ही,*

*तब वंश मुगलिया जिंदा था,*


*इक हिन्दू की गद्दारी से,*

*चित्तौड़ हुआ शर्मिंदा था।*


*जब रणभेरी थी दक्खिन में,*

*और मृत्यु फिरे मतवाली सी,*


*और वीर शिवा की तलवारें,*

*भरती थीं खप्पर काली सी।*


*किस म्लेच्छ में रहा जोर,*

*जो छत्रपती को झुका पाया,*


*ये जयसिंह का ही रहा द्रोह,*

*जो वीर शिवा को पकड़ लाया।*


*गैरों को हम क्योंकर कोसें,*

*अपने ही विष बोते हैं,*


*कुत्तों की गद्दारी से,*

*मृगराज पराजित होते हैं।*


*बापू जी के मौन से हमने*

*भगत सिंह को खोया है,*


जय माँ भारती 


भगवान पुर नगर पंचायत क्षेत्र में हर गली में बन रही हैं पक्की सडके



*क्षेत्र का  सर्वांगिण विकास करना लक्ष्य,भगवानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि/पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार सुबोध राकेश, ने


मुख्य अतिथि के रूप में भगवानपुर नगर पंचायत वार्ड नंबर 2 में इंटरलॉक टाइल्स सड़क का फीता काटकर किया उद्घाटन* 


*भगवानपुर 29 जून (कमल वर्मा नामदेव संवाददाता गोविंद कृपा भगवान पुर)   मुख्य अतिथि के रूप में भगवानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि/पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार सुबोध राकेश ने वार्ड नंबर 2 में इंटरलॉक टाइल्स  से बनी सड़क का  फीता काटकर उद्घाटन किया! सुबोध राकेश ने कहा हमारी कोशिश यही है कि भगवानपुर नगर पंचायत में जितनी भी जन समस्याएं है सभी में विकास कार्य किए जा रहे हैं सुबोध राकेश ने कहा सड़क एवं जल निकासी व नाले की सफाई हम प्राथमिकता के आधार पर उसको सही करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवानपुर नगर पंचायत के माध्यम से अनेक विकास कार्य पूरे भगवानपुर नगर पंचायत के सभी वार्डों में कराए जा रहे हैं।इस मौके पर,वार्ड नंबर 2 सभासद गुलबहार अली,सभासद प्रतिनिधि इरफान ठेकेदार,ब्रह्मपाल सैनी, सुखपाल सैनी,अक्षय सैनी,नवीन सैनी,दीपक,रमेश चंद,नाजिम अली,अब्दुल कादिर,पंकज, अश्वनी चौहान,अनीता चौहान, नवीन वर्मा,प्रवीण सैनी,शुभम पंडित,रवि तोमर,शाह आलम, सनी वर्मा,मैन पाल सिंह इत्यादि लोग उपस्थित रहे

बाल मंदिर में लगा वैकसीन कैम्प

 संजीवनी बूटी के समान है वैक्सीन-डा.विशाल गर्ग

हरिद्वार, 29 जून। वरिष्ठ भाजपा नेता समाजसेवी डा.विशाल गर्ग के संयोजन में भेल सेक्टर वन स्थित बाल मंदिर स्कूल में आयोजित टीकाकरण शिविर में 18 प्लस आयु वर्ग के 350 लोगों को वैक्सीन का टीका लगाया गया। वैक्सीनेशन कैंप का उद्घाटन रानीपुर विधायक आदेश चैहान एवं डा.विशाल गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विधायक आदेश चैहान ने कहा कि पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक स्थिति उत्पन्न करने वाली कोरोना महामारी को हराने के लिए टीकाकरण ही एक मात्र उपाय है। कोरोना की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित व महामारी को मात देने में सक्षम है। इसलिए सभी को वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए। समाजसेवी डा.विशाल गर्ग ने कहा कि कोरोना को मात देनी है तो टीका जरूर लगवाएं। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। वैक्सीन का टीका जीवन बचाने के लिए संजीवनी बूटी के समान है। सभी को अभियान को लाभ उठाते हुए अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर वैक्सीन लगवानी चाहिए। डा.विशाल गर्ग ने कहा कि विष्णलोक कालोनी, बंगाली कालोनी, लेबर कालोनी, एचईसी कालोनी, ईटी हाॅस्टल आदि इलाकों में निरंतर अभियान चलाकर लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सभी को टीकाकरण को सामाजिक दायित्व समझते हुए जागरूकता अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। जागरूकता अभियान से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवा बालमंदिर में आयोजित शिविर में टीका लगवाने के लिए पहुंचे। शिविर में 350 लोगों को टीके की पहली खुराक दी गयी। पार्षद हितेश चैधरी, विनीत जैन एवं शोभित गुप्ता ने कहा कि वैक्सीन का टीका लगवाने के साथ मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, हाथों को बार-बार धोना आदि कोविड नियमों का पालन भी अवश्य करें। नियमों का पालन कर ही कोरोना महामारी को मात दी जा सकती है। अंकित, सचिन अरोड़ा, ब्रिजेश शर्मा, सुनील पाण्डे आदि शिविर के संचालन में सहयोग किया। 

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गीतो के जादूगर 'गोपाल दास नीरज '

 गीतो की कहानी


💐💐कहां गये वो लोग💐💐

           🎉 रंगीला रे  और नीरज🎉

हर गीत के पीछे ऊसके जन्म की कहानी होती है देव साहब की प्रेम पुजारी का गीत रंगीला रे का जन्म

शैलेंद्र का निधन हो गया. नीरज शैलेंद्र का बड़ा मान करते थे. ऐसे में उन्हें देवानंद से हुई एक मुलाकात याद आई. किसी कवि सम्मेलन में देवानंद चीफ गेस्ट बनकर आए थे. वहां उन्होंने नीरज की कविता सुनी थी. कवि सम्मेलन के बाद उन्होंने नीरज से कहा था कि तुम्हारी कविता बहुत अच्छी लगी, कभी मेरे साथ काम करना.

बड़े लोगों की बड़ी बातें. कौन जाने देवानंद को वह मुलाकात याद होगी भी कि नहीं. हो सकता है, नौजवान कवि का दिल रखने के लिए सुपरस्टार ने वे बातें कह दी हों. लेकिन दिल नहीं माना. नीरज ने देवानंद को खत लिखा. अपना परिचय दिया और देव साहब को वादा याद दिलाया. जल्द ही देवानंद की हेंडराइटिंग में लिखा खत नीरज को मिला.

 बंबई से दावतनामा आया था. नीरज पहली गाड़ी पकड़कर बंबई रवाना हो गए.

देव साहब मिले. सीधे पूछा कितने दिन के लिए आए हो. नीरज ने कहा छह दिन की छुट्टी लेकर आया हूं. देव साहब प्रेम पुजारी बना रहे थे. संगीतकार थे, एस डी बर्मन. लेकिन गीतकार शैलेंद्र की जगह खाली थी. देवानंद ने बर्मन दादा से कहा नीरज से गीत लिखाएं. दादा ने पूछा, कौन नीरज. बहरहाल, बर्मन दादा आए. उन्होंने नीरज को पूरी सिचुएशन समझाई. कैसे एक भारतीय लड़की अपने प्रेमी को खोजते हुए विदेश पहुंचती है. वहां जाकर क्या देखती है कि जिस प्रेमी के लिए वह इतनी दूर आई, वह किसी और की बाहों में झूल रहा है. लडकी बौराई हुई सी हाथ में शराब का प्याला लिए नाच रही है. और साथ ही महान संगीतकार ने दो शर्तें लगाईं- गीत के बोल रंगीला शब्द से शुरू होंगे. दूसरी बात यह कि इसमें हल्के शब्द गुलगुल-बुलबुल, शमां-परवाना, शराब-जाम का इस्तेमाल नहीं होगा. बर्मन दादा चले गए, नीरज को गीत का बीज देकर. देवानंद भी सो गए.

लेकिन नीरज जागते रहे. सुबह देवानंद को गीत सुनाया: “रंगीला रे, तेरे रंग में जो रंगा है, मेरा मन, छलिया रे, किसी जल से, न बुझेगी, ये जलन.” देवानंद भाव-विभोर. बोले- ओह नीरज क्या कहने. तुरंत बर्मन दादा को फोन लगाया. कहा, गीत तैयार है. सचिन देव वर्मन अवाक, रात भर में गीत बन गया. उन्होंने भी गीत सुना. उन्होंने भी ओके कर दिया. देवानंद ने नीरज से कहा, चलो चलें. बर्मन दादा ने पूछा- कहां. अब ये कहीं नहीं जाएंगे मेरे साथ रहेंगे. और फिर नीरज सुनाते थे कि कैसे वह महान संगीतकार उन्हें अपने यहां अक्सर खाने पर बुलाता था. यह एक ऐसा सम्मान था, जिसके लिए बड़े-बड़े सितारे तरसते थे. बर्मन दादा के लिए नीरज ने ऐसे मधुर और मैलोडियस गीत लिखेhttps://youtu.be/ULiCtjGRyNY



साहित्यक संस्थाओ, साहित्यकारो ने दी दिवंगत के एल दिवान जी को श्रद्धांजलि

  हरिद्वार 29 जून( विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) 





 हरिद्वार के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार, कवि एवं कहानीकार के. एल. दीवान जी जिनका गौरव उत्तराखंड में ही नहीं अपितु भारत के विभिन्न राज्यों में सुविख्यात था । दीवान जी के निधन से साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति हुई है। 12 अक्टूबर सन् 1934 को मियांवाली( जो अब पाकिस्तान में है ) में जन्मे  के.एल .दीवान जी का संपूर्ण जीवन शिक्षा, साहित्य एवं समाज सेवा से जुड़ा रहा। उनका निधन 28 जून 2021 को हुआ।  वे 87 वर्षीय हिंदी साहित्य साधक थे। श्री दीवान जी ने सन् 1960 से लेकर 1973 तक विभिन्न विद्यालयों में शिक्षण कार्य किया। इसके बाद हरिद्वार में ज्ञानोदय अकादमी की स्थापना कर शिक्षा का प्रचार प्रसार किया। 2 नवंबर सन् 1992 को दीपशिखा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच की स्थापना कर हिंदी के संवर्धन में विशिष्ट योगदान किया।


 दीपशिखा मंच की अध्यक्ष एवं कवयित्री डॉ मीरा भारद्वाज ने कहा  कि निरंतर मासिक  काव्य गोष्ठी करना उनका साहित्यिक प्रेम था। संस्थापक अध्यक्ष की हैसियत से दीवान जी ने दीपशिखा मंच की ओर से लगभग 100 से भी अधिक कवियों, लेखकों व संपादकों को सम्मानित कर, नवोदित साहित्यकारों को प्रोत्साहित किया। पुस्तकें खरीद कर बांटना उनका दीवानापन ही नहीं अपितु उनका हिंदी के प्रति समर्पण था। उनकी साहित्य साधना को मैं नमन करती हूं।

 दीपशिखा मंच के उपाध्यक्ष एवं उनके प्रिय शिष्य कवि उमेश शर्मा ने कहा दीवान जी की कविताओं, लघु कथाओं ,कहानियों में समाज का सजीव चित्रण मिलता है। उनका साहित्यिक यात्रा उत्साह एवं विश्वास से भरी थी। मैं ऐसे अपने  गुरु के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 

संस्था सचिव एवं कवि डॉ सुशील कुमार त्यागी 'अमित' ने कहा कि वह हम सबके प्रेरणा स्रोत एवं साहित्यिक मार्गदर्शक  तथा महान विभूति थे । गोष्ठियों में उनका उत्साह देखते ही बनता था।उनका सानिध्य एवं आशीर्वाद लंबे समय तक प्राप्त हुआ। वह एक सरस कवि ,कहानीकार, विद्वान व्यक्तित्व थे ।उनके चरणों में मेरा शत शत नमन है।

 डॉ त्यागी ने बताया कि सन् 2018 में "हिंदी साहित्य साधक कृष्ण लाल दीवान"( अभिनंदन ग्रंथ) प्रकाशित कराकर उन्हें भेंट किया गया था।


 उनके सात कहानी संग्रह, 8 कविता संग्रह,व गजल संग्रह और अनेक लघुकथाएं प्रकाशित हुई। गौरव की बात है कि उनकी रचना संसार पर शोध कार्य भी हुआ। दीवान जी को भारत की विभिन्न  राज्यों की साहित्यिक संस्थाओं से समय-समय पर सम्मानित किया गया। लगभग 75 प्रशस्ति पत्र उनकी साहित्यिक सेवाओं का प्रतीक हैं। 

हरिद्वार की विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं  पारिजात ,सुमेरू काव्य मंच ,स्वर गंगा, परिक्रमा, गोविंद कृपा सेवा समिति धर्मार्थ ट्रस्ट आदि अनेक संस्थाओं ने दीवान जी के निधन पर शोक व्यक्त किया। भारत के विभिन्न राज्यों से भी सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संवेदनाएं समाचार छपने तक प्राप्त हो रही हैं।  दीपशिखा मंच एवं दीवान जी का परिवार हरिद्वार के सभी संस्थाओं, साहित्यकारों के प्रति और जो इस दुख की घड़ी में हम सब के साथ रहे उनके प्रति हार्दिक आभार  प्रकट करते हैं।

दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून ने मनाया हैलन केलर जयंती दिवस

व्यांगजन *श्रवण बाधित एवं दृष्टिबाधित विश्व विख्यात हेलेन केलर जयंती के उपलक्ष में दिव्यांगजन वैक्सीनेशन शिविर का किया गया आयोजन*

देहरादून 28 जून  (अनंत प्रकाश मेहरा) 



जिला प्रशासन के निर्देशानुसार जिला समाज कल्याण एवं जिला चिकित्सालय के सहयोग से जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून द्वारा आर्य समाज मंदिर विकास खंड विकास नगर मे दिव्यांग जनों के लिए विशेष वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया । सर्वप्रथम हेलेन केलर जयंती के उपलक्ष में यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें कोविड महामारी को दूर करने मैं यज्ञ की महत्वता पर चर्चा की ही गई साथ ही साथ ऐसे दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित दोनों ही दिव्यांगता से ग्रसित हेलेन केलर को याद किया गया इस दौरान विकास नगर की चेयर पर्सन शांति जुआंठा जी ने बताया इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर करते रहने से समाज में एक जागरूकता फैल रही है और दिव्यांगजन को शिक्षा व्यवसाय एवं रोजगार में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन भी प्राप्त हो रहा है हमारा उद्देश्य सर्वप्रथम दिव्यांग जनों की जीवन की रक्षा हेतु वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को निरंतर रखना है तत्पश्चात उनको संबंधित सभी सुविधाओं से लाभान्वित करना है।

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पहुंचे विकास नगर जिला कारवा संदीप महावर जी ने सभी दिव्यांग जनों के लिए इस प्रकार से की जा रही सेवा को नारायण सेवा ही बताया उन्होंने समस्त जिले देहरादून में निरंतर दिव्यांग जनों के लिए हो रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रमों में सहर्ष कार्यकर्ताओं की मदद के लिए कहा।

 इस दौरान कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अनंत मेहरा ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र निरंतर सिविल लगा रहा है परंतु दिव्यांग जनों को चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा लाभ इन शिविरों में आकर उठाएं 35 दिव्यांग जनों को लाभान्वित किया गया ।

इस दौरान शुभांग सृजन संस्थान द्वारा दिव्यांग जनों के 15 कृत्रिम अंग एवं उपकरण की मरम्मत तथा उनका आकलन भी किया गया जिससे समय पर उनको कृत्रिम अंग उपलब्ध कराया जा सके 15 दिव्यांग जनों को कृत्रिम अंग का असेसमेंट एवं उपकरण हेतु चिन्हित किया गया तथा 10 दिव्यांग जनों का वैक्सीनेशन किया गया। बहु- दिव्यांगता के चलते 3 दिव्यांग जनों को चिन्हांकित कर उनके घर पर ही वैक्सीनेशन किया गया। साथ ही साथ 13 दिव्यांगजन विशिष्ट पहचान पत्र का भी पंजीकरण किया गया। 

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र समन्वयक निरूपमा सूद ने हेलेन केलर के बारे में बताते हुए कहा हम सभी के लिए वह प्रेरणा के स्रोत है बहु विकलांगता के चलते भी वह प्रत्येक क्षेत्र में चहुमुखी प्रतिभा के साथ विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाली प्रथम महिला है ।

विकलांग अभिभावक संघ के अध्यक्ष एवं सम दृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल के कर्मठ कार्यकर्ता विनय कुमार सैनी ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए कहा हम निरंतर दिव्यांग जनों के सशक्तिकरण पर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा सक्षम के द्वारा निरंतर दिव्यांगों के लिए वैक्सीनेशन के कार्यक्रमों में सहायता मिलती रहेगी।

 जिला चिकित्सालय टीम से डॉक्टर गिन्नी नौटियाल बलवीर तोमर राजेंद्र शिविर में पहुंचे।

शिविर में दिव्यांगजन प्रतिभागियों मे श्रवण बाधित तथा अस्थि बाधित दिव्यांगता से ग्रसित बिंदु बिष्ट,पंकज कुमार, पीतांबर दत्त, सन्,नी बबीता, राजेंद्र सिंह,खुशनसीब,नीरज शर्मा,अनिल कुमार गुप्ता, दिनेश रावत,कपिल आदि लोग उपस्थित रहे।

जवाना सुन रहा था, दास्ता बडे गौर से आप ही सो गए दास्ता कहते-कहते' अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि गुरु जी


 प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, शिक्षक के एल दिवान नहीं रहे

हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी में करते थे साहित्य सर्जन, पंजाब केसरी, हिंद समाचार, अजीत जैसे समाचार पत्र प्रमुखता से प्रकाशित करते थे के एल दिवान जी की कहानीयां, कविताऐ, हाइकु 

दीपशिखा साहित्यक मंच, के माध्यम से नवीन  साहित्यकारो  को सदैव साहित्य सर्जन के लिए करते थे प्रेरित

हरिद्वार 28 जून दीपशिखा साहित्यक मंच के संस्थापक अपनी हृदय को छू देने वाली कहानियों , कठिन बातो को कविता के माध्यम से सहज में ही कह देने वाले लाखो लागो को अपने सरल व्यक्तित्व, ईमानदार छवि से प्रभावित करने वाले के एल दिवान (कृष्ण लाल दिवान) का निधन हो गया है 84 वर्षीय के एल दिवान का बचपन पाकिस्तान में बीता और 1950 के आस पास वे अपने माता पिता के साथ देहरादून आ कर बस गए। हिन्दू, उर्दू, अंग्रेजी में उनकी विशेष पकड थी और इन्ही भाषाओं में उन्होंने साहित्यक सर्जन करना प्रारम्भ किया जो अंतिम समय तक जारी रहा। के एल दिवान  साहित्यकार के साथ साथ उच्च कोटि के शिक्षक थे इस कारण लोग उन्हें गुरू जी कहा करते थे हरिद्वार के श्रवण नाथ नगर के एक विद्यालय से प्रारंभ हुआ उनका शिक्षण कार्य जीवन के अंतिम वर्षो तक जारी रहा। गोविंद कृपा सेवा समिति धर्मार्थ ट्रस्ट की अध्यक्ष अनीता वर्मा ने कहा कि गुरू जी को बच्चो को पढाने में आनंद आता था। ब्रह्म पुरी में ज्ञानोदय एकेडमी स्कूल स्थापित कर वर्षो बच्चों को पढाया आधे से ज्यादा बच्चे खरीफ के कारण फीस नहीं दे पाते थे लेकिन गुरू जी निर्विकार भाव से शिक्षा देने का कार्य जारी रखते थे लोग भी हृदय से उनका सम्मान करते थे। अनीता वर्मा ने कहा कि हमने तो अपना अभिभावक ही खो दिया है। हिन्दू प्रेस जँहा पर उनकी साहित्यक पुस्तकें प्रकाशित होती थी उसके मालिक एवं भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी ने के एल दिवान जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि गुरू जी अत्यंत विनम्र, माँ सरस्वती के वरद हस्त पुत्र थे जिन्होंने अपना सारा जीवन साहित्य सेवा और बच्चों को पढाने में व्यतीत कर दिया। अनिरूद्ध भाटी ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि गुरू जी को सरकार, साहित्यक एकडेमियो, ने वो सम्मान नही दिया जिसके वो हकदार थे। उन्होंने कभी किसी को अपनी पैरवी करने को नही कहा, और निष्काम भाव से अपना काम करते रहे। हिन्दू प्रेस परिवार को गुरु जी का जाना व्यक्तिगत क्षति है। के एल दिवान के निधन पर शहर के साहित्यकारो सुशील त्यागी, मीरा भारद्वाज, गांगये कमल ,वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखौला, बिजेन्द्र हर्ष,   शशि शर्मा, रोटरी क्लब कनखल के पदाधिकारीयो डा0 विशाल गर्ग, अशोक सप्रा, विनय कुमार सहित समाज की विभिन्न संस्थाओ ने शोक प्रकट किया है।



हरि विनायक राव ने स्कंद पुराण से उद्धरत की भगवान सत्यनारायण की कथा

 देश भक्त था हरि विनायक राव का परिवार तीनों पुत्रो को अंग्रेजो ने दी थी फांसी

आज अगर कोई कहे कि घर में पूजा है, तो ये माना जा सकता है कि “सत्यनारायण कथा” होने वाली है। ऐसा हमेशा से नहीं था। दो सौ साल पहले के दौर में घरों में होने वाली पूजा में सत्यनारायण कथा सुनाया जाना उतना आम नहीं था। हरि विनायक ने कभी 1890 के आस पास स्कन्द पुराण में मौजूद इस संस्कृत कहानी का जिस रूप में अनुवाद किया, हमलोग लगभग वही सुनते हैं। हरि विनायक की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी और वो दरबारों और दूसरी जगहों पर कीर्तन गाकर आजीविका चलाते थे।


कुछ तो आर्थिक कारणों से और कुछ अपने बेटों को अपना काम सिखाने के लिए उन्होंने अपनी कीर्तन मंडली में अलग से कोई संगीत बजाने वाले नहीं रखे। उन्होंने अपने तीनो बेटों को इसी काम में लगा रखा था। दामोदर, बालकृष्ण और वासुदेव को इसी कारण कोई ख़ास स्कूल की शिक्षा नहीं मिली। हाँ ये कहा जा सकता है कि संस्कृत और मराठी जैसी भाषाएँ इनके लिए परिवार में ही सीख लेना बिलकुल आसान था। ऊपर से लगातार दरबार जैसी जगहों पर आने जाने के कारण अपने समय के बड़े पंडितों के साथ उनका उठाना बैठना था। दामोदर हरि अपनी आत्मकथा में भी यही लिखते हैं कि दो चार परीक्षाएं पास करने से बेहतर शिक्षा उन्हें ज्ञानियों के साथ उठने बैठने के कारण मिल गयी थी।


आज अगर पूछा जाए तो हरि विनायक को उनके सत्यनारायण कथा के अनुवाद के लिए तो नहीं ही याद किया जाता। उन्हें उनके बेटों की वजह से याद किया जाता है। सर्टिफिकेट के आधार पर जो तीनों कम पढ़े-लिखे बेटे थे और अपनी पत्नी के साथ हरि विनायक पुणे के पास रहते थे। आज जिसे इंडस्ट्रियल एरिया माना जाता है, वो चिंचवाड़ उस दौर में पूरा ही गाँव हुआ करता था। 1896 के अंत में पुणे में प्लेग फैला और 1897 की फ़रवरी तक इस बीमारी ने भयावह रूप धारण कर लिया। ब्युबोनिक प्लेग से जितनी मौतें होती हैं, पुणे के उस प्लेग में उससे दोगुनी दर से मौतें हो रही थीं। तबतक भारत के अंतिम बड़े स्वतंत्रता संग्राम को चालीस साल हो चुके थे और फिरंगियों ने पूरे भारत पर अपना शिकंजा कस रखा था।


अंग्रेजों को दहेज़ में मिले मुंबई (तब बॉम्बे) के इतने पास प्लेग के भयावह स्वरुप को देखते हुए आईसीएस अधिकारी वाल्टर चार्ल्स रैंड को नियुक्त किया गया। उसे प्लेग के नियंत्रण के तरीके दमनकारी थे। उसे साथ के फौजी अफसर घरों में जबरन घुसकर लोगों में प्लेग के लक्षण ढूँढ़ते और उन्हें अलग कैंप में ले जाते। इस काम के लिए वो घरों में घुसकर औरतों-मर्दों सभी को नंगा करके जांच करते। तीनों भाइयों को साफ़ समझ में आ रहा था कि महिलाओं के साथ होते इस दुर्व्यवहार के लिए वाल्टर रैंड ही जिम्मेदार है। उन्होंने देशवासियों के साथ हो रहे इस दमन के विरोध में वाल्टर रैंड का वध करने की ठान ली।


थोड़े समय बाद (22 जून 1897 को) रानी विक्टोरिया के राज्याभिषेक की डायमंड जुबली मनाई जाने वाली थी। दामोदर, बालकृष्ण और वासुदेव ने इसी दिन वाल्टर रैंड का वध करने की ठानी। हरेक भाई एक तलवार और एक बन्दूक/पिस्तौल से लैस होकर निकले। आज जिसे सेनापति बापत मार्ग कहा जाता है, वो वहीँ वाल्टर रैंड का इन्तजार करने वाले थे मगर ढकी हुई सवारी की वजह से वो जाते वक्त वाल्टर रैंड की सवारी पहचान नहीं पाए। लिहाजा अपने हथियार छुपाकर दामोदर हरि ने लौटते वक्त वाल्टर रैंड का इंतजार किया। जैसे ही वाल्टर रवाना हुआ, दामोदर हरि उसकी सवारी के पीछे दौड़े और चिल्लाकर अपने भाइयों से कहा “गुंडया आला रे!”


सवारी का पर्दा खींचकर दामोदर हरि ने गोली दाग दी। उसके ठीक पीछे की सवारी में आय्रेस्ट नाम का वाल्टर का ही फौजी एस्कॉर्ट था। बालकृष्ण हरि ने उसके सर में गोली मार दी और उसकी फ़ौरन मौत हो गयी। वाल्टर फ़ौरन नहीं मरा था, उसे ससून हॉस्पिटल ले जाया गया और 3 जुलाई 1897 को उसकी मौत हुई। इस घटना की गवाही द्रविड़ बंधुओं ने दी थी। उनकी पहचान पर दामोदर हरि गिरफ्तार हुए और उन्हें 18 अप्रैल 1898 को फांसी दी गयी। बालकृष्ण हरि भागने में कामयाब तो हुए मगर जनवरी 1899 को किसी साथी की गद्दारी की वजह से पकड़े गए। बालकृष्ण हरि को 12 मई 1899 को फांसी दी गयी।


भाई के खिलाफ गवाही देने वाले द्रविड़ बंधुओं का वासुदेव हरि ने वध कर दिया था। अपने साथियों महादेव विनायक रानाडे और खांडो विष्णु साठे के साथ उन्होंने उसी शाम (9 फ़रवरी 1899) को पुलिस के चीफ कांस्टेबल रामा पांडू को भी मारने की कोशिश की मगर पकड़े गए। वासुदेव हरि को 8 मई 1899 और महादेव रानाडे को 10 मई 1899 को फांसी दी गयी। खांडो विष्णु साठे उस वक्त नाबालिग थे इसलिए उन्हें दस साल कैद-ए-बामुशक्कत सुनाई गयी।


मैंने स्कूल के इतिहास में भारत का स्वतंत्रता संग्राम पढ़ते वक्त दामोदर चापेकर, बालकृष्ण चापेकर और वासुदेव चापेकर की कहानी नहीं पढ़ी थी। जैसे पटना में सात शहीदों की मूर्ती दिखती है वैसे ही चापेकर बंधुओं की मूर्तियाँ पुणे के चिंचवाड में लगी हैं। उनकी पुरानी किस्म की बंदूकें देखकर जब हमने पूछा कि ये क्या 1857 के सेनानी थे? तब चापेकर बंधुओं का नाम और उनकी कहानी मालूम पड़ी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम को अहिंसक साबित करने की जिद में शायद इनका नाम किताबों में शामिल करना उपन्यासकारों को जरूरी नहीं लगा होगा। काफी बाद में (2018) भारत सरकार ने दामोदर हरि चापेकर का डाक टिकट जारी किया है।


बाकी इतिहास खंगालियेगा भी तो चापेकर के किये अनुवाद से पहले, सत्यनारायण कथा के पूरे भारत में प्रचलित होने का कोई पुराना इतिहास नहीं निकलेगा। चापेकर बंधुओं को किताबों और फिल्मों आदि में भले कम जगह मिली हो, धर्म अपने बलिदानियों को कैसे याद रखता है, ये अगली बार सत्यनारायण की कथा सुनते वक्त जरूर याद कर लीजियेगा। धर्म है, तो राष्ट्र भी है!


समारोह के साथ पौडी गढवाल में भी मनाई गई हैलन केलर की जंयती

    पौडी 27 जून ( जसवंत सिंह रावत)                             *सक्षम , पौड़ी गढ़वाल* ने हेलेन केलर की जयंती धूमधाम से मनाई । जिला अध्यक्ष श्री नरेन्द्र प्रसाद टम्टा की अध्यक्षता में नगर पालिका परिषद , पौड़ी के सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री दिनेश बिष्ट प्रांत युवा प्रमुख सक्षम उत्तराखंड, विशिष्ट अतिथि श्री अनिल सेमवाल सहायक समाज कल्याण अधिकारी पौड़ी , प्रांत सह सचिव श्री कपिल रतूड़ी , जिला अध्यक्ष पौड़ी श्री नरेंद्र प्रसाद टम्टा , नगर अध्यक्ष पौड़ी श्री कांता प्रसाद ने हेलेन केलर के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।                                                                                   मुख्य अतिथि प्रांत युवा प्रमुख सक्षम,उत्तराखंड श्री दिनेश बिष्ट ने हेलेन केलर के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हेलेन केलर असामान्य प्रतिभा की धनी थी । जो कि दिव्यांगों सहित सकलांग लोगों के लिए प्रेरणाश्रोत थी। उन्होंने बताया कि हेलेन केलर एक लेखक व समाजसेविका थी । उनकी *मेरी जीवन की कहानी* नामक पुस्तक इतनी चर्चित हुई कि उसकी बिक्री की रॉयल्टी से उन्होंने एक मकान खरीद लिया ।समाज सेवा के क्षेत्र में उन्हें 1936 में थियोडोर रूजवेल्ट विशिष्ट सेवा पदक , 1964 में राष्ट्रपति स्वतंत्रता पदक व 1965  में विमेन ऑफ हाल फेम के सम्मान प्राप्त हुए । शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें  स्कॉटलैंड , गलासगो, जर्मनी व दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी गई । उनकी असाधारण प्रतिभा के कारण अन्य लोगों को प्रेरणा देने के उद्देश्य से सक्षम द्वारा प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती मनाई जाती है ।                                                                                 सहायक समाज कल्याण अधिकारी श्री अनिल सेमवाल ने दिव्यांगजनों हेतु सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी । विशेषकर  उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को वोट देने हेतु बी एल ओ के माध्यम से घर पर ही वेलेट पेपर उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।                                                  सक्षम की स्मारिका *समर्पण* का भी इस अवसर पर विमोचन किया गया तथा दस 10 दिव्यांगजनों को राशन किट वितरण की गई  और एक दिव्यांग को बैशाखी भी  दी गई ।                                                                            जिला अध्यक्ष श्री नरेंद्र प्रसाद टम्टा ने सभी अतिथियों व कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आभार व्यक्त किया ।                                                   कार्यक्रम में प्रांत सहसचिव श्री कपिल रतूड़ी , जिला महिला प्रमुख श्रीमती दुर्गा चौहान , जिला प्रचार प्रमुख श्रीमती मधु कुकसाल , जिला उपाध्यक्ष श्री उद्धव भट्ट , जिला रोजगार प्रमुख श्रीमती पिंकी बिष्ट , जिला सह एडवोकेशी प्रमुख श्रीमती कुसुम नेगी , नगर अध्यक्ष पौड़ी श्री कांता प्रसाद , नगर सचिव पौड़ी श्री देवेन्द्र नेगी , नगर महिला प्रमुख पौड़ी श्रीमती विजय लक्ष्मी , नगर सांस्कृतिक प्रमुख श्री भक्ति शाह , नगर के सक्रिय कार्यकर्ता श्री विकास खंडूडी , पौड़ी ब्लाक प्रमुख पौड़ी श्रीमती रुपा बहुगुणा , पूर्व खंड कार्यवाह कोट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री आकाश बिष्ट , कोट ब्लाक अध्यक्ष श्री रमेश बेलवाल , दुगड़ा ब्लाक अध्यक्ष श्री चंद्रमोहन गौड़ , डॉक्टर अजय रावत , श्रीमती  रीना देवी , श्रीमती रीना चौहान आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



सक्षम की स्केन योजना के अंतर्गत दिव्यांगो को वितरित किया गया राशन




सक्षम जिला ईकाई हरिद्वार के माध्यम से राष्ट्रीय योजना स्केन के अन्तर्गत दिव्यांगो को वितरित की गई राशन किट 

हरिद्वार 27 जून।   विश्व भर के दिव्यांगो के लिए आदर्श ,प्रेरणा स्रोत अमेरिका में जन्मी हेलन केलन की जयंती ऋषि कुल आयुर्वेदिक कालेज के प्रांगण में दिव्यांगो के स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाई गई । इस अवसर पर सक्षम के प्रांत सचिव ललित पंत एवं जिला अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा ने सक्षम की स्केन योजना के अंतर्गत दिव्यांगो को राशन किट वितरित की और दिव्यांगो से स्केन योजना से जुडने के लिए कहा जिससे जरूरतमंद दिव्यांगो को करोना काल में निःशुल्क राशन किट प्रति माह निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा सके उन्होंने 0120 690499 9 नम्बर पर अपना रजिस्टरेशन करवाने को भी  कहा।इस अवसर पर सक्षम के जिला अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा ने कहा कि सक्षम संस्था दिव्यागंता निवारण के क्षेत्र में काम कर रही है और दिव्यांगो के हितो की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर दिव्यांग नेत्रहीन बालिका नंदनी, राजेन्द्र, शंकर, विरेन्द्र, काशी राम आदि को राशन किट, मास्क, साबुन आदि वितरित किये गये। 

अदम्य साहस से विकलांगता को जीवन की बाँधा को ठोकर मारने वाली हैलन केलर को शत नमन

 *27 जून विश्व हेलन केलर दिवस पर विशेष* 

नैनीताल एंव अल्मोडा में सक्षम ने मनायी हैलन केलर की जंयती वर्चुअल मीटिंग में सक्षम के क्षेत्रीय पदाधिकारीयो ने किया स्मरण 

 *हेलेन केलर :* *दिव्यांगता* को मात देने वाली स्वाभिमानी महिला।

 अगर आप अपने आंखें और कान दोनों ही बंद करके कुछ कदम आगे बढ़े तब महसूस कर पाएंगे कि दो दो तरह की शारीरिक चुनौती के साथ जीवन कितना *दुर्गम और असहाय* हो सकता है । पर हेलन केलर ने सुनने और देखने की *दोहरी विकलांगता* को मात देकर पूरे विश्व में अपनी एक मिसाल कायम की।


हेलन केलर विश्व की  पहली *महिला स्नातक  राजनीतिक कार्यकर्ता, एक महान लेखक   और  व्याख्याता* थी। इनका जन्म 27 जून, पूरे विश्व में   हेलेन केलर दिवस के रूप में मनाया जाता है ।1880 को अमेरिका के अलाबामा प्रांत में जन्मी हेलन केलर एक स्वस्थ शिशु के जैसी थी। 19 महीने की आयु में  तेज बुखार  के कारण उनकी देखने और सुनने दोनों की क्षमता चली गई।


  बचपन से अपनी बाकी बचे अपने इंद्रियों की शक्ति से अपनी भावनाओं और जरूरतों को प्रकट करने का प्रयास करती थी। बाद में उसे यह समझ में आने लगा कि सारे लोग उसकी जैसे नहीं है वह अपनी बातों को कहने के लिए दूसरे तरीके अपनाने लगी।

इसी तरह हेलन *5 साल* की भी हो गई और उनके घर वालों ने यह उम्मीद छोड़ दी । पर उसकी मां यह नहीं मानता  थी क्योंकि उसने 1886 में लीरा ब्रिज मैन नामक एक लड़की के बारे में पढ़ा था जो देखने और सुनने में असमर्थ थी फिर भी उसने पढ़ाई की।


 हेलन के माता-पिता ने जानकारी इकट्ठा कर महान वैज्ञानिक एलेक्जैंडर ग्राहम बेल ( टेलीफोन के आविष्कारक)  के पास गए ग्राहम बेल ने ही उनके माता-पिता को को बॉटसन शहर के एक  विद्यालय में भेजा वहां के निदेशक ने हेलन के लिए एक प्रशिक्षक *मैसफील्ड सुलियन* उपलब्ध कराया हेलन की जिंदगी में यह सबसे महत्वपूर्ण मोड़ था। एक प्रशिक्षक एक शिक्षक के तौर  पर सुलियांन उसकी सभी बाधाओं को स्वीकार करते हुए उनमें से उसकी क्षमता विकास के लिए जी तोड़ कोशिश की।


कॉलेज के बाद 1913 में हेलन का चयन बतौर प्राध्यापिका हो चुका था लेकिन वास्तविक से संतुष्ट नहीं वे सभी  समाज के वर्गों के लिए कुछ करना चाहती थीं जो आंखों से देख पाने में असमर्थ थे. 1915 में  ‘ *हेलन केलर अंतरराष्ट्रीय संगठन’* की स्थापना की। इसके बाद हेलन ने 1924 में दृष्टिहीनों के हितों के लिए बनी संस्था ‘ *अमेरिकन फाउंडेशन फॉर द ब्लाइंड्स’* के  साथ ही कार्य किया। उनकी पकड़ सामाजिक एवं राजनीतिक दोनों ही मुद्दों पर बहुत अच्छी थी। उनका मानना था कि समाज में बदलाव लाने के लिए राजनीति एक बढ़िया रास्ता है। शायद इसी सोच के साथ कॉलेज के बाद वह एक समाजवादी पार्टी की सदस्य बनी। हेलन कहती थीं, ‘हर बच्चे का अधिकार है- अच्छी परवरिश, अच्छा पोषण और अच्छी शिक्षा.।


 प्रख्यात अमेरिकी राजनीतिज्ञ एलेनर रूजवेल्ट, अभिनेता विल रोजर, महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंसटीन, अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी, व्यवसायी एंड्रयू कार्नेगी, महान कलाकार चार्ली चैपलिन, व्यवसायी हेनरी फोर्ड जैसे नाम शामिल थे.   भारत से  महान साहित्यकार *रबीन्द्रनाथ टैगोर* और देश के पहले प्रधानमंत्री *जवाहरलाल नेहरू* भी हेलन के साथ मुलाकात कर उनकी प्रशंसा की।एक जून 1968 को हेलन ने जिंदादिली और ज्ञान का मिसाल कायम करके इस दुनिया से विदा हो गयी।


हेलन केलर  ने दोहरी विकलांगता का ही सामना नहीं किया बल्कि महिला विकलांगों के साथ होने वाली समस्या को भी झेला होगा। विशेषकर भारतवर्ष के परिपेक्ष में यह कहा जा सकता है कि विकलांगता एक चुनौती है अभिशाप नहीं। अगर हम हेलेन केलर की जिंदगी को देखें तो यह जान पाएंगे कि कि अगर किसी विकलांग बच्चे को उसके अनुकूल वातावरण में शिक्षा ,सुगमता , सही प्रशिक्षण  और सहयोग  प्रदान किया जाए  तो वह भी सामान्य बालक की तरफ समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मसम्मान के साथ देश के एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकता है हालांकि पिछले दशकों में हमारे देश में भी विकलांगों के लिए अच्छे कानून बनाए गए पर उनके प्रावधानों और नीतियों का जमीनी स्तर पर पूर्ण रूप से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है वरना हम सब हमारे देश में भी ऐसे हजारों हेलेन केलर को समाज के सामने एक आदर्श के तौर पर प्रस्तुत कर सकते हैं।

               *सधन्यवाद* 

 *भुवन चन्द्र गुणवंत* 

प्रान्त सह सचिव

सक्षम उत्तराखंड

9412906968

7983110986



सक्षम हरिद्वार जिला ईकाई ने ऋषि कुल आयुर्वेदिक कालेज के प्रांगण में मनाई हैलेन केलर की जंयती

 हरिद्वार 27 जून (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) 



सक्षम संस्था के प्रदेश सचिव ललित पंत के निर्देश एवं जिला अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा के संयोजन में आयोजित हेलन केलन की जयंती समारोह के मुख्य अतिथि बाल कल्याण न्यायपीठ हरिद्वार के चैयरपर्सन विनोद कुमार शर्मा रहे और संचालन समाजसेवी संजय वर्मा ने किया। इस अवसर पर दिव्यांग नेत्रहीन बालिका नंदनी ने हेलन केलन के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मूक, बधिर तथा नेत्रहीन हेलन केलन ने  अपने संघर्ष से विश्व में जो मुकाम बनाया वह सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा। सक्षम के प्रांत सचिव ललित पंत ने दिव्यांगो के लिए सक्षम संस्था के कार्यो और उद्देश्यो से अवगत कराया। जिला अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा ने कहा कि सक्षम संस्था इक्कीस प्रकार की दिव्यागंता निवारण के लिए कार्य और मदद करती हैं और दिव्यांगो को सशक्त और समर्थ बनाती हैं। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में समारोह के मुख्य अतिथि बाल कल्याण न्यायपीठ हरिद्वार के चैयरपर्सन विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि दिव्यागंता अभिशाप नहीं है ईश्वर किसी व्यक्ति में कोई कमी करते हैं तो उसमे कोई न कोई विशेष गुण जरूर रोपित कर दते हैं। उन्होंने ने कहा कि सक्षम संस्था दिव्यागंता निवारण के क्षेत्र में जो काम कर रही है वह प्रशंसनीय और स्तुत्य है। इस अवसर पर विमल गर्ग, देशराज ,दीपक छाछर, आकाश कुमार, आदि ने अपने विचार प्रकट किये। सक्षम जिला ईकाई हरिद्वार के माध्यम से राष्ट्रीय योजना स्केन के अन्तर्गत दिव्यांगो शंकर, काशी राम, विरेन्द्र, राजेन्द्र आदि को राशन किट वितरित की गई  । सक्षम के प्रांत सचिव ललित पंत की ओर से दिव्यांग नेत्रहीन बालिका नंदनी को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक मदद के अन्तर्गत एक हजार रुपये नकद दिये गए साथ ही नेत्रहीन दिव्यांग होने के बावजूद संगीत, शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योग्यता प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।

सुबोध राकेश ने किया सड़क का उद्घाटन




*नगर पंचायत भगवानपुर वार्ड नंबर 8 श्री हनुमान मंदिर कॉलोनी  में सीसी रोड सड़क का फीता काटकर किया उद्घाटन और वार्ड नंबर 8 का किया निरीक्षण,पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार सुबोध राकेश ने  कहा कि भगवानपुर नगर पंचायत निधि से  तेजी से हो रहा है विकास*


*भगवानपुर 26 जून  (कमल वर्मा नामदेव संवाददाता गोविंद कृपा भगवान पुर)   भगवानपुर नगर पंचायत वार्ड नंबर 8 में श्री हनुमान मंदिर कॉलोनी में पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार सुबोध राकेश ने फीता काटकर सीसी रोड सड़क का उद्घाटन किया और वार्ड नंबर 8 का किया निरीक्षण।इस दौरान सुबोध राकेश कहा कि विकास की राह पर नगर पंचायत भगवानपुर की जितने भी वार्ड  है नगर पंचायत निधि के माध्यम से तेजी से विकास हो रहा है। पूर्व राज्य मंत्री पंचायत सुबोध राकेश ने कहा की तेजी से प्रत्येक लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर समस्या को दूर करने का कार्य कर रहे हैं। इस शुभ अवसर पर सभासद प्रतिनिधि नीटू मांगेराम,एडवोकेट सुभाष,अर्जुन मुखिया,जॉनी प्रधान,संदीप चौधरी,रॉकी रूहल्की,राव शाहबाज राणा,मनोज कुमार, संजय,प्रेमलाल,गगन बंसल, परशुराम सैनी,राजन, हंसराज,मनोज पंडित,नीरज कुमार,अशोक धीमान,मैन पाल सिंह, इत्यादि लोग उपस्थित रहे

28 जून को चक्का जाम

हरिद्वार 26 जून ( अंकित पुरी गोस्वामी संवाददाता गोविंद कृपा बहादराबाद)  आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस उतराखंड की ओर से हरिद्वार ट्रांसपोर्ट वेल्फैर एसोसिएशन सलेमपुर सिडकुल कार्यालय पर एक बैठक का आयोजन किया गया    जिसमें  प्रदेश अध्यक्ष श्री दिलजीत सिंह मान  उपाधयक्ष सुरेश कुमार शर्मा  हरिद्वार ट्रांसपोर्ट वेल्फैर एसोसिएशन अध्यक्ष कमल शर्मा एवं आल ओवर इंडिया ट्रांसपोर्ट वेल्फैर अध्यक्ष रावअखलाख ने पूर्ण समर्थ किया,  सुरज भान शर्मा, नरेश शर्मा स्वामी, लज्जेराम शर्मा हाजी मुस्तफा,राजेन्दर उपाधाय,रेफफत अली, गड्डू भाई, 

 ने बताया कि आज डीजल पेट्रोल की बढ़ती मंहगाई से मोटर मालिक ट्रांसपोर्टर्स व्यवसायी बहुत घाटे में काम कर रहे हैं जिसके संबंध में देश की संसथा आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस के आहवान पर 28_6_2021 को देश प्रदेश के सभी जिलों के जिला अधिकारी के द्वारा भारत के प्रधानमंत्री  वित्त मंत्री परिवहन मंत्री पैट्रोलियम मंत्री के नाम देश प्रदेश की सभी परिवहन संसथाओं की ओर से एक ज्ञापन सौंपा जायेगा जिसमें मुख्य मांगे 

1_ डीजल पेट्रोल को जी एस टी के दायरे में लाकर कीमतों में कमी करें

2 _ ई वे बिल पहले की तरह 24 घंटे में 100 किमी किया जाय

3_ करोना महामारी के चलते छ महीने के लिए मेमोटोरियम दिया जाए

4_ देश प्रदेश की सड़कों पर होने वाले भ्रष्टाचार अवैध वसूली पर कठोर कार्यवाही की जाये

5_ जगह जगह टोल प्लाजाओं के नाम पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए

6_ करोना महामारी के कारण ट्रांसपोर्टर्स वयसाईयों के टैक्स माफ़ किये जाने चाहिए 

7_ इंसोरेंस प्रेमियम एक साल के लिए बढाया जाये 

8_ उत्तराखंड पर्यटन एवं  धार्मिक प्रदेश  होने के कारण      दो सालों से यात्रा नहीं चलने मोटर मालिकों चालकों को विषेश रूप से आर्थिक सहायता की जाये   आज की मिटिंग मे   सुरज भान शर्मा, नरेश शर्मा स्वामी, लज्जेराम शर्मा हाजी मुस्तफा,राजेन्दर उपाधाय,रिफाकत अली, गड्डू भाई, आदि उपस्थित रहें। 



जिला पौडी गढवाल, हरिद्वार सहित उत्तराखंड प्रदेश में सक्षम संस्था कल मनाऐगी हेलन केलन जयंती


 🚩 *जिला- हरिद्वार "सक्षम" द्वारा 27 जून को प्रातः 10 बजे से मनायी जायेगी - हेलेन केलर जयंती*🚩

हरिद्वार 26 जून    रविवार   27 जून 2021को प्रातः 10 बजे से  ऋषि कुल आयुर्वेदिक कालेज के प्रांगण में स्वयं दिव्यांग होने के बावजूद  दिव्यांगो के लिए महत्वपूर्ण कार्य करने वाली  हेलेन केलर जयंती मनाने हेतु सक्षम जिला - हरिद्वार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। कार्यक्रमानुसार हेलेन केलर के जीवन  संघर्षों एवं उपलब्धियों  पर वक्ताओं द्वारा विस्तृत चर्चा की जायेगी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विनोद कुमार शर्मा, चेयरपर्सन बाल कल्याण न्याय पीठ हरिद्वार हैं।इस अवसर पर सक्षम जिला हरिद्वार द्वारा दिव्यांगों को SCAN के माध्यम से राशन किट आदि भी वितरित किये जायेगें।कार्यक्रम में जिले के अध्यक्ष श्री जगदीश लाल पाहवा सहित जिले अन्य दायित्वधारी भी भाग लेगें एवम नेत्र कुम्भ में विशेष कार्य करने वाले श्री विमल गर्ग, श्री देश राज जी आदि के साथ ही उत्तराखंड  प्रान्त सचिव "सक्षम" श्री ललित पन्त का भी सानिध्य रहेगा। उपरोक्त जानकारी सक्षम के जिला अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा ने दी। 

  

भ्रष्टाचार में लिप्त है कांग्रेसी नेता

 भ्रष्टाचार ही कांग्रेसी नेताओं की पहचान : सुनील अग्रवाल 

भाजपा पार्षदों ने बैठक में की कांग्रेसी नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप की कड़ी निंदा

हरिद्वार, 26 जून (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) 


  अपने शासन में विकास कार्य करने के स्थान पर कांग्रेस नेता भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हैं। अब तक तो भाजपा ही कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी। अब अत्यन्त शर्मनाक स्थिति है कि हरिद्वार में जहां पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ऊषा ब्रेको प्रकरण में मेयर अनिता शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस के दिग्गज नेता व मेयरपति अशोक शर्मा ने सोशल मीडिया पर पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी को ऊषा ब्रेको प्रकरण में कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस के ही अशोक शर्मा सतपाल ब्रह्मचारी पर आरोप लगा रहे है कि उन्होंने ही अपने कार्यकाल 2016 में ऊषा ब्रेको रोपवे की लीज बढ़ाने की प्रबल संस्तृति की थी यही नहीं उन्होंने पालिका की चुंगियों को भी बेचने का कार्य किया। यह विचार भाजपा पार्षद दल के नेता सुनील अग्रवाल ने भाजपा पार्षदों की बैठक में व्यक्त किये।

उपनेता राजेश शर्मा ने कहा कि पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी की भू व खनन माफियाओं से निकटता जग-जाहिर है। उन्होंने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में करोड़ों रूपये की सम्पत्ति अर्जित की। अब कांग्रेस के ही अशोक शर्मा के आरोपों से पुष्टि होती है कि कांग्रेस के नेता पद संभालते ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं। 

भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि देश की आजादी के पश्चात से ही भ्रष्टाचार ही कांग्रेस की संस्कृति रही है। राष्ट्र को मजबूत करने के स्थान पर कांग्रेस ने देश की जनता को भ्रष्टाचार की सौगात दी है। विपक्ष की रचनात्मक भूमिका निभाने के स्थान पर कांग्रेस के नेता आपस में ही एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार की कीचड़ उछालने में लगे हुए हैं। हरिद्वार की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में ऐसे नेताओं को सबक सिखाने का काम करेगी।  

पार्षद विनित जौली व विकास कुमार ने कहा कि सतपाल ब्रह्मचारी व अशोक शर्मा को एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के स्थान पर अपने भ्रष्टाचारों का प्रयाश्चित करते हुए जनहित के कार्यों में जुटना चाहिए। कांग्रेसी नेताओं की इस भ्रष्ट कार्यशैली के चलते ही हरिद्वार ही नहीं अपितु समस्त उत्तराखण्ड की जनता ने कांग्रेस को सिरे से नकार दिया है। 

इस अवसर पर बैठक में पार्षद प्रशांत सैनी, विकास कुमार विक्की, सुनीता शर्मा, ललित सिंह रावत, विनित जौली, शुभम मंदोला, नितिन शर्मा माणा, लोकेश पाल, राजेन्द्र कटारिया, नेपाल सिंह उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय व्याख्यान माला


 सिविल लिबर्टी का महत्व समझना होगा : डॉ सुरेखा डंगवाल , कुलपति दून विश्वविद्यालय

हरिद्वार  26जून (आकांक्षा वर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार)



देवभूमि विचार मंच के द्वारा आपातकाल और लोकतंत्र के संकट 46 वां काला दिवस विषय पर राष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन किया गया राष्ट्रीय व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ महेश शर्मा अध्यक्ष एकात्मक मानव अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान नई दिल्ली थे कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल कुलपति दून विश्वविद्यालय देहरादून के द्वारा की गई कार्यक्रम में सानिध्य के रूप में श्री भगवती प्रसाद राघव संयोजक प्रज्ञा प्रवाह पश्चिमी उत्तर प्रदेश रहे मुख्य वक्ता डॉ महेश शर्मा ने कहा 1951 से लेकर जिस चुनाव से सत्ता में कांग्रेस आई और 1971 का चुनाव जो बांग्लादेश निर्माण के बाद हुआ उस में भारी बहुमत से कांग्रेस आई इंदिरा गांधी देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन उनके द्वारा सत्ता के दुरुपयोग करके रायबरेली सीट को हासिल किया गया हाई कोर्ट का निर्णय आया और उसमें कहां गया कि इंदिरा गांधी 6 वर्ष तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकती और उनकी लोकसभा सीट को भी खतरा पैदा हो गया आपातकाल के समय गुजरात बिहार में छात्रों के आंदोलन कर्मचारियों के आंदोलन जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में रेल हड़ताल हुई और यह सब आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ से उस वक्त आंदोलन का मुख्य मुद्दा हमें राज नहीं समाज बदलना है जयप्रकाश नारायण आंदोलन में आए क्योंकि उस वक्त राजनीति में खुली सिद्धांत हीनता चल रही थी देश में संविधान के अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग कर आंतरिक आपातकाल लगा दिया गया था आपातकाल में सब प्रकार की आजादी जाना प्रेस पर रोक राजनीतिक लोगों को जेलों में डाल दिया गया देशभर में सब संघ कार्यालय को बंद कर दिया गया देश की संसद बंधक बन गई कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल कुलपति दून विश्वविद्यालय देहरादून ने कहा कि जिस वक्त आपातकाल लगा था उस वक्त बुद्धिजीवी क्या कर रहे थे जो मौन है तटस्थ हैं उनका भी इतिहास लिखा जाएगा हमें उन आंकड़ों को भी सामने लाना होगा कि उस वक्त कितने छात्र आंदोलन में थे और कौन-कौन लोग आंदोलन में थे संजय गांधी 

प्रोफेसर डंगवाल ने कहा कि हमारे संविधान को रिव्यू किए जाने की आवश्यकता है क्योंकि जिस तरीके से 25 जून 1975 को संविधान का दुरुपयोग कर आपातकाल लगा दिया गया आने वाले दिनों में जो भारत का लोकतंत्र है वह सुरक्षित रह सके इसके लिए हमें शोध और अनुसंधान भी करने पड़ेंगे 

सिविल लिबर्टी कितनी बड़ी आवश्यकता है इसका महत्व समझना होगा कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजेश पालीवाल ने कहा 26 जून 1975 को श्रीमती इंदिरा गांधी ने रेडियो में संदेश पड़ा और आजाद भारत के इतिहास में आपातकाल लागू हो गया यानी ऐसा शासन जिसमें जनता की बुनियादी संवैधानिक अधिकार भी उनके हाथ से ले लिए गए 25 जून 1975 को लोकतंत्र की एक तरह से हत्या हुई तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एक कहने पर देश में आपातकाल लगा दिया जोकि और लोकतांत्रिक काल था इंदिरा गांधी ने संविधान को हथियार बनाकर जनता के खिलाफ इस्तेमाल किया राष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन श्री भगवती प्रसाद राघव संयोजक प्रज्ञा प्रवाह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दिशा निर्देशन में हुआ कार्यक्रम मैं डॉक्टर अंजली वर्मा प्रांत संयोजक देवभूमि विचार मंच सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमें उन दिनों के अनुभव को नहीं भूलना चाहिए अनुभवों से कि हम सब वे सीखते हैं जिनसे हमारा लोकतंत्र मजबूत बनेगा कार्यक्रम के आयोजन मंडल में डॉक्टर चैतन्य भंडारी अध्यक्ष देवभूमि विचार मंच श्री रवि जोशी सह प्रांत संयोजक देवभूमि विचार मंच डॉक्टर सुनील बत्रा प्राचार्य एस एम जे एन  पीजी कॉलेज एवं महानगर संयोजक देवभूमि विचार मंच हरिद्वार,

एवं डॉ किरनबाला डॉक्टर तीर्थ प्रकाश डॉक्टर शैलेंद्र सिंह अनुराग अग्रवाल आदि मौजूद रहे

राजकीय शिक्षको के लिए आवश्यक नहीं है सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना

हरिद्वार 25 जून (आर एस मान संवाददाता गोविंद कृपा रानी पुर)      मुख्य कोषाधिकारी हरिद्वार द्वारा 23 जून को जारी अपने पत्र में सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना अनिवार्य रूप से कराए जाने के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे ।जिसको लेकर शिक्षको में भ्रम की स्थिति और रोष व्याप्त था। राजकीय शिक्षक संघ हरिद्वार  के जिला  मंत्री रविन्द्र रोड ने जानकारी देते हुए बताया कि 

          इस विषय को लेकर  कुछ  प्रधानाचार्य गणों ने अपने तरीके से व्याख्या करते हुए अध्यापकों को इस बीमा योजना को अनिवार्य रूप से कराने हेतु दबाव बनाने का प्रयास किया था तथा कहा गया था कि यदि उन्होंने यह बीमा नहीं कराया तो उनका जून माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा ।

          इस संबंध में संगठन तत्काल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आज मुख्य कोषाधिकारी हरिद्वार से रोशनाबाद कार्यालय में मिलकर वार्ता करते हुए उन्हें अवगत कराया कि हमारे सम्मानित शिक्षक शिक्षिकाएं पहले से ही ₹200 प्रति माह की कटौती अपने वेतन से करा रहे हैं तथा कई शिक्षक शिक्षिकाओं ने अलग से अपनी बीमा पॉलिसी ली हुई है अतः ऐसी स्थिति में यह पॉलिसी बाध्यकारी नहीं हो सकती और इसे न कराने पर किसी भी स्थिति में अध्यापकों का वेतन नहीं रोका जा सकता है।

        इस पर कोषाधिकारी  ने अपनी सहमति जताते हुए कहा कि किसी का भी वेतन नहीं रोका जाएगा और जो शिक्षक साथी स्वेच्छा से इस बीमा योजना से जुड़ना चाहे वह जुड़ सकते हैं ।

      मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार आदरणीय डा० आनंद भारद्वाज जी द्वारा  भी इसी बात पर सहमति देते हुए कहा  गया कि सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना के नाम पर किसी भी स्थिति में किसी भी शिक्षक साथी का वेतन नहीं रोका जाएगा । संगठन के पदाधिकारीयो ने मुख्य शिक्षा अधिकारी का इस सकारात्मक आश्वासन पर आभार प्रकट किया गया। 


                               


खाद्य आपूर्ति विभाग बढाये राजकीय उचित दर विक्रेताओ का कोटा ढुलाई भाडा

   हरिद्वार 25 जून ( रजत अरोड़ा संवाददाता गोविंद कृपा ज्वालापुर) 


        बहादराबाद ब्लॉक के सभी राजकीय उचित दर विक्रेता अपनी मांगों को लेकर आज जिला पूर्ति अधिकारी हरिद्वार से मिले और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी दिया। जिसमें कहा गया है कि पिछले 12 वर्षों से हमें गेहूं चावल का किराया जो तय किया गया था। आज भी वही मिल रहा है। परंतु आज इतनी महंगाई के अनुसार हमारा किराया नहीं बढ़ाया गया है। अर्थात बहादराबाद गोदाम से दुकानदारो की दुकान तक का किराया 12 वर्षों से वही चला रहा है जबकि आज पेट्रोल और डीजल की कीमत बहुत बढ़ गई है। इसलिए लदान एवं   डूलान  का किराया भी काफी बहुत बढ़ गया है जिससे हर डीलर को  आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए  जिला पूर्ति अधिकारी से ज्ञापन में कहा गया है कि ब्लॉक बहादराबाद के सभी राशन विक्रेताओं का उचित किराया बढ़ाने की कृपा करें । ज्ञापन देने वालों में राजकीय उचित दर विक्रेता बहादराबाद हरिद्वार के अध्यक्ष  दिनेश कुमार और सचिव  विजेंद्र सिंह तथा कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता और कृष्णकांत भोगपुर, प्रदीप कुमार धनपुरा ,करण पाल कोटा मुरादनगर ,खुर्शीद एकड़ कला ,गनी मोहम्मद  गुज्जर बस्ती और रानी गुर्जर बस्ती २,सुदेश कुमार कटार पुर, जीवन सिंह पीली पढ़ाओ ,आदि ने  सहयोग किया।

भ्रष्ट काँग्रेस भाजपा को न पढाऐ देशभक्ति और सुचिता का पाठ

 *लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस को शुचिता का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं:डॉक्टर जयपाल चौहान* 

हरिद्वार 25 जून (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) 



  कांग्रेस द्वारा आज सुभाष घाट हर की पौड़ी पर किए गए  उपवास स्थल का भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गंगाजल छिड़क कर शुद्धिकरण किया और ब्राह्मणों के द्वारा मंत्र उच्चारण भी कराया भाजपा जिला अध्यक्ष डॉक्टर जयपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के उपवास रूपी नाटक  की निंदा की गयी  इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि इस देश में जो लोग लोकतंत्र के विशुद्ध रूप से हत्यारे हैं उनको यह अधिकार किसने दिया कि वह विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हर की पौड़ी पर आकर उपवास करें और अपने भ्रष्टाचार को छुपाने का नाटक करें देश को कई वर्षों तक बर्बाद करने वाले यह लोग और भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता आज हमें  सुचिता का पाठ पढ़ा रहे हैं आज उन्हें अपने इस उपवास के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए

 भाजपा जिला महामंत्री विकास तिवारी ने कहा कांग्रेस के दूषित मानसिकता वाले प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी लोगों ने बड़ी संख्या में आकर के इस स्थान को अपवित्र करने का कार्य किया है एक और पूरा देश कोरोना से लड़ाई लड़ रहा था और वही कांग्रेस पार्टी जनता से लड़ाई कर रही थी और धरने और प्रदर्शन में मस्त थी भाजपा के कार्यकर्ता जहां सेवा ही संगठन के माध्यम से रक्तदान शिविरों का आयोजन कर रहे थे वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता धरने प्रदर्शन में व्यस्त थे

 भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने कहा की देश मे आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को आज उन परिवारों के परिजनों से माफी मांगनी चाहिए थी और उपवास करना चाहिए था जो लोग आपातकाल में जेल में डाल दिए गए थे लेकिन आज कांग्रेस आपातकाल पर बिल्कुल मौन हैं जिससे उनके नेताओं की कलई खुल गई है

 आज के कार्यक्रम में जिला महामंत्री आदेश सैनी तरुण नय्यर चन्द्रकान्त पांडेय लव शर्मा सुशील रावत तेलूराम प्रधान प्रदीप पाल मयंक गुप्ता अनिमेष कुमार गौरव भारद्वाज विकल राठी आदि उपस्थित रहे

परम पूज्य गुरूदेव ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज को गोविंद कृपा परिवार की ओर से शत शत नमन

 ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि 

हरिद्वार 25 जून (अमर शदाणी संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज को उनकी दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर राघव कुटीर हरिपुर कला में  भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष जूनापीठाधिश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के सानिध्य में संतजनो एवं वशिष्ठ विभूतियो ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के सचिव आई डी शास्त्री एवं महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज के संयोजन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में परमार्थ निकेतन ऋषि केश के संचालक स्वामी चिदानंद मुनि, श्री जय राम आश्रम संस्थाओ के परमाध्यक्ष स्वामी ब्रह्म स्वरुप ब्रह्ममचारी, पंतलि विवि के प्रति कुलपति डा0 महावीर प्रसाद अग्रवाल, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती,  स्वामी सतपाल ब्रह्मचारी, महंत  विष्णु दास, महंत दुर्गा दास, महंत शिवानंद, महंत शिव पूजन वानप्रस्थी एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारीयो ,महाराज श्री के शिष्यो




 सहित गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर आध्यात्मिक जगत की महान विभूती को नमन किया।

गंगा प्रदूषण नियंत्रण विभाग व गेल की लापरवाही से रोष

 गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई व गेल की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही है क्षेत्र की जनता : अनिरूद्ध भाटी

विगत एक सप्ताह से कोयला डिपो गली व शेर गली में सीवर लाईन क्षतिग्रस्त होने से घरों में जा रहा है सीवरेज का गंदा पानी

गैस पाईप लाईन डालते हुए गेल के कर्मचारियों से क्षतिग्रस्त हुई थी सीवर लाईन

हरिद्वार, 25 जून। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई व गेल की लापरवाही से सीवर लाईन जाम होने के चलते शेर गली व कोयला डिपो गली में सीवर उबल रही है जिस कारण स्थानीय लोगों के घरों में सीवरेज का गंदा पानी जा रहा है। विगत एक सप्ताह से लिखित व मौखिक शिकायत करने के बावजूद सीवर लाईन की मरम्मत न होने से आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने पार्षद अनिरूद्ध भाटी के नेतृत्व में वेद भारती घाट स्थित गंगा प्रदूषण निंयत्रण इकाई के क्षेत्रीय कार्यालय पर विभाग के एसडीओ राकेश चौहान तथा गेल के सुपर वाइजर सन्नी सिंह के समक्ष आक्रोश व्यक्त करते हुए बदहाल सीवर लाईन दुरूस्त करने की मांग की।

क्षेत्रीय पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि गंगा प्रदूषण निंयत्रण इकाई व गेल की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। मुखिया गली की ब्रांच गली कोयला डिपो गली व शेर गली में गैस पाईप लाईन डालते हुए गेल (हरिद्वार नेचुरल गैस) के कर्मचारियों से एक सप्ताह पूर्व सीवर लाईन क्षतिग्रस्त हो गयी थी। जिसके संदर्भ में निरन्तर हरिद्वार नेचुरल गैस व गंगा प्रदूषण निंयत्रण इकाई के अधिकारियों, कर्मचारियों को मौखिक व लिखित रूप से अनेक बार अवगत कराते हुए समस्या के निदान की मांग की गयी। दोनों विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते हुए सीवर लाईन की मरम्मत करने के स्थान पर बहानेबाजी कर रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। 

पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि शेर गली में विभागों की लापरवाही के चलते क्षेत्रवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गली में मल-मूत्र बह रहा है। महिलाएं व बच्चे बल्टियों से घरों के अंदर से दूषित जल निकाल रहे हैं जिसके चलते क्षेत्र मंे सक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्हांेने कहा कि इस संदर्भ में 21 जून को भी उन्हांेने अधिशासी अभियन्ता को ज्ञापन देकर सीवर लाईन दुरूस्त करने की मांग की थी। यदि 24 घंटे के भीतर सीवर लाईन की मरम्मत नहीं की गयी तो वह गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई व हरिद्वार नेचुरल गैस के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करायेंगे।

भाजपा वार्ड अध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं में आपसी तालमेल न होने के चलते क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के समय सारी रात जागकर गली के लोग घर से सीवर का गंदा पानी बाहर निकालने को मजबूर होते हैं। 

पीआरओ मोहित प्रजापति, शहर व्यापार मण्डल के कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता, दिनेश शर्मा, सोनू पंडित, नरेश पाल, प्रकाश वीर, सूर्यकान्त शर्मा, सुनील सैनी, भारत नन्दा ने भी तुरन्त सीवर व्यवस्था दुरूस्त करने व क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलने की मांग की। 

इस अवसर पर डिम्पल सिंह कठैत, रोशनी, पूनम, कविता सकलानी, संगीता डिमरी, बंसती, संतोषी सकलानी, रमा चमोली, सीता देवी, इंदू देवी, एसडी चमोली, मदन सैनी, राजेन्द्र गुप्ता, रूपेश शर्मा, लक्ष्य शर्मा, अवी शर्मा, देवेन्द्र पाण्डेय, गुड्डी, पंकज जोशी, रमन, गौतम, राकेश सकलानी, कुसुम शर्मा, रूकमणी देवी, मनीष शर्मा, अनिल नेगी, सर्वेश, दीपमाला कठैत समेत अनेक क्षेत्रवासियांे ने शीघ्र सीवर लाईन दुरूस्त करने की मांग की। 

एसडीओ राकेश चौहान ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हरिद्वार नेचुरल गैस के अधिकारियों से बातचीत हो गयी है। दोनों विभाग आज ही समन्वय बनाकर क्षतिग्रस्त सीवर लाईन की मरम्मत कर देंगे तथा क्षतिग्रस्त ढक्कनों का आंकलन कर नये ढक्कन लगवाये जायेंगे।



ऋषि कुल वैकसीन सेंटर ने वैकसिनेशन का बनाया रिकॉर्ड

 


*कोविड -19 वैक्सीनेशन सेंटर पर 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों मे यातायात पुलिस अधीक्षक की धर्मपत्नी श्रीमती रितु राय ने अपनी बारी में ही कोविड-19 वैक्सीन की द्वितीय डोस लगवाकर एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि संयम से अपनी बारी आने पर ही वैक्सीन लगवानी चाहिए।*



 हरिद्वार 25 जून ( विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) 



 जिलाधिकारी सी0रविशंकर के निर्देशन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0के0झा0 के मुख्य संयोजन एवं वैक्सीनेशन सेंटर के नोडल अधिकारी/रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चौधरी के संयोेजन में जनपद हरिद्वार में कोविड-19 वैक्सीन 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने का विशेष अभियान जोर शोर से चल रहा है । ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में कोविड-19 वैक्सीन सेंटर पर 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों को रोजाना वैक्सीन की प्रथम एवं द्वितीय डोस लगवा कर कोविड-19 महामारी से सुरक्षित किया जा रहा है और सभी लाभार्थी वैक्सीनेशन सेंटर पर उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिये रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चौधरी की विशेष सराहना करते हुए जनसमाज को जागरूक कर रहे हैं कि कोविड-19 की तृतीय लहर को मद्देनजर रखते हुए शीघ्र अति शीघ्र कोविड-19 वैक्सीन जरूर लगवाएं। ऋषिकुल सेन्टर पर 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों को सेंटर पर ही बिना लाइन पर लगे हुए, पंजीकरण एवं प्रमाणित करने के उपरान्त  कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोस लगाई जा रही है, जिससे उक्त आयु वर्ग के लाभार्थियों में ऋषिकुल वैक्सीन सेन्टर पर वैक्सीन लगवाने के लिये विशेष उत्साह दिख रहा है। बिना स्लॉट के ऋषिकुल सेंटर पर डा0 नरेश चौधरी के नेतृत्व में चार दिवस के अन्दर लगभग 3500 (पैंतीस सौ) लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने का जनपद हरिद्वार में रिकॉर्ड बनाया। ऋषिकुल वैक्सीन सेन्टर पर यातायात पुलिस अधीक्षक प्रदीप राय की धर्मपत्नी श्रीमती रितु राय ने वैक्सीन की द्वितीय डोस लगवाकर समाज में एक ऐसा संदेश दिया है कि कोविड-19 वैक्सीन लगाने की व्यवस्था जो भारत सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन द्वारा की गयी है उसी का पालन करते हुए अपनी बारी आने पर कोविड-19 वैक्सीन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लगवानी चाहिए। वैक्सीन सेंटर पर नोडल अधिकारी डा0 नरेश चौधरी ने जब श्रीमती रितु राय से पूछा कि आप के पति पुलिस के वरिष्ट अधिकारी फ्रंट लाइन वर्कर हैं आप तो पहले भी वैक्सीन लगवा सकती थीं तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार के नियमानुसार 18 से 44 आयु वर्ग 1 मई से प्रारम्भ हुआ तभी हम वैक्सीन लगवाने की श्रेणी में आये और हमें पंजीकरण के उपरान्त स्लोट नहीं मिला जब बिना स्लोट के वैक्सीन लगवाने का सौभाग्य मिला तो आज मैनें अपने पति श्री प्रदीप राय के साथ वैक्सीन सेन्टर पहुंचकर वैक्सीन लगवाई। श्रीमती रितु राय ने वैक्सीन सेन्टर पर उपस्थित लाभार्थियों को भी कोविड-19 गाइडलाइन पालन करने के लिये प्रेरित किया और यह भी संदेश दिया कि सभी नागरिकों को वैक्सीन लगवाने के लिये संयम बरतना चाहिए तथा वैक्सीन लगवाने को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए समय से वैक्सीन लगवानी चाहिए। इसी प्रकार का संदेश मुस्लिम लाभार्थी श्रीमती अफसाना एवं उनके पति मो0 अरशद ने भी वैक्सीन लगवा कर दिया कि कोविड-19 महामारी से अगर हमको बचना है तो धर्म, जाति एवं वर्ग विशेष को न मानते हुए वैक्सीन सभी को अनिवार्य रूप से लगवानी चाहिए और किसी भी अफवाह में नहीं पड़ना चाहिए। यातायात पुलिस अधीक्षक प्रदीप राय ने भी वैक्सीनेशन सेंटर की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिये रेड क्रास सचिव डा0 नरेश चौधरी एवं उनकी रेड क्रॉस टीम की प्रशंसा करते हुए विशेष रूप से सराहना की। रेडक्रॉस सचिव डा0 नरेश चौधरी ने कोविड-19 वैक्सीन सेंटर पर सभी लाभार्थियों को वैक्सीन डोस देने से पहले कोविड-19 गाइडलाइन पालन के लिये प्रेरित किया तथा साथ ही साथ सभी को संकल्प दिलाया कि सभी को कोविड-19 गाइडलाइन पालन करना अनिवार्य है। सभी लाभार्थियों को विशेष रूप से आह्वान भी किया कि आप सभी, जब वैक्सीन लगवाने के उपरान्त जन समाज में जाये तो समाज को अवश्य रूप से जागृत करें कि कोविड-19 महामारी तीसरी लहर के रूप में जनसमाज को ग्रसित न कर दे इसलिये सभी को लापरवाही नहीं करनी है, मास्क का प्रयोग प्राथमिकता से करें, सामाजिक दूरी बनाएं रखें , हाथों को बार बार धोएं एवं सैन्टाइजर करें तथा अपने घर एवं कार्यस्थल को स्वच्छ रखें तथा भीड भाड वाले स्थानों पर अनावश्यक जाने से परहेज करें। उपर्युक्त सभी संदेशों को स्वयं भी एवं सम्पूर्ण समाज को भी कड़ाई से पालन करने के लिए प्रेरित करेें। रेडक्रॉस स्वयं सेवकों में विकास देसवाल, डा0 उर्मिला पाण्डेय, डा0 वैशाली, डा0 आराधना रावत, श्रीमती पूनम, कमल गुजराल, सम्पदा कपूर, प्रदीप कुमार,]अभिषेक गुप्ता, वैशाली, शशांक प्रताप सिंह, पृथा बसु, आराधना सिंह, मेघा, दीपक, सतेन्द्र सिंह नेगी, संतोष कुमार, राहुल पाण्डेय ,अंकित कुमार के द्वारा सक्रिय सहयोग किया गया।

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