मंगलौर विधानसभा बीजेपी जीतने जा रही है :- स्वामी यतिश्वानंद

 मंगलौर चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दी गई बूथो  की जिम्मेदारीयां


भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री ने मंगलौर विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं की ली बैठक

मंगलौर 24 जून मंगलौर विधानसभा का उपचुनाव रोचक होता जा रहा है जहां भाजपा ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है वहीं विरोधी खेमे में सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है। आज भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार ने मंगलोर विधानसभा की संगठनात्मक  समीक्षा करते हुए जनपद हरिद्वार के वरिष्ठ भाजपा नेताओं , वर्तमान विधायको



पूर्व विधायक को सहित रुड़की और हरिद्वार जिले के पदाधिकारी को बूथो की जिम्मेदारी सौंप साथ ही उन्हें चुनाव जीतने के और बूथो पर करने वाले कार्यों के विषय में भी बताया समीक्षा बैठक में मंगलौर ग्रामीण मंडल एवं शहरी मंडल के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। चुनाव प्रभारी पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी  यतीश्वरानंद ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि इस बार जीत सुनिश्चित है भाजपा का कमल खिल रहा है इतिहास बदलने जा रहा है इसलिए समस्त कार्यकर्ताओं को की जान से चुनाव प्रचार ,बूथ मैनेजमेंट में जुट जाना है उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी करतार सिंह भडाना ने भाजपा संगठन का आभार प्रकट करते हुए उन्हें प्रत्याशी बनने पर आभार प्रकट किया साथ ही उन्हें अपनी जीत के लिए आश्वस्त भी किया , विधायक आदेश चौहान ने अपने संबोधन में जहां कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया वहीं उन्हें बूथ मैनेजमेंट के टिप्स भी दिया । यह चुनावी बैठक एक होटल में आयोजित की गई जिसमें जिला हरिद्वार एवं रूडकी के जिला अध्यक्ष ,मंडल अध्यक्ष विभिन्न मोर्चे के पदाधिकारी एवं सरकार में दायित्वधारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे साथ ही जीते और हारे विधायक एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

भाजपा जिला कार्यालय पर मनाया गया डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस

भाजपाईयों ने मनाया श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस

॰ हरिद्वार 23 जून"जहां बलिदान हुए मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है, जो कश्मीर हमारा है वह सारे का सारा है, और जो कश्मीर हमारा है वह प्राणों से प्यार है" डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के यह ऐतिहासिक शब्द आज दिनांक 23 जून 2024 को जिला कार्यालय भारतीय जनता पार्टी हरिद्वार पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने दोहराए। आज देश भर  में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस को मनाया जा रहा है इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर उनकी स्मृति में व्याख्यान माला, गोष्ठी आदि का आयोजन किया जा रहा है जिसके अंतर्गत हरिद्वार जिला भाजपा कार्यालय पर भी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें सैकड़ो की संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1901 में श्री आशुतोष मुखर्जी के घर जन्मे प्रख्यात शिक्षाविद् जिन्होंने मात्र 33 वर्ष की आयु में यूनिवर्सिटी के कुलपति बनने का गौरव प्राप्त किया। ऐसे महान नेता ने अपनी छोटे से जीवन काल में ही न सिर्फ  बंगाल में वित्त मंत्री का पद संभाला अपितु परम श्रद्धेय गुरु गोलवलकर जी के सानिध्य में राजनीतिक जनसंघ की स्थापना करने का भी गौरव उन्हें प्राप्त था। उनके नेतृत्व में भारतीय जनसंघ ने आज़ादी के बाद का पहला ही चुनाव लड़ते हुए मात्र तीन प्रतिशत वोट पाने के बावजूद लोकसभा में तीन सीट जिताकर राष्ट्रवाद की अलख जगाई। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक ही देश में दो निशान दो विधान दो प्रधान के संवेदनहीन निर्णय का विरोध किया और जब जवाहरलाल नेहरू ने उनकी इस राष्ट्रवादी मांग का संज्ञान नहीं लिया तो उन्होंने बिना परमिट के ही जम्मू कश्मीर में प्रवेश किया जहां रहस्यमय तरीके से 23 जून 1953 को उनकी मृत्यु हो गई मात्र 51 वर्ष की अल्पायु में ही डॉ मुखर्जी ने देश में एक प्रखर राष्ट्रवादी वक्त के रूप में अपनी पहचान बनाई और देश की एकता अखंडता के लिए संकल्पबद्ध होकर काम किया। हम सब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उनके दिखाएं सिखाएं मार्ग पर आगे बढ़े, उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर हम भारतीय जनता पार्टी को नई ऊंचाई पर ले जाने का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान की धारा 370 को हटाकर कश्मीर को पुनः राष्ट्रवाद की धारा में शामिल कराने का कार्य किया है। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष संदीप गोयल ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी हम सभी के प्रेरणास्रोत थे। उनका व्यक्तित्व दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद की राजनीति करने की प्रेरणा देता है उन्होंने सदा राजनीति में राष्ट्रवाद की कड़ी वकालत की जिस वजह से उनके अपने समकालीन नेताओं से कई मंचों पर मतभेद भी रहे किंतु वह कभी भी राष्ट्र प्रेम व देशभक्ति की अपनी भावना से अलग नहीं हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रानीपुर विधायक श्री आदेश चौहान ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें वल्लभभाई पटेल और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। नेहरु जैसे नेताओं की वजह से जिस प्रकार से कश्मीर का एक हिस्सा तुष्टिकरण की राजनीति की भेंट चढ़ गया इस प्रकार बंगाल और पंजाब भी आज हमारे देश का हिस्सा ना होते यह डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ही देन है कि उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों का सामने खड़े होकर विरोध किया और देश को टुकड़े-टुकड़े होने से बचा लिया।

 डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान से लेकर धारा 370 के हटने तक का जो सफर इस देश ने तय किया उसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुरली मनोहर जोशी का कश्मीर में झंडा फहराने का आह्वान हो अथवा डोडा नरसंहार के खिलाफ डोडा आंदोलन हो सभी में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपना योगदान व बलिदान देते हुए देश की सीमाओं को कश्मीर में सुरक्षित करने में सफल हो पाए हैं। आज के कार्यक्रम में डॉ निशंक ने कार्यकर्ताओं को हरिद्वार लोकसभा सीट भारी मतों से जिताने पर भी बधाई दी और दस सालों तक दिए सम्मान प्यार के लिए सबका आभार व्यक्त किया। गोष्ठी में मुख्य रूप से जिला महामंत्री आशु चौधरी, आशुतोष शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, विमल कुमार, ओम प्रकाश जमदग्नि, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अम्बरीष गर्ग राजीव शर्मा, ब्लाक प्रमुख हर्ष दौलत, निपेंद्र चौधरी प्रदेश महामंत्री किसान मोर्चा योगेश चौहान, कामिनी सड़ाना, निर्मल सिंह, मनीष चौधरी, सचिन शर्मा, नकली सैनी, मोहित वर्मा, अमरीश सैनी, नवजोत वालिया, अभिनव चौहान, महिला मोर्चा जिला महामंत्री शीतल पुंडीर प्रीति गुप्ता, रेणु शर्मा, मंडल अध्यक्ष प्रणव यादव, मोहित शर्मा, सीमा चौहान, कैलाश भंडारी, नेपाल सिंह, नागेंद्र राणा। मनीष चौधरी, एजाज़ हसन, अनिल अरोड़ा, डॉ प्रदीप चौधरी, हरजीत सिंह, संजीव चौधरी आदि मौजूद रहे



आर एस एस ने उत्साह के साथ मनाया हिंदू साम्राज्य दिवस

 *शिवाजी की भूमिका निभा रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : पवन* 

*आरएसएस  ने हरिद्वार और जमालपुर कला में उत्साहपूर्वक मनाया हिन्दू साम्राज्य दिवस* 

हरिद्वार 23जून  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरिद्वार नगर में हिन्दू साम्राज्य दिवस बड़े उत्साहपूर्वक मनाया गया। नगर के सभी पांच मंडलो में कार्यक्रम आयोजित कर वीर शिवाजी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।

मध्य हरिद्वार मंडल द्वारा दयानन्द शाखा स्थल सिंहद्वार स्थित पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सेवा प्रमुख पवन जी ने बताया कि हिन्दू साम्राज्य दिवस संघ के 6 प्रमुख वार्षिक उत्सवों में एक है। उन्होंने कहा कि 6 जून 1674 को हिंदू साम्राज्य की स्थापना छत्रपति शिवाजी महाराज ने की थी। प्रत्येक वर्ष संघ इसे ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाता है। यह दिन पूरे हिंदुस्तान के लिए बड़ा गौरवमयी माना जाता है। 

उन्होंने कहा कि शिवजी ने जो उस समय भूमिका निभाई थी वही आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ निभा रहा है। शिवाजी महाराज ने हिन्दूओं का जागरण संगठित किया था, उसी प्रकार आज जाति,वर्ग में बांटे हिंदुओं को संघ संगठित करने का काम कर रहा है। 

पवन जी ने कहा कि मुगलों को परास्त करके शिवाजी वापस लौटे थे और उनका सम्राट के रूप में राज्याभिषेक हुआ था। इसी दिन से प्रत्येक वर्ष छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस (हिंदू साम्राज्य दिवस) के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में शिवाजी महाराज के चित्र के समक्ष धूप- दीप और अगरबत्ती जलाई गई और अक्षत फूल चढ़ाया गया। इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य लोगों को हिन्दू साम्राज्य, संस्कृति, सभ्यता और सौहार्द के प्रति जागरूक करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने पुन: स्थापित किया हिन्दू सम्राज्य

इतिहासकारों के अनुसार मध्यकालीन भारत के 6वीं शताब्दी में गुप्त वंश का पतन होने के बाद पुष्यभूति वंश उदय हुआ, जिसके संस्थापक पुष्यभूति थे। इस वंश में अनेकों वीर योद्धाओं ने जन्म लिया जिन्होंने पुष्यभूति वंश की विजयी पताका उत्तर से दक्षिण तक फहराई। 

सेवा प्रमुख ने कहा कि शिवाजी के जीवन से धैर्य और विश्वास के साथ संगठित शक्ति का मंत्र सीखने की आवश्यकता है। उत्सव की अध्यक्षता जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान ने की। उधर कनखल मंडल में दादू बाग जमालपुर कला में श्रीराम शाखा तथा ज्वालापुर में भी हिन्दू साम्राज्य दिवस बड़ी श्रद्वाभाव से उतशपूर्वक मनाया गया। जगजीतपुर खंड के अंतर्गत जमालपुर कला की श्री राम शाखा का मुख्य कार्यक्रम पंचायत घर सभागार में हुआ जहां पर मुख्य वक्ता के रूप में संघ के जिला संघ संचालक डॉक्टर यतीन्द्र नागयान स्वयंसेवकों को हिंदू साम्राज्य दिवस के उपलक्ष में अपना उद्बोधन दिया।



इस मौके पर प्रान्त समाजिक समरसता प्रमुख रमेश उपाध्याय,विहिप प्रांत उपाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा,उत्तराखंड सँस्कृत विवि के कुलपति डॉ. दिनेश चंद्र शास्त्री,नगर प्रचारक त्रिवेंद्र जी,नगर कार्यवाह डॉ अनुराग, सह कार्यवाह बलदेव रावत,नगर व्यवस्था प्रमुख देशराज शर्मा,नगर प्रचार प्रमुख अमित शर्मा,नगर बौद्धिक प्रमुख भूपेंद्र कुमार,नगर सम्पर्क प्रमुख अमित शर्मा, मंडल सह कार्यवाह अमित त्यागी, दयानंद शाखा कार्यवाह शशांक, सह शाखा कार्यवाह मोनू त्यागी, मुख्य शिक्षक कुलदीप, सह मुख्य शिक्षक सुशांत गुप्ता, बस्ती प्रमुख  महिपाल सिंह, प्रार्थना प्रमुख डॉ. मनोज किशोर पंत,डॉ. परमिंदर आदि मुख्य रूप से शामिल थे।

संघर्षों की आग में तप कर सोना बनी माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू


 _कलेक्टर मैडम, आप 'मेकअप' क्यों नहीं करती...?_


मलप्पुरम की जिला कलेक्टर सुश्री रानी सोयामोई... कॉलेज के छात्रों से बातचीत करती हैं।


उन्होंने कलाई घड़ी के अलावा कोई आभूषण नहीं पहना था।

सबसे ज्यादा छात्रों को आश्चर्य हुआ कि उन्होंने 'फेस पाउडर' का भी इस्तेमाल नहीं किया।


भाषण अंग्रेजी में था। उन्होंने केवल एक या दो मिनट ही बोला, लेकिन उनके शब्द दृढ़ संकल्प से भरे थे।


फिर बच्चों ने कलेक्टर से कुछ सवाल पूछे।


प्रश्न: आपका नाम क्या है?


मेरा नाम रानी है, सोयामोई मेरा पारिवारिक नाम है। मैं झारखंड की मूल निवासी हूं।

...और कुछ पूछना है?


दर्शकों में से एक दुबली-पतली लड़की खड़ी हुई।


"पूछो, बच्चे..."


"मैडम, आप मेकअप क्यों नहीं करतीं?"


कलेक्टर का चेहरा अचानक पीला पड़ गया। उनके पतले माथे पर पसीना आ गया। उनके चेहरे की मुस्कान फीकी पड़ गई। दर्शक अचानक चुप हो गए।


उन्होंने टेबल पर रखी पानी की बोतल खोली और थोड़ा पानी पिया।  फिर उसने धीरे से छात्र को बैठने का इशारा किया। 

फिर वह धीरे से बोलने लगी।


"तुमने एक परेशान करने वाला सवाल पूछा है। यह ऐसा सवाल है जिसका जवाब एक शब्द में नहीं दिया जा सकता। मुझे जवाब में तुम्हें अपनी जीवन कहानी सुनानी है। मुझे बताओ कि क्या तुम मेरी कहानी के लिए अपने कीमती दस मिनट निकालने को तैयार हो?"


"तैयार..."


मेरा जन्म झारखंड के एक आदिवासी इलाके में हुआ था। कलेक्टर ने रुककर दर्शकों की ओर देखा।


"मेरा जन्म कोडरमा जिले के आदिवासी इलाके में एक छोटी सी झोपड़ी में हुआ था, जो _'मीका'_ खदानों से भरा हुआ था।


मेरे पिता और माता खनिक थे। मेरे दो बड़े भाई और एक छोटी बहन थी। हम एक छोटी सी झोपड़ी में रहते थे जिसमें बारिश होने पर पानी टपकता था।

     मेरे माता-पिता कम वेतन पर खदानों में काम करते थे क्योंकि उन्हें कोई और काम नहीं मिल पाया था। यह बहुत गंदा काम था।


जब मैं चार साल की थी, तब मेरे पिता, माता और दो भाई कई बीमारियों के कारण बिस्तर पर पड़े थे।


उस समय उन्हें यह नहीं पता था कि यह बीमारी खदानों में मौजूद घातक 'मीका धूल' को अंदर लेने से होती है।

   जब मैं पाँच साल की थी, मेरे भाई बीमारी से मर गए।"


एक छोटी सी आह भरकर कलेक्टर ने बोलना बंद कर दिया और अपने रूमाल से अपनी आँखें पोंछ लीं।


     "ज़्यादातर दिनों में हमारा भोजन सादा पानी और एक या दो रोटियाँ हुआ करता था। मेरे दोनों भाई गंभीर बीमारी और भूख के कारण इस दुनिया से चले गए। मेरे गाँव में, डॉक्टर तो छोड़िए, स्कूल भी नहीं था। क्या आप ऐसे गाँव की कल्पना कर सकते हैं जहाँ स्कूल, अस्पताल या शौचालय न हो, बिजली न हो?


एक दिन मेरे पिता ने मेरा भूखा, चमड़ी और हड्डियों से लथपथ हाथ पकड़ा और मुझे टिन की चादरों से ढकी एक बड़ी खदान में ले गए।

       यह एक अभ्रक की खदान थी जिसने समय के साथ बदनामी हासिल कर ली थी।


यह एक पुरानी खदान थी जिसे खोदा गया और खोदा गया, जो अंतहीन रूप से पाताल में फैली हुई थी। मेरा काम नीचे की छोटी-छोटी गुफाओं में रेंगना और अभ्रक अयस्क इकट्ठा करना था। यह केवल दस साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ही संभव था।


अपने जीवन में पहली बार, मैंने पेट भर रोटियाँ खाईं। लेकिन उस दिन मुझे उल्टी हो गई।


 जिस समय मुझे प्रथम श्रेणी में होना चाहिए था, मैं अंधेरे कमरों में अभ्रक इकट्ठा कर रही थी, जहाँ मैं ‘जहरीली धूल’ में साँस ले रहा था।


कभी-कभार ‘भूस्खलन’ में दुर्भाग्यपूर्ण बच्चों का मर जाना असामान्य नहीं था। और कभी-कभी कुछ ‘घातक बीमारियों’ से भी मर जाते थे


दिन में आठ घंटे काम करने के बाद, आप कम से कम एक बार के भोजन के लिए कमा पाते थे। मैं भूख और हर दिन जहरीली गैसों के साँस लेने के कारण दुबली और निर्जलित हो गई थी।


एक साल बाद मेरी बहन भी खदान में काम करने लगी। जैसे ही वे (पिता) थोड़े ठीक हुए, ऐसा समय आया कि मेरे पिता, माँ, बहन और मैं एक साथ काम करते थे और हम बिना भूख के रह सकते थे।


लेकिन किस्मत ने हमें दूसरे रूप में परेशान करना शुरू कर दिया था। एक दिन जब मैं तेज बुखार के कारण काम पर नहीं जा रही थी, अचानक बारिश हुई। खदान के नीचे काम करने वाले श्रमिकों पर खदान गिरने से सैकड़ों लोग मारे गए। उनमें मेरे पिता, माँ और बहन भी थे।"


        रानी की दोनों आँखों से आँसू बहने लगे। दर्शकों में हर कोई साँस लेना भी भूल गया। कई लोगों की आँखें आँसुओं से भर गईं।


      "आपको याद रखना होगा कि मैं सिर्फ़ छह साल की थी।

आखिरकार मैं सरकारी अगाती मंदिर पहुँची। वहाँ मेरी शिक्षा हुई। मैंने अपने गाँव से ही अपनी पहली अक्षर-पद्धति सीखी थी। आखिरकार यहाँ कलेक्टर आपके सामने हैं।


आप सोच रहे होंगे कि इसका और इस बात का क्या संबंध है ? कि मैं मेकअप का इस्तेमाल नहीं करती।"


उसने दर्शकों की तरफ देखते हुए कहा।


"अपनी शिक्षा के दौरान ही मुझे एहसास हुआ कि उन दिनों अँधेरे में रेंगते हुए मैंने जो सारा अभ्रक इकट्ठा किया था, उसका इस्तेमाल मेकअप उत्पादों में किया जा रहा था।

   अभ्रक पहला प्रकार का मोती जैसा सिलिकेट खनिज है।

        कई बड़ी कॉस्मेटिक कंपनियों द्वारा पेश किए जाने वाले खनिज मेकअप में, आपकी त्वचा के लिए सबसे चमकीला रंग बहुरंगी अभ्रक से आता है, जिसे 20,000 छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर निकालते हैं।


गुलाब की कोमलता उनके जले हुए सपनों, उनके बिखरते जीवन और चट्टानों के बीच कुचले गए उनके मांस और खून के साथ आपके गालों पर फैलती है।

      खदानों से बच्चों के हाथों से उठाए गए लाखों डॉलर के अभ्रक का इस्तेमाल आज भी किया जाता है। हमारी सुंदरता को बढ़ाने के लिए।"


"अब आप ही बताइए।

मैं अपने चेहरे पर मेकअप कैसे लगाऊं? मैं अपने भाइयों की याद में पेट भरकर कैसे खाऊं जो भूख से मर गए? मैं अपनी मां की याद में महंगे रेशमी कपड़े कैसे पहनूं जिन्होंने कभी फटे कपड़ों के बारे में सपने में भी नहीं सोचा था?"


     जब रानी चली गईं तो पूरा दर्शक अनजाने में ही खड़ा हो गया, उनके होठों पर हल्की मुस्कान थी, आँखों में आँसू पोंछे बिना, उनका सिर ऊँचा था।


(झारखंड में अभी भी उच्चतम गुणवत्ता वाला अभ्रक खनन किया जाता है। 20,000 से अधिक छोटे बच्चे स्कूल जाने के बिना वहां काम करते हैं। वे मर जाते हैं, कुछ भूस्खलन में और कुछ बीमारी से...)


कई साल बाद... 

वह महिला कलेक्टर, भारत गणराज्य की पहली नागरिक बनीं

*महामहिम* 

*द्रौपदी  मुरूमु*

*भारत गणराज्य की राष्ट्रपति !*

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भाजपा सप्त ऋषि मंडल ने मनाई श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि

 *डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक व्यक्ति नहीं एक विचारधारा थे:बृजभूषण विद्यार्थी* 

हरिद्वार 23 जून भारतीय जनता पार्टी सप्तऋषि मंडल ने जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया ।

 इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया गोष्ठी की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष बृजभूषण विद्यार्थी द्वारा की गई और संचालक मंडल अध्यक्ष तरुण नैय्यर द्वारा किया गया

इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण विद्यार्थी ने कहा की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई, 1901 को एक संभ्रांत परिवार में हुआ था। महानता के सभी गुण उन्हें विरासत में मिले थे। उनके पिता आशुतोष बाबू अपने जमाने के  प्रख्यात शिक्षाविद् थे।

 डॉ. मुखर्जी ने 22 वर्ष की आयु में एम.ए की परीक्षा उत्तीर्ण की तथा उसी वर्ष उनका विवाह भी सुधादेवी से हुआ। उनको दो पुत्र और दो पुत्रियां हुईं। वे 24 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय सीनेट के सदस्य बने। उनका ध्यान गणित की ओर विशेष था। इसके अध्ययन के लिए वे विदेश गए तथा वहां पर लंदन मैथेमेटिकल सोसायटी ने उनको सम्मानित सदस्य बनाया। वहां से लौटने के बाद डॉ. मुखर्जी ने वकालत तथा विश्वविद्यालय की सेवा में कार्यरत हो गए।

 भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विकास तिवारी ने कहा की डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कर्मक्षेत्र के रूप में 1939 से राजनीति में भाग लिया और आजीवन इसी में लगे रहे। उन्होंने गांधीजी व कांग्रेस की नीति का विरोध किया, 

एक बार।उन्होंने कहा- 'वह दिन दूर नहीं जब गांधीजी की अहिंसावादी नीति के अनुसरण के फलस्वरूप समूचा बंगाल पाकिस्तान का अधिकार क्षेत्र बन जाएगा।' उन्होंने नेहरूजी और गांधीजी की तुष्टिकरण की नीति का सदैव खुलकर विरोध किया। यही कारण था कि उनको संकुचित सांप्रदायिक विचार का द्योतक समझा जाने लगा।

अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में एक गैर-कांग्रेसी मंत्री के रूप में उन्होंने वित्त मंत्रालय का काम संभाला।

भाजपा के मंडल अध्यक्ष तरुण नैय्यर ने कहा कि  डॉ. मुखर्जी ने चितरंजन में रेल इंजन का कारखाना, विशाखापट्टनम में जहाज बनाने का कारखाना एवं बिहार में खाद का कारखाने स्थापित करवाए। उनके सहयोग से ही हैदराबाद निजाम को भारत में विलीन होना पड़ा।


1950 में भारत की दशा दयनीय थी। इससे डॉ. मुखर्जी के मन को गहरा आघात लगा। उनसे यह देखा न गया और भारत सरकार की अहिंसावादी नीति के फलस्वरूप मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर संसद में विरोधी पक्ष की भूमिका का निर्वाह करने लगे। एक ही देश में दो झंडे और दो निशान भी उनको स्वीकार नहीं थे। अतः कश्मीर का भारत में विलय के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्रयत्न प्रारंभ कर दिए। इसके लिए उन्होंने जम्मू की प्रजा परिषद पार्टी के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ दिया।

 भाजयुमो के प्रदेश मंत्री दीपांशु विद्यार्थी ने कहा की अटलबिहारी वाजपेयी (तत्कालीन विदेश मंत्री), वैद्य गुरुदत्त, डॉ. बर्मन और टेकचंद आदि को लेकर आपने 8 मई 1953 को जम्मू के लिए कूच किया। सीमा प्रवेश के बाद उनको जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। 40 दिन तक डॉ. मुखर्जी जेल में बंद रहे और 23 जून 1953 को जेल में उनकी रहस्यमय ढंग से मृत्यु हो गई।

 अभी केवल जीवन के आधे ही क्षण व्यतीत हो पाए थे कि हमारी भारतीय संस्कृति के नक्षत्र अखिल भारतीय जनसंघ के संस्थापक तथा राजनीति व शिक्षा के क्षेत्र में सुविख्यात डॉ. मुखर्जी की 23 जून, 1953 को मृत्यु की घोषणा की गईं। बंगभूमि से पैदा डॉ. मुखर्जी ने अपनी प्रतिभा से समाज को चमत्कृत कर दिया था। बंगाल ने कितने ही क्रांतिकारियों को जन्म दिया है, उनमें से एक महान क्रांतिकारी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी थे।

आज की इस विचार गोष्ठी के अवसर पर श्री सुरेश अग्रवाल जी  मंडल महामंत्री देवेश  ममगई ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष  मुकेश पुरी महिला मोर्चा  महामंत्री प्रीति गॉड युवा मोर्चा अध्यक्ष अंकुश भाटिया सुमित अग्रवाल मोनिका धीमान ओंकार तिवारी आयुष सती ईश्वर चंद शर्मा उपस्थित रहे!

ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुक्केबाजी खेल को बढ़ाया जाएगा


 ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुक्केबाजी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है मुक्केबाजी संघ- डा.विशाल गर्ग

हरिद्वार, 22  जून। हरिद्वार मुक्केबाजी संध के अध्यक्ष डा.विशाल गर्ग ने लखनोता ग्राम मंगलौर में चौधरी फार्म हाउस में आयोजित समर कैंप के अंतर्गत स्पोर्ट्स अकैडमी गोकुलपुर द्वारा ग्रामीण क्षैत्र के बालकों के लिए 10 दिवसीय मुक्केबाजी खेल प्रशिक्षण शिविर में सभी बच्चों को खिलाड़ी बनने की प्रेरणा दी और पढ़ाई के साथ खेलों में भी रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित किया। डा.विशाल गर्ग ने बताया कि हरिद्वार मुक्केबाजी संघ का लक्ष्य है कि ग्रामीण परिवेश के बालक-बालिका भी मुक्केबाजी खेल में आगे आकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र में मुक्केबाजी के केंद्र खोलने में संघ कार्यरत है। हरिद्वार मुक्केबाजी संघ की ओर से पूर्व-मुक्केबाजी खिलाड़ियों को भी उनके स्थानीय क्षेत्र में मुक्केबाजी प्रशिक्षण सुविधा देने की योजना है। योजना के अंतर्गत सभी पूर्व मुक्केबाजी खिलाड़ी अपने स्थानीय क्षेत्र में मुक्केबाजी खेल को शुरू कराकर बढ़ावा दे। हरिद्वार संघ ने पूर्व खिलाड़ियों को मुक्केबाजी संबंधित सामान बॉक्सिंग ग्लव्स, पैड, कीट बैग तथा मासिक मानदेय देकर सम्मानित करने की योजना भी तैयार की है। डा.विशाल गर्ग ने बताया कि 10 दिवसीय मुक्केबाजी प्रशिक्षण शिविर से आसपास के गांवों में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा तथा केंद्र सरकार व् उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति योजना एवं हॉस्टल सुविधा आदि की जानकारी भी गांव के सभी निवासियों को दी गयी। निकट भविष्य में यहां पर मुक्केबाजी के और एक दो अन्य प्रशिक्षण शिविर को भी संघ प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर स्पोर्ट्स अकैडमी से ऋतु सैनी, आरती सैनी,  एसपी सिंह, सचिव नवीन चैहान व आसपास के विभिन्न ग्रामों से आये ग्रामीण मौजूद रहे।

इंडियन रेड क्रॉस ने पौधे किये रोपित

 हरिद्वार 22 जून  उत्सव अभियान के तहत इंडियन रेड‌क्रास के तत्वाधान में वृक्षारोपण कार्यक्रम" जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल  मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनीष दत्त के निर्देशन एवं इंडियन रेड‌क्रास सचिव डॉ नरेश चौधरी के संयोजन में इंडियन रेड‌क्रास के तत्वाधान में जल संरक्षण अभियान के तहत सिटी वन वैरा‌गी कैम्प क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पौधे इंडियन रेडक्रास स्वय सेवकों द्वारा रोपित किये गये। इंडियन रेडक्रास सचिव डा० नरेश चौधरी ने कहा कि जन सह‌भागिता से ही जल संरक्षण एवं संवर्धन सम्भव हो सकता है। डा० नरेश चौधरी ने कहा कि वर्षा के जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक पद्धति तो अपनानी ही है , साथ ही साथ पारम्परिक तरीको से जल संरक्षण करने के लिए जनसमाज को जागरूक करना होगा जिससे घटते जल स्तर को बचाया  जा सके। तथा पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए पौधों के संरक्षण पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है डॉ. नरेश चौधरी ने कहा कि हम सभी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पर्वों पर तो इस प्रकार के अभियान में बढ़ चढ़कर चलाते हैं परंतु सभी जागरूक स्वयंसेवकों को समय-समय पर पौधा रोपण करते रहना है एवं पौधे को वृक्ष बनने तक की जिम्मेदारी का निर्वहन भी जन सहभागिता से पूर्ण हो पाएगा वृक्षारोपण कार्यक्रम में इंडियन रेडक्रॉस स्वयंसेवकों में श्रीमती पूनम ,शिवांशी, एच.ई.सी कॉलेज के निदेशक संदीप चौधरी, वरिष्ठ संकाय सदस्य उमराव सिंह के साथ-साथ छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।


राजभवन में मनाया गया योग दिवस

 

 देहरादून 21 जून"अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजभवन में सभी अधिकारियों कर्मचारियों को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं निरामय योगम रिसर्च फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में कराया गया योगाभ्यास "

महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के निर्देशन में राजभवन देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष पर राजभवन के सभी अधिकारियों कर्मचारियों को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं निरामय योगम रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में  योग थीम 2024 के तहत योगाभ्यास कराया गया। सर्वप्रथम प्रेयर एवं लूजिंग अभ्यास कराया गया । उसके बाद ताड़ासन, वक्रासन , पर्वतासन पादहस्तासन ,त्रिकोणासन ,भद्रासन ,वज्रासन ,उत्थान मंडूकासन ,वक्रासन ,मकरासन भुजंगासन , सेतुबंदासन आसान उत्तानपाद आसन ,पवनमुक्तासन का अभ्यास भी कराया गया। योग आसनों के उपरांत  प्राणायाम एवं ध्यान संकल्प सभी प्रतिभागियों द्वारा किया गया। महामहिम  राज्यपाल  के सचिव रविनाथ रमन ने योग प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का उद्देश्य तभी सफल होगा जब हम प्रतिदिन अपनी रोजाना की दिनचर्या में योगाभ्यास करने को जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता  मानेंगे । रविनाथ रमन ने कहा कि प्रतिदिन हमें व्यायाम के साथ योग क्रियाएं भी करेंगे तो हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा और हम अपने  दैनिक कार्यों को   बिना थकान महसूस करते हुए संपन्न करेंगे ।अपर सचिव राज्यपाल श्रीमती स्वाति भदौरिया ने भी योग प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि समय-समय पर राजभवन में योग शिविर आयोजित किए जाएंगे जिससे सभी कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योग के प्रति जागरूक किया जाता रहेगा । सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विभागाध्यक्ष डॉ नरेश चौधरी एवं निरामय योगम रिसर्च फाऊंडेशन की निदेशक डॉ उर्मिला पांडे का राजभवन में योगाभ्यास करने के लिए आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। योगाभ्यास का प्रदर्शन करने में योग विशेषज्ञ डॉ.उर्मिला पांडे शिवांशी, डॉ पंकज बच्चस ,निहारिका एवं शिवम ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर( डॉ) नरेश चौधरी द्वारा किया गया।


उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर में मनाया गया योग दिवस

देहरादून / हर्रावाला 21 जून उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय मुख्य परिसर में 10 वां अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव मनाया गया।   विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी जी ने की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रोफेसर राधावल्लभ सती, परिसर निदेशक-मुख्य परिसर तथा प्रोफेसर अनूप गक्खड,  कुलसचिव, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की उपस्थिति रही। आज  प्रातः सत्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रोफेसर विनीत अग्निहोत्री जी(प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, स्वस्थवृत विभाग) के द्वारा आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित किए गए योग प्रोटोकॉल योगाभ्यास  कराया गया एवं उनके चिकित्सा एवं यौगिक लाभों के बारे में विस्तृत व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर त्रिपाठी ने  सभी को 10 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  उन्होंने कहा कि जब आज के दिन सारे विश्व में एक साथ सभी लोग  योगाभ्यास करते हैं तो निश्चित रूप से भारत का गौरव संपूर्ण विश्व में स्थापित होता है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी श्री नरेंद्र मोदी जी मार्गदर्शन में आयुष मंत्रालय द्वारा संपूर्ण विश्व में योग का व्यापक प्रचार प्रसार हुआ है। उत्तराखंड राज्य सरकार भी माननीय मुख्यमंत्री जी श्री पुष्कर सिंह धामी जी के मार्गदर्शन में आयुष मंत्रालय उत्तराखंड सरकार , एवं उत्तराखंड विश्वविद्यालय द्वारा व्यापक स्तर पर उत्तराखंड स्टेट को योगभूमि के रूप में स्थापित किए जाने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने वर्तमान समय में योग की आवश्यकता योग का अर्थ तथा योग के द्वारा शारीरिक मानसिक एवं सामाजिक तथा आर्थिक उन्नयन के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि योग का अर्थ मन को आत्मा से जोड़ना है, योग ही हमें प्रकृति से जोड़ना सिखाता है। योग के निरंतर अभ्यास से हम अपनी कार्य क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं।  अष्टांग आयुर्वेद जहां शरीर को निरोगी रखता है , वहीं महर्षि पतंजलि प्रणीत अष्टांग योग    के यम नियम, आसन बहिरंग योग तथा अंतरंग योग- प्रत्याहार, प्राणायाम धारणा ध्यान समाधि आदि का अपने जीवन सतत योगाभ्यास करना चाहिए। अष्टांग योग के द्वारा चित्त की वृत्तियो को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया इस वर्ष योग महोत्सव की थीम " स्वयं एवं समाज के लिए योग करें" क्योंकि योगाभ्यास  के द्वारा ही सात्विकता का उदय होता है तामसिक भावनाओं की समाप्ति होती है तथा योग के अभ्यास से  सारी दुनिया हमें अपनी सी महसूस होती है। जो कि  वासुदेव  कुटुंबकम की भावना को हमारे अंतःकरण में स्थापित करती है। योग समाज एवं परिवार को भी आपस में जोड़ने में मदद करता है। योग हमें तनाव अवसर एवं एंजायटी आदि मानसिक समस्याओं से निजात दिलाता है ‌ हमें शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिए प्रतिदिन कम से कम 45 मिनट का योगाभ्यास करना चाहिए।प्रोफेसर राधा वल्लभ सती ने  कहां योग एवं आयुर्वेद हमारे प्राचीन भारत की बौद्धिक एवं आध्यात्मिक संपदा है । हमारी देवभूमि उत्तराखंड योग और आयुर्वेद की भूमि है। सभी उपस्थित प्रतिभागियों से  योग के प्रचार प्रसार करने का आवाहन किया। प्रोफेसर अनूप गक्खड ने सभी प्रतिभागियों को योग महोत्सव की शुभकामनाएं दी तथा योग के प्रचार प्रसार एवं अभ्यास की आवश्यकता के बारे में अपने विचार व्यक्त किया। डॉ राजीव कुरेले ने  योग का वर्तमान परिपेक्ष में महत्व तथा योग के आउटकम तथा योग के   मानसिक एवं चिकित्सकीय एवं आध्यात्मिक लाभो पर विचार व्यक्त किये। इस कार्यक्रम में संजीव पांडे उपकुल सचिव, मुख्य परिसर शिक्षक डॉ



नंदकिशोर दाधीचि, डॉ जया काला, डॉ अमित तमादड्डी,  डॉ सुनील पांडे,  डा0 इला तन्ना, डा0अंजना टांक,  डा0 वर्षा, डा0 प्रवोध एरावर, डा0अनुराग वत्स, चंद्रमोहन पैन्यूली, विवेक जोशी, अनूप डिमरी, विवेक तिवारी, डॉक्टर डी0के0सेमवाल, डा0आशुतोष चौहान आदि , चिकित्सक, इंटर्न एवं प्रशासनिक कार्यालय के विभिन्न अधिकारी कर्मचारी आदि की सक्रिय प्रतिभागिता रही ।

शांतिकुंज में उत्साह के साथ मनाया गया विश्व योग दिवस

 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर शांतिकुंज से बही योग की धारा

भारतीय ज्ञान की सर्वोच्च विरासत है योग साधना ः डॉ चिन्मय पण्ड्या

भारत सहित अमेरिका, कनाडा, इंग्लैण्ड आदि देशों में शांतिकुंज के योगाचार्यों ने योग कराया


हरिद्वार 21 जून 


गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में 10वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया।  योगाभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री शिवप्रसाद मिश्र, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या आदि ने किया। इस अवसर पर गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के युवा, आचार्य, अधिकारियों सहित शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्त्ताओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार डॉ राम अवतार पाटीदार ने योगाभ्यास कराया।

योग दिवस के मौके पर अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास करने से तन, मन सुदृढ़ रहता है। इस अवसर पर युवा आइकॉन डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि मां गायत्री अजपा हैं, जो योगियों, संतों और साधकों को मोक्ष देती हैं। साधना का यह सर्वोच्च पथ है। भारतीय ज्ञान की सर्वोच्च विरासत योग साधना है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व योग की गंगा में स्नान कर रहा है। इससे पूर्व संगीत विभाग के भाइयों ने सुमधुर गीतों से उपस्थित साधकों, योगाचार्यों के तन मन को योगाभ्यास हेतु मानसिक रूप से तैयार किया।

शांतिकुंज मीडिया सेल के अनुसार देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं शांतिकुंज परिवार के योगाचार्यों ने उत्तराखण्ड सहित कई राज्यों के सामूदायिक भवनों, गायत्री शक्तिपीठों, जोन संगठन कार्यालय, उपजोनों में योगाभ्यास कराया। अमेरिका में प्रो. विश्वप्रकाश त्रिपाठी, सुरेन्द्र वर्मा, इंग्लैण्ड में परमानंद द्विवेदी, डॉ शिवनारायण प्रसाद, दिलथीर यादव तथा कनाडा में प्रमोद भटनागर, ओंकार पाटीदार ने योगाभ्यास कराया। तो वहीं आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, वियतनाम, रसिया, मॉरीशस, चीन, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों में देसंविवि व शांतिकुंज से प्रशिक्षित योगाचार्यों ने अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार योगाभ्यास कराया।

वात्सल्य वाटिका में मनाया गया विश्व योग दिवस



विश्व हिन्दू परिषद के सेवा प्रकल्प अशोक सिंघल सेवा धाम "वात्सल्य वाटिका" मे मनाया गया अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस


बहादराबाद 21 जून– पतित पावनी माँ गंगा के पावन तट पर स्थित अशोक सिंघल सेवा धाम "वात्सल्य वाटिका" के प्रांगण मे "अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस" के अवसर पर योग का भव्य आयोजन किया गया। माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का आयोजन प्रारम्भ किया गया। प्रधानाचार्य उदयराज सिंह चौहान ने समस्त अतिथियों सहित सभी महानुभवों का स्वागत किया एवं सूक्ष्म परिचय कराया। 


योगाचार्य प्रिया, ज्योति एवं अनिल नौटियाल ने योग कराकर योग का कार्यक्रम सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। उन्होंने कार्यक्रम में योग, आसन व प्राणायाम कराये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नीता नय्यर ने योग को भारतीय संस्कृति की देन बताया और सभी बच्चों सहित योग दिवस की शुभकामनाएँ दी। वात्सल्य वाटिका के प्रबंधक प्रदीप मिश्रा ने योग को जीवन का आधार मानते हुए पहला सुख निरोगी काया का भाव व्यक्त किया और वात्सल्य वाटिका के बच्चों को आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सी.एम.आर.ग्रीन कंपनी के प्लांट हेड महेश कुमार त्यागी, एच.आर. ऋषि तिवारी उपस्थित रहे, जिनके द्वारा वात्सल्य वटिका के बालकों को योगा चटाई भेंट की गई। राष्ट्रीय गीत के माध्यम से कार्यक्रम का समापन किया। 


नरेश वर्मा, विमलेश गौड़ के साथ अनेक समितिगण उपस्थित रहे जिन्होंने योग का सम्पूर्ण लाभ प्राप्त किया। योग कार्यक्रम में रजनी राणा, संगीता शर्मा, संध्या ठाकुर, राधिका, सुशील कुमार, जोगेन्द्र, दिलीप दास, दीपक धीमान, अश्वनी, प्रमोद, आकांशु चौहान, कार्तिक सैनी एवं वात्सल्य वाटिका परिवार के समस्त सदस्य एवं अनेकानेक महानुभाव कार्यक्रम में उपस्थित रहें।


ऋषिकुल आयुर्वैदिक कॉलेज में मनाया गया योग दिवस

 *ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन सम्पन्न*

हरिद्वार 21 जून आयुष मंत्रालय भारत सरकार , राज्य सरकार उत्तराखंड एवं उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय  हर्रावाला, देहरादून के दिशा निर्देशों के अनुपालन में  ऋषिकुल परिसर, हरिद्वार द्वारा 10  वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2024) का आयोजन किया  गया। इसके अंतर्गत  प्रातः 7:00 बजे से 8 बजे तक संपूर्ण सामान्य योगाभ्यास योग  प्रोटोकोल का अभ्यास मदन मोहन मालवीय प्रेक्षागृह के योगाभ्यास कक्ष में कराया गया।कार्यक्रम के अंत में परिसर निदेशक, ऋषिकुल परिसर, हरिद्वार प्रो ( डॉ ) डी. सी. सिंह,  ने योग के महत्व पर विचार व्यक्त किये। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के समापन पर डॉ शोभित कुमार वार्ष्णेय, एसो प्रोफ़ेसर & विभागाध्यक्ष स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग ऋषिकुल परिसर,हरिद्वार ने कहा कि हम सभी को इस योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या में सम्मिलित करना चाहिए एवं दूसरों को भी योग करने के  लिए प्रेरित करना चाहिए और अंत में  सभी प्रतिभागियो का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया साथ ही कार्यक्रम सह संयोजिका डॉ प्रियंका शर्मा असिस्टेंट प्रोफ़ेसर स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग का और बी. ए. एम. एस. द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्र / छात्राओं की टीम का भी विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस  10 वें अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस के  दिन  योग प्रोटोकॉल  को कुशलता पूर्वक कराया एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी सहभागिता प्रदान की । इस कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ प्रियंका शर्मा द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन  कुलसचिव उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रो (डॉ) अनूप कुमार गक्खड़, एवं निदेशक ऋषिकुल परिसर हरिद्वार, प्रो (डॉ) डी सी सिंह के मार्गदर्शन में पूर्ण उत्साह के साथ संपन्न कराया  गया। इस कार्यक्रम में प्रो (डॉ) ओo पीo सिंह, प्रो (डॉ) अजय गुप्ता,  प्रो (डॉ) खेम चन्द्र शर्मा, प्रो (डॉ ) कीर्ति वर्मा,डॉ  सीमा जोशी, डॉ माधवी गोस्वामी, डॉ  सुरेश चौबे, डॉ संजय सिंह, डॉ संजय त्रिपाठी,डॉ रीना दीक्षित,डॉ रमेश चन्द्र तिवारी, डॉ गुंजन शर्मा, डॉ संजय गुप्ता,डॉ  शशिकांत तिवारी , डॉ शैलेंद्र सिंह, डॉ मनीषा दीक्षित  ,डॉ भावना मित्तल, डॉ वेद भूषण, डॉ यादवेंद्र यादव, डॉ अंजलि वर्मा, डॉ  प्रियंका शर्मा, डॉ पारुल, डॉ तरुण उपाध्याय,अनिल सिंह नेगी, खेमा नन्द भट्ट एवं विभिन्न विभागों के एमडी स्कॉलर, शिक्षक, कर्मचारी आदि उपस्थित हुए।


भाजपा ओबीसी मोर्चै ने मनाया विश्व योग दिवस

 योग की शक्ति से मोदी जी ने पूरे विश्व को परिचित कराया :-डॉ कल्पना सैनी 


हरिद्वार में जिला भाजपा ओबीसी मोर्चे ने मनाया विश्व योग दिवस, राज्यसभा सांसद डॉक्टर कल्पना सैनी ने ओम घाट पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ किया योग और प्राणायाम



हरिद्वार 21 जून हरिद्वार में भाजपा ओबीसी मोर्चे के तत्वाधान में ओम पुल के निकट गंगा घाट पर योग दिवस मनाया गया राज्यसभा सांसद डॉक्टर कल्पना सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ योग और प्राणायाम किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग भारत की आध्यात्मिक और ऋषि परंपरा का प्रतिबिंब है जो आयुर्वेद के एक अंग के साथ-साथ ऋषि मुनियों की देन है उन्होंने कहा कि इन 10 वर्षों में मोदी जी ने जहां भारत को विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणीय राष्ट्र बनाया है वहीं पूरे विश्व को योग की शक्ति से भी परिचित कराया है योग दिवस का बढ़ता प्रभाव और भारतीय आयुर्वेद, योग ,प्राणायाम का प्रचार प्रसार मोदी जी ने विश्व योग दिवस के रूप में शुरू कर पूरे विश्व को इससे परिचित कराया । इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, भाजपा उपाध्यक्ष लव शर्मा ,संदीप अरोड़ा, महामंत्री आशु चौधरी, भाजपा




ओबीसी मोर्चे के जिला अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप कुमार सहित   प्रदेश एवं जिला मंडल के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे योग दिवस के आयोजन में मुख्य अतिथि डॉक्टर कल्पना सैनी का स्वागत प्रदेश सह सोशल मीडिया प्रभारी अनीता वर्मा, मंडल अध्यक्ष सर्वेश प्रजापति, महक सिंह रामकुमार चौधरी सारिका चौधरी सुधीर ठाकुर दीपंकर संजय वर्मा राकेश कुमार चौधरी आदि ने किया। संत मंडल आश्रम के परमाध्यक्ष महंत राम मुनि ने डॉक्टर कल्पना सैनी को आशीर्वाद प्रदान किया साथ ही भाजपा ओबीसी मोर्चे के मंडल हरिद्वार ,कनखल के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

श्री सत्य सांई सेवा समिति ने कुष्ठ रोगियो को किया भोजन प्रसाद वितरित

हरिद्वार 19 जून श्री सत्य साईं सेवा समिति हरिद्वार द्वारा  विवेकानंद कुष्ठ आश्रम लालजी वाला हरिद्वार में नारायण सेवा का आयोजन किया गया उपरोक्त जानकारी सत्य साईं सेवा समिति हरिद्वार के वरिष्ठ पदाधिकारी


प्रकाश चंद्र जोशी ने प्रदान करते हुए बताया कि यद्यपि कुष्ठ आश्रम में प्रत्येक माह के तृतीय रविवार को नारायण सेवा की जाती है किन्तु भीड़ के बढ़ते दबाव को दृष्टिगत रखते हुए ही आज यह कार्यक्रम संपादित किया गया, जिसमें कुष्ठ रोगियों को पूरी सब्जी चावल एवं छोला का प्रसाद वितरित किया गया साथ ही बच्चों को बिस्किट और फल का प्रसाद वितरित किया गया l समिति के कुल 4 सदस्यों ने उक्त कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी...।

सैकड़ो एनसीसी कैडेट्स को दिया गया प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण


" हरिद्वार 19 जून 31 यू. के. एन. सी. सी. बटालियन के 570 केडिटस को इंडियन रेडक्रॉस सचिव डॉ नरेश चौधरी ने प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया।"इंडियन रेडक्रॉस के तत्वाधान में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनीष दत्त के निर्देशन में इंडियन रेडक्रास सचिव डॉ नरेश चौधरी ने 31 यू. के. एन. सी. सी. बटालियन के 570 एन सी सी केडिटस एवं उनके साथ आए हुए समस्त एन. सी. सी.प्रभारियों को यूनिवर्सिटी ऑफ पतंजलि नेचुरोपैथी एंड योग साइंस औरंगाबाद ( हरिद्वार) के सभागार में प्राथमिक उपचार ( first aid training) देकर प्रशिक्षित किया।प्रशिक्षण में डॉ नरेश चौधरी ने मानव शरीर रचना के सभी तंत्रों की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रतिभागियो को आकस्मिक घटना घटित होने पर घायल व्यक्तियों को किस प्रकार प्राथमिक उपचार दिया जाए उन सभी का लाइव डिमॉन्सट्रेशन कराया गया। डॉ नरेश चौधरी ने प्रतिभागियों को केदारनाथ की  2013 की देवीय आपदा से हुई जनहानि पर विशेष रूप से जमीनी जानकारियां भी दी, उस समय हमारे पास संसाधनों की कमी थी , परंतु अब हमारे पास आपदा के दौरान जिन जिन संसाधनों की आवश्यकता होती है वह उपलब्ध होते है। डॉ नरेश चौधरी ने कहा कि आपदा को समाप्त नहीं किया जा सकता अपितु न्यूनीकरण किया जा सकता है। इसलिए हमे ज्यादा से ज्यादा जनसामाज को जागरूक कर फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर बनाने है । जो समय पर आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक सहायता उपल्ब्ध कराएंगे और घायलों के बहुमूल्य जीवन को बचाकर जनहानि को भी कम से कम करने में सहायक सिद्ध हो पाएंगे। डॉ नरेश चौधरी ने सी. पी. आर. का लाइव डिमॉन्सट्रेशन कराकर सभी को अभ्यास भी कराया जिनसे सभी में सी. पी. आर देने में आत्मविश्वास बढ़ाया जा सके और जरूरत पड़ने पर सभी फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर पीड़ितों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा कर सके। प्रशिक्षण मे रेडक्रास स्वयंसेवक शिवांशी , ट्रेनर श्रीमती पूनम ने भी प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर मानव सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने के लिए संकल्पित किया । प्रशिक्षण में हरिद्वार, देहरादून , टिहरी , पौड़ी गढ़वाल के चार जनपदों के एन.सी.सी कैडेट्स को प्राथमिक उपचार से प्रशिक्षण कर फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर बनाया गया जो कि उत्तराखंड के विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्र में मददगार साबित होंगे। कमान कर्नल विनय मल्होत्रा एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्नल वीरेंद्र सिंह ने इंडियन रेडक्रॉस सचिव डॉ नरेश चौधरी का एन.सी.सी कैडेट्स को प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण देने के लिए विशेष रूप से हार्दिक आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया ।प्रशिक्षण में एन.सी.सी ऑफिसर डॉ पंकज कुमार ,जगदीप उनियाल ,उत्तम शर्मा, डॉ पवन ,भूपेंद्र सिंह ,भरत भूषण उनियाल ,कार्तिक गर्ग, गोविंद सिंह आदि ने भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सक्रिय सहभागिता की।


शांतिकुंज में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया गायत्री जयंती गंगा दशहरा महापर्व

 शांतिकुंज में गायत्री जयंती-गंगा दशहरा के महापर्व से लाखों को मिली संजीवनी विद्या

भारत का जीवन दर्शन है गायत्री और गंगा ः डॉ पण्ड्या

गायत्री आत्मा की और गंगा काया की देवी ः शैलदीदी

गायत्री विद्यापीठ के बच्चों ने जीता दिल, भरी दोपहरी में भी की जलसेवा



श्रद्धेयद्वय ने किया 45 डिजिटल प्लेटफार्म के लिए प्रज्ञागीतों का विमोचन

हरिद्वार 16 जून अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि माँ गायत्री की साधना से भटके हुए राही को सही राह मिलती है। गायत्री की उपासना से साधक का आचरण पवित्र होता है। गायत्री और गंगा भारत का जीवन दर्शन है। हमारे लिए आदर्श है। गायत्री व गंगा के आशीष से मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण संभव है।

श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित दो दिवसीय गंगा दशहरा-गायत्री जयंती महापर्व के मुख्य कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर महापर्व मनाने आये देश-विदेश के हजारों गायत्री परिवार के साधकों को जीवन सुधारने के लिए संजीवनी विद्या मिली। वहीं परम वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्मशताब्दी वर्ष 2026 के लिए कार्य योजना को मूर्त रूप प्रदान करने हेतु दिशा निर्देश दिये गये।

वैज्ञानिक अध्यात्मवाद के मर्मज्ञ श्रद्धेय डॉ.पण्ड्या ने कहा कि माता गायत्री मन का संताप हरती हैं, तो वहीं पतित पावनी माँ गंगा तन को शुद्ध करने वाली है। उनके अवतरण दिवस पर हमें ऐसा संकल्प लेना चाहिए कि हम श्रेष्ठ बनें, हमारा समाज ऊँचा उठे और देश की उत्तरोत्तर प्रगति में सहायक बनें। श्रद्धेय डॉ पण्ड्या ने कहा कि गंगा की धारा को अविरल व शुद्ध बनाने की दिशा में अखिल विश्व गायत्री परिवार ने निर्मल गंगा जन अभियान चलाया है।

संस्था की अधिष्ठात्री स्नेहसलिला श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि गायत्री आत्मा की और गंगा काया की देवी हैं। इनकी प्रेरणाओं को जीवन में उतारने से जीवन महान बनता है। स्नेह सलिला ने कहा कि किसी भी मंत्र को जाग्रत करने के लिए मन का भाव को निर्मल व अंतःकरण को शुद्ध होना चाहिए। गायत्री महामंत्र साधक के मन व अंतःकरण को पवित्र करता है। शांतिकुंज अधिष्ठात्री ने कहा कि गायत्री महामंत्र की साधना जन्म जन्मांतरों के पापों कर्म को नष्ट करती है और भविष्य की राह को सुधारती है।

इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुखद्वय ने स्मृति समुच्चय एक दृष्टि, श्रीमद् भगवत गीता (भाषानुवाद), मनुस्मृति, रुद्राभिषेक (नये कलेवर) सहित अखिल विश्व गायत्री परिवार में सुने जाने वाले प्रज्ञागीत को गाना डॉट कॉम, जिओ सावन, अमेजन म्यूजिक सहित 45 डिटिजल प्लेटफार्म के लिए विमोचन किया।

इससे पूर्व पर्व पूजन का वैदिक कर्मकाण्ड संस्कार प्रकोष्ठ के आचार्यों ने सम्पन्न कराया, तो वहीं ब्राह्ममुहूर्त में गायत्री परिवार प्रमुखद्वय ने पूज्य आचार्यश्री के प्रतिनिधि के रूप में सैकड़ों श्रद्धालुओं, नये साधकों को गायत्री महामंत्र की दीक्षा दी। महापर्व के दौरान नामकरण, अन्नप्राशन, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, विवाह सहित विभिन्न संस्कार बड़ी संख्या में निःशुल्क सम्पन्न कराये गये। सायंकालीन ब्रह्मवादिनी बहिनों ने विराट दीप महायज्ञ का संचालन किया। शांतिकुंज परिवार ने अपने आराध्यदेव पं० श्रीराम शर्मा आचार्यजी की ३४वीं पुण्यतिथि को संकल्प दिवस के रूप में मनाया और उनके दिखाये राहों में चलने तथा भारतीय संस्कृति को विश्व भर में फैलाने की शपथ ली। महापर्व के दिन प्रातः से लेकर सायं तक गायत्री विद्यापीठ बच्चों ने अतिथियों का जलसेवा की।

श्री सत्य साई सेवा समिति ने तीर्थ यात्रियों को पिलाया शरबत

श्री सत्य सांई सेवा समिति ने गंगा दशहरा के अवसर पर यात्रियों को  पिलाया शरबत

हरिद्वार 16 जून. श्री सत्य साईं सेवा समिति हरिद्वार द्वारा  गंगा दशहरा पर्व के शुभ अवसर पर कनखल स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में बाबा को भोजन मंत्र के माध्यम से भोग लगाते हुए भीषण गर्मी के मध्य तीर्थ यात्रियों को मधुर शर्बत का रसास्वादन कराया , प्रातः 9.30 बजे से शुभारंभ कर अपराह्न 12. 30 बजे तक लगभग 1000 यात्रियों ने प्रसाद रूप में शर्बत ग्रहण किया, समिति के 6 सदस्यों ने उक्त कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी और स्वामी को नमन वंदन निवेदित करते हुए इस कार्यक्रम को विराम दिया । उपरोक्त जानकारी श्री सत्य सांई सेवा समिति हरिद्वार के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रकाश चंद जोशी ने प्रदान करते हुए बताया कि संस्था के द्वारा कुष्ठ रोगियों को प्रतिमाह  राशन ,दवाई ,वस्त्र आदि वितरित किए जाते हैं यह सब कार्य श्री सत्य सांई सेवा समिति हरिद्वार के कार्यकर्ता अपने स्वयं के प्रयासों से संपन्न करते हैं।  गंगा दशहरे पर प्रतिवर्ष शरबत का वितरण भी विगत कई वर्षों से किया जा रहा है।



शांतिकुंज में प्रारंभ हुआ गंगा दशहरा गायत्री जयंती महापर्व

 अखण्ड जप के साथ दो दिवसीय गंगा दशहरा-गायत्री जयंती महापर्व का शुभारंभ

ऊँचा उठे, फिर न गिरे ऐसा हो इंसान का कर्म :- डॉ चिन्मय पण्ड्या


हरिद्वार 15 जून 



गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में दो दिवसीय गंगा दशहरा व गायत्री जयंती महापर्व का शुभारंभ अखण्ड जप से हुआ। गायत्री मंदिर में राष्ट्र की उत्तरोत्तर प्रगति तथा सनातन संस्कृति के विस्तार हेतु प्रातः साढ़े चार बजे से अखण्ड जप का शुभारंभ हुआ। अखण्ड जप चौबीस घंटे तक चलेगा, जिसमें कई हजार गायत्री साधक भाग ले रहे हैं।

मुख्य सभागार में विशेष पर्व संदेश के क्रम में युवा आइकान डॉ चिन्मय पण्ड्या ने देश-विदेश से आये साधकों, श्रद्धालुओं को संबोधित किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि इंसान का कर्म ऐसा हो, जिससे वह ऊँचे से ऊँचा उठता हुआ चले, लेकिन वह नीचे न गिरे। गायत्री महामंत्र का मनोयोगपूर्वक नियमित जप-साधना मनुष्य को सदैव ऊपर उठाता है। उन्होंने कहा कि यह समय आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह आदिशक्ति से जुड़ने का अवसर है। युवा आइकान ने प्रज्ञा, विवेक, सुव्यवस्था, सक्रियता, दूरदर्शिता जैसे गुणों को आत्मसात के लिए विशेष साधना पर प्रकाश डाला। प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने गायत्री, गंगा, सरस्वती, वैष्णवी, शांभवी, सावित्री सहित 12 मातृशक्तियों के अनुदान-वरदान प्राप्त करने के साथ जीवनोत्कर्ष पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तुलसीदास, महात्मा बुद्ध, आदिगुरु शंकराचार्य, पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जैसे साधकों के जीवन में साधना से आये आध्यात्मिक उत्कर्ष के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

वहीं वरिष्ठ कार्यकर्त्ता डॉ ओ.पी. शर्मा एवं कार्यक्रम विभाग समन्वयक श्री श्याम बिहारी दुबे ने अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी वर्ष 2026 की कार्य योजनाओं में सक्रियता के साथ जुट आने का आवाहन किया। इस अवसर पर श्री शिवप्रसाद मिश्र, योगेन्द्र गिरि सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ता भाई बहिन उपस्थित रहे।

शांतिकुंज मीडिया विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगा दशहरा एवं गायत्री जयंती  महापर्व का मुख्य कार्यक्रम 16 जून को होगा।ं गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा के अवसर प्रातःकालीन सभा में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं श्रद्धेया शैलदीदी गायत्री महामंत्र की दीक्षा देंगे, तो वहीं विभिन्न संस्कार भी निःशुल्क सम्पन्न कराये जायेंगे।

श्री मानव कल्याण आश्रम में प्रारंभ हुआ ललिताम्बा वेद विद्यालय

 गोविंद गिरी देव ने किया ललिताम्बा वेद विद्यालय का शुभारंभ

जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राज राजेश्वराश्रम महाराज की अध्यक्षता एवं श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के संचालन में हुआ ललिताम्बा वेद विद्यालय समारोह संपन्न


हरिद्वार 14 जून श्री राम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष एवं आध्यात्मिक विभूति स्वामी गोविंद गिरी देव महाराज के कर कमलों से श्री मानव कल्याण आश्रम कनखल में ललिताम्बा वेद विद्यालय का शुभारंभ हुआ समारोह की अध्यक्षता जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राज राजेश्वराश्रम महाराज ने करते हुए कहा कि वेद कल्पतरु है जिसकी छाया में सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है उन्होंने कहा वेदों का सार यही है कि समाज में समरसता स्थापित करते हुए ,सद्भावना ,संयम, त्याग बंधुत्व  के साथ कुछ रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्य होते रहे इस वेद वाक्य को आत्मसात कर श्री मानव कल्याण ललिम्बा ट्रस्ट ने वेदों के प्रचार प्रसार के लिए ललिताम्बा वेद विद्यालय की स्थापना कर सनातन संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य किया है। श्री राम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष एवं महान आध्यात्मिक विभूति स्वामी गोविंद गिरी देव जी महाराज ने कहा है कि संत का आश्रम गौशाला और वेद विद्यालय के बिना अधूरा है उन्होंने कहा कि गौ की सेवा से जहां 36 करोड़ देवता प्रसन्न होते हैं वही वेदों के अध्ययन ,अध्यापन और प्रचार प्रसार से भारतीय सनातन संस्कृति संरक्षित होती है स्वामी गोविंद गिरी देव जी महाराज ने उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर जहां विधि विधान के साथ वेद विद्यालय का शुभारंभ किया वहीं वेद पाठी ब्राह्मण और शिक्षकों को सम्मानित भी किया साथ ही श्री मानव कल्याण आश्रम ट्रस्ट के प्रति मंगल कामनाएं प्रकट करते हुए इस शिक्षण प्रकल्प के प्रारंभ होने पर समस्त ट्रस्टीयो को आशीर्वाद प्रदान किया । इस अवसर पर श्री जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी, महामंडलेश्वर स्वामी ललिता नंद गिरी, श्रीमहंत रवींद्र पुरी ,



महाराज महंत दुर्गेशानंद स्वामी डा० केशवानंद ,स्वामी हंसानंद ,श्री ललितम्बा ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरुद्ध भाटी, ट्रस्टी बहादुर सिंह वर्मा आदि ने गोविंद गिरी देव जी महाराज एवं जगतगुरु राजराजेश्वर आश्रम महाराज का स्वागत कर आशीर्वाद  प्राप्त किया।

अजर धाम मे मनाया गया अजर निर्वाण महोत्सव


 ब्रह्मलीन स्वामी अजरानंद  महाराज ने किया नेत्रहीनों के जीवन को प्रकाशित :- महंत स्वयंमानंद 

अजर धाम महिला आश्रम ट्रस्ट के तत्वाधान में मनाया गया अजर निर्माण महोत्सव

संत समाज ने दी स्वामी अजरानंद , माता शांतानंद, देवी स्वरूपानंद , महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज को भावभनी श्रद्धांजलि


 हरिद्वार 14 जून सप्तसरोवर मार्ग स्थित अजर धाम आश्रम में 55 वां अजर निर्वाण महोत्सव श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद महाराज की अध्यक्षता एवं भागवताचार्य रवि देव शास्त्री  के संचालन में संत सभा का आयोजन किया गया जिसमें गुरु जनों को श्रद्धांजलि देते हुए आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वयं मानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी अजरानंद महाराज ने नेत्रहीनों  के लिए विद्यालय स्थापित कर उनके जीवन को प्रकाशित किया उन्हीं की सेवा परंपरा को आगे बढ़ते हुए माता शांतानंद ,देवी स्वरूपानंद एवं गुरुदेव ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने स्वामी अजरानंद विद्यालय को हाई स्कूल तक बढ़ाकर नेत्रहीनों के जीवन को प्रकाशित करने का काम किया साथ ही इस क्षेत्र के सैकड़ो सामान्य बच्चों को शिक्षित कर समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाया, स्वामी विचित्रानंद महाराज ने कहा कि 55 व अजर निर्वाण महोत्सव एक परंपरा बन गया है जिसके माध्यम से संस्था से जुड़े हजारों भक्त और विद्यालय से शिक्षित हुए छात्र इस उत्सव में शामिल होकर प्रतिवर्ष अपने गुरु जनों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं अपने अध्यक्षीय उद्बोधन  में महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अजर धाम महिला आश्रम ट्रस्ट सप्तसरोवर क्षेत्र की एक प्राचीन संस्था है जिसने सेवा को ही अपना परम धर्म मानकर समाज के उसे उपेक्षित वर्ग को साक्षर करने का काम किया जिसके जीवन में अंधकार ही अंधकार था स्वामी अजरानंद महाराज ने दिव्यांग नेत्रहीनों के लिए विद्यालय स्थापित कर जहां समाज को सम्बल प्रदान किया वहीं इस क्षेत्र में अन्य संस्थाओं के लिए भी एक उदाहरण पेश किया। 12 जून से प्रारंभ हुआ अजर निर्वाण महोत्सव शुक्रवार को संत समाज के द्वारा गुरुजनों को श्रद्धांजलि अर्पित कर संपन्न हुआ । समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधनंद , महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद, स्वामी चिद विलासानंद , महंत सूरज दास, स्वामी ज्ञाननंद शास्त्री , स्वामी कृष्णानंद महंत केशवानंद , सहित बड़ी संख्या में संत महंत जनों ने उपस्थित होकर गुरु जनों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए समारोह में आए हुए संत जनों का स्वागत ऋषि कुमार सोनी ,रोशन लाल मित्तल, के सी गुप्ता, विदेश कुमार गुप्ता ,रमेश कुमार, विनोद कुमार शर्मा, मुंशीलाल सहित आश्रम के ट्रस्टी एवं भक्तों ने किया।



नेमीचंद्र तोषनीवाल को संत समाज ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 

परमार्थ और अध्यात्म की प्रतिमूर्ति   थे नेमीचंद्र तोषनीवाल :- महामंडलेश्वर आनंद चैतन्य

मानव कल्याण को समर्पित था समाजसेवी स्व०नेमीचन्द्र तोषनीवाल का समूचा जीवन: श्री महंत देवानंद सरस्वती 


श्री मानव कल्याण आश्रम में श्री ललितांबा देवी ट्रस्ट के आजीवन सदस्य समाजसेवी स्व०नेमीचन्द्र तोषनीवाल को तीर्थ नगरी हरिद्वार के संतो महंतो महामंडलेश्वरो व गणमान्य लोगों ने  दी भावभीनी  श्रद्धांजलि अर्पित 


हरिद्वार 13 जून कनखल की विख्यात धार्मिक संस्था श्री मानव कल्याण आश्रम में आयोजित श्री मानव कल्याण आश्रम एवं श्री ललितांबा देवी ट्रस्ट के आजीवन सदस्य समाजसेवी स्व०नेमीचन्द्र तोषनीवाल को तीर्थ नगरी हरिद्वार के संतो महंतो महामंडलेश्वर व गणमान्य लोगों ने 

महामंडलेश्वर आनंद चैतन्य सरस्वती महाराज की अध्यक्षता एवं जूना अखाड़ा के पूर्व सचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के संयोजन में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महानिर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर रामेश्वरानंद सरस्वती, महाराज ने कहा कि समाजसेवी नेमीचंद्र तोषनीवाल का समूचा जीवन व्यवसाय के साथ-साथ समाज और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा उन्होंने जीवनपर्यंत शिक्षा, चिकित्सा स्कूल, धर्मशाला,आश्रम की समर्पित भाव से सेवा की।उन्होंने कहा कि नेमीचंद्र तोषनीवाल जैसे लोग समाज को सेवा भाव का पाठ पढ़ाकर मानव जीवन को धन्य कर देते हैं।महामंडलेश्वर गिरघर गिरि महाराज ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व०नेमीचंद्र तोषनीवाल ने अपने जीवन का लक्ष्य  सेवा निर्धारित कर पूरे भारत मे पांच सौ से अधिक विद्यालयों में बच्चों के लिए कक्ष निर्माण,लगभग चालीस विद्यालय भवन निर्माण कराने के साथ साथ हजारों कंप्यूटर बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए समर्पित कर कभी मान प्रतिष्ठा की सोच को न रखकर शिक्षा के क्षेत्र में सेवा की,ऐसे लोगो का जीवन समाज को नई दिशा और प्रेरणा देने वाला होता है।अध्यक्षीय उद्बोधन में महामंडलेश्व


 


स्वामी आनंद चैतन्य सरस्वती महाराज ने कहा कि जूट बेलर्स एसोसिएशन के पूर्व सभापति राजस्थान सरकार से 25बार भामाशाह सम्मान से सम्मानित एवं श्री मानव कल्याण आश्रम एवं ललितांबा देवी ट्रस्ट के आजीवन सदस्य समाजसेवी स्व नेमीचंद्र तोषनीवाल का जीवन अध्यात्म शिक्षा चिकित्सा संतो महंतो धार्मिक भावनाओं से जुड़ा था उन्होंने जीवन भर अपने व्यवसाय के साथ साथ समाज कल्याण के लिए समर्पित भाव से समाज सेवा की ऐसे महापुरुष हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत बनते हैं उनका जीवन किसी संत से कम नहीं था। स्व नेमीचंद्र तोषनीवाल को भाजपा नगर निगम पार्षद दल के उप नेता पार्षद अनिरुद्ध भाटी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व नेमीचंद्र तोषनीवाल कोलकत्ता के जाने माने जूट व्यवसाई होने के साथ साथ प्रमुख समाज सेवी थे उन्होंने देश और समाज की निस्वार्थ भाव से सेवा की उन्होंने जीवन भर मां सरस्वती को समर्पित होकर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किए उनके दिवंगत होने से समाज की अपूर्णीय छती हुई हैं ऐसे लोगों के जीवन से हमे सेवा समर्पण की शिक्षा लेनी चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में महामंडलेश्वर गिरधर गिरि,महंत केशवानंद,महंत दुर्गेशानंद सरस्वती,महंत हंसानंद सरस्वती महाराज सहित सैकड़ों विधार्थियो ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उत्तराखंड के bjp और अन्य सीटो के दावेदार


उत्तराखंड बेसिक:

* उत्तराखंड में कुल कितनी सीटें हैं?
 विधानसभा की कुल संख्या 70 विधान सभा सदस्य (एमएलए) है। मार्च 2022 तक, पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री और 5वीं विधानसभा में सदन के नेता हैं।
*उत्तराखंड में लोकसभा और राज्यसभा की कितनी सीटें हैं?

उत्तराखण्ड में लोकसभा के पाँच निर्वाचन क्षेत्र हैं, अर्थात् इस राज्य से पाँच सांसद चुनकर भारतीय संसद में जाते हैं।
*उत्तराखंड में राज्यसभा के कितने सांसद हैं?
राज्यसभा (जिसका अर्थ है "राज्यों की परिषद") भारत की संसद का ऊपरी सदन है। उत्तराखंड राज्य तीन सदस्यों का चुनाव करता है और वे अप्रत्यक्ष रूप से उत्तराखंड विधान सभा के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। सदस्य छह साल के लिए चुने जाते हैं और हर दो साल के बाद एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

जैसा कि आप जानते ही हैं, उत्तराखंड मे मोदी की डबल इंजन की सरकार पांचो सीटों पर जीती है, क्या आप पांचो सांसदो के नाम भी जानना चाहते हैं जिनमें से एक महिला और चार पुरुष दावे दार हैं? अगर हाँ तो आप सही जगह पर हैं-

चलिए जानते हैं पांचो दावेदारों के नाम :


क्रमलोकसभा सीटबीजेपीकांग्रेसबसपा
1.टिहरी गढ़वालमाला राज्‍य लक्ष्‍मी शाहजोत सिंह गुनसोलानीम चंद्र छुरियाल
2.गढ़वालअनिल बलूनीगणेश गोदियालधीर सिंह बिष्ट
3.अल्मोड़ा (सुरक्षित)अजय टम्‍टाप्रदीप टम्‍टानरायण राम
4.नैनीताल-उधमसिंह नगरअजय भट्टप्रकाश जोशीअख्तर अली माहीगिर
5.हरिद्वारत्रिवेंद्र सिंह रावतवीरेंद्र रावतजमील अहमद


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