रूडकी /लंढौरा 31 अक्टूबर (संजय सैनी संवाददाता गोविंद कृपा रूडकी ग्रामीण) भाजपा लंढौरा मण्डल प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन लंढौरा। भाजपा के केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग द्वारा संचालित मंडल प्रशिक्षण की दो दिवसीय कार्यशाला मे कार्यकर्ताओं को रीति नीति का पाठ पढ़ाते हुए क्षेत्रीय विधायक कुवंर प्रणवसिंह चेम्पियन द्वारा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के बाद द्वितीय सत्र व अंतिम सत्र का समापन हुआ। भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर ढंडेरा में आयोजित किया गया। दूसरे दिन शनिवार को प्रशिक्षण के दौरान चार बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रथम सत्र में प्रेमचंद शास्त्री ने भाजपा का इतिहास और विकास तथा 2014 के बाद भारत की राजनीति में आए बदलाव की जानकारी दी। द्वितीय सत्र में शादाब शम्स ने सोशल मीडिया की जानकारी देते बताया कि आज के आधुनिक युग में सोशल मीडिया का अपना एक वजूद हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भाजपा की रीतियों व नितियों से अवगत कराने की बात कहीं। तृतीय सत्र में श्यामवीर सिंह सैनी ने अपने अपने विचारों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को बताया और समझाया। प्रशिक्षण शिविर के चौथे व अंतिम सत्र में पंहुचे क्षेत्रीय विधायक कुवंर प्रणवसिंह चेम्पियन ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों पर अमल करते हुए मिलकर मजबूती से कार्य करने की बात कहीं। प्रशिक्षण वर्ग के दौरान मंडल अध्यक्ष विकास पाल,जितेंद्र पुंडीर, प्रदीप पाल,रवि राणा,मांगेराम गोर, अशोक कुमार पांडे, संजय सैनी, सुनील सैनी, संजीव सैनी, सुखबीर सैनी, सुबोध शर्मा , रवि कश्यप,शीशपाल कश्यप,चौधरी रघुराज सिंह,अनीस कस्सार,हेमंत बर्थवाल,त्रिलोक सिंह,अभिषेक अग्रवाल, संजय ठाकुर, अशोक जताना, ठाकुर चंदन सिंह, ब्रिजेश त्यागी, प्रेम गिरी,असगर अली, रजत गौतम, नवनीत शर्मा,प्रदीप पाल,चंदन सिंह, ध्रुव सिंह, योगेंद्र पुंडीर, धर्मवीर शर्मा,हरीश कुमार,नौशाद,,ओमसिंह,प्रमोद धीमान आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।


भारतीय जनता पार्टी हरिद्वार ग्रामीण विधान सभा का वर्ग प्रशिक्षण शिविर सरकार की उपलब्धियो को जन जन तक पहुचाँने के संकल्प के साथ हुआ सम्पन्न प्रदेश प्रवक्ता विनय रूहेला, विनोद सुयाल, मयंक गुप्ता और संघ के विभाग प्रचारक शरद कुमार ने मंडल पदाधिकारीयो का किया मार्ग दर्शन हरिद्वार /बहादरपुर जट 31अक्टूबर (धर्मेंद्र चौहान संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ग्रामीण विधान) हरिद्वार ग्रामीण विधान सभा में भाजपा के दो दिवसीय वर्ग प्रशिक्षण शिविर का समापन पार्टी को मज़बूत करने और सरकार की उपलब्धियो को जन जन तक पहुचाँने के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ। विधायक स्वामी यतीश्वरा नंद महाराज के निर्देशन और मंडल अध्यक्ष विकास कुमार के सौजन्य तथा वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मेंद्र चौहान के संचालन में दो दिवसीय वर्ग प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ अंतिम दिवस के प्रशिक्षण सत्रो को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनय रूहेला, विनोद सुयाल, मयंक गुप्ता और संघ के विभाग प्रचारक शरद कुमार ने मार्ग दर्शन दिया विधायक स्वामी यतीश्वरा नंद, मंडल अध्यक्ष विकास गौतम, महामंत्री सोहन वीर महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष अनीता वर्मा, महामंत्री पिंकी गौतम, उपाध्यक्ष सुनीता राणा पंवार, जिला मंत्री आशु चौधरी आदि ने स्वागत किया। प्रशिक्षण वर्ग में मंडल पदाधिकारीयो को अपने सम्बोधन में आऐ हुए प्रदेश के पदाधिकारीयो ने भाजपा को सशक्त करने, केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियो को जन जन तक पहुचाँने का आह्वान किया। इस वर्ग प्रशिक्षण शिविर में पूर्व मंडल अध्यक्ष अश्विनी पाल, डा0 बिजेन्द्र चौहान, अंकित कुमार, वरिष्ठ भाजपा नेता नाथी राम ,प्रमोद चौहान, सुशील राज राणा सहित विभिन्न मोर्चौ के अध्यक्ष, महामंत्री, मंडल पदाधिकारीय उपस्थित रहे।


*भगवानपुर* 31 अक्टूबर (कमल वर्मा नामदेव संवाददाता गोविंद कृपा भगवान पुर) । विधानसभा भगवानपुर के करौंदी गांव में अचीवर्स स्पोर्ट्स अकैडमी मैं आयोजित फाइनल कबड्डी प्रतियोगिता टूर्नामेंट का उद्घाटन भाजपा नेता सुबोध राकेश के द्वारा शनिवार को किया गया। टूर्नामेंट के उद्घाटन पर अपने संबोधन में सुबोध राकेश ने खेल प्रेमियों और लोगो से कहा कि खेल का आयोजन होने से आपस में प्रेम बढ़ता है। खेल युवाओ के लिए पढ़ाई की तरह बहुत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह से खेल के आयोजन से नवयुवकों में खेलने की भावना जागता है। ग्रामीण युवाओं में भी खेल की अच्छी प्रतिभा छिपी होती है। उसे उजागर करने के लिए खेल का आयोजन जरूरी है। इस मौके पर राजकुमार सिंधु,भारत भूषण, कुलबीर चेयरमैन, रवीन्द्र चौधरी, सतेंद्र प्रधान, रवि कुमार, बबलू मास्टर उर्फ ब्रहमपाल, इत्यादि लोग उपस्थित रहे


संतों का जीवन होता है परोपकार को समर्पित : स्वामी आनन्द भाष्कर श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत दुर्गादास जी की अध्यक्षता में उत्तरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री तीर्थ कुटीर में वार्षिकोत्सव सम्पन्न हरिद्वार, 31 अक्टूबर।(विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) उत्तरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री तीर्थ कुटीर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर व वार्षिकोत्सव पर श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत दुर्गादास जी की अध्यक्षता में सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए संत समागम का आयोजन किया गया। गंगेश्वर धाम परमाध्यक्ष स्वामी आनन्द भाष्कर ने कहा कि संतों का जीवन परोपकार को समर्पित होता है। स्वामी तीर्थानन्द जी महाराज ने अपने जीवन काल में धर्म प्रचार व लोक कल्याण के लिए श्री तीर्थ कुटीर की स्थापना की थी। उन्हीं की सेवा परम्परा को आगे बढ़ाते हुए स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज के संयोजन में निरन्तर सेवा प्रकल्पों का संचालन किया जा रहा है। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत दुर्गादास जी महाराज ने कहा कि अपने गुरूजनों के पदचिन्हों पर चलने वाला व्यक्ति ही सच्चा संत होता है। ब्रह्मलीन स्वामी तीर्थानन्द जी महाराज व ब्रह्मलीन स्वामी सर्वज्ञमुनि जी महाराज, ब्रह्मलीन स्वामी गोपाल मुनि जी महाराज की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए स्वामी प्रेमानन्द महाराज लोक कल्याण व धर्म संस्कृति के प्रचार-प्रसार को सदैव समर्पित रहते हैं। श्री गुरू मण्डल आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी भगवत स्वरूप जी महाराज ने कहा कि धार्मिक संस्थाएं संस्कृति की रक्षा, संस्कृत के संवर्द्धन व धार्मिक गतिविधियों के संचालन में सदैव अग्रणीय भूमिका निभाती है। उदासीन परम्परा व गंगेश्वर धाम की शाखा से जुड़ी तीर्थ कुटीर निरन्तर धार्मिक व सामाजिक कार्यों में तत्पर रहती है। हरेराम आश्रम के परमाध्यक्ष म.मं. स्वामी कपिल मुनि जी महाराज व स्वामी गंगादास महाराज ने कहा कि स्वामी तीर्थानन्द महाराज संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान व महान धर्म सुधारक थे। उन्हीं की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए तीर्थ कुटीर धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। तीर्थ कुटीर के परमाध्यक्ष स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज ने संत समाज का अभिनन्दन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा व धर्म का प्रचार तीर्थ कुटीर का मुख्य उद्देश्य है। पूज्य गुरूजनों के आशीर्वाद से निरन्तर सेवा प्रकल्पों का आयोजन किया जा रहा है। पार्षद अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि संतों के सानिध्य में सत्संग से प्राप्त ज्ञान से जीवन सुखद व सरल बनता है। देवतुल्य संतों के आशीर्वाद से परिवार में सदैव ईश्वरीय कृपा बनी रहती हैं। कार्यक्रम का संचालन म.मं. स्वामी शिवानन्द जी महाराज व डॉ. स्वामी हरिहरानन्द जी महाराज ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से महंत स्वामी गंगादास, म.मं. स्वामी कपिल मुनि, स्वामी वेदानन्द, महंत स्वामी दिनेशदास शास्त्री, महंत स्वामी जमुना दास, स्वामी योगेन्द्रानन्द शास्त्री, महंत दुर्गादास, स्वामी ज्ञानानन्द, म.मं. स्वामी सुरेश मुनि, स्वामी केशवानन्द, पार्षद अनिरूद्ध भाटी सहित अनेक गणमान्यजन एवं संतगण व श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।


*कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के जन्मदिवस के अवसर पर मास्क, साबुन, सैनिटाइजर निशुल्क वितरित कर कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता अभियान।* *अपने मेहबूब नेता डॉ. हरक सिंह रावत का जन्मदिवस हम लोग एक संदेश के साथ मनाते चले आ रहे है: संजय चोपड़ा* *हरिद्वार 31 अक्टूबर*(विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के जन्मदिवस के अवसर पर पूर्व की भांति इस वर्ष भी पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष, भाजपा नेता संजय चोपड़ा के नेतृत्व में चंडी घाट मार्ग स्थित बेल वाला ग्राउंड से बिरला चौक तक असंगठित क्षेत्र के रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक कर मास्क, साबुन, सैनिटाइजर निशुल्क रूप से वितरित कर डॉ. हरक सिंह रावत का जन्मदिन मनाया गया। कई वर्षों से पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष संजय चोपड़ा द्वारा लघु व्यापार एसो. के संरक्षक, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का जन्मदिवस सादगी के साथ मनाते चला आ रहे है। इस अवसर पर पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष, भाजपा नेता संजय चोपड़ा ने कहा डॉ. हरक सिंह रावत का जीवन जनता के प्रति हमेशा समर्पित रहा है 1990 में पहली बार अपने छात्र जीवन के दौरान डॉ. रावत ने पौड़ी विधानसभा क्षेत्र से उत्तर प्रदेश में विधायक के रुप में जीत दर्ज कराकर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था, लगातार उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड बनने के उपरांत नेता प्रतिपक्ष मंत्री जैसे पदों पर सुशोभित होते चले जा रहे हैं और उत्तराखंड में असंगठित क्षेत्र के मजदूर, किसान, व्यापारी हर वर्ग के लिए निष्पक्ष रहकर न्याय की भूमिका में दिखाई देते हैं। चोपड़ा ने कहा डॉ. हरक सिंह रावत का जन्म दिवस का शुभारंभ मेरे द्वारा 2003 में रोड़ी बेलवाला से शुरू किया गया था, आज उत्तराखंड के सभी सामाजिक संगठन, डॉ. रावत के अनुयाई डॉ. रावत का जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाते चले आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कोरोनकाल के दृष्टिगत असंगठित क्षेत्र के रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों को पर्यावरण व स्वच्छता के प्रति जागरूक के साथ मास्क, साबुन, सैनिटाइजर वितरित कर कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करना अतिआवश्यक है। चोपड़ा ने यह भी कहा डॉ. हरक सिंह रावत लघु व्यापार एसो. के संरक्षक है अपने मेहबूब नेता का जन्मदिवस हम लोग एक संदेश के साथ मनाते चले आ रहे है। युवा लघु व्यापारी नेता राजेन्द्र पाल, श्रमिक नेता मनोज कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से कहा डॉ. हरक सिंह रावत उत्तराखंड की विकासवादी सोच के प्रतीक है, डॉ. रावत की दीर्घायु के लिए हमारी ईश्वर से प्रार्थना है, डॉ. हरक सिंह रावत निर्विघ्न रुप से जनता के बीच में रहकर जनता की सेवा करते रहे। आज हमें कोरोना से बचाव के लिए मास्क, साबुन, सैनिटाइजर प्राप्त हुए है आने वाले समय में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचाव के लिए 'दो गज की दूरी, मास्क है ज़रूरी' इन संदेशो व उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. सिंह रावत के जन्मदिवस पर मास्क, साबुन, सैनिटाइजर वितरित कर जन्मदिवस मनाते प्रभात चौधरी, वीरेंद्र कुमार, ओमप्रकाश कालियान, विजय रावत, सोनू बिष्ट, गौरव चौहान, जयसिंह बिष्ट, मनीराम, छोटेलाल शर्मा, अशोक कुमार, श्यामजीत , मोतीराम, सतीश प्रजापति, सुमन गुप्ता, आशा कश्यप, रीता नौटियाल, सुमित्रा देवी, मंजू पाल, निशा अरोड़ा आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।


भगवान पुर 30 अक्टूबर (कमल वर्मा नामदेव संवाददाता गोविंद कृपा भगवान पुर)भगवान पुर विधान सभा के भाजपा नगर में वर्ग प्रशिक्षण शिविर में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी विमल कुमार ने अपने सम्बोधन में भारतीय संस्कृति और दर्शन में वसुधेव कुटुम्बकम् के आलोक में भाजपा की विचार धारा का पक्ष रखा, प्रथम दिवस के अंतिम सत्र में अपना मार्ग दर्शन देने पहुँचे विमल कुमार जी भाई साहब का स्वागत भगवान पुर विधान सभा के लोकप्रिय जनप्रतिनिधी सुबोध राकेश, मंडल अध्यक्ष सुनील बंसल, महामंत्री कमल नामदेव, सुरेंद्र वर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता नरेश धीमान, अजय गोयल, र डा0 राजेश, राज वर्मा, कुक्कू पंडित आदि ने किया। वर्ग प्रशिक्षण शिविर में इस से पूर्व विधान सभा के पालक मनोज नायक ने अपना मार्ग दर्शन दिया। कल वर्ग प्रशिक्षण शिविर का समापन होगा।


🛣️🌲🏕️🍃🍀☘️ 😷😷😷😷😷😷 🛑 *शरद पूर्णिमा की शुभकामनायें* 🔴 *16 कलाओं से युक्त चन्द्रमा पॉजिटिव और माइंडफुल रहने का संदेश देता है* 💥 *दिव्यता और पवित्रता का संगम हैं शरद पूर्णिमा-पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज* *30, अक्टूबर, ऋषिकेश।* परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनायें देते हुये कहा कि शरद पूर्णिमा दिव्यता और पवित्रता का संगम है, साधना से ही जीवन में दिव्यता, पवित्रता और पूर्णता भी आती है, सेवा और समपर्ण उसमें चार चांद लगा देते है और फिर जीवन ही शरद पूर्णिमा बन जाता है। शरद पूर्णिमा साधना से सिद्धि प्राप्त करने का पर्व हैं। आज का दिन पॉजिटिव और माइंडफुल रहने का संदेश देता है। अपनी प्रबल इच्छाशक्ति के साथ जीवन में व्याप्त हर तरह की नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलने का संदेश देता है। शरद पूर्णिमा का दिन वर्ष में केवल एक बार आता है जब चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त अपने पूर्ण सौन्दर्य में होता है। आज के दिन चन्द्रमा से प्राप्त ऊर्जा को अपने जीवन की तिजोरी में एकत्र कर पूरे वर्ष उसका उपयोग करें। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि चन्द्रमा के प्रकाश में औषधीय गुण होते है और शरद पूर्णिमा के अवसर पर चन्द्रमा के प्रकाश में जिन औषधियों में क्षमता अधिक होती है वह और बढ़ जाती हैं, इसमें पुनर्योवन शक्ति होती है। चन्द्रमा वह ऊर्जा रूपी टॉर्च हैं जो जीवन के अंधेरे को सकारात्मक ऊर्जा से रिचार्ज करता है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर चन्द्रमा की रोशनी से अपने जीवन की बैटरी को रिचार्ज कर पूरे वर्ष उस सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि शरद पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक रूप से भी बदलाव लाता है। अध्ययन के अनुसार पता चलता है कि शरद पूर्णिमा के दिन दूध और चावल की खीर बनाकर चन्द्रमा के प्रकाश में रखी जाती है। प्रातः काल स्नान आदि करके उस खीर को प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। दुग्ध में लैक्टिक अम्ल और अमृत तत्व होता है। यह तत्व चन्द्रमा की किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का अवशोषण करता है। चावल में स्टार्च होने के कारण यह प्रक्रिया और आसान हो जाती है। इसी कारण शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर खुले आसमान में रखते हैं। यह परंपरा विज्ञान पर आधारित है। कहा जाता है कि खीर को चांदी के पात्र में सेवन करना चाहिए। चांदी में प्रतिरोधकता अधिक होती है। इससे विषाणु दूर रहते हैं। चंद्रमा की सुंदरता की उपमा हर श्रेष्ठ कला से की जाती है। आध्यात्मिक साधक और ऋषि भी चाँद से प्रभावित हुये हैं। दुनिया के कई धर्म चंद्रमा को एक ईश्वर के रूप में पूजते हैं। पृथ्वी के उपग्रह होने के साथ ही समुद्र में ज्वार-भाटे को प्रभावित करते हुए चंद्रमा का हमारे जीवन पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। हमारे शरीर से हमारी मनोदशाओं के चक्र के अनुसार, चंद्रमा हमारे जीवन के अधिकांश पहलुओं को प्रभावित करता हैै। आज परमार्थ निकेतन में परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमार और परमार्थ परिवार के सदस्यों ने फिजीकल डिसटेंसिंग का गंभिरता से पालन करते हुये वेद मंत्रों का उच्चारण करते हुये शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया। चन्द्रमा के दिव्य प्रकाश में ध्यान किया। 🌼🌼🌼🌼🌼🌼


हरिद्वार /पथरी 30 अक्टूबर (धर्मेंद्र चौहान संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ग्रामीण) हरिद्वार ग्रामीण विधान सभा में भाजपा वर्ग प्रशिक्षण शिविर उत्तर मंडल का शुभारंभ हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा के विधायक स्वामी यतीश्वरानंद एवं प्रदेश अध्यक्षा महिला मोर्चा श्रीमति ऋतु खंडूरी ने संयुक्त रुप से किया, इस अवसर पर महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमति ऋतु खंडूरी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ,उन्होने अपने सम्बोधन में प0 दीनदयाल उपाध्याय जी के अन्तोदय विचार और केंद्र सरकार की योजनाओं का विस्तार पूर्वक विवरण प्रस्तुत किया तथा केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियो को पार्टी पदाधिकारीयो के मध्य रखा। द्वितीय सत्र में जिला महामंत्री विकास तिवारी ने सोशल मीडिया के समाज में प्रभाव विषय पर शोधपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में हरिद्वार ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विकास कुमार , महामंत्री श्री सोहनवीर , महिला मोर्चा हरिद्वार ग्रामीण की मंडल अध्यक्ष अनीता वर्मा एवं महामंत्री श्री मति पिंकी गौतम, आकांक्षा पुंडीर , जमांलपुर ग्राम प्रधान सुशील राज राणा , चंदकिरण , धर्मेंद्र चौहान आदि पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।


भगवान पुर 30 अक्टूबर (कमल वर्मा नामदेव संवाददाता गोविंद कृपा भगवानपुर) *विधानसभा भगवानपुर रूहालकी दयालपुर गांव में भगवान महर्षि वाल्मीकि मूर्ति स्थापना, वरिष्ठ भाजपा नेता सुबोध राकेश रहे मुख्य अतिथि* *भगवानपुर* । विधानसभा भगवानपुर के रूहालकी दयालपुर गांव में महाकाव्य रामायण के रचयिता भगवान महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति स्थापना। जिसमें मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता सुबोध राकेश रहें। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुबोध राकेश ने कहा है कि ‘रामायण’ के रचयिता : महर्षि वाल्मीकि को प्राचीन वैदिक काल के महान ऋषियों कि श्रेणी में प्रमुख स्थान प्राप्त है। वह संस्कृत भाषा के आदि कवि और हिन्दुओं के आदि काव्य ‘रामायण’ के रचयिता के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दर्शन हम सब के लिए आदर्श है। उन्होंने आयोजकों और सहयोगियों की सराहना की। इस मौके पर बंटी दास महाराज जी, मदनलाल, रविंद्र तलवार, शुभम कुमार, सचिन, लोकेश,मेनपाल सिंह, नितिन पुंडीर, बबलू मास्टर उर्फ ब्रह्मपाल इत्यादि लोग उपस्थित रहे


*युवा व्यापारी नेता राजेन्द्र पाल ने अपने साथियों सहित अपने संगठनों का विलय कर लघु व्यापार एसो. की सदस्यता ग्रहण की।* *रेडी पटरी के लघु व्यापारियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना मेरा लक्ष्य है: संजय चोपड़ा* *हरिद्वार 30 अक्टूबर*(विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) फुटपाथ के रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों के सामूहिक संगठन लघु व्यापार एसो. के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा के नेतृत्व में रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र के लघु व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक आहूत की गई। बैठक में युवा लघु व्यापारी नेता राजेंद्र पाल ने अपने साथियों सहित गंगा लघु व्यापार मंडल फुटपाथ रेडी पटरी संघर्ष समिति, फुटकर फ्रूट सब्जी यूनियन सहित संगठनों का लघु व्यापार एसोसिएशन में विलय कर लघु व्यापार एसोसिएशन की सदस्यता प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा द्वारा पटका पहनाकर ग्रहण कराई। इस अवसर पर लघु व्यापार एसो. ने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए युवा लघु व्यापारी नेता राजेंद्र पाल ने कहा पूरे उत्तराखंड में रेडी पटरी के लघु व्यापारियों का मात्र संगठन लघु व्यापार एसोसिएशन फुटपाथ के रेडी पटरी के स्ट्रीट वंडर्स लघु व्यापारियों की न्यायसंगत मंगो के लिए संघर्ष कर रहा है। पुनः रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों की मजबूती के लिए संगठन को और विस्तारिक रूप से शक्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा उत्तराखंड नगरीय फेरी नीति नियमावली, राष्ट्रीय आजीविका मिशन को क्रियान्वित कराने के लिए लघु व्यापारियों को और जागरूक कर सभी को साथ लेकर संघर्ष जारी रहंगे। इस अवसर पर लघु व्यापार एसो. के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने नये सदस्यों का संगठन में स्वागत करते हुए कहा पूरे उत्तराखंड में रेडी पटरी के लघु व्यापारियों को सामूहिक संगठित कर, उनको उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक करना मेरा लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा लघु व्यापारियों की समस्या व उनके उत्पीड़न के निदान के लिए प्रयास जारी रहेंगे। नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासावी) के दिशा-निर्देश में लघु व्यापारियों को जागरूक कर प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना के तहत रेडी पटरी के लघु व्यापारियों को साहूकारों से छुटकारे के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जन कल्याणकारी योजना के तहत कर्ज के रूप में रेडी पटरी के लघु व्यापारियों को 10,000 (हज़ार) की सहायता राशि दी जा रही है, वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत देहरादून, ऋषिकेश ,हल्द्वानी रुद्रपुर ,रुड़की ,विकासनगर, हरिद्वार राज्य के इत्यादि क्षेत्रों में स्थानीय निकायो द्वारा वेंडिंग जोन बनाए जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। चोपड़ा ने यह भी कहा यदि कोई रेडी पटरी का संगठन एसोसिएशन में अपनी आस्था प्रकट करता है तो उसके लिए संगठन के द्वार हमेशा के लिए खुला है। इस अवसर पर लघु व्यापार एसो. की सदस्यता ग्रहण बैठक में वीरेंद्र कुमार, रमेश कुमार, अजय सिंह, मनोज कुमार, राजकिशोर, बलवीर सिंह, सत्यपाल, बालकिशन, छोटेलाल, प्रमोद, सोनू रावत, ऋषिपाल शर्मा, अशोक शर्मा, बीट्टी भाई, श्यामजीत, सुमन गुप्ता, आशा देवी, पुष्पा दास, राजकुमार कश्यप, रवि शर्मा आदि शामिल रहे।


ऋषि केश 30 अक्टूबर (दीपक पंत संवाददाता गोविंद कृपा ऋषिकेश) आरोग्य भारती उत्तराखंड की नगर निगम ऋषिकेश के सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें आरोग्य भारती के अखिल भारतीय संगठन सचिव माननीय भाई डॉक्टर अशोक वाष्णेय जी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपना उद्बोधन दिया डॉ अशोक वाष्णेय जी आजकल उत्तराखंड के प्रवास पर हैं बैठक में ऋषिकेश एवं आसपास के क्षेत्रों के चिकित्सकों समाजसेवी एवं अन्य कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और इस कोरोना काल में आरोग्य भारती द्वारा किए गए कार्यों को बताया एवं समाज में व्यक्ति परिवार समाज देश को स्वस्थ किस प्रकार रखा जा सकता है इस पर अपना बहुत ही सुंदर उद्बोधन दिया राष्ट्रीय संगठन सचिव आरोग्य भारती डॉ अशोक कुमार जी एवं डॉ विनोद कुमार मित्तल जी अध्यक्ष आरोग्य भारती उत्तराखंड ने कोरोना काल में समाजसेवी कार्यकर्ताओं चिकित्सकों आरोग्य भारती के कार्यकर्ताओं आदि द्वारा समाज में जो अपना योगदान दिया उसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया मुख्य वक्ता के रूप में समाज को स्वस्थ कैसे रखा जा सकता है इस पर डॉ अशोक वाष्णेय जी ने अपना उद्बोधन दिया एवप्रमाण पत्र वितरित किए गए एवं कार्यकर्ताओं डॉ0 अवधेश मिश्रा, प्रोफेसर गिरिराज गर्ग प्रोफेसर देवेश शुक्ला प्रोफेसर बालकृष्ण पवार, डॉ राजीव कुरेले, डॉ विकास सूर्यवंशी डॉ मोनिका यादव, डॉ आशुतोष शर्मा, डॉ एस पी सिंह, डॉ शशि, श्री प्रमोद शर्मा जी पार्षद आदि करोना काल में जन सेवा करने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को आरोग्य भारती कोरोना योद्धा सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।


हरिद्वार 29 अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी के वर्ग प्रशिक्षण शिविर के अन्तर्गत हरिद्वार विधान सभा के कनखल मंडल के अध्यक्ष मयंक गुप्ता के संयोजन में वर्ग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें ऋषि केश की मेयर अनीता ममगयी, राज्य मंत्री दीप्ति रावत, पूर्व राज्य मंत्री डा0 प्रेम चंद शास्त्री सहित कनखल से नगर निगम में पार्षद उपस्थित रहे। भाजपा प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में दीपक प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। प्रदेश प्रवक्ता मयंक गुप्ता ने उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर अपना मार्ग दर्शन दिया।


हरिद्वार ग्रामीण विधान सभा का वर्ग प्रशिक्षण शिविर 30 और 31 अक्टूबर को होगा :- विकास कुमार मंडल अध्यक्ष हरिद्वार ग्रामीण विधान सभा 29 अक्टूबर (धर्मेंद्र चौहान संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ग्रामीण) हरिद्वार ग्रामीण विधान सभा में भाजपा वर्ग प्रशिक्षण शिविर का उत्तर मंडल में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ऋतु खंडूरी शुभारंभ करेगी उक्त जानकारी मंडल अध्यक्ष विकास कुमार ने देते हुए बताया कि विधायक स्वामी यतीश्वरा नंद के मार्गदर्शन में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश अध्यक्ष बंशी धर भगत, वरिष्ठ प्रदेश पदाधिकारी विनय रूहेला, विकास तिवारी सहित वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारीयो का। मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होने बताया कि आदर्श इंटर कालेज बहादरपुर जट में समाजसेवी धर्मेंद्र चौहान जी के विधालय में दो दिवसीय वर्ग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है जिसकी समस्त तैयारी हो चुकी हैं। हरिद्वार ग्रामीण विधान सभा में वर्ग प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने के लिए विधायक स्वामी यतीश्वरा नंद महाराज ने तैयारियो का जायज़ा लिया तथा मंडल अध्यक्षो को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।


*विधानसभा भगवानपुर* *ग्राम बिड़ू खड्क* **विधानसभा भगवानपुर के ग्रामीण मंडल का प्रशिक्षण वर्ग मे मुख्य वक्ता आदित्य चौहान,वरिष्ठ भाजपा नेता सुबोध राकेश, देवी सिंह राणा, मंडल अध्यक्ष चंदन त्यागी, आदि ने किया दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ एवं वक्ताओं ने बताया 2 सांसदों से 303 तक पहुंचने में पार्टी का संघर्ष*........ * भगवानपुर 29 अक्टूबर (कमल वर्मा नामदेव संवाददाता गोविंद कृपा भगवान पुर) । भाजपा ग्रामीण मंडल का प्रशिक्षण वर्ग विधानसभा भगवानपुर के ग्राम बिंडू खड़क में आयोजित किया गया पहले दिन आयोजित किए गए और मुख्य वक्ता आदित्य चौहान ने कार्यकर्ताओं को अवगत कराया और पार्टी की रीति नीति पर चलने का और उसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।बिड़ू खड़क में आयोजित प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम का वक्ताओं ने दीप प्रज्वलित किया उन्होंने कहा 2014 के बाद भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है भारतीय जनता पार्टी ने अपनी विचारधारा से संबंधित एजेंडा लागू किया मुख्य वक्ता ने बताया कि केशवराम बलिराम हेडगेवार, माधव राव सदाशिव गोलवलकर, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी,पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदि लोगों ने अपना जीवन देश के नाम समर्पित कर दिया। हमें उनके पदचिन्हों पर चलकर भाजपा को मजबूत करना है। इस मौके पर योगेश त्यागी, डॉ रामपाल, शिव कुमार प्रधान,संदीप रघुवंशी मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा,महानंद, मनोज कुमार,मनोज नायक, सोमपाल मानकपुर,पंकज कुमार, अंकित त्यागी,मेनपाल सिंह, नितिन पुंडीर, बबलू मास्टर उर्फ ब्रह्मपाल इत्यादि लोग उपस्थित रहे


*राजस्थान मे एक प्रथा घुड़ला पर्व-* ********************** *हिन्दुत्व को बचाने के लिये आपके द्वारा इस सत्य से हिन्दुओं को अवगत कराना आवश्यक है नही तो कालांतर मे अर्थ का अनर्थ हो सकता है !* ************************* मारवाड़ में होली के बाद एक पर्व शुरू होता है , जिसे *घुड़ला पर्व* कहते है । जिसमें कुँवारी लडकियाँ अपने सर पर एक मटका उठाकर उसके अंदर दीपक जलाकर गांव और मौहल्ले में घूमती है और घर घर घुड़लो जैसा गीत गाती है ! अब यह घुड़ला क्या है ? ************* कोई नहीं जानता है , घुड़ला की पूजा शुरू हो गयी । यह भी ऐसा ही घटिया ओर घातक षड्यंत्र है जैसा की अकबर को महान बोल दिया गया ! दरअसल हुआ ये था की घुड़ला खान अकबर का मुग़ल सरदार था और अत्याचारऔर पैशाचिकता मे भी अकबर जैसा ही गंदा पिशाच था ! ज़िला नागोर राजस्थान के पीपाड़ गांव के पास एक गांव है कोसाणा ! उस गांव में लगभग 200 कुंवारी कन्याये गणगोर पर्व की पूजा कर रही थी, वे व्रत में थी उनको मारवाड़ी भाषा में तीजणियां कहते है ! गाँव के बाहर मौजूद तालाब पर पूजन करने के लिये सभी बच्चियाँ गयी हुई थी ।उधर से ही घुडला खान मुसलमान सरदार अपनी फ़ौज के साथ निकल रहा था,उसकी गंदी नज़र उन बच्चियों पर पड़ी तो उसकी वंशानुगत पैशाचिकता जाग उठी ! उसने सभी बच्चियों का बलात्कार के उद्देश्य से अपहरण कर लिया , जिस भी गाँव वाले ने विरोध किया उसको उसने मौत के घाट उतार दिया ! इसकी सूचना घुड़सवारों ने जोधपुर के राव सातल सिंह राठौड़ जी को दी ! राव सातल सिंह जी और उनके घुड़सवारों ने घुड़ला खान का पीछा किया और कुछ समय मे ही घुडला खान को रोक लिया। घुडला खान का चेहरा पीला पड़ गया उसने सातल सिंह जी की वीरता के बारे मे सुन रखा था ! उसने अपने आपको संयत करते हुये कहा, राव तुम मुझे नही दिल्ली के बादशाह अकबर को रोक रहे हो इसका ख़ामियाज़ा तुम्हें और जोधपुर को भुगतना पड़ सकता है ? राव सातल सिंह बोले , पापी दुष्ट ये तो बाद की बात है पर अभी तो में तुझे तेरे इस गंदे काम का ख़ामियाज़ा भुगता देता हूँ ! राजपुतो की तलवारों ने दुष्ट मुग़लों के ख़ून से प्यास बुझाना शुरू कर दिया था , संख्या मे अधिक मुग़ल सेना के पांव उखड़ गये , भागती मुग़ल सेना का पीछा कर ख़ात्मा कर दिया गया ! राव सातल सिंह ने तलवार के भरपुर वार से घुडला खान का सिर धड़ से अलग कर दिया ! राव सातल सिंह ने सभी बच्चियों को मुक्त करवा उनकी सतीत्व की रक्षा करी ! इस युद्ध मे वीर सातल सिंह जी अत्यधिक घाव लगने से वीरगति को प्राप्त हुये ! उसी गाँव के तालाब पर सातल सिंह जी का अंतिम संस्कार किया गया, वहाँ मौजूद सातल सिंह जी की समाधि उनकी वीरता ओर त्याग की गाथा सुना रही है ! गांव वालों ने बच्चियों को उस दुष्ट घुडला खान का सिर सोंप दिया ! बच्चियो ने घुडला खान के सिर को घड़े मे रख कर उस घड़े मे जितने घाव घुडला खान के शरीर पर हुये उतने छेद किये और फिर पुरे गाँव मे घुमाया और हर घर मे रोशनी की गयी ! यह है घुड़ले की वास्तविक कहानी ! जिसके बारे में अधिकाँश लोग अनजान है । लोग हिन्दु राव सातल सिंह जी को तो भूल गए और पापी दुष्ट घुड़ला खान को पूजने लग गये ! इतिहास से जुडो और सत्य की पूजा करो ! और हर भारतीय को इस बारे में बतायें । सातल सिंह जी को याद करो नहीं तो हिन्दुस्तान के ये तथाकथित गद्दार इतिहासकार उस घुड़ला खान को देवता बनाने का कुत्सित प्रयास करते रहेंगे । जय जय राजस्थान


शुचितापूर्ण राजनीति व संस्कारवान कार्यकर्त्ता ही भाजपा की पहचान : मदन कौशिक भाजपा हरिद्वार मण्डल के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर का निष्काम सेवा ट्रस्ट में हुआ समापन हरिद्वार, 29 अक्टूबर(विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) भारतीय जनता पार्टी हरिद्वार के हरिद्वार मण्डल का दो दिवसीय केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर का भूपतवाला स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट में समापन हुआ। दूसरे दिन केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर के सत्र को सम्बोधित करते हुए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि शुचितापूर्ण राजनीति व संस्कारवान कार्यकर्त्ता ही भाजपा की पहचान हैं, भारतीय राजनीति में जनसंघ से प्रारम्भ हुआ सफर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में केन्द्र में पूर्ण बहुमत वाली सरकार की स्थापना करोड़ों कार्यकर्त्ताओं के बलिदान, परिश्रम व निष्ठा का ही प्रतिफल है। मदन कौशिक ने कहा कि केन्द्र में अटल बिहारी वाजपेयी जी को बहुमत साबित करने के लिए मात्र एक वोट की आवश्यकता थी। उन्होंने अपनी सरकार को खरीद-फरोख्त से बचाने के स्थान पर गंवाना मंजूर किया तथा भारतीय राजनीति में आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया। जनसंघ में 3 सांसद व भाजपा में 2 सांसदों से प्रारम्भ हुआ सफर अपनी सफलता की कहानी स्वयं बयां करता है। आज देश की संसद में 303 लोकसभा सदस्य भाजपा के हैं। इस प्रचण्ड बहुमत के बल पर ही जो सपनें जनसंघ की स्थापना के समय डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने देखें थे वह साकार रूप लेते नजर आ रहे हैं। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 की समाप्ति हो अथवा राम मंदिर निर्माण जैसा विराट कार्य देश की जनता के आशीर्वाद से भाजपा सरकार ने कर दिखाये है। ऋषिकेश की मेयर अनिता ममगाई ने अपने सम्बोधन में सरकार की उपलब्धियों व जनहित के कार्यों को उल्लेखित किया। उन्होंने कहा कि विगत छः वर्ष के कार्यकाल में नरेन्द्र मोदी सरकार ने भारत की दशा और दिशा दोनों बदल कर रख दी है। राज्य की त्रिवेन्द्र सरकार प्रदेश का चहुंमुखी विकास कर रही है। छठे सत्र में संघ के विभाग प्रचारक शरदजी भाई साहब ने हमारा विचार परिवार विषय पर अपना मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व्यक्तित्व का निर्माण करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव जागृत करता है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रति व्याप्त गलत धाराणाओं का निदान व समापन संघ को करीब से जानकर ही किया जा सकता है। संगठन में संस्कार, शुचिता, राष्ट्रभक्ति एवं समरसता आधार स्तम्भ है। जीवन में अनुशासन व समर्पण से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। सत्र का समापन प्रदेश भाजपा के महामंत्री राजू भण्डारी की गरिमामयी उपस्थित में सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री योगेश चौहान ने अपने सम्बोधन में भाजपा कार्यकर्त्ताओं को अपने स्वर्णिम इतिहास से सबक लेकर राष्ट्र को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करने का आवाह्न किया। उन्होंने कहा कि भारत एक प्राचीन देश है जिसका अपना इतिहास धर्म, संस्कृति विश्व में अपना विशिष्ट स्थान रखती है। भाजपा मण्डल अध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी, मण्डल के पालक रोहित साहू, मण्डल महामंत्री तरूण नैयर आदि ने आये हुए वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों का स्वागत किया। दो दिवसीय वर्ग प्रशिक्षण शिविर में पूर्व मण्डल अध्यक्ष व पार्षद अनिरूद्ध भाटी, विनित जौली, अनिल मिश्रा, सुनीता शर्मा, अनिल वशिष्ठ, विकास कुमार विक्की, श्रुति खेवड़िया, कमल बृजवासी, किशन बजाज, पुष्पा शर्मा, विकल राठी, विदित शर्मा, रितेश वशिष्ठ, गोमती मिश्रा, पूनम मखीजा, मुकेश पुरी, मुकेश राणा, रामसिंह बबलू, रवि चौहान, अर्चित चौहान, भास्कर जोशी, दिनेश पाण्डे, अजीत कुमार, चन्द्रकांत पाण्डे, हेमलता जोशी, यशोदा यादव, रिया अरोड़ा, पूरण पाण्डे, इष्टदेव सोनी, उमेश मिश्रा, सर्वेश्वर मूर्ति भट्ट, मनीष चौटाला, आदित्य झा, अंजू वधावन सहित भाजपा युवा मोर्चा, महिला मोर्चा आदि के पदाधिकारियों के साथ ही भाजपा कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।


हरिद्वार 29 अक्टूबर (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) रानीपुर विधानसभा के चौक बाजार मंडल में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री कुलदीप कुमार जी ने दीप प्रज्वलित कर मंडल प्रशिक्षण वर्ग शुभारंभ किया मंडल प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री एवं जिला प्रभारी कुलदीप कुमार जी ने भारतीय जनता पार्टी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के विचार को लेकर चलती है इसमें जाती वर्ग विशेष व परिवारवाद नहीं है उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनसंघ की पृष्ठभूमि का राजनीतिक दल है भारतीय जनसंघ भारतीय विचारधारा को बचाए रखने का एक जरिया था दो सांसद वाला दल आज भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है उन्होंने बोलते हुए कहा कि केंद्र में सत्ता मैं आने के बाद भाजपा ने पूरा राजनीतिक दृष्टिकोण बदल दिया है सामाजिक कार्य स्वच्छता अभियान या पर्यावरण संरक्षण आदि से कार्यकर्ताओं को जोड़कर राष्ट्र निर्माण का एक नया अध्याय प्रारंभ किया है उन्होंने बोलते हुए कहा कि देश और पार्टी के लिए कई भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता अपना जीवन तक न्योछावर कर चुके हैं उन्होंने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रवाद अनुशासन मेहनत और संघर्ष का संदेश दिया उन्होंने कहा कि तमाम कार्यकर्ताओं और नेताओं के संघर्ष वह मेहनत के दम पर ही भारतीय जनता पार्टी आज इस मुकाम तक पहुंची है प्रशिक्षण वर्ग में मंडल अध्यक्ष आशुतोष चक्रपाणि मंडल महामंत्री आलोक चौहान प्रिंस लोहावट पार्षद योगेंद्र अग्रवाल प्रमोद सैनी योगेंद्र सैनी संदीप मेहता पार्षद प्रतिनिधि शशिकांत वशिष्ठ अंकुर मेहता आनंद सिंह नेगी रजनी वर्मा भगत सिंह हंसराज उज्जवल पंडित सहित समस्त कार्यकारिणी उपस्थित रही ।


चक्रव्यूह में अभिमन्यु को घरने वाले पर्दे के पीछे कही अपने ही तो नहीं हैं) उत्तराखंड में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें..किसी भी कीमत पर छीनना चाहते हैं सीएम की कुर्सी झारखंड के एक आधारहीन मसले को उछालकर उत्तराखंड में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें तीन साल से चल रही हैं। जब भ्रष्टाचार को कुचला जाता है, दलालों की दुकानें बंद हो जाती हैं, राजनेता हाथ धोकर कुर्सी के पीछे पड़ जाते हैं तो जनता का हित और राज्य की छवि तक दांव पर लग जाती है। कुछ ऐसी ही परिस्थितियों से इस वक़्त उत्तराखंड गुजर रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को कुर्सी से हटाने के चौतरफा प्रयास हो रहे हैं। इस पॉवर गेम में अपने और पराये वो सभी लोग शामिल हैं जो उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर लगे अंकुश से तिलमिलाए बैठे हैं जिनकी सेटिंग गेटिंग, ट्रांस्फर ,पोस्टिंग की दुकान बंद हो चुकी है। विघ्नसंतोषियों की ये जमात किसी भी कीमत पर त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री का पद छीनना चाहती है। वो भी तब जबकि अब तक का साढ़े तीन वर्ष का मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का कार्यकाल बेदाग होने के साथ ही तमाम उपलब्धियों से भरा रहा है। तलाशने पर भी उनके खिलाफ अवैध कारोबार, धन का दुरुपयोग और पैसे की वसूली का कोई मामला नहीं मिल रहा है। घुमा -फिराकर पांच साल पहले के एक मुद्दे को बार-बार नए तरीक़े से पेश कर उनकी घेराबंदी के कोशिशें की जाती हैं। दरसअल, 18 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही त्रिवेन्द्र ने भ्रष्टाचार को लेकर ‘ज़ीरो टॉलरेन्स’ का कड़ा संदेश दिया था। एनएच घोटाला, उर्जा निगम में हुईं अनियमितता, जल निगम के एमडी पर कार्रवाई, पीडब्लूडी और सिंचाई विभाग के दर्जनों इंजीनियरों का निलंबन, न जाने ऐसे कितने उदाहरण हैं जिनसे त्रिवेन्द्र ने अपनी ईमानदार मुख्यमंत्री की छवि बनाई। सचिवालय में दलालों की एंट्री बंद करने के उनके फैसले की स्वीकारोक्ति तो दबी जुबान से विपक्षी खेमा भी करता है। बाकी शिक्षा, स्वास्थ और बुनियादी सुविधाओं का त्रिवेन्द्र राज में गांव-गांव हुआ विस्तार तो सबके सामने है ही। पारदर्शी शासन, चहुँमुखी विकास और सामाजिक उत्थान के इस दौर में स्वार्थी तत्व हैरान भी हैं और परेशान भी। वो त्रिवेंद्र के खिलाफ 5 साल पुराने एक ऐसे मुद्दे को हर बार हवा में उछालते हैं, जिसका उत्तराखंड से कोई सरोकार नहीं है। आरोप लगाया जाता है कि 2015-16 में झारखंड के बीजेपी प्रभारी रहते हुए उन्होंने वहां के एक व्यक्ति से 25 लाख रुपये की रिश्वत अपने नाते रिश्तेदारों के बैंकखातों के जरिये ली। इस मामले की एसआईटी जाँच में इन आरोपों को निराधार पाया गया है। उल्टा, इस मामले में हरेंद्र रावत नाम के जिस व्यक्ति की पत्नी के खाते में पैसा डाले जाने के आरोप लगाए गए थे, उसने ही नेहरू कॉलोनी थाने में आरोप लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया था। निजी स्वार्थ के चलते कैसे कुछ राजनेता और भ्रष्टाचारी प्रदेश की छवि तक दांव पर लगा देते हैं। जरा सोचिये! 5 साल पुराने ऐसे मामले में जो उत्तराखंड में घटित नहीं हुआ उसके बूते कैसे उत्तराखंड में सियासी अस्थिरता फैलाने की कोशिशें हो रही हैं। उस समय त्रिवेंद्र भाजपा के झारखण्ड प्रभारी थे। सवाल यह है कि जब तक त्रिवेन्द्र मुख्यमंत्री नहीं थे तो तब तक ये मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। तब उनके खिलाफ झारखंड या उत्तराखंड में मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया। उस वक़्त तो वे सीएम नहीं थे, आसानी से उन पर कार्रवाई हो सकती थी। ऐसा इसलिये नहीं किया गया क्योंकि त्रिवेन्द्र के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटाना असल मकसद है। उत्तराखंड की कमान फिर से भ्रष्टाचारियों को सौंपना इनका उद्देश्य है। इस पॉवर गेम में उत्तराखंड सुर्खियों में है। राज्य की छवि दांव पर है। जनता के मुद्दे हाशिये पर है। विकास की गति प्रभावित हो रही है।ऐसा तो नहीं कि अभिमन्यु को चक्रव्यूह में घेरने वाले पर्दे के पीछे कही अपने ही न हो, इस की भी जांच होनी चाहिए क्योंकि रावत के बदले रावत और न जाने कौन कौन सुर प्रत्येक हलचल के बाद सुनाई देते है।


यह रावण दहन बलूचिस्तान (1920) का फोटो है। सिर्फ 100 साल में वहां के सारे हिन्दू खत्म हो गए और कुछ मुर्ख हिन्दू सोचते हैं कि 'कभी मिटेगी नही हस्ती हमारी'। ऋषि केश 28 अक्टूबर (गोरधन दास बलूच हिन्दू शरणार्थी ) तो याद रखो...... कभी ईरान और अफगानिस्तान तक फैली थी बस्ती हमारी.! इसीलिए हिन्दू धर्म की रक्षा के लिये लडो, लड़ नही सकते तो बोलो, बोल नही सकते तो लिखो, अगर लिख भी नही सकते तो जो लड़ रहे हैं उसका साथ दो..! नहीं तो तुम्हारा भी वही हाल होगा जो पाकिस्तानी सिंधीयो का हुआ, अफगानिस्तान के सिक्खो का हुआ और हम बलूचिस्तान से शरणार्थी बन कर भारत आऐ हिन्दुओ का हो रहा ,वँहा जान माल सुरक्षित नहीं है और यंहा ऋषि केश में हम 60 लोगों का परिवार बलूचिस्तान से आ कर दर दर भटक रहा है मेहनत मजदूरी कर रहा है, भारत सरकार हमे हिन्दू तो मानती है लेकिन हिन्दुस्तान की नागरिकता नहीं दे रही हैं। भारत के आठ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है। #जय_श्री_राम🌺🚩🙏


लक्सर 28 अक्टूबर (पवन आर्य सवांददाता गोविंद कृपा लक्सर) आरोग्य भारती उत्तराखंड द्वारा गोवर्धनपुर हरिद्वार में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें आरोग्य भारती के अखिल भारतीय संगठन सचिव माननीय भाई डॉक्टर अशोक वाष्णेय जी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपना उद्बोधन दिया डॉ अशोक वाष्णेय जी आजकल उत्तराखंड के प्रवास पर हैं बैठक में गोवर्धनपुर पंचायत के आसपास के 30 -40 गांव से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और इस कोरोना काल में आरोग्य भारती द्वारा किए गए कार्यों को बताया एवं समाज में व्यक्ति परिवार समाज देश को स्वस्थ किस प्रकार रखा जा सकता है इस पर अपना बहुत ही सुंदर उद्बोधन दिया साथ ही शाम को लक्सर नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में एक दूसरी बैठक का आयोजन किया गया जिसमें लक्सर के आसपास के 40 50 गांव के आरोग्य भारती के कार्यकर्ता एवं संघ के कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग लिया मुख्य वक्ता के रूप में समाज को स्वस्थ कैसे रखा जा सकता है इस पर डॉ अशोक वाष्णेय जी ने अपना उद्बोधन दिया एवं शाम को जगतगुरु आश्रम कनखल में आरोग्य भारती के कार्यकर्ताओं की एक बैठक ली जिसमें भविष्य की रूपरेखा तय की गई आरोग्य भारती उत्तराखंड द्वारा इस कोरोना काल में समाज के लिए किए गए कार्यों हेतु समाज सेवकों को सम्मानित किया गया प्रमाण पत्र वितरित किए गए इनमें प्रमुख समाज सेवी डा0 विशाल विशाल गर्ग महामंत्री व्यापार मंडल हरिद्वार, योगी रजनीश जी, आशुतोष शर्मा, ठाकुर विक्रम सिंह , डॉ रजनी गुप्ता आदि प्रमुख समाजसेवी एवं चिकित्सकों को आरोग्य भारती कोरोना योद्धा सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया उनके साथ बैठक में डॉ संजय त्रिपाठी डॉ अवधेश कुमार डॉ देवेश शुक्ला डॉ बालकृष्ण पवार, डा0गिरिराज गर्ग, डॉ मयंक भटकोटी डॉ राजीव कुरेले आदि आरोग्य भारती के सक्रिय कार्यकर्ता साथ में रहे एवं प्रतिभाग किया


*युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल विकास एवं उद्यमशीलता से जोड़ना नितांत आवश्यक* 💥 *स्कूली स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करना बहुत जरूरी - पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज* *ऋषिकेश, 28 अक्टूबर।* परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि युवाओं को शिक्षा के साथ कौैशल विकास और उद्यमशीलता से जोड़ना जरूरी है। साथ ही उन्हें स्कूली शिक्षा के साथ  व्यावसायिक शिक्षा भी अति आवश्यक है। कोरोना माहमारी के समय अनेक लोगों को अपने रोजगार, व्यवसाय और नौकरी से हाथ धोना पड़ा इसलिये जरूरी है कि हमारे देश के सभी बच्चों को  कौशल विकास की शिक्षा प्रदान की जाये ताकि  उनमें उद्यमशाीलता का गुण विकसित हो। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये देश की व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रणाली को सशक्त बनाना होगा। कोरोना ने देशवासियों को ऐसे स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया है जहां पर अनेक लोगों को कौशल की आवश्यकता है । इस समय हर वर्ग के व्यक्ति को एक सभ्य आजीविका की जरूरत है। कौशल एवं व्यवसायिक शिक्षा की जरूरत केवल वंचित समुदायों के लोगों को ही नहीें बल्कि उन लोगों को भी जरूरत है जो औपचारिक शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पायें। स्वामी जी  ने कहा कि वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से युवाओं को आज के अनुकूल कौशल का निर्माण करने वाला प्रशिक्षण देना होगा तभी कौशल विकास सफल हो सकता है। कौशल विकास एक बड़ी नैतिकता और जवाबदेही का कार्य है जिसके माध्यम से युवाओं को उद्यमशील बनाया जा सकता है। स्किल्ड युवा निश्चित रूप से कौशल युक्त भारत का निर्माण कर सकता है। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि कोरोना के समय में भारत में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। इस समस्या को काफी हद तक कौशल विकास को विकसित कर कम किया जा सकता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार के स्किल इंडिया कार्यक्रम के तहत  रोजगार वृद्धि के लिये अपेक्षित परिणाम उत्पन्न किये हैं। भारत में कौशल विकास तथा बेरोजगारी की समस्या के मूल में स्कूली स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा की अनुपस्थिति है इसलिये स्कूली स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करना बहुत जरूरी है। 🌼🌷


28 अक्तूबर/जन्म-दिवस *भारत की महान पुत्री भगिनी निवेदिता* स्वामी विवेकानन्द से प्रभावित होकर आयरलैण्ड की युवती मार्गरेट नोबेल ने अपना जीवन भारत माता की सेवा में लगा दिया। प्लेग, बाढ़, अकाल आदि में उन्होंने समर्पण भाव से जनता की सेवा की। 28 अक्तूबर, 1867 को जन्मी मार्गरेट के पिता सैम्युअल नोबल आयरिश चर्च में पादरी थे। बचपन से ही मार्गरेट नोबेल की रुचि सेवा कार्यों में थी। वह निर्धनों की झुग्गियों में जाकर बच्चों को पढ़ाती थी। एक बार उनके घर भारत में कार्यरत एक पादरी आये। उन्होंने मार्गरेट को कहा कि शायद तुम्हें भी एक दिन भारत जाना पड़े। तब से मार्गरेट के सपनों में भारत बसने लगा। मार्गरेट के पिता का 34 वर्ष की अल्पायु में ही देहान्त हो गया। मरते समय उन्होंने अपनी पत्नी मेरी से कहा कि यदि मार्गरेट कभी भारत जाना चाहे, तो उसे रोकना नहीं। पति की मृत्यु के बाद मेरी अपने मायके आ गयी। वहीं मार्गरेट की शिक्षा पूर्ण हुई। 17 साल की अवस्था में मार्गरेट एक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने लगी। कुछ समय बाद उसकी सगाई हो गयी; पर विवाह से पूर्व ही उसके मंगेतर की बीमारी से मृत्यु हो गयी। इससे मार्गरेट का मन संसार से उचट गया; पर उसने स्वयं को विद्यालय में व्यस्त कर लिया। 1895 में एक दिन मार्गरेट की सहेली लेडी इजाबेल मारगेसन ने उसे अपने घर बुलाया। वहाँ स्वामी विवेकानन्द आये हुए थे। स्वामी जी 1893 में शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में भाषण देकर प्रसिद्ध हो चुके थे। उनसे बात कर मार्गरेट के हृदय के तार झंकृत हो उठे। फिर उसकी कई बार स्वामी जी भेंट हुई। जब स्वामी जी ने भारत की दुर्दशा का वर्णन किया, तो वह समझ गयी कि वह जिस बुलावे की प्रतीक्षा में थी, वह आ गया है। वह तैयार हो गयी और 28 जनवरी, 1898 को कोलकाता आ गयी। यहाँ आकर उन्होंने सबसे पहले बंगला भाषा सीखी; क्योंकि इसके बिना निर्धन और निर्बलों के बीच काम करना सम्भव नहीं था। 25 मार्च, 1898 को विवेकानन्द ने मार्गरेट को भगवान शिव की पूजा विधि सिखायी और उसे ‘निवेदिता’ नाम दिया। इसके बाद उसने स्वामी जी के साथ अनेक स्थानों का प्रवास किया। लौटकर उसने एक कन्या पाठशाला प्रारम्भ की। इसमें बहुत कठिनाई आयी। लोग लड़कियों को पढ़ने भेजना ही नहीं चाहते थे। धन का भी अभाव था; पर वह अपने काम में लगी रही। 1899 में कोलकाता में प्लेग फैल गया। निवेदिता सेवा में जुट गयीं। उन्होंने गलियों से लेकर घरों के शौचालय तक साफ किये। धीरे-धीरे उनके साथ अनेक लोग जुट गये। इससे निबट कर वह विद्यालय के लिए धन जुटाने विदेश गयीं। दो साल के प्रवास में उन्होंने धन तो जुटाया ही, वहाँ पादरियों द्वारा हिन्दू धर्म के विरुद्ध किये जा रहे झूठे प्रचार का भी मुँहतोड़ उत्तर दिया। वापस आकर वह स्वतन्त्रता आन्दोलन में भी सक्रिय हुईं। उनका मत था कि भारत की दुर्दशा का एक कारण विदेशी गुलामी भी है। बंग भंग का उन्होंने प्रबल विरोध किया और क्रान्तिगीत ‘वन्दे मातरम्’ को अपने विद्यालय में प्रार्थना गीत बनाया। उन्होंने अनेक पुस्तकें भी लिखीं। अथक परिश्रम के कारण वह बीमार हो गयीं। 13 अक्तूबर, 1911 को दार्जिलिंग में उनका देहान्त हुआ। मृत्यु से पूर्व उन्होंने अपनी सारी सम्पत्ति बेलूर मठ को दान कर दी। उनकी समाधि पर लिखा है - यहाँ भगिनी निवेदिता चिरनिद्रा में सो रही हैं, जिन्होंने भारत के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।


हरिद्वार 27 अक्टूबर (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने हरिद्वार पहुंचने पर लिया पायलट बाबा का आशीर्वाद- भाजपा के प्रशिक्षण वर्गों में प्रतिभाग करने के लिए हरिद्वार पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने हरिद्वार में पायलट बाबा आश्रम पहुंच उनका आशीर्वाद लिया इस अवसर पर प्रदेश सह मीडिया प्रभारी सुनील सैनी एवं जिला कार्यालय प्रभारी लव शर्मा, राजेश खन्ना मौजूद रहे


ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह. भारत के प्रथम महावीर चक्र विजेता. "इस सृष्टि में जन्म भी होता है मरण भी होता है, लेकिन देश और मातृभूमि के लिए जो बलिदान हो जाए वह अमर हो जाता है." जन्म - 14 जून सन 1899 ई. बगूना, सांबा, जम्मू संभाग. बलिदान पर्व - 27 अक्टूबर सन 1947 ई. सेरी, उडी सेक्टर, जम्मू कश्मीर. 22 अक्टूबर सन 1947 को महाराज हरिसिंह ने जब मुजफ्फराबाद पर पाक सेना के कब्जे की खबर सुनी तो उन्होंने खुद दुश्मन से मोर्चा लेने का फैसला करते हुए सैन्य वर्दी पहनकर ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह को बुलाया. सिंह ने महाराजा को मोर्चे से दूर रहने के लिए मनाते हुए खुद दुश्मन का आगे जाकर मुकाबला करने का निर्णय लिया. राजेंद्र सिंह महाराजा के साथ बैठक के बाद जब बादामी बाग पहुंचे तो वहां 100 के करीब सिपाही मिले, इनमें भी अधिकांश रसोइए, धोबी और सेना में अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले थे. उन्होंने सैन्य मुख्यालय को संपर्क कर अपने लिए अतिरिक्त कुमुक मांगी, क्योंकि उनके साथ जो जवान आए थे उनमें से अधिकांश खेत रहे थे. मुख्यालय में मौजूद ब्रिगेडियर फकीर सिंह ने उन्हें 70 जवान और भेजने का यकीन दिलाया, इसी दौरान महाराजा ने खुद मुख्यालय में कमान संभालते हुए कैप्टन ज्वालासिंह को एक लिखित आदेश के संग उड़ी भेजा. इसमें कहा गया था - "ब्रिगेडियर राजेंद्रसिंह को आदेश दिया जाता है, कि वह हर हाल में दुश्मन को आखिरी सांस और आखिरी जवान तक उड़ी के पास ही रोके रखें." कैप्टन सिंह 24 अक्टूबर की सुबह एक छोटी सैन्य टुकड़ी के संग उड़ी पहुंचे. उन्होंने सैन्य टुकड़ी ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह को सौंपते हुए महाराजा का आदेश सुनाते हुए खत थमाया. हालात को पूरी तरह से विपरीत और दुश्मन को मजबूत समझते हुए ब्रिगेडियर ने कैप्टन नसीब सिंह को उड़ी नाले पर बने एक पुल को उड़ाने का हुक्म सुनाया, ताकि दुश्मन को रोका जा सके. इससे दुश्मन कुछ देर के लिए रुक गया, लेकिन जल्द ही वहां गोलियों की बौछार शुरू हो गई. करीब दो घंटे बाद दुश्मन ने फिर हमला बोल दिया. दुश्मन की इस चाल को भांपते हुए ब्रिगेडियर सिंह के आदेश पर कैप्टन ज्वाला सिंह ने सभी पुलों को उड़ा दिया. यह काम शाम साढ़े चार बजे तक समाप्त हो चुका था, लेकिन कई कबाइली पहले ही इस तरफ आ चुके थे. इसके बाद ब्रिगेडियर ने रामपुर में दुश्मन को रोकने का फैसला किया और रात को ही वहां पहुंचकर उन्होंने अपने लिए खंदकें खोदीं. रात भर खंदकें खोदने वाले जवानों को सुबह तड़के ही दुश्मन की गोलीबारी झेलनी पड़ी. मोर्चा बंदी इतनी मजबूत थी कि पूरा दिन दुश्मन गोलाबारी करने के बावजूद एक इंच नहीं बढ़ पाया. दुश्मन की एक टुकड़ी ने पीछे से आकर सड़क पर अवरोधक तैयार कर दिए, ताकि महाराज के सिपाहियों को वहां से निकलने का मौका नहीं मिले, ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह को दुश्मन की योजना का पता चल गया और उन्होंने 27 अक्टूबर की सुबह एक बजे अपने सिपाहियों को पीछे हटने और सेरी पुल पर डट जाने को कहा. पहला अवरोधक तो उन्होंने आसानी से हटा लिया, लेकिन बोनियार मंदिर के पास दुश्मन की फायरिंग की चपेट में आकर सिपाहियों के वाहनों का काफिला थम गया. पहले वाहन का चालक दुश्मन की फायरिंग में शहीद हो गया. इस पर कैप्टन ज्वाला सिंह ने अपनी गाड़ी से नीचे आकर जब देखा तो पहले तीनों वाहनों के चालक मारे जा चुके थे, उन्हें ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह नजर नहीं आए, वह अपने वाहन चालक के शहीद होने पर खुद ही वाहन लेकर आगे निकल गए थे. सेरी पुल के पास दुश्मन की गोलियों का जवाब देते हुए वह बुरी तरह जख्मी हो गए. उनकी दाई टांग पूरी तरह जख्मी थी. उन्होंने उसी समय अपने जवानों को आदेश दिया कि वह पीछे हटें और दुश्मन को रोकें. उन्हें जब सिपाहियों ने उठाने का प्रयास किया तो वह नहीं माने और उन्होंने कहा कि वह उन्हें पुलिया के नीचे आड़ में लिटाएं और वह वहीं से दुश्मन को राकेंगे. 27 अक्टूबर सन 1947 की दोपहर को सेरी पुल के पास ही उन्होंने दुश्मन से लड़ते हुए वीरगति पाई. अलबत्ता, 26 अक्टूबर 1947 की शाम को जम्मू कश्मीर के भारत में विलय को लेकर समझौता हो चुका था और 27 अक्टूबर को जब राजेंद्र सिंह मातृभूमि की रक्षार्थ बलिदान हुए तो उस समय कर्नल रंजीत राय भारतीय फौज का नेतृत्व करते हुए श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंच चुके थे. युद्ध विशेषज्ञों का दावा है कि अगर वह पीछे नहीं हटते तो कबाइली 23 अक्टूबर की रात को ही श्रीनगर में होते. ब्रिगेडियर राजेंद्रसिंह ने जो फैसला लिया था वह कोई चालाक और युद्ध रणनीति में माहिर व्यक्ति ही ले सकता था. उनके इसी फैसले और शहादत के कारण कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनने से बचा है. ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह को मरणोपरांत देश के पहले महावीर चक्र से सम्मानित किया गया. फील्ड मार्शल के.एम.करिअप्पा ने 30 दिसंबर 1949 को जम्मू संभाग में बगूना सांबा के इस सपूत की वीर पत्नी रामदेई को सम्मानित किया था.


पहचानिए इस हस्ती को,जी सही पहचान आप युगपुरूष स्वामी परमानन्द जी महाराज की परम शिष्या साध्वी ऋतम्भरा जी है वृंदावन में करीब 54 एकड़ परिसर में साध्वी ऋतंभरा जी का 'वात्सल्य ग्राम' आश्रम है। आश्रम के विशाल दरवाजे के बाईं ओर एक पालना है, जहां कोई भी व्यक्ति, किसी भी समय अनचहा या अनाथ शिशु को रखकर जा सकता है। पालने में बच्चा छोड़कर जाने वाले व्यक्ति को आश्रम से संबंधित सदस्य किसी भी प्रकार का प्रश्‍न नहीं पूछता। पालने में कोई बच्चा रखते ही पालने पर लगा सेंसर आश्रम के व्यवस्थापन को इसकी सूचना देता है और आश्रम का कोई अधिकारी आकर उस बच्चे को आश्रम ले आता है। आश्रम में प्रवेश होते ही वह बच्चा वात्सल्य ग्राम परिवार का सदस्य हो जाता है। अब वह वह अनाथ नहीं कहलाता, उसे आश्रम में ही माँ, मौसी, दादा-दादी; सब रिश्तेदार मिल जाते हैं ! इसके बाद सीबीएसई की पढ़ाई ....प्राकृतिक चिकत्सा .... योग.. मिलिट्री ट्रेनिंग सब देते हुए उसकी शादी तक करवाई जाती है .. ये है हिंदुत्व का एक दर्शन ..🚩🙏


हरिद्वार /बहादरपुर जट 27 अक्टूबर (धर्मेंद्र चौहान संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार ग्रामीण) हिमालयन हॉस्पिटल जौली ग्रांट की ओर से ग्राम पंचायत बहादरपुर जट में ग्राम प्रधान एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष विकास कुमार के सौजन्य से नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में आस पास के गांव वालो ने जिन किसी की आंखों की समस्या थी उनका उपचार किया गया साथ कैम्प में आए लोग की आँखों की जांच कर चश्मे के नम्बर भी दिये गए और 11 व्यक्तियों को एंबुलेंस में आंख बनवाने के लिए जौलीग्रांट लेकर गए जौली ग्रांट हास्पिटल की ओर से निशुल्क आयोजन था और निशुल्क पूरा उपचार किया जाएगा ,गरीब आदमियों के लिए सुनहरा मौका था जिसका वृद्धजनो ने लाभ उठाया।


वैश्य दंपत्ति हत्याकाण्ड का खुलासा करने पर अग्रसेन महासभा ने किया पुलिस टीम का स्वागत हरिद्वार, 27 अक्टूबर।(रजत अरोड़ा सवांददाता गोविंद कृपा ज्वालापुर) शिवालिक नगर में हुई बुजुर्ग दंपत्ति हत्या व लूट का खुलासा करने पर श्री अग्रसेन महासभा के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस टीम का फूलमालाएं पहनाकर व पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। महासभा की ओर से पुलिस टीम का उत्साहवर्द्धन करते हुए पुरूस्कार स्वरूप इक्यावन सौ रूपए का चेक भी भेंट किया गया। संस्था के प्रदेश महासचिव डा.विशाल गर्ग ने कहा कि पुलिस की कार्यकुशलता के चलते जघन्य हत्याकाण्ड को अंजाम देने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी। हत्याकाण्ड से शिवालिक नगर के निवासियों खासतौर पर अकेले रह रहे बुजुर्गो में भय का माहौल बना हुआ था। घटना के खुलासे व आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सभी को राहत मिली है। पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उन्हें अदालत से जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलानी चाहिए। विशाल गर्ग ने मांग करते हुए कहा कि शिवालिक नगर सहित पूरे शहर में अकेले रह रहे सीनियर सिटीजन की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए। क्षेत्रवासियों को भी सीनियर सिटीजन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। परिवारजन भी अपने बुजुर्गो की सुरक्षा को लेकर समय समय पर पुलिस से वार्तालाप करते रहें। संस्था की कार्यकारी अध्यक्ष डा.पूनम गुप्ता ने कहा कि हत्या व लूट की जघन्य वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम बधाई की पात्र है। पुलिस को सभी नागरिकों की सुरक्षा के लिए गश्त, सत्यापन जैसी गतिविधियों को तेज करना चाहिए। स्वागत करने वालों में डा.हर्षवर्द्धन जैन, तेजप्रकाश साहू, प्रदीप मेहता, राजेंद्र जिंदल, देवम मेहता आदि शामिल रहे।


उत्तरी हरिद्वार में घाटों की करायी जाये शीघ्र मरम्मत : अनिरूद्ध भाटी भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी व पार्षद विनित जौली ने विभिन्न समस्याओं को लेकर मेलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन मेलाधिकारी ने संबंधित विभाग को त्वरित कार्रवाई के दिये निर्देश हरिद्वार, 27 अक्टूबर। (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी एवं पार्षद विनित जौली ने हरिद्वार की अनेक समस्याओं के समाधान हेतु कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत से भेंटकर समस्याओं के निदान हेतु उन्हें ज्ञापन सौंपा। मेलाधिकारी दीपक रावत से भेंट के दौरान भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि कुम्भ मेले के अवसर पर तीर्थनगरी पधारने वाले अधिकांश तीर्थयात्रियों का दवाब उत्तरी हरिद्वार के स्नान घाटों पर रहता है। उत्तरी हरिद्वार में सूखी नदी वेद निकेतन घाट से लेकर हाइवे तक लगभग एक दर्जन घाट निजी संस्थाओं द्वारा निर्माण करवाकर संचालित किये जा रहे हैं। अनेक घाटों पर सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हैं, रैलिंग व चैन टूटी पड़ी है तथा घाटों पर गड्ढे भी बन गये हैं। तीर्थयात्रियों व स्थानीय निवासियों के सुगम स्नान व सुरक्षा के दृष्टिगत उक्त घाटों की मरम्मत होना अत्यन्त आवश्यक है। इस समस्या के समाधान हेतु कुम्भ मेलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को घाटों की मरम्मत शीघ्र कराने हेतु निर्देशित किया। साथ ही अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि सप्त सरोवर से शिवमूर्ति का क्षेत्र जो यात्री बाहुल्य होने के साथ-साथ राजाजी नेशनल पार्क व वन क्षेत्र से सटा हुआ है। यहां आवारा पशुओं जैसे गाय, बैल, बछड़े, कुत्ते, घोड़े, सूअर निरन्तर गलियों व सड़कों में विचरण करते रहते हैं। जहां ये आवारा पशु आने-जाने वालों को घायल करते रहते हैं साथ ही कोरोना व डंेगू महामारी काल में संक्रमण फैलाने का भी कार्य कर रहे हैं, यही नहीं हिसंक लंगूर व बंदर निरन्तर गलियों व घर की छत्तों पर विचरण करते हुए क्षेत्रवासियों को घायल करने का काम कर रहे हैं, जिससे समूचे क्षेत्र में भय का वातावरण व्याप्त है। उन्होंने कहा कि भूपतवाला स्थित वेद निकेतन घाट से लेकर सर्वानन्द घाट तक सभी घाटों पर हिंसक लंगूर व बंदर तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को घायल कर रहे हैं। वार्ड नं. 3, दुर्गानगर भूपतवाला में मुखिया गली, आदर्श नगर, मोतीचूर रेलवे स्टेशन, दुर्गानगर, कमलदास कुटिया, नंगली बेला, अनुभवी आश्रम, पावनधाम रोड के साथ-साथ खड़खड़ी, नई बस्ती, रामगढ़, भीमगोडा, मोती बाजार, ब्रह्मपुरी, मंसा देवी मार्ग, श्रवणनाथ नगर, बिल्वकेश्वर कॉलोनी, निर्मला छावनी में लंगूर व बंदरों का आतंक व्याप्त है। इस समस्या के निदान के लिए कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि आवारा पशुओं के लिए नगर निगम व हिंसक लंगूर व बंदरों के लिए वन विभाग के माध्यम से अभियान चलवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के लिए हरिद्वार को सुव्यवस्थित, सुन्दर व सुरक्षित बनाने के लिए मेला प्रशासन रात-दिन जुटा हुआ है। वार्ड नं. 10 के पार्षद विनित जौली ने अपर रोड स्थित सूरजमल धर्मशाला के पीछे से लेकर जैन मंदिर ललतारौ पुल तक लगभग 500 मीटर क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत/निर्माण कराने की मेलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि वर्षाकाल में यह कच्चा नाला क्षेत्र में परेशानी का सबब बना रहता है। अतः जनहित में इस नाले का निर्माण होना अत्यन्त आवश्यक है। कुम्भ मेलाधिकारी ने एचआरडीए के माध्यम से नाला निर्माण की सहमति प्रदान करते हुए एचआरडीए के अधिकारियों को इस संदर्भ में आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।


हरिद्वार 26 अक्टूबर (विरेन्द्र शर्मा संवाददाता गोविंद कृपा हरिद्वार) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पत्रकारिता के आदर्श महापुरूष अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की जयन्ती पर नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इण्डिया) की ओर से प्रेस क्लब में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर मेलाधिकारी सरदार हरवीर सिंह ने कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता समाज का दर्पण हैं। गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता के आदर्श महापुरूष हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर पत्रकारिता के उच्च मापदंड़ों को स्थापित करते हुए सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार को तथ्यपरक पत्रकारिता करनी चाहिए। पूरी सच्चाई की तह तक जांच करने के बाद कोई भी खबर प्रकाशित करनी चाहिए। पत्रकार की सामाजिक जिम्मेदारियां और राष्ट्र के प्रति समर्पण पत्रकारिता की प्रथम सीढ़ी है। कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां है जिनका उन्हें सामना करना पड़ रहा है। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में संजय विश्नोई सीओ ट्रैफिक हरिद्वार ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने स्वतंत्रता संग्राम और पत्रकारिता के क्षेत्र में जो योगदान दिया हैं उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। गणेश शंकर विद्यार्थी की शिक्षाओं को जीवन में उतार कर निष्पक्ष पत्रकारिता की जा सकती है। उनका राष्ट्रप्रेम निर्भिकता और निष्पक्षता ऐसे आयाम है जो सदैव पत्रकारों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक नौटियाल ने गणेश शंकर विद्यार्थी को स्मरण करते हुए उनकी निष्पक्षता और समाज के प्रति उनकी निष्ठा को उल्लेखित करते हुए वर्तमान में सामाजिक सद्भावना पर बल दिया। एनयूजे के कार्यकारी अध्यक्ष गुलशन नैय्यर ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने पत्रकारिता ही नहीं विदेशी शासन के बीच रहते हुए हर वर्ग के लिए कार्य किया। अतिथियों द्वारा एनयूजे की ओर से प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक नौटियाल एवं महामंत्री धर्मेन्द्र चौधरी को गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान दिया गया। इस मौके पर विशिष्ट लोगों का स्वागत एनयूजेआई के जिला अध्यक्ष बालकृष्ण शास्त्री, सुनील पाण्डेय, ठाकुर शैलेन्द्र सिंह,अरूण शर्मा, मुदित अग्रवाल, शमशेर बहादुर, सुमित यशकल्याण, सचिन तिवारी,जोगेन्द्र मावी, सरदार रविन्द्र पाल, डॉ. पंकज कौशिक, श्रवण झा, महा मंत्री संजीव शर्मा,नौशाद खान, अनूप कुमार, सुमित खत्री, हरीश कुमार ने प्रतीक चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष बालकृष्ण शास्त्री ने किया।


आर्दशो का दर्पण है रामायण (डा0 जय दीप सिंह बिष्ट जी के माध्यम से साभार) *अगर पढ़ो तो आंसुओ पे काबू रखना...प्यारे पाठको....छोटा सा वृतांत है* *एक रात की बात हैं,माता कौशिल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी। नींद खुल गई । पूछा कौन हैं ?* *मालूम पड़ा श्रुतिकीर्ति जी हैं ।नीचे बुलाया गया* *श्रुतिकीर्ति जी, जो सबसे छोटी बहु हैं, आईं, चरणों में प्रणाम कर खड़ी रह गईं* *माता कौशिल्या जी ने पूछा, श्रुति ! इतनी रात को अकेली छत पर क्या कर रही हो बिटिया ? क्या नींद नहीं आ रही ?* *शत्रुघ्न कहाँ है ?* *श्रुतिकीर्ति की आँखें भर आईं, माँ की छाती से चिपटी, गोद में सिमट गईं, बोलीं, माँ उन्हें तो देखे हुए तेरह वर्ष हो गए ।* *उफ ! कौशल्या जी का ह्रदय काँप कर झटपटा गया ।* *तुरंत आवाज लगी, सेवक दौड़े आए । आधी रात ही पालकी तैयार हुई, आज शत्रुघ्न जी की खोज होगी, माँ चली ।* *आपको मालूम है शत्रुघ्न जी कहाँ मिले ?* *अयोध्या जी के जिस दरवाजे के बाहर भरत जी नंदिग्राम में तपस्वी होकर रहते हैं, उसी दरवाजे के भीतर एक पत्थर की शिला हैं, उसी शिला पर, अपनी बाँह का तकिया बनाकर लेटे मिले ।* *माँ सिराहने बैठ गईं, बालों में* *हाथ फिराया तो शत्रुघ्न जी ने* *आँखें* *खोलीं, माँ !* *उठे, चरणों में गिरे, माँ ! आपने क्यों कष्ट किया ? मुझे बुलवा लिया होता ।* *माँ ने कहा, शत्रुघ्न ! यहाँ क्यों ?"* *शत्रुघ्न जी की रुलाई फूट पड़ी, बोले- माँ ! भैया राम जी पिताजी की आज्ञा से वन चले गए, भैया लक्ष्मण जी उनके पीछे चले गए, भैया भरत जी भी नंदिग्राम में हैं, क्या ये महल, ये रथ, ये राजसी वस्त्र, विधाता ने मेरे ही लिए बनाए हैं ?* *माता कौशल्या जी निरुत्तर रह गईं ।* *देखो क्या है ये रामकथा...* *यह भोग की नहीं....त्याग की कथा हैं, यहाँ त्याग की प्रतियोगिता चल रही हैं और सभी प्रथम हैं, कोई पीछे नहीं रहा* *चारो भाइयों का प्रेम और त्याग एक दूसरे के प्रति अद्भुत-अभिनव और अलौकिक हैं ।* *रामायण जीवन जीने की सबसे उत्तम शिक्षा देती हैं ।*🌸🌸🌸 *भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी माँ सीता ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया। परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहने वाले लक्ष्मण जी कैसे राम जी से दूर हो जाते! माता सुमित्रा से तो उन्होंने आज्ञा ले ली थी, वन जाने की.. परन्तु जब पत्नी उर्मिला के कक्ष की ओर बढ़ रहे थे तो सोच रहे थे कि माँ ने तो आज्ञा दे दी, परन्तु उर्मिला को कैसे समझाऊंगा!! क्या कहूंगा!* *यहीं सोच विचार करके लक्ष्मण जी जैसे ही अपने कक्ष में पहुंचे तो देखा कि उर्मिला जी आरती का थाल लेके खड़ी थीं और बोलीं- "आप मेरी चिंता छोड़ प्रभु की सेवा में वन को जाओ। मैं आपको नहीं रोकूँगीं। मेरे कारण आपकी सेवा में कोई बाधा न आये, इसलिये साथ जाने की जिद्द भी नहीं करूंगी।"* *लक्ष्मण जी को कहने में संकोच हो रहा था। परन्तु उनके कुछ कहने से पहले ही उर्मिला जी ने उन्हें संकोच से बाहर निकाल दिया। वास्तव में यहीं पत्नी का धर्म है। पति संकोच में पड़े, उससे पहले ही पत्नी उसके मन की बात जानकर उसे संकोच से बाहर कर दे!* *लक्ष्मण जी चले गये परन्तु 14 वर्ष तक उर्मिला ने एक तपस्विनी की भांति कठोर तप किया। वन में भैया-भाभी की सेवा में लक्ष्मण जी कभी सोये नहीं परन्तु उर्मिला ने भी अपने महलों के द्वार कभी बंद नहीं किये और सारी रात जाग जागकर उस दीपक की लौ को बुझने नहीं दिया।* *मेघनाथ से युद्ध करते हुए जब लक्ष्मण को शक्ति लग जाती है और हनुमान जी उनके लिये संजीवनी का पहाड़ लेके लौट रहे होते हैं, तो बीच में अयोध्या में भरत जी उन्हें राक्षस समझकर बाण मारते हैं और हनुमान जी गिर जाते हैं। तब हनुमान जी सारा वृत्तांत सुनाते हैं कि सीता जी को रावण ले गया, लक्ष्मण जी मूर्छित हैं।* *यह सुनते ही कौशल्या जी कहती हैं कि राम को कहना कि लक्ष्मण के बिना अयोध्या में पैर भी मत रखना। राम वन में ही रहे। माता सुमित्रा कहती हैं कि राम से कहना कि कोई बात नहीं। अभी शत्रुघ्न है। मैं उसे भेज दूंगी। मेरे दोनों पुत्र राम सेवा के लिये ही तो जन्मे हैं। माताओं का प्रेम देखकर हनुमान जी की आँखों से अश्रुधारा बह रही थी। परन्तु जब उन्होंने उर्मिला जी को देखा तो सोचने लगे कि यह क्यों एकदम शांत और प्रसन्न खड़ी हैं? क्या इन्हें अपनी पति के प्राणों की कोई चिंता नहीं?* *हनुमान जी पूछते हैं- देवी! आपकी प्रसन्नता का कारण क्या है? आपके पति के प्राण संकट में हैं। सूर्य उदित होते ही सूर्य कुल का दीपक बुझ जायेगा। उर्मिला जी का उत्तर सुनकर तीनों लोकों का कोई भी प्राणी उनकी वंदना किये बिना नहीं रह पाएगा। वे बोलीं- "* *मेरा दीपक संकट में नहीं है, वो बुझ ही नहीं सकता। रही सूर्योदय की बात तो आप चाहें तो कुछ दिन अयोध्या में विश्राम कर लीजिये, क्योंकि आपके वहां पहुंचे बिना सूर्य उदित हो ही नहीं सकता। आपने कहा कि प्रभु श्रीराम मेरे पति को अपनी गोद में लेकर बैठे हैं। जो योगेश्वर राम की गोदी में लेटा हो, काल उसे छू भी नहीं सकता। यह तो वो दोनों लीला कर रहे हैं। मेरे पति जब से वन गये हैं, तबसे सोये नहीं हैं। उन्होंने न सोने का प्रण लिया था। इसलिए वे थोड़ी देर विश्राम कर रहे हैं। और जब भगवान् की गोद मिल गयी तो थोड़ा विश्राम ज्यादा हो गया। वे उठ जायेंगे। और शक्ति मेरे पति को लगी ही नहीं शक्ति तो राम जी को लगी है। मेरे पति की हर श्वास में राम हैं, हर धड़कन में राम, उनके रोम रोम में राम हैं, उनके खून की बूंद बूंद में राम हैं, और जब उनके शरीर और आत्मा में हैं ही सिर्फ राम, तो शक्ति राम जी को ही लगी, दर्द राम जी को ही हो रहा। इसलिये हनुमान जी आप निश्चिन्त होके जाएँ। सूर्य उदित नहीं होगा।"* *राम राज्य की नींव जनक की बेटियां ही थीं... कभी सीता तो कभी उर्मिला। भगवान् राम ने तो केवल राम राज्य का कलश स्थापित किया परन्तु वास्तव में राम राज्य इन सबके प्रेम, त्याग, समर्पण , बलिदान से ही आया।* *"जय जय सियाराम"* *"जयश्रीराधेकृष्णा"* *🙏🙏*


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