भ्रामक और झूठी खबरें प्रकाशित करने से बचे समाचार पत्र :- राधा स्वामी सत्संग सभा दयालबाग आगरा

 सच छोड़ झूठ प्रकाशित कर रहे समाचार पत्र, खंडन प्रकाशन से डरे

-नहीं बदल रही मानसिकता 


ज्योति एस, दयालबाग। विश्व विख्यात अति पावन धार्मिक संस्था राधा स्वामी सतसंग सभा दयालबाग आगरा के खिलाफ निहित स्वार्थ की पूर्ति को सच की जगह झूठ का प्रकाशन कर रहे समाचार पत्र अब खंडन छापने से डर रहे हैं। भू-माफिया और बिल्डर लॉबी के दबाव में आपसी मिलीभगत से उच्च कोटि की अति पावन धार्मिक संस्था की पवित्र धार्मिक भूमि पर अवैध कब्जे की नियत से चलाए जा रहे इस कुचक्र का पर्दाफाश होने के बाद अब सच की जगह झूठ का प्रकाशन किया जा रहा है। वह भी ऐसे लोगों को माध्यम बनाकर जिनका ना तो कोई सामाजिक वजूद है और ना ही उनकी बात की कोई गंभीरता। यह कुकृत्य ऐसे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने वर्षों पहले समाज सुधार और सामाजिक व्यवस्था में सुचिता लाने का दावा कर अपने समाचार पत्रों का प्रकाशन किया था।

पिछले दिनों इस झूठ का प्रकाशन बड़ी निर्लज्जता के साथ जोर-शोर से किया गया कि राधा स्वामी सत्संग सभा दयालबाग में अपने पालतू ऊंटों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है। एक घायल ऊंट का इलाज नहीं कराया जा रहा है और उसे ठंड में खुले में छोड़ दिया गया है। वास्तविकता इसके बिलकुल उलट है। सतसंग सभा की ओर से ऊंट की न सिर्फ सेवा की जा रही है, बल्कि उनका भरपूर और पूरा इलाज कराया जा रहा है। ठंड से बचने के सभी उपाय किए गए हैं और उन्हें 24 घंटे सभा के सेवादारों की निगरानी में रखा गया है।

इस बाबत् झूठी, भ्रामक और निराधार खबर का प्रकाशन करने वाले समाचार पत्र को राधा स्वामी सतसंग सभा के मीडिया प्रभारी एसके नैय्यर खंडन छापने संबंधी अपने पत्र में स्पष्ट कर दिया था। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि

'दिनांक 10.01.2024 को आपके समाचार पत्र में 'ऊँटनी को सर्दी में मरने के लिए छोड़ा' शीर्षक से प्रकाशित समाचार पूर्ण रूप से भ्रामक एवं गलत है। जिस दिन से ऊँटनी को तकलीफ हुई है, दयालबाग गौशाला से अधिकारियों ने तुरंत मथुरा के दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों से सम्पर्क किया तथा चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक 'डा० संजय उपाध्याय ने जो भी उपचार बताया तुरंत शुरू कर दिया। यही नहीं विशेषज्ञ डा0 संजय उपाध्याय व उनके सहयोगी डाक्टर ने यहाँ स्वयं आकर ऊँटनी का परीक्षण किया तथा उपचार के लिए दवाईयों इत्यादि का परामर्श दिया। बीकानेर के National Research Centre on Camel के विशेषज्ञ पशु चिकित्सक 'डा० प्रवीन बिश्नोई के साथ भी निरन्तर सम्पर्क में हैं तथा उनकी भी परामर्श से इलाज किया जा रहा है। यही नहीं विदेश के पशु चिकित्सक से भी निरन्तर सलाह ली जा रही है। सरन आश्रम अस्पताल, दयालबाग के चिकित्सक भी प्रतिदिन ऊँटनी की जाँच करते हैं एवं चिकित्सा में लगातार हर प्रकार की सहायता कर रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए ऊँटनी के पास हर समय हीटर चलते रहते हैं। यही नहीं ठंड से बचाव के लिए न केवल इस ऊँट को अपितु अन्य सभी ऊँटों को अच्छे से कम्बल भी उढ़ाये गये हैं। उसके खाने-पीने का पूरा ध्यान किया जा रहा है। कुछ तथाकथित क्षेत्रीय निवासी अपने निजी स्वार्थ के लिए पहले भी कई बार भ्रामक व झूठे प्रचार कर चुकी हैं, अपितु दयालबाग के कई सेवकों पर हिंसक एवं घातक प्रहार भी कर चुकी है। जिसकी FIR थाना न्यू आगरा में दर्ज भी की गई थी।'

आश्चर्य की बात यह है कि इन तथ्यों की जानकारी के बावजूद इस किस्म की बे-सिर-पैर की निराधार, भ्रामक और झूठ समाचार अपने निजी निहित स्वार्थ की पूर्ति के लिए राष्ट्र स्तर के समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जा रहा हैं। और जब राधा स्वामी सत्संग सभा दयालबाग की ओर से तथ्यों के साथ सच्चाई उन्हें प्रस्तुत की गई तो सच के प्रकाशन को उनकी हिम्मत जवाब दे गई।

अब इस मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। निहित स्वार्थ की पूर्ति के लिए खड़े किए गए झूठ के इस बाजार में राधा स्वामी सत्संग सभा दयालबाग आगरा का सच अटल और अडिग है। उसे कोई नहीं झुठला सकता, झूठ के इस बाजार का सच भी लोगों के सामने आने लगा है। जिससे इस बाजार को खड़ा करने वाले लोग न सिर्फ सहमे हैं, बल्कि डर गए हैं, उन्हें डर इस बात का है कि बहुत जल्द उनके पैरों तले जमीन खिसकने वाली है। तब उन्हें कौन पूछेगा। अपना वजूद बचाने को तब उन्हें राधा स्वामी दयाल की शरण में ही आना होगा। उन दयाल की दया का दायरा इतना बड़ा है कि उन्हें माफी भी उन्हीं से मिलेगी ।






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