नंदीपुरम में शुरू हुआ पांच दिवसीय मर्म चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर

 ऋषि मुनियों की देंन है मर्म चिकित्सा --डॉ0 सुनील जोशी 


मृत्युंजय मिशन के तत्वाधान में शुरू हुआ पाँच दिवसीय मर्म चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर 


हरिद्वार/ गैंडी खाता 20 दिसंबर ( संजय वर्मा)  हरिद्वार नजीबाबाद हाईवे स्थित स्थित ग्राम नौरंगाबाद  नंदीपुरम में मृत्युंजय मिशन के तत्वाधान में प्रसिद्ध मर्म चिकित्सक एवं उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ सुनील जोशी के सानिध्य में देश-विदेश से आए   चिकित्साको, योग प्रशिक्षको  के मध्य पांच दिवसीय मर्म चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ इस अवसर पर डॉक्टर सुनील जोशी ने कहा कि मर्म चिकित्सा ऋषि मुनियों की देन है जो आयुर्वेद का एक अंग है उन्होंने वर्तमान समय में दुष्प्रभाव रहित सर्व सुलभ  मर्म चिकित्सा की उपयोगिता के विषय में बताते हुए कहा कि यह चिकित्सा हमारी आदि चिकित्सा पद्धतियों में से एक है जिसका प्रतिपादन ऋषि मुनियों ने किया था वर्तमान में एलोपैथी के दुष्प्रभाव एवं उनके महंगे होने की कारण मर्म चिकित्सा निशुल्क दुष्प्रभाव  रहित  तथा तुरंत असर करने वाली चिकित्सा है  जो बहुत समय से  विलुप्त हो गई थी इस वैदिक चिकित्सा पद्धति को पुनर्जागरण करने का कार्य किया जा रहा है । प्रशिक्षण  शिविर  का शुभारंभ करते हुए प्रसिद्ध शिक्षाविद ,पर्यावरणविद् डॉक्टर बी डी जोशी ने कहा कि मृत्युंजय मिशन वैदिक चिकित्सा पद्धति मर्म चिकित्सा को पुनर्जीवित करने का काम कर रहा है जिसके परिणाम देखने में भी आ रहे हैं अब एलोपैथीक  चिकित्सक भी मर्म  चिकित्सा पद्धति का उपयोग कर रहे है एवं प्रशिक्षण ले रहे हैं जो इसकी सफलता की कहानी स्वयं कह रहे हैं उन्होंने कहा कि डॉक्टर सुनील जोशी ने  ऋषि मुनियों की देन मर्म चिकित्सा पद्धति को पुनः प्रचारित प्रसारित करने का कार्य भारत ही नहीं है संपूर्ण यूरोप, एशिया के देशों में भी किया है जिसके लिए बधाई के पात्र हैं । उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध समाजसेवी डॉक्टर योगेश पांडे ने प्रतिभाग करते हुए आए हुए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आयुर्वेद की विधा जो वैदिक विधा है  मर्म चिकित्सा  को जन जन तक पहुंचाने का कार्य मृत्युंजय मिशन कर रहा है कई वर्षों से डॉक्टर सुनील जोशी देश-विदेश को कैंप लगाकर चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं इसका उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों में जहां पर एलोपैथी, आयुर्वेदिक चिकित्सा सुलभ नहीं है वहां पर जन सामान्य के लोग भी इसको सीख कर इसका प्रयोग मानव मात्र की सेवा एवं इलाज के लिए कर सकते हैं  मयंक जोशी के संयोजन एवं  समाजसेवी  प्रकाश जोशी  के संचालन  में  आयोजित उद्घाटन सत्र  मे विपिन चौधरी,  शत्रुघ्न डबराल, विवेक चौधरी,  श्याम सोनी  आदि  प्रतिभागियों को मर्म चिकित्सा  का प्रशिक्षण  प्रदान कर रहे हैं ।  मर्म चिकित्सा के मर्मज्ञ मयंक जोशी



,  विपिन चौधरी  जिज्ञासु  प्रतिभागियों की  जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं  वही 5 दिन तक चलने वाले इस  शिविर में  प्रत्यक्ष रूप से  सहयोगी प्रदान कर रहे हैं  यह प्रशिक्षण शिविर20 दिसंबर तक  चलेगा समापन समारोह 24 दिसंबर को  होगा।

No comments:

Post a Comment

Featured Post

शांतिकुंज में प्रारंभ हुआ गंगा दशहरा गायत्री जयंती महापर्व

  अखण्ड जप के साथ दो दिवसीय गंगा दशहरा-गायत्री जयंती महापर्व का शुभारंभ ऊँचा उठे, फिर न गिरे ऐसा हो इंसान का कर्म :- डॉ चिन्मय पण्ड्या हरिद्...