देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रांगण में रोपित किए गए पौधे

 देसंविवि में ६००वां सप्ताह पर हुआ पौधारोपण

जीवन बचाना हो तो पौधारोपण जरूरी : डॉ पण्ड्या

मन की शांति पौधों के बीच भी मिलती है : श्री मुनगुंटीवर

विवि में चलता है यदि डिग्री हो पाना, पाँच पौधे है लगाना अभियान

हरिद्वार १ मई (अमरेश दुबे संवाददाता गोविंद कृपा




ऋषिकेश क्षेत्र)  अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के नेतृत्व मेे पर्यावरण संरक्षण के तहत सन् २०१० से अनवरत रूप से प्रत्येक रविवार को स्थान स्थान पर पौधे रोपे जाते हैं। इस शृंंखला का ६००वां सप्ताह (रविवार) के दौरान देवसंस्कृति विष्वविदृयालय के प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर परिसर में रूद्राक्ष के पौधे रोपे गये। यह अभियान अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डा प्रणव पण्ड्या के नेतृत्व में कोलकाता गायत्री परिवार युथ ग्रुप द्वारा चलाया जा रहा है। ग्रुप के प्रमुख श्री रवि शर्मा ने बताया कि अब तक पं बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश महाराष्ट्र, झारखण्ड सहित अनेक राज्यों के तीन सौ से अधिक शहरों, कस्बों में एक करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके है। उन्होंने बताया भारत सरकार तथा युनेस्को ने अभियान की प्रशंसा करते हुए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया है।

                इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि प्राणी मात्र के जीवन को बचाना है, तो पौधारोपण करना है। इन दिनों जिस तरह से ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पनप रही है, इसका एक ही समाधान है वृहत स्तर पर पौधारोपण। उन्होंने कहा कि जिस तरह सिंगापुर में प्रत्येक व्यक्ति पौधारोपण के अभियान से जुडकर पौध रोपते हैं, हम सभी को उनसे यह सीख लेनी चाहिए और प्रत्येक भारतीय को जहाँ-जहाँ स्थान हो, वहाँ-वहाँ पौधे लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत चलाये जा रहे अभियानों में से पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत पौधारोपण को प्रमुखता से गति देनी है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं सके और वे वर्चुअल जुड़े और गायत्री परिवार के कार्यों की सराहना की। शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत हुए इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने वीडियो संदेश दिया।

                बतौर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री श्री सुधीर मुनगंटीवर ने कहा कि तपती गर्मी के बीच पेड़-पौधों की छाया में जब देसंविवि का भ्रमण किया, तो मन आह्लादित हो गया। यहां जिस तरह पौधो की क्यारियां लगाई गयी है, ऐसे सभी जगह लगाये जायें, तो बढ़ते तापमान पर अंकुश लगाया जा सकता है। कोलकाता के गायत्री परिवार युथ ग्रुप के श्री रवि शर्मा के नेतृत्व में चलाया जा रहा पौधारोपण का अभियान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि जब मन को शांति चाहिए तो पौधों के बीच भी शांति ढंूढ सकते हैं।

                इससे पूर्व देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने पौराणिक कथाओं के साथ वर्तमान समय मे पौधारोपण की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रतिकुलपति ने ग्लोबल वार्मिंग के मद्देनजर वृहत स्तर पर पौधारोपण को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि देसंविवि में यदि डिग्री हो पाना-पांच पौधे है लगाना अभियान चलाया जाता है, इसके अंतर्गत देसंविवि के प्रत्येक विद्यार्थियों को डिग्री प्राप्त करने से पहले तक पांच-पांच पौधे लगाने होते हैं। इस अवसर पर तुलसी सहित विभिन्न औषधीय एवं छायादार पेड़ों के पौधों का पूजन कर उसे विभिन्न स्थानों पर रोपे गये। साथ ही शांतिकुंज उद्यान विभाग की ओर से पांच सौ अधिक पौधे तरू प्रसाद के रूप में नि:शुल्क बांटे गये। इस अवसर पर संस्कृति संदेश, ई न्यूज लेटर रिनेसा, देवसंस्कृति विवि का प्रास्पेक्टस आदि अतिथियों नें विमोचन किया। मुख्य अतिथि श्री मुनगंटीवार ने कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ पण्ड्या जी राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया, तो वहीं प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने श्री मुनगंटीवार को युगसाहित्य एवं देसंविवि के प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देसंविवि, शांतिकुंज परिवार सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे

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