कैसे जगाए बच्चों में आत्मविश्वास


बच्चों में 


आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स

(अनीता वर्मा) 

कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनके अंदर झिझक और शर्म बहुत ज्यादा होती है. वो घर में तो लोगों से बातचीत कर लेते हैं लेकिन बाहर किसी के सामने और स्कूल में झेपने लग जाते हैं. यह सब लक्षण आत्मविश्वास की कमी के हैं.

बच्चों के साथ समय बिताएं ताकि आपसे सारी बातें शेयर कर सके.

खास बातें

किसी दूसरे बच्चे के साथ तुलना ना करें.

बच्चों के साथ ट्रिप प्लान करें.

बच्चों के साथ बॉन्डिंग बनाएं.

 बचपन हर एक के जीवन का खास पल होता है. इस दौरान मां-बाप की भूमिका बहुत अहम होती है. यह वह वक्त होता है, जब माता-पिता अपने बच्चे को अच्छी आदतें सिखाते हैं. ताकि आगे चलकर वह एक अच्छे इंसान और नागरिक बन सके. उसे लोगों से बात चीज करने का ढंग और समाज में उठने-बैठने का तौर तरीका सिखाया जाता है. इन सब चीजों से बच्चे के अंदर आत्मविश्वास आता है. यह उसके बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है. लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जिनके अंदर झिझक और शर्म बहुत ज्यादा होती है. वो घर में तो लोगों से बातचीत कर लेते हैं, लेकिन बाहर किसी के सामने और स्कूल में झेंपने लग जाते हैं. यह सब लक्षण आत्मविश्वास की कमी के हैं. अगर आपके भी बच्चे का कॉन्फिडेंस लोगों के सामने कम पड़ जाता है. तो यहां बताए जा रहे उपायों से उनके व्यवहार में सुधार लाया जा सकता है.

बच्चों का आत्मविश्वास कैसे बढ़ाये

अगर आप वर्किंग पैरेंट्स हैं तो आपके लिए बहुत जरूरी है कि अपने बच्चे के लिए समय निकालें. ताकि आप उसकी रुचियों को समझ पाएं. उसके साथ खेलें बात करें. इससे उसके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है

बच्चे को निडर और आत्मविश्वासी बनाने के लिए आपको सबसे पहले उसके अंदर यह आत्मविश्वास पैदा करना होगा कि आप उसके साथ हर परिस्थिति में खड़े हैं. उसके विश्वास को जीतना पड़ेगा. तभी वह खुल सकेगा.

किसी दूसरे के बच्चों के साथ अपने बच्चों की तुलना ना करें, इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ाने की बजाय और घटेगा। वह दब्बू बन जाएगा उसके अंदर झिझक और हीन भावना घर कर जाएगी।

बच्चे की छोटे से छोटे काम की तारीफ करें. जैसे उसने कोई आर्ट या पेंटिंग बनाई उसका हौसला अफजाई करें. आपके इस सकारात्मक रिएक्शन से बच्चे का आत्मविश्वास दोगुना हो जाएगा. साथ ही वह स्कूल कॉलेज में होने वाली प्रतियोगिता में भी पार्टिसिपेट करेगा.


उसके साथ छोटी सी ट्रिप प्लान करें जहां आप दोनों बच्चों के साथ पूरा समय बिता सकें. किसी ऐसी जगह ले जाएं जो बच्चे के ज्ञान को भी बूस्ट करे. यह सब तरीके अपनाकर आप अपने बच्चे का एक अच्छा शारीरिक विकास कर पाएंगे

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