अग्निपथ एक सकारात्मक योजना

 भारत सरकार की अग्नीपथ योजना देश की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार देने के लिए एक सकारात्मक पहल है जिस का स्वागत किया जाना चाहिए इस योजना से जहां देश के युवा देश रक्षा की ट्रेनिंग लेकर आपातकाल में देश के रक्षक बनेंगे वही भारत को आंतरिक सुरक्षा में भी सहयोग प्रदान करेंगे भारत सरकार ने इजराइल की तरह देश के प्रत्येक नागरिक को आर्मी ट्रेनिंग देने का यह एक अवसर दिया है आज का युवा आने वाले समय का नागरिक है  यकीनन यह योजना उन युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर है जिनके सपने तो बड़े हैं परंतु परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन सपनो को सच करना दुरूह है।


जिसका परिणाम यह होता है कि प्रतिभा संपन्न होते हुए भी युवा अपने लक्ष्यों को पूर्ण नही कर पाता व उसका पूरा जीवन कुंठा के भरे इस "काश" में बीत जाता है कि "काश.. उस वक्त कुछ पैसे होते तो सपना अधूरा न रहता"।


21 की उम्र में भर्ती होकर 4 साल देश सेवा कर जब युवा 25 की उम्र में अपनी पाकेट में लगभग 12 लाख रुपये लेकर निकलेगा तो यकीनन वह आत्मविश्वास से भरा होगा।


उसके सामने अपने सपनो को पूरा करने के लिए अनेकों मार्ग व समय भी होगा,वह अपना स्टार्टअप भी शुरू कर सकता है,वह अपनी आगे की शिक्षा के साथ बेहतर कोचिंग भी प्राप्त कर सकता है बिना माता पिता पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले।

यकीनन यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर मगर मेहनती युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है व उन्हें इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए।


इस योजना को लेकर कुछ किन्तु परंतु जैसे शब्द मन मे अवश्य उठते हैं और प्रचारित भी किये जा रहे हैं,

जैसे कि 4 साल बाद युवा बेरोजगार हो जाएगा तो क्या करेगा?


में उनको यह कहना चाहता हूँ कि आज तैयारी कर रहा युवा 30 की उम्र तक भी कोचिंग व फार्म भरने तक के खर्चे के लिए परिवार पर निर्भर है,

परंतु यदि वह 4 साल सेना में देता है तो वह परिवार को सहारा देने वाला बनेगा,

वहाँ वह कड़ी मेहनत,अनुशासन व भविष्य की चुनोतियों से निपटने व सफलता प्राप्त करने का अचूक मंत्र सीखेगा।

इससे राष्ट्र को यह फायदा होगा कि किसी भी युद्ध या आपदा में हमारे पास पूरे देश के प्रत्येक जिले में एक ऐसी युवाओं की टीम होगी जो हर कठिन परिस्थिति व हालात से निपटने में तत्वरित गति से कार्य करने में सक्षम होगी।


अंततः सरकार अगर ऐसी योजना लेकर आई है तो विशेषज्ञों से गहन मंथन के बाद ही लायी होगी,उन्होंने भी इसके नफे व नुकसान पर गहराई से विमर्श किया ही होगा,

इस पर सार्वजनिक चर्चा की गुंजाइश तो बनती है, परंतु इस योजना को मात्र विरोध हेतु सिरे से खारिज करना न्यायोचित नही होगा।


मेरे विचार से यह योजना युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए टर्निंग पॉइन्ट साबित होगी।

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