ऋषि कुल परिसर में हुआ दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ



**आजादी के अमृत महोत्सव




 के अन्तर्गत उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर एवं ऑल इंडिया आयुर्वेदिक स्पेशलिस्ट (पी. जी.) एसोसिएशन द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा सिद्धांत अग्नि -व्यापार विषय पर  द्वि दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ शुभारम्भ हुआ **


हरिद्वार 23 जुलाई (संजय वर्मा )उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, ऋषिकुल  परिसर के पं मदन मोहन मालवीय ऑडिटोरियम में आज दिनांक 23 जुलाई  2022 को आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान के  अग्नि-व्यापार विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कायचिकित्सा विभाग ऋषिकुल परिसर, हरिद्वार द्वारा शुभारम्भ किया गया।प्रथम  सत्र उद्घाटन सत्र की शुरुआत  धन्वंतरि वंदना, स्वागत गीत एवं  पंचमहाभूत नृत्य की शानदार प्रस्तुति के साथ हुई ।स्वागत उदबोधन में ऑल इंडिया आयुर्वेदिक स्पेशलिस्ट (पी. जी.) एसोसिएशन के डॉ  राजेंद्र प्रसाद ने अग्नि की महत्वता बताते हुऐ मंचासीन  गण मान्य अतिथियों, शिक्षकों, छात्र/छात्राओं और मीडिया बन्धुओं का स्वागत एवंअभिनन्दन ज्ञापित किया।इसके उपरान्त मुख्य अतिथि  आचार्य बालकृष्ण , माननीय कुलपति पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार ने अग्नि के महत्व बताते आयुर्वेद के सिद्धांतो को सिद्ध करने हेतु अनुसन्धान करने की आवश्यकता बताई और इसके लिए पतंजलि विश्वविद्यालय सफलता पूर्वक प्रयासरत है,इसके बाद विशिष्ट अतिथि प्रो.एस. एन. सिंह निदेशक आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाएं, उत्तरप्रदेश ने ऋषिकुल परिसर और देश के विभिन्न प्रदेशों से आए  हुए छात्र छात्राओं को जनमानस के स्वास्थ्य लाभ हेतु  आयुर्वेद पद्धति को प्रचार प्रसार  के लिए प्रोत्साहित किया। प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी निदेशक आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाएं उत्तराखंड ने बताया कि  संपूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए समअग्नि का महत्व है साथ ही बताया की जीवन है तो अग्नि है, शरीर अग्नि समाप्त होने पर जीवन समाप्त हो जाता है इसलिए स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए अग्नि महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के आयोजक सचिव प्रोफेसर ओ.पी.सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा को विस्तृत रूप से बताया कि इस कार्यक्रम में 578 प्रतिभागियों ने   रजिस्ट्रेशन कराया है साथ ही विभिन्न सत्रों में सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रेजेंटेशन करने पर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इंडिया आयुर्वेदिक स्पेशलिस्ट (पी.जी. )एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मवीर जी संगठन के इतिहास को बताते हुए अग्नि का महत्व बताया, साथ ही कार्यक्रम की अध्यक्षता कर  रहें  उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, देहरादून के माननीय कुलपति एवं विश्व प्रसिद्ध मर्म चिकित्सा विशेषज्ञ प्रो. सुनील कुमार जोशी नेआयुर्वेद सिद्धांत अग्नि व्यापार विषय की सेमिनार की  E-सौविनयर को लांच किया और अग्नि के महत्व पर  अपने विचार व्यक्त किए । स्वागत बोध कार्यक्रम के अंत में ऑल इंडिया आयुर्वेद पीजी एसोसिएशन साइंसटिफिक सेशन चेयरमैन डॉ आर.के. यादव ने सभी गणमान्य अतिथियों शिक्षकों और छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित किया। आज के इस कार्यक्रम  में विभिन्न सेशन के अंतर्गत 7 गेस्ट लेक्चर, 70 पेपर प्रेजेंटेशन, और 70  पोस्टर प्रेजेंटेशन किये गये।आयुर्वेद सेमिनार कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. संजय  त्रिपाठी, डॉ. श्वेता शुक्ला और डॉ  नितिन शर्मा ने सयुंक्त रुप से किया। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर डी०सी०सिहं,  प्रोफेसर, डा०पी०के० प्रजापति, प्रोफेसर  विनीत कुमार अग्निहोत्री डा०राजेश अधाना,प्रो. पंकज  शर्मा,  प्रो.आर. बी. सती ,प्रो वि.डी.अग्रवाल, प्रो.एस. एन. सिंह, प्रो.अरुण त्रिपाठी,प्रो.राजेंद्र प्रसाद , डॉ. ऋजु अग्रवाल,डॉ रमाकांत यादव डॉ संजय कुमार त्रिपाठी , प्रोफेसर उत्तम शर्मा, प्रोफेसर, गिरिराज गर्ग, ज्ञानेंद्र शुक्ला, डा०बालकृष्ण पवार, डा०सुरेश चौबे, डा०मयंक भटकोटी, डा०जसपीत सिंह, डा०एस०पी०सिंह, डा०रीना दीक्षित, डा०अवधेश मिश्रा, डा०देवेश शुक्ला, डा०विपिन पाण्डेय,  डा०विपिन अरोरा, डॉ शोभित कुमार वार्ष्णेय,डॉ वेद भूषण शर्मा, डॉ ० संजय गुप्ता, डा० शैलेन्द्र प्रधान, डा०शशिकान्त तिवारी,डॉ राजीव कुरेले, डॉ आदि गणमान्य  

व्यक्ति एवं छात्र -छात्राए उपस्थित रहे।

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